भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन को पार्टी का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया है। श्री नवीन पार्टी के इतिहास में सबसे कम उम्र के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और इस पद पर नियुक्त होने वाले बिहार के पहले BJP नेता हैं।
- भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन को पार्टी का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया है। पार्टी के राष्ट्रीय रिटर्निंग ऑफिसर डॉ. के लक्ष्मण ने 20 जनवरी, 2026 को नई दिल्ली में BJP मुख्यालय में संगठन पर्व पर श्री नवीन की पार्टी अध्यक्ष के रूप में नियुक्ति की घोषणा की और उन्हें चुनाव का सर्टिफिकेट सौंपा।
- श्री नवीन को वरिष्ठ BJP नेता और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्रियों अमित शाह, राजनाथ सिंह, जेपी नड्डा और नितिन गडकरी ने सम्मानित किया।
- श्री नवीन ने पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्षों को भी याद किया और इस अवसर पर उपस्थित पूर्व अध्यक्षों का अभिवादन किया। उन्होंने वर्ष 2006 में पहली बार विधायक बनने से लेकर अपनी पिछली यात्रा को भी याद किया।
- श्री नवीन पार्टी के इतिहास में सबसे कम उम्र के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और इस पद पर नियुक्त होने वाले बिहार के पहले BJP नेता भी हैं। वह वर्तमान में पटना जिले में बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं और नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली बिहार सरकार में सड़क निर्माण विभाग का पोर्टफोलियो संभालते हैं।
- लगभग दो दशकों के संगठनात्मक अनुभव के साथ, श्री नबीन ने पार्टी के भीतर कई महत्त्वपूर्ण भूमिकाएँ निभाईं, जिसमें भारतीय जनता युवा मोर्चा के बिहार अध्यक्ष और छत्तीसगढ़ के लिए भाजपा के चुनाव प्रभारी शामिल हैं।
प्रारंभिक जीवन
- उनका जन्म 23 मई, 1980 को रांची, झारखंड में हुआ था, उनके पिता स्वर्गीय श्री नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा, वरिष्ठ भाजपा नेता और पटना पश्चिम से बिहार विधान सभा के चार बार सदस्य थे, और उनकी माता स्वर्गीय श्रीमती मीरा सिन्हा थीं।
- श्री नितिन नवीन ने कम उम्र में ही चुनावी राजनीति में प्रवेश किया और वर्ष 2006 में पहली बार पटना पश्चिम विधानसभा क्षेत्र से बिहार विधान सभा के लिए चुने गए। 2010 से, वह लगातार बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र से चुने गए हैं, उन्होंने 2010, 2015, 2020 और 2025 में जीत हासिल की, जिससे वह लगातार पाँच बार विधायक बने।
- उन्होंने बिहार सरकार में कैबिनेट मंत्री के तौर पर सड़क निर्माण, शहरी विकास और आवास और कानून जैसे अहम विभागों की जिम्मेदारी भी संभाली है।
- अपने विधायी करियर के साथ-साथ, उन्होंने पार्टी संगठन में भी अहम भूमिका निभाई है, जहाँ उन्होंने राष्ट्रीय और राज्य स्तर के नेतृत्व पदों पर काम किया है। उन्हें सिक्किम और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में महत्त्वपूर्ण संगठनात्मक जिम्मेदारियाँ भी सौंपी गई हैं।
भारतीय जनता पार्टी
- भारत को एक समर्थ राष्ट्र बनाने के लक्ष्य के साथ भाजपा का गठन 6 अप्रैल, 1980 को नई दिल्ली के कोटला मैदान में आयोजित एक कार्यकर्ता अधिवेशन में किया गया, जिसके प्रथम अध्यक्ष श्री अटल बिहारी वाजपेयी निर्वाचित हुए।
- अपनी स्थापना के साथ ही भाजपा ने अंतर्राष्ट्रीय, राष्ट्रीय एवं लोकहित के विषयों पर मुखर रहते हुए भारतीय लोकतंत्र में अपनी सशक्त भागीदारी दर्ज की तथा भारतीय राजनीति को नए आयाम दिए।
- कांग्रेस की एकाधिकार वाली एक-दलीय लोकतान्त्रिक व्यवस्था के रूप में जानी जाने वाली भारतीय राजनीति को भारतीय जनता पार्टी ने दो ध्रुवीय बनाकर एक गठबंधन-युग के सूत्रपात में अग्रणी भूमिका निभाई है।
- हालांकि भारतीय जनता पार्टी का इतिहास भारतीय जनसंघ से जुड़ा हुआ है। ‘नेहरूवाद’ तथा पाकिस्तान एवं बांग्लादेश में हिन्दू अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचार पर भारत के चुप रहने से क्षुब्ध होकर डॉ. श्यामा प्रसाद मुकर्जी ने नेहरू मंत्रिमंडल से त्यागपत्र दे दिया।
- फलतः भारतीय जनसंघ की स्थापना 21 अक्टूबर, 1951 को डॉ. श्यामा प्रसाद मुकर्जी की अध्यक्षता में दिल्ली के राघोमल आर्य कन्या उच्च विद्यालय में हुई।
- भारतीय जनसंघ ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुकर्जी के नेतृत्व में कश्मीर एवं राष्ट्रीय अखंडता के मुद्दे पर आंदोलन छेड़ा तथा कश्मीर को किसी भी प्रकार का विशेषाधिकार देने का विरोध किया।
- एक नई पार्टी को सशक्त बनाने का कार्य पण्डित दीनदयाल उपाध्याय के कंधों पर आ गया। भारत-चीन युद्ध में भी भारतीय जनसंघ ने महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई तथा राष्ट्रीय सुरक्षा पर नेहरू की नीतियों का डटकर विरोध किया।
- 1967 में पहली बार भारतीय जनसंघ एवं पंडित दीनदयाल उपाध्याय के नेतृत्व में भारतीय राजनीति पर लम्बे समय से बरकरार कांग्रेस का एकाधिकार टूटा, जिससे कई राज्यों के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की पराजय हुई।
- 1 मई, 1977 को भारतीय जनसंघ ने करीब 5000 प्रतिनिधियों के एक अधिवेशन में अपना विलय जनता पार्टी में कर दिया।
भाजपा की सरकार
- भाजपा ने लोकसभा में 1989 में 85, 1991 में 120 तथा 1996 में 161 सीटें प्राप्त कीं। भाजपा का जनसमर्थन लगातार बढ़ रहा था।
- श्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में पहली बार भाजपा सरकार ने सन् 1996 में शपथ ली, परन्तु पर्याप्त समर्थन के अभाव में यह सरकार मात्र 13 दिन ही चल पाई।
- इसके बाद 1998 के आम चुनावों में भाजपा ने 182 सीटों पर जीत दर्ज की और श्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की सरकार ने शपथ ली।
- परन्तु जयललिता के नेतृत्व में अन्नाद्रमुक द्वारा समर्थन वापस लिए जाने के कारण सरकार लोकसभा में विश्वासमत के दौरान एक वोट से गिर गई, जिसके पीछे वह अनैतिक आचरण था, जिसमें उड़ीसा के तत्कालीन कांग्रेसी मुख्यमंत्री गिररिधर गोमांग ने पद पर रहते हुए भी लोक सभा की सदस्यता नहीं छोड़ी तथा विश्वासमत के दौरान सरकार के विरुद्ध मतदान किया।
- कांग्रेस के इस अवैध और अनैतिक आचरण के कारण ही देश को पुनः आम चुनावों का सामना करना पड़ा। 1999 में भाजपा 182 सीटों पर पुनः विजय मिली तथा राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन को 306 सीटें प्राप्त हुईं। एक बार पुनः श्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में भाजपा-नीत राजग की सरकार बनी।
- 10 साल पार्टी ने विपक्ष की सक्रिय और शानदार भूमिका निभाई। 2014 में श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में पहली बार भाजपा की पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनी, जो आज ‘सबका साथ, सबका विकास’ की उद्घोषणा के साथ गौरव सम्पन्न भारत का पुनर्निर्माण कर रही है। राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अमित शाह के नेतृत्व में भाजपा लगभग 11 करोड़ सदस्यों वाली विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बन गयी है।