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CCRAS ने अपनी 5वीं कार्यकारी समिति की बैठक आयोजित की; तीन प्रमुख शोध पहल शुरू कीं
Updated: 04 Jul 2026
3 Min Read

आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा की अध्यक्षता में, सेंट्रल काउंसिल फॉर रिसर्च इन आयुर्वेदिक साइंसेज (CCRAS) ने 3 जुलाई, 2026 को अपनी 5वीं कार्यकारी समिति की बैठक आयोजित की। इस बैठक में तीन अहम पहलें शुरू की गईं, जिनसे सबूत-आधारित आयुर्वेद रिसर्च, डिजिटल बदलाव और युवा रिसर्चर्स के बीच वैज्ञानिक लेखन को लेकर काउंसिल के कार्यसूची को आगे बढ़ाया गया।
इस बैठक में आयुर्वेद के जानकारों और आम जनता के लिए शोध शिक्षा, वैज्ञानिक लेखन और डिजिटल एक्सेसिबिलिटी से जुड़ी तीन खास पहलों को पेश किया गया।
बैठक में 'आयुर्वेद प्रबोधिनी ग्रंथमाला' श्रेणी के तहत तैयार की गई रिसर्च मेथोडोलॉजी (शोध कार्यप्रणाली) की एक पाठ्यपुस्तक जारी की गई। इसे लिखने में पचास रिसर्च साइंटिस्ट और फैकल्टी सदस्यों ने योगदान दिया। यह पाठ्यपुस्तक पोस्ट-ग्रेजुएट और डॉक्टरेट आयुष (AYUSH) शिक्षा के लिए 'नेशनल कमीशन फॉर इंडियन सिस्टम ऑफ़ मेडिसिन' (NCISM) द्वारा तय किए गए परिणाम-आधारित और गतिशील पाठ्यक्रम का पालन करती है। MD, MS और Ph.D. स्कॉलर्स इसके मुख्य पाठक हैं, और उम्मीद है कि यह प्रकाशन आयुर्वेद संस्थानों में रिसर्च की सोच, कार्यप्रणाली और सबूत-आधारित क्षमताओं को बेहतर बनाएगा।
काउंसिल ने CCRAS PRAYATNA 2026–27 के लिए 'एक्सप्रेशन ऑफ़ इंटरेस्ट' (रुचि की अभिव्यक्ति) लॉन्च किया। यह उनका खास प्रोग्राम है जो आयुर्वेद में पोस्ट-ग्रेजुएट और Ph.D. स्कॉलर्स के बीच साइंटिफिक राइटिंग और पब्लिकेशन स्किल्स को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। इस मौके पर PRAYATNA का आधिकारिक पोस्टर भी जारी किया गया। इस पहल के केंद्र में व्यवस्थित और संस्थान-आधारित कार्यशालाएं हैं, जिनका मकसद एक मज़बूत रिसर्च कल्चर बनाना और युवा आयुर्वेद रिसर्चर्स को वे संचार कौशल सिखाना है जिनकी ज़रूरत
शोध प्रकाशित करना और इस क्षेत्र में सार्थक योगदान देने के लिए होती है।
तीसरा प्रमोचन CCRAS डिजिटल इकोसिस्टम डैशबोर्ड था — एक ऐसा इंटीग्रेटेड प्लेटफ़ॉर्म जो काउंसिल के वेब-बेस्ड रिसोर्स, रिसर्च के नतीजों और संस्थागत जानकारी को एक ही आसानी से उपलब्ध जगह पर लाता है। पारदर्शिता और लोगों तक पहुँच बेहतर बनाने के लिए बनाया गया यह डैशबोर्ड अब dashboard.ccras.org.in पर लाइव है।
कोटेचा ने हाल ही में CCRAS की कई उपलब्धियों का ज़िक्र किया: इसके संस्थानों को 21 NABH और NABL एक्रेडिटेशन मिलना, आयुष दीक्षा प्लेटफ़ॉर्म, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिलकर रिसर्च करना, और देश भर में किशोर लड़कियों पर एनीमिया से जुड़ी बड़े पैमाने पर स्टडी करना। डायरेक्टर जनरल प्रोफ़ेसर रबीनायण आचार्य ने काउंसिल की दिशा को फिर से दोहराया और आयुर्वेद रिसर्च के लिए लगातार वैज्ञानिक पुष्टि और वैश्विक पहचान की ज़रूरत पर ज़ोर दिया।
इस बैठक में आयुष इकोसिस्टम के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक में मौजूद लोगों में -
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