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Updated: 22 Jul 2025
3 Min Read

तीन अमेरिकी अपाचे एएच-64 ई ( AH-64E) लड़ाकू हेलीकॉप्टरों की पहली खेप आखिरकार उत्तर प्रदेश स्थित भारतीय वायुसेना के हिंडन एयरबेस पर पहुँच गई है। ये हेलीकॉप्टर भारतीय सेना के लिए हैं और इनसे सेना की लड़ाकू क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है।
2000 में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भारत यात्रा के दौरान भारतीय सेना के लिए 80 करोड़ डॉलर मूल्य के छह अपाचे एएच-64 ई हेलीकॉप्टर खरीदने के सौदे पर भारत और अमरीका के बीच हस्ताक्षर किए गए थे।
अपाचे हेलीकॉप्टरों के निर्माता बोइंग द्वारा भारत को फरवरी 2024 तक सभी छह हेलीकॉप्टरों की खेप भारत को देनी थी लेकिन इसमे बहुत विलंब हुआ।
बोइंग के अनुसार, हेलीकॉप्टरों की आपूर्ति श्रृंखला और तकनीकी समस्या के कारण,हेलीकॉप्टर के वितरण में देरी हुई।
डोनाल्ड ट्रंप 2020 में राष्ट्रपति पद के लिए अपना चुनाव हार गए और जो बाइडेन संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति बने।
ऐसा माना जाता है कि यूक्रेन युद्ध में रूस को भारत के समर्थन के कारण, जो बाइडेन प्रशासन ने भारत पर दबाव बनाने की रणनीति के तहत हेलीकॉप्टर की डिलीवरी में जानबूझकर देरी की।
डोनाल्ड ट्रंप 2024 में राष्ट्रपति चुनाव जीते और जनवरी 2025 में अपने पद की शपथ ली। भारत सरकार ने इस मामले को अमेरिकी सरकार के समक्ष उठाया और अंततः हेलीकॉप्टर भारत को दिया जा रहा है।
अपाचे हेलीकॉप्टर की भारत आने की उम्मीद में भारतीय सेना ने मार्च 2024 में जोधपुर के नागतलाव में 451 एविएशन स्क्वाड्रन का गठन किया। लेकिन इस हेलीकॉप्टर की भारत अनाए में विलंब के कारण यह स्क्वाड्रन अभी तक खाली बैठा था।
हेलीकॉप्टरों को भारतीय सेना द्वारा भारत-पाकिस्तान सीमा पर जोधपुर बेस पर तैनात किया जाएगा।
अंतिम तीन हेलीकॉप्टर अक्टूबर-नवंबर 2025 तक मिलने की उम्मीद है।
भारतीय सेना, भारतीय वायु सेना से स्वतंत्र अपनी स्वयं की विमानन कोर की स्थापना कर रही है और अपाचे हेलीकॉप्टर भारतीय सेना की वायु शक्ति की मारक क्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
बोइंग निर्मित एएच-64 ई अपाचे हेलीकॉप्टर, जिसे उड़ने वाला टैंक भी कहा जाता है, दुनिया के सबसे उन्नत हमलावर हेलीकॉप्टरों में से एक है।
अपाचे हेलीकॉप्टर पहले से ही भारतीय वायु सेना के साथ परिचालन में हैं।
2015 में भारत ने भारतीय वायु सेना के लिए 22 हेलीकॉप्टर खरीदने हेतु बोइंग के साथ 3.1 बिलियन डॉलर का समझौता किया था जो वायसेना में शामिल हो चुके है।
बोइंग ने टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड के साथ टाटा के हैदराबाद संयंत्रों में अपाचे हेलीकॉप्टरों के धड़ का उत्पादन करने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
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