सीखने के लिए तैयार हैं?
अपने शैक्षणिक लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में पहला कदम उठाएँ। चाहे आप परीक्षा की तैयारी कर रहे हों या अपने ज्ञान का विस्तार कर रहे हों, शुरुआत बस एक क्लिक दूर है। आज ही हमसे जुड़ें और अपनी पूरी क्षमता को अनलॉक करें।
832, utkarsh bhawan, near mandap restaurant, 9th chopasani road, jodhpur rajasthan - 342003
support@utkarsh.com
+91-9116691119, +91-9829213213
सीखने के साधन
Teaching Exams
Rajasthan Govt Exams
Central Govt Exams
Civil Services Exams
Nursing Exams
School Tuitions
Other State Govt Exams
Agriculture Exams
College Entrance Exams
© उत्कर्ष क्लासेज एंड एडुटेक प्राइवेट लिमिटेड सभी अधिकार सुरक्षित
होम
अंतरराष्ट्रीय सामयिकी
पुरस्कार और सम्मान
दो भारतीय पत्रकारों को मशहूर पुलित्जर पुरस्कार से सम्मानित किया गया
Updated: 07 May 2026
4 Min Read

दो भारतीय पत्रकारों ने भारत में साइबर क्राइम को उजागर करने वाले एक आर्ट रिपोर्टिंग प्रोजेक्ट के लिए मशहूर पुलित्जर प्राइज जीता है।
आनंद आर.के. और सुपर्णा शर्मा, नताली ओबिको पियर्सन के साथ, ब्लूमबर्ग के लिए बनाई गई रिपोर्ट के लिए इलस्ट्रेटेड रिपोर्टिंग और कमेंट्री कैटेगरी में विनर घोषित किए गए।
आनंद मुंबई के एक इलस्ट्रेटर और विज़ुअल आर्टिस्ट हैं, जिन्होंने कई अवॉर्ड जीते हैं और सुवर्णा शर्मा भारत में एक फ़्रीलांस खोजी पत्रकार हैं।
यह पुरस्कार "trAPPed" (ट्रैप्ड) नामक प्रोजेक्ट के लिए दिया गया, जो पुलित्ज़र पुरस्कारों की वेबसाइट के अनुसार, भारत की एक न्यूरोलॉजिस्ट की "रोमांचक कहानी" प्रस्तुत करता है। इस न्यूरोलॉजिस्ट को उसके फ़ोन के ज़रिए "डिजिटल गिरफ़्तारी" (digital arrest) में रखा गया था।
सुपर्णा शर्मा Al Jazeera के लिए वर्ष 2023 में की गई उनकी एक पड़ताल में दिल्ली के एक सेंटर में दो बुज़ुर्गों की मौत के मामले में भारत के अरबों डॉलर के बुज़ुर्गों की देखभाल वाले उद्योग के अंदर के लालच और लापरवाही को उजागर किया गया। साथ ही, यह भी दिखाया गया कि अधिकारी सच को दबाने की कैसे कोशिश कर रहे थे।
हनोई के रिपोर्टर अनिरुद्ध घोषाल, US बॉर्डर की जाँच के लिए इंटरनेशनल रिपोर्टिंग कैटेगरी में विनर रहे। उन्होंने अमेरिकी सीमा गश्ती दल (US Border Patrol) द्वारा बड़े पैमाने पर निगरानी करने वाले उपकरणों के गुप्त इस्तेमाल की जाँच की थी।
एक अन्य भारतीय पत्रकार, देवज्योति घोषाल, इसी श्रेणी में फाइनलिस्ट थे। उन्होंने दक्षिण-पूर्व एशिया में साइबर अपराध और मानव तस्करी का खुलासा किया था। देवज्योति घोषाल बैंकॉक में रहते हैं।
चित्रित रिपोर्टिंग और टिप्पणी - आनंद आर.के. और सुवर्णा शर्मा (योगदानकर्ता) और नैटली ओबिको पियर्सन (Bloomberg News)
सार्वजनिक सेवा - 'द वॉशिंगटन पोस्ट'
ब्रेकिंग न्यूज़ - 'द मिनेसोटा स्टार ट्रिब्यून'
खोजी रिपोर्टिंग - 'द न्यूयॉर्क Times'
व्याख्यात्मक रिपोर्टिंग - द सैन फ़्रांसिस्को क्रॉनिकल की सूज़ी नेल्सन, मेगन फ़ैन मुन्स और सारा डिनाटाले समिति ने इन पत्रकारों को उनकी सीरीज़, "बर्न्ड" (Burned) के लिए सम्मानित किया।
बीट रिपोर्टिंग - रॉयटर्स के जेफ़ हॉरविट्ज़ और एंगेन थाम
स्थानीय रिपोर्टिंग - द कनेक्टिकट मिरर के डेव अल्टीमारी और गिन्नी मोंक और प्रोपब्लिका की सोफ़ी चाऊ और हारू कोरीन; तथा द शिकागो ट्रिब्यून के स्टाफ़
राष्ट्रीय रिपोर्टिंग - रॉयटर्स के नेड पार्कर, लिंडा सो, पीटर आइस्लर और माइक स्पेक्टर
अंतर्राष्ट्रीय रिपोर्टिंग - द एसोसिएटेड प्रेस के डेक कांग, गारेंस बर्क, बायरन टाऊ, अनिरुद्ध घोषाल और येल ग्राउर (योगदानकर्ता)
फ़ीचर लेखन - टेक्सास मंथली के एरॉन पार्सले
आलोचना - मार्क लैमस्टर (The Dallas Morning News)
जीवनी - “Pride and Pleasure: The Schuyler Sisters in an Age of Revolution,” अमांडा वैल द्वारा
पुलित्ज़र पुरस्कार (Pulitzer Prize) पत्रकारिता, साहित्य और संगीत के क्षेत्र में अमेरिका का सर्वोच्च सम्मान है, जो 1917 से कोलंबिया विश्वविद्यालय द्वारा दिया जा रहा है।
1917 में जोसेफ पुलित्ज़र की वसीयत पर स्थापित, इसमें 23 श्रेणियों (15 पत्रकारिता) में $15,000 की राशि और प्रमाण-पत्र मिलता है। यह 'सार्वजनिक सेवा' श्रेणी में स्वर्ण पदक भी प्रदान करता है।
अदनान आबिदी, सना इरशाद मट्टू, अमित दवे और दिवंगत दानिश सिद्दीकी (2018, 2020, 2022): रॉयटर्स के फोटो जर्नलिस्ट, जिन्हें रोहिंग्या संकट, हांगकांग विरोध प्रदर्शनों और COVID-19 महामारी की कवरेज के लिए सम्मानित किया गया।
मेघा राजगोपालन (2021): चीन में नज़रबंदी शिविरों का पर्दाफ़ाश करने के लिए उपग्रह तकनीक का उपयोग करके की गई खोजी रिपोर्टों के लिए जीत हासिल की।
सिद्धार्थ मुखर्जी (2011): "The Emperor of All Maladies: A Biography of Cancer" के लिए 'सामान्य गैर-कथा' (General Nonfiction) श्रेणी में जीत हासिल की। गीता आनंद (2003): वॉल स्ट्रीट जर्नल में 'फीचर राइटिंग' के लिए जीत हासिल की।
झुम्पा लाहिड़ी (2000): "Interpreter of Maladies" के लिए 'कथा' (Fiction) श्रेणी में जीत हासिल की।
गोविंद बिहारी लाल (1937): यह पुरस्कार जीतने वाले पहले भारतीय, जिन्हें हार्वर्ड में विज्ञान पर रिपोर्टिंग के लिए पहचान मिली।
टॉप पोस्ट
Frequently asked questions


Download Current Affairs One- Liner PDFs
Get Daily, Monthly Current Affairs One-Liner PDF & Kumar Gaurav Sir’s ??? ????? Class PDF
Still have questions?
Can't find the answer you're looking for? Please contact our friendly team.
अपने नज़दीकी उत्कर्ष क्लासेज के ऑफलाइन सेंटर पर आज ही विजिट करें।