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आर्टेमिस II: 50 वर्षों में नासा की पहली मानवयुक्त चंद्र उड़ान
Updated: 03 Apr 2026
3 Min Read

आर्टेमिस II ने नासा के SLS (स्पेस लॉन्च सिस्टम) रॉकेट से फ्लोरिडा के केनेडी स्पेस सेंटर के लॉन्च पैड 39B से उड़ान भरी। यह NASA के 'आर्टेमिस कार्यक्रम' के तहत पहली मानव-युक्त उड़ान है।
यह ऐतिहासिक 10-दिवसीय मिशन, Apollo मिशन (1969-72) के 50 से अधिक वर्षों के बाद चंद्रमा के निकट का पहला मानवयुक्त मिशन है। इस मिशन में नासा के 'स्पेस लॉन्च सिस्टम' रॉकेट और 'ओरियन' अंतरिक्ष यान का इस्तेमाल किया गया है।
लगभग 10 दिनों तक वे चंद्रमा के चारों ओर यात्रा करेंगे और बिना चंद्रमा पर उतरे ही पृथ्वी पर वापस लौट आएँगे।
इसमें अंतरिक्ष यात्री कई तरह की जाँच करेंगे ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि अंतरिक्ष यान ठीक से काम कर रहा है और पूरी तरह सुरक्षित है, क्योंकि इससे पहले इसमें कभी भी इंसानों ने यात्रा नहीं की है।
वे डॉकिंग सिमुलेशन के दौरान अंतरिक्ष यान के 'मैनुअल कंट्रोल' (हाथ से नियंत्रण) का भी परीक्षण करेंगे, जिससे भविष्य के मिशनों की तैयारी में मदद मिलेगी। आर्टेमिस नासा का प्रमुख मानव अंतरिक्ष अन्वेषण कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य मनुष्यों को चंद्रमा पर वापस भेजना है।
भारत 21 जून, 2023 को अमेरिका के नेतृत्व वाले आर्टेमिस समझौते (Artemis Accords) का 27वाँ सदस्य बना। वॉशिंगटन में भारतीय राजदूत तरनजीत सिंह संधू ने नासा के साथ इस पर हस्ताक्षर किए।
वर्ष 2020 में, आर्टेमिस समझौता (Accords) शुरू किया गया था, जो अंतरिक्ष अन्वेषण में शांतिपूर्ण और पारदर्शी सहयोग सुनिश्चित करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय समझौतों का एक समूह है (जिन पर 60 से अधिक देशों ने हस्ताक्षर किए हैं, जिसमें वर्ष 2023 में भारत भी शामिल है)।
रीड वाइसमैन (कमांडर): नासा के अनुभवी और पूर्व मुख्य अंतरिक्ष यात्री। विक्टर ग्लोवर (पायलट): लो-अर्थ ऑर्बिट से परे यात्रा करने वाले पहले अश्वेत व्यक्ति।
क्रिस्टीना कोच (मिशन विशेषज्ञ): चंद्रमा के चारों ओर यात्रा करने वाली पहली महिला। जेरेमी हैनसेन (मिशन विशेषज्ञ): कनाडाई अंतरिक्ष एजेंसी (CSA) के एक अंतरिक्ष यात्री, वह पृथ्वी की कक्षा छोड़ने वाले पहले गैर-अमेरिकी हैं।
इस चरण द्वारा की जाने वाली दूसरी नियोजित फायरिंग Orion को—जिसे क्रू ने “Integrity” नाम दिया है—पृथ्वी से लगभग 46,000 मील दूर तक फैली एक ऊँची पृथ्वी कक्षा में पहुँचा देगी।
कुछ ही घंटों में, रॉकेट के ऊपरी चरण पर लगा एक रिंग, जो अंतरिक्ष यान से सुरक्षित दूरी पर होगा, चार CubeSats (छोटे उपग्रहों) को छोड़ेगा। ये उपग्रह अर्जेंटीना की Comisión Nacional de Actividades Espaciales, जर्मन एयरोस्पेस सेंटर, कोरिया एयरोस्पेस एडमिनिस्ट्रेशन और सऊदी स्पेस एजेंसी के हैं, और इनका उद्देश्य वैज्ञानिक जाँच और तकनीकी प्रदर्शन करना है।
Artemis I (2022): एक मानव रहित मिशन जिसने चंद्रमा के चारों ओर SLS (स्पेस लॉन्च सिस्टम) रॉकेट और Orion अंतरिक्ष यान का सफलतापूर्वक परीक्षण किया।
Artemis II (2026): बिना लैंडिंग के चंद्रमा के पास से गुज़रने वाला पहला मानवयुक्त मिशन।
Artemis III (2027): कम पृथ्वी कक्षा (Low Earth Orbit) में कमर्शियल लैंडर्स का परीक्षण करने के लिए एक प्रदर्शन मिशन।
Artemis IV (2028): पहले Artemis चंद्र लैंडिंग को लक्षित करना।
Artemis V (2028): वैज्ञानिक अनुसंधान और दूसरी चंद्र लैंडिंग के साथ चंद्रमा पर बेस का निर्माण शुरू करना।
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