सीखने के लिए तैयार हैं?
अपने शैक्षणिक लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में पहला कदम उठाएँ। चाहे आप परीक्षा की तैयारी कर रहे हों या अपने ज्ञान का विस्तार कर रहे हों, शुरुआत बस एक क्लिक दूर है। आज ही हमसे जुड़ें और अपनी पूरी क्षमता को अनलॉक करें।
832, utkarsh bhawan, near mandap restaurant, 9th chopasani road, jodhpur rajasthan - 342003
support@utkarsh.com
+91-9116691119, +91-9829213213
सीखने के साधन
Teaching Exams
Rajasthan Govt Exams
Central Govt Exams
Civil Services Exams
Nursing Exams
School Tuitions
Other State Govt Exams
Agriculture Exams
College Entrance Exams
© उत्कर्ष क्लासेज एंड एडुटेक प्राइवेट लिमिटेड सभी अधिकार सुरक्षित
होम
अंतरराष्ट्रीय सामयिकी
चर्चित व्यक्ति
चीन समर्थक जेरेमिया मानेले सोलोमन द्वीप के प्रधान मंत्री चुने गए
Updated: 04 May 2024
3 Min Read

सोलोमन द्वीप की राष्ट्रीय संसद के विधायकों ने पूर्व विदेश मंत्री जेरेमिया मानेले को देश का नया प्रधान मंत्री चुना है। वह चीन समर्थक प्रधानमंत्री मनश्शे सोगावारे का स्थान लेंगे, जिन्होंने प्रधानमंत्री पद के चुनाव में खड़े नहीं होने का फैसला किया है।
चीन समर्थक माने जाने वाले जेरेमिया मानेले ने सोलोमन द्वीप की 50 सदस्यीय राष्ट्रीय संसद में 31 वोट हासिल किए। उनके प्रतिद्वंद्वी, मैथ्यू वाले, जो मुख्य विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी का नेतृत्व करते हैं, ने गुप्त मतदान में 18 वोट हासिल किए।
17 अप्रैल 2024 को देश में हुए आम चुनाव किसी भी राजनीतिक दल को निर्णायक जनादेश नहीं मिला था । दोनों पक्षों ने सरकार बनाने के लिए निर्दलीय विधायकों से समर्थन जुटाने की भरपूर कोशिश की।
मानेले तीन दलों के एक गठबंधन ,राष्ट्रीय एकता और परिवर्तन सरकार के प्रमुख हैं। उनकी राजनीतिक दल का नाम अवर पार्टी है।
55 वर्षीय जेरेमिया मानेले राजनीति में आने से पहले एक राजनयिक थे। वह सोगावरे के प्रशासन के दौरान विदेश मंत्री भी थे। सोगावरे प्रशासन ने 2019 में ताइवान के साथ अपने संबंध तोड़ दिए और चीन के साथ राजनयिक संबंध स्थापित किए।
2022 में, सोगावरे प्रशासन ने चीन के साथ एक गुप्त सुरक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिसने ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और संयुक्त राज्य अमेरिका जैसी पश्चिमी शक्तियों को चिंतित कर दिया है ।
एक-चीन नीति के तहत, चीन उन देशों के साथ राजनयिक संबंध स्थापित नहीं करता है जिन्होंने ताइवान को मान्यता दी है। चीन ताइवान को अपना अलग हुआ प्रांत मानता है और कई बार यह स्पष्ट कर चुका है कि वह ताइवान पर फिर से कब्ज़ा करेगा।
दक्षिण प्रशांत क्षेत्र में छोटी आबादी वाले कई छोटे द्वीप समूह देश हैं। दक्षिण प्रशांत महासागर क्षेत्र पारंपरिक रूप से संयुक्त राज्य अमेरिका और उसके सहयोगियों, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसी पश्चिमी शक्तियों के प्रभाव का क्षेत्र रहा है। हालाँकि, हाल के दिनों में चीन ने इस क्षेत्र में अपना प्रभाव बढ़ाने की कोशिश की है।
दक्षिण प्रशांत द्वीप राज्य संसाधन-संपन्न महासागरों के विशाल क्षेत्रों को नियंत्रित करते हैं और सैन्य महत्व रखते हैं।
2022 में सोलोमन द्वीप के साथ चीनी सुरक्षा समझौते ने संयुक्त राज्य अमेरिका में चिंता ढ़ा दिया है। अमेरिका को डर है कि चीन इस क्षेत्र में सैन्य अड्डा स्थापित कर लेगा, जो ऑस्ट्रेलिया से सिर्फ 1200 मील की दूरी पर है।
चीन की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी हुवेई ,सोलोमन द्वीप समूह में संचार टावर बना रही है। अमेरिका और उसके सहयोगियों को लगता है कि इन टावरों का इस्तेमाल चीन इस क्षेत्र में अमरीका और उसके सहयोगी देशों के निगरानी लिए कर इस्तेमाल कर सकता जो उनके सुरक्षा के खतरा हो सकता हैं। अमेरिका को डर है कि चीन इस क्षेत्र में अपना प्रभाव क्षेत्र बढ़ा रहा हैं, जिससे उसके और उसके सहयोगियों के लिए सुरक्षा खतरा पैदा हो जाएगा।
सोलोमन द्वीप समूह दक्षिण-पश्चिमी प्रशांत महासागर में एक द्वीपसमूह है। इस द्वीप समूह में ज्वालामुखीय द्वीप और मूंगा एटोल दोनों तरह के द्वीप समूह पाये जाते हैं।
सोलोमन द्वीप एक ब्रिटिश संरक्षित राज्य था, और इसे 1978 में स्वतंत्रता मिली।
राजधानी - होनियारा। यह सोलोमन द्वीप समूह की राजधानी और उसका सबसे बड़ा शहर है। यह सोलोमन द्वीप समूह के गुआडलकैनाल द्वीप पर स्थित है।
मुद्रा: सोलोमन द्वीप डॉलर
Frequently asked questions

टॉप पोस्ट

Exam Pattern par based daily important questions
A quick daily practice designed to show where you stand today
Still have questions?
Can't find the answer you're looking for? Please contact our friendly team.
अपने नजदीकी सेंटर पर विजिट करें।