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Updated: 03 Apr 2026
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केरल के वरकला शहर को ‘20 Cities Towards Zero Waste’ (शून्य अपशिष्ट की ओर 20 शहर) नामक पहली पहल में शामिल किया गया है।
इस पहल का नेतृत्व UN महासचिव के शून्य अपशिष्ट सलाहकार बोर्ड द्वारा किया जा रहा है, जिसे UN-Habitat और UN पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) का समर्थन प्राप्त है।
यह पहल उन शहरों को उजागर करती है जो अपशिष्ट कम करने, चक्रीय अर्थव्यवस्था के समाधानों को आगे बढ़ाने और अधिक टिकाऊ, लचीली और समावेशी शहरी प्रणालियाँ बनाने के लिए महत्वाकांक्षी और अभिनव दृष्टिकोण प्रदर्शित कर रहे हैं।
अकरा (घाना), बोलोग्ना (इटली), शेफचौएन (मोरक्को), दार एस सलाम (तंजानिया), देहिवाला शहर (श्रीलंका), फ्लोरियनोपोलिस (ब्राजील), गाज़ियांटेप (तुर्की), जॉर्ज टाउन (मलेशिया), इलोइलो शहर (फिलीपींस), किसुमु (केन्या), कुआलालंपुर (मलेशिया), लिलोंग्वे (मलावी), सैन फर्नांडो (फिलीपींस), सैन फ्रांसिस्को (संयुक्त राज्य अमेरिका), हांग्जो शहर, सान्या शहर व सूज़ौ शहर (चीन) योकोहामा (जापान) ज़ापोपान (मेक्सिको)।
शहरों के नेतृत्व और नवाचार को पहचान देना। अच्छी प्रथाओं और सीखे गए सबकों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देना।
अन्य शहरों को शून्य अपशिष्ट की ओर अपने बदलाव की गति तेज करने के लिए प्रेरित करना। स्थानीय स्तर पर चक्रीय अर्थव्यवस्था के दृष्टिकोणों के कार्यान्वयन में सहायता करना।
अपशिष्ट संबंधी चुनौतियों का सामना करने के बावजूद, चुने गए शहर कई तरह के समाधान लागू कर रहे हैं। इनमें खाद्य अपशिष्ट की रोकथाम, जैविक अपशिष्ट प्रबंधन, पुन: उपयोग और रिफिल प्रणालियाँ, अनौपचारिक श्रमिकों का समर्थन करने वाले समावेशी पुनर्चक्रण मॉडल, एकल-उपयोग वाले उत्पादों को कम करने की नीतियाँ, और व्यवहार परिवर्तन लाने के लिए सामुदायिक जुड़ाव की पहलें शामिल हैं।
यह पहल सीधे तौर पर सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) में योगदान देती है, विशेष रूप से SDG 11 (सतत शहर और समुदाय), SDG 12 (जिम्मेदार उपभोग और उत्पादन), और SDG 13 (जलवायु कार्रवाई) में।
चुने गए शहरों को 'अंतर्राष्ट्रीय शून्य अपशिष्ट दिवस' के अवसर पर मान्यता दी जाती है, और उनके अनुभवों को साझा करने तथा आगे की कार्रवाई के लिए दूसरों को प्रेरित करने हेतु उन्हें वैश्विक मंचों पर प्रदर्शित किया जाता है।
प्रत्येक वर्ष 30 मार्च को मनाया जाने वाला 'अंतर्राष्ट्रीय शून्य अपशिष्ट दिवस' वैश्विक स्तर पर अपशिष्ट प्रबंधन को मजबूत करने और सतत उपभोग तथा उत्पादन के तरीकों को बढ़ावा देने के महत्त्व पर प्रकाश डालता है।
इस दिवस का आयोजन संयुक्त रूप से संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) और संयुक्त राष्ट्र मानव बस्ती कार्यक्रम (UN-Habitat) द्वारा किया जाता है।
यह पर्यावरण के क्षेत्र में दुनिया की अग्रणी संस्था है। इसकी स्थापना 1972 में UN महासभा के एक प्रस्ताव के बाद की गई थी।
इसका मुख्यालय नैरोबी, केन्या में स्थित है।
UN-Habitat, जो संयुक्त राष्ट्र का मानव बस्ती कार्यक्रम है, की स्थापना वर्ष 1977-1978 में पहली Habitat I कॉन्फ्रेंस के बाद हुई थी। यह कॉन्फ्रेंस वर्ष 1976 में हुई थी और इसमें तेज़ी से बढ़ते शहरीकरण के मुद्दे पर चर्चा की गई थी।
इसका मुख्यालय केन्या के नैरोबी में है और यह टिकाऊ, सुरक्षित और समावेशी शहरों को बढ़ावा देता है। वर्ष 2002 में, यह एक छोटे से केंद्र (UNCHS) से विकसित होकर एक पूर्ण UN कार्यक्रम बन गया।
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