उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (यूपीईएसएससी) द्वारा यूपी टीईटी अधिसूचना 2026 के माध्यम से यूपी टीईटी परीक्षा तिथि 2026 की घोषणा कर दी है। यूपी टीईटी परीक्षा 2026 2, 3 और 4 जुलाई 2026 को आयोजित की जाएगी। उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी) 2026 में शामिल होने वाले उम्मीदवारों को अपनी तैयारी शुरू करने से पहले UP TET सिलेबस 2026 को ध्यानपूर्वक देख लेना चाहिए।
यदि आप निकट भविष्य में यूपी टीईटी परीक्षा देने वाले हैं, तो उत्कर्ष क्लासेस पर आपके लिए संपूर्ण समाधान है। हम आपको पेपर 1 और 2 दोनों के लिए यूपी टीईटी पाठ्यक्रम 2026 पीडीएफ के साथ-साथ विस्तृत यूपी टीईटी परीक्षा पैटर्न 2026 भी प्रदान कर रहे हैं। यहाँ आप विषयवार UP TET सिलेबस हिन्दी में प्राप्त करके अपनी यूपी टीईटी परीक्षा 2026 की तैयारी शुरू कर सकते है।
UP TET परीक्षा 2026 क्या है?
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) राज्य स्तरीय योग्यता परीक्षा है, जिसका आयोजन यह आकलन करने के लिए किया जाता है कि क्या उम्मीदवार उत्तर प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में शिक्षक बनने के योग्य हैं। प्राथमिक स्तर (कक्षा 1 से 5) या उच्च प्राथमिक स्तर (कक्षा 6 से 8) में पढ़ाने के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए यह परीक्षा अनिवार्य है।
यह परीक्षा दो भागों में विभाजित है, अर्थात् पहला पेपर कक्षा 1 से 5 तक पढ़ाने के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए है, जबकि दूसरा पेपर कक्षा 6 से 8 तक पढ़ाने के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए है। आवेदक अपनी शिक्षण संबंधी रुचि और योग्यता के आधार पर दोनों में से किसी एक या दोनों पेपर में शामिल हो सकते हैं। यूपीटीईटी उत्तीर्ण करना एक आवश्यक कदम है, जिसके बाद उम्मीदवारों को संबंधित अधिकारियों द्वारा निर्धारित दस्तावेज़ सत्यापन जैसी आगे की भर्ती प्रक्रियाओं को पूरा करना होगा।
यूपी टीईटी चयन प्रक्रिया 2026
यूपी टीईटी 2026 अधिसूचना के अनुसार, यूपी टीईटी चयन प्रक्रिया 2026 में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक दोनों स्तरों के लिए वस्तुनिष्ठ लिखित परीक्षायें शामिल हैं। उत्तर प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में कक्षा 1 से 8 तक के शिक्षक बनने के इच्छुक उम्मीदवारों को UP TET परीक्षा में शामिल होना अनिवार्य है। अपनी योग्यता और प्राथमिकता के आधार पर, उम्मीदवार पेपर 1, पेपर 2 या दोनों में से किसी एक में शामिल हो सकते हैं।
यूपी टीईटी पेपर I (प्राथमिक स्तर) परीक्षा 2026
यूपी टीईटी प्राथमिक स्तर परीक्षा 2026 का प्रश्नपत्र उन उम्मीदवारों के लिए है जो कक्षा 1 से 5 तक पढ़ाना चाहते हैं। इसमें बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र, भाषा प्रथम, भाषा द्वितीय, गणित और पर्यावरण अध्ययन जैसे विषय शामिल हैं। यह परीक्षा उम्मीदवार के बुनियादी शिक्षण कौशल और प्राथमिक स्तर के कान्सेप्ट की समझ का मूल्यांकन करने के लिए तैयार की गई है।
यूपी टीईटी पेपर II (उच्च प्राथमिक स्तर) परीक्षा 2026
कक्षा 6 से 8 तक पढ़ाने के इच्छुक उम्मीदवारों को यूपी टीईटी उच्च प्राथमिक स्तर परीक्षा 2026 में शामिल होना होगा। इसमें बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र, दो भाषा प्रश्नपत्र और गणित एवं विज्ञान या सामाजिक अध्ययन जैसे विषय-विशिष्ट अनुभाग शामिल हैं। यह परीक्षा शिक्षण योग्यता के साथ-साथ विषय ज्ञान पर अधिक केंद्रित है।
यूपी टीईटी पेपर 1 और 2 (प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर) परीक्षा 2026
कक्षा 1 से 8 तक पढ़ाने हेतु पात्र होने के इच्छुक उम्मीदवारों को यूपी टीईटी पेपर I और यूपी टीईटी पेपर II दोनों में शामिल होना अनिवार्य है। दोनों परीक्षाओं में उत्तीर्ण होने पर वे प्राथमिक और उच्च प्राथमिक दोनों प्रकार के शिक्षण पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं।
नोट: UPTET पात्रता प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए, उम्मीदवारों को प्रत्येक पेपर के लिए निर्धारित न्यूनतम अर्हता अंक प्राप्त करने होंगे।
UPTET अधिसूचना 2026: मुख्य विवरण
यूपीटीईटी 2026 प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तरीय शिक्षक बनने के आपके सपने को साकार करने का द्वार है। यूपीटीईटी 2026 का संक्षिप्त विवरण प्राप्त करने के लिए इस तालिका को देखें:-
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UP TET परीक्षा हाईलाइट 2026
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परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था
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उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (यूपीईएसएससी)
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परीक्षा का नाम
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी) 2026
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परीक्षा स्तर
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राज्य स्तरीय शिक्षण पात्रता परीक्षा
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पेपर स्तर
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- पेपर 1 (कक्षा 1 से 5 तक)
- पेपर 2 (कक्षा 6 से 8 तक)
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यूपी टीईटी परीक्षा 2026 की शहर सूचना पर्ची जारी होने की तिथि
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22 जून 2026
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यूपी टीईटी प्रवेश पत्र 2026 जारी होने की तिथि
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30 जून 2026
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यूपी टीईटी परीक्षा तिथि 2026
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2, 3 और 4 जुलाई 2026
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परीक्षा मोड
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ऑफलाइन (ओएमआर-आधारित)
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नौकरी का स्थान
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उत्तर प्रदेश
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परीक्षा का उद्देश्य
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प्राथमिक और उच्च प्राथमिक शिक्षक पदों के लिए पात्रता निर्धारित करने हेतु
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वैधता
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जीवनभर
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परीक्षा का स्वरूप
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योग्यता आधारित
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यूपी टीईटी अधिसूचना 2026
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UPTET परीक्षा पैटर्न 2026
यूपी टीईटी परीक्षा पैटर्न 2026 उन उम्मीदवारों को अवश्य देखना चाहिए जो परीक्षा में शामिल होने जा रहे हैं। यूपी टीईटी परीक्षा पैटर्न को समझना भर्ती परीक्षा की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे परीक्षा की संरचना स्पष्ट होती है और एक केंद्रित एवं प्रभावी तैयारी रणनीति बनाने में मदद मिलती है।
यूपी टीईटी परीक्षा की मूल संरचना को जानें, जिसमें प्रश्नों की संख्या, अंक, अवधि और प्रश्न पूछे जाने वाले विषय शामिल हैं, ताकि आप परीक्षा की आवश्यकताओं के अनुसार अपनी तैयारी शुरू कर सकें:
यूपीटीईटी परीक्षा पेपर 1 (प्राथमिक स्तर) पैटर्न
यूपीटीईटी के माध्यम से प्राथमिक स्तर के शिक्षण के लिए अर्हता प्राप्त करने वाले उम्मीदवार उत्तर प्रदेश राज्य सरकार द्वारा संचालित सरकारी विद्यालयों, राज्य या बेसिक शिक्षा बोर्ड द्वारा मान्यता प्राप्त स्थानीय निकाय विद्यालयों, सरकारी सहायता प्राप्त संस्थानों और उत्तर प्रदेश सरकार से वैध एनओसी प्राप्त राष्ट्रीय बोर्ड से संबंधित विद्यालयों में काम करने के पात्र हो जाते हैं। यूपी टीईटी प्राथमिक परीक्षा पैटर्न यहाँ देखें:-
- इसमें 150 अंकों के 150 बहुविकल्पीय प्रश्न होंगे।
- प्रत्येक सही उत्तर के लिए उम्मीदवारों को 1 अंक दिया जाएगा, और इसमें कोई नकारात्मक अंकन नहीं है।
- परीक्षा पूरी करने के लिए 150 मिनट का समय दिया जाएगा।
- परीक्षा उत्तीर्ण करने के लिए उम्मीदवारों को निर्धारित न्यूनतम अर्हता अंक प्राप्त करने होंगे, अर्थात् सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों को कम से कम 60% (150 में से 90) अंक प्राप्त करने होंगे, जबकि आरक्षित श्रेणियों (अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/अन्य पिछड़ा वर्ग/आर्थिक रूप से पिछड़ा वर्ग/दिव्यांग आदि) के उम्मीदवारों को न्यूनतम 55% (150 में से 82) अंक प्राप्त करने होंगे।
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UPTET पेपर 1 परीक्षा 2026 का पैटर्न
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विषय
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प्रश्नों की संख्या
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अंक
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परीक्षा की अवधि
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बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र
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30
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30
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150 मिनट
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भाषा I (हिंदी)
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30
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30
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भाषा II (अंग्रेजी/उर्दू/संस्कृत)
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30
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30
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गणित
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30
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30
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पर्यावरण अध्ययन
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30
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30
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कुल
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150
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150
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यूपीटीईटी परीक्षा पेपर 2 (उच्च प्राथमिक स्तर) परीक्षा पैटर्न
उच्च प्राथमिक स्तर की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले उम्मीदवार उत्तर प्रदेश राज्य सरकार द्वारा संचालित विद्यालयों, स्थानीय निकायों द्वारा प्रबंधित और राज्य द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थानों, बेसिक शिक्षा बोर्ड या माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों और उत्तर प्रदेश सरकार से वैध अनुमोदन प्राप्त राष्ट्रीय बोर्ड से संबंधित संस्थानों में पढ़ाने के लिए पात्र हो जाते हैं। यूपीटीईटी उच्च प्राथमिक परीक्षा पैटर्न 2026 का पूरा विवरण देखें:-
- परीक्षा में कुल 150 अंकों के 150 बहुविकल्पीय प्रश्न होंगे।
- प्रत्येक सही उत्तर के लिए 1 अंक दिया जाएगा, और कोई नकारात्मक अंकन नहीं होगा।
- परीक्षा पूरी करने के लिए उम्मीदवारों को 150 मिनट का समय दिया जाएगा।
- अर्हता प्राप्त करने के लिए, सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों को कम से कम 60% (150 में से 90) अंक प्राप्त करने होंगे, जबकि आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों (एससी/एसटी/ओबीसी/ईडब्ल्यूएस/पीडब्ल्यूडी, आदि) को न्यूनतम 55% (150 में से 82) अंक प्राप्त करने होंगे।
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यूपी टीईटी पेपर 2 परीक्षा पैटर्न 2026
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विषय
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प्रश्नों की संख्या
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अंक
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परीक्षा की अवधि
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बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र
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30
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30
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150 मिनट
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भाषा I (हिंदी)
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30
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30
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भाषा II (अंग्रेजी/उर्दू/संस्कृत)
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30
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30
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- गणित और विज्ञान शिक्षकों के लिए गणित/विज्ञान
- सामाजिक अध्ययन या सामाजिक विज्ञान के शिक्षक के लिए, सामाजिक अध्ययन
- कोई अन्य शिक्षक, या तो (क) या (ख)
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60
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60
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कुल
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150
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150
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यूपी टीईटी सिलेबस 2026: विषयवार
यूपी टीईटी परीक्षा के लिए बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र, भाषा, गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, पर्यावरण विज्ञान आदि विषयों में आपके मजबूत बेसिक्स या वैचारिक जानकारी आवश्यक है। यह परीक्षा प्राथमिक (कक्षा 1 से 5) और उच्च प्राथमिक (कक्षा 6 से 8) दोनों स्तरों के लिए उम्मीदवारों की शिक्षण योग्यता, विषय ज्ञान और बाल शिक्षाशास्त्र की समझ का आकलन करने के लिए संरचित है।
इस खंड में, हम आपकी सुविधा के लिए यूपी टीईटी 2026 का विस्तृत विषयवार पाठ्यक्रम हिन्दी में उपलब्ध करा रहे हैं। विषयवार पाठ्यक्रम को अच्छी तरह समझने से उम्मीदवारों को प्रमुख विषयों और महत्वपूर्ण क्षेत्रों की पहचान करने में मदद मिलेगी, जिससे वे केंद्रित और प्रभावी ढंग से तैयारी कर सकेंगे। विस्तृत पाठ्यक्रम की समीक्षा करके, उम्मीदवार अपनी अध्ययन योजना बना सकते हैं, महत्वपूर्ण अनुभागों को प्राथमिकता दे सकते हैं और प्राथमिक व उच्च प्राथमिक दोनों स्तरों के लिए शिक्षण योग्यता, बाल शिक्षाशास्त्र और संबंधित विषयों से जुड़े सभी आवश्यक सिद्धांतों को पूरी तरह से कवर कर सकते हैं।
UPTET प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक सिलेबस 2026
यूपी टीईटी पेपर 1 पाठ्यक्रम प्राथमिक स्तर के लिए आवश्यक मूलभूत कान्सेप्ट और शिक्षण कौशल पर जोर देता है। वहीं, यूपी टीईटी पेपर 2 उच्च प्राथमिक स्तर के विषयों पर केंद्रित है, जिसमें अवधारणात्मक स्पष्टता और अनुप्रयोग-आधारित समझ पर अधिक बल दिया जाता है। कक्षा 6 से 8 तक के लिए यूपी टीईटी पाठ्यक्रम हिन्दी में के साथ-साथ पूरा यूपी टीईटी प्राथमिक स्तर सिलेबस देखें और यूपी टीईटी तैयारी 2026 में एक कदम आगे बढ़ें:
बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र
यूपी टीईटी बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र का पाठ्यक्रम यूपी टीईटी पेपर 1 और 2 दोनों के लिए समान है। प्रश्नों का कठिनाई स्तर प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तरों के आधार पर भिन्न हो सकता है। यूपी टीईटी शिक्षाशास्त्र का पाठ्यक्रम यहाँ देखें:-
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यूपी टीईटी बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र पाठ्यक्रम (दोनों के लिए सामान्य)
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विषय
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उपविषय
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विषय-वस्तु
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- बाल विकास का अर्थ, आवश्यकता तथा क्षेत्र, बाल विकास की अवस्थाएँ, शारीरिक विकास, मानसिक विकास, संवेगात्मक विकास, भाषा विकास, अभिव्यक्ति क्षमता का विकास, रचनात्मकता एवं सृजनात्मक क्षमता का विकास।
- बाल विकास के आधार एवं उनको प्रभावित करने वाले कारक–वंशानुक्रम, वातावरण (पारिवारिक, सामाजिक, विद्यालयीय, संचार माध्यम)।
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सीखने का अर्थ तथा सिद्धान्त
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- अधिगम (सीखने) का अर्थ, प्रभावित करने वाले कारक, अधिगम की प्रभावशाली विधियाँ।
- अधिगम के नियम– थार्नडाइक के सीखने के मुख्य नियम एवं अधिगम में उनका महत्व।
- अधिगम के प्रमुख सिद्धान्त तथा कक्षा शिक्षण में इनकी व्यावहारिक उपयोगिता, थार्नडाइक का प्रयास एवं त्रुटि का सिद्धान्त, पैवलव का सम्बद्ध प्रतिक्रिया का सिद्धान्त, स्किनर का क्रिया-प्रसूत अधिगम सिद्धान्त, कोहलर का सूझ या अन्तर्दृष्टि का सिद्धान्त, पियाजे का सिद्धान्त, व्यागोत्स्की का सिद्धान्त सीखने का वक्र– अर्थ एवं प्रकार, सीखने में पठार का अर्थ और कारण एवं निवारण।
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शिक्षण एवं शिक्षण विधाएँ
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- शिक्षण का अर्थ तथा उद्देश्य, सम्प्रेषण, शिक्षण के सिद्धान्त, शिक्षण के सूत्र, शिक्षण प्रविधियाँ, शिक्षण की नवीन विधाएँ (उपागम), सूक्ष्म शिक्षण एवं शिक्षण के आधारभूत कौशल।
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समावेशी शिक्षा–निर्देशन एवं परामर्श
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- शैक्षिक समावेशन से अभिप्राय, पहचान, प्रकार, निराकरण यथा: अपवंचित वर्ग, भाषा, धर्म, जाति, क्षेत्र, वर्ग, लिंग, शारीरिक क्षमता (दिव्यांगता, अवरोधित एवं वंचित वर्ग), अधिगम बाधिता, मानसिक दुर्बलता।
- समावेशन के लिए आवश्यक उपकरण, सामग्री, विधियाँ, टी०एल०एम० एवं अभिवृत्तियाँ।
- समावेशित बच्चों का अधिगम जाँचने हेतु आवश्यक टूल्स एवं तकनीकी।
- समावेशित बच्चों के लिए विशेष शिक्षण विधियाँ यथा ब्रेललिपि आदि।
- समावेशी बच्चों हेतु निर्देशन एवं परामर्श– अर्थ, उद्देश्य, प्रकार, विधियाँ, आवश्यकता एवं क्षेत्र।
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परामर्श में सहयोग देने वाले विभाग/संस्थाएँ:
• मनोविज्ञानशाला उ०प्र०, प्रयागराज। • मंडलीय मनोविज्ञान केन्द्र (मंडल स्तर पर)। • जिला चिकित्सालय। • जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में प्रशिक्षित गाइड/मेंटर्स। • पर्यवेक्षण एवं निरीक्षण तंत्र। • समुदाय एवं विद्यालय की सहायक समितियाँ। • सरकारी एवं गैर सरकारी संगठन।
- बाल-अधिगम में निर्देशन एवं परामर्श का महत्व।
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अध्ययन और अध्यापन
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- बालक किस प्रकार सोचते और सीखते हैं; बालक विद्यालय प्रदर्शन में सफलता प्राप्त करने में कैसे और क्यों असफल होते हैं।
- शिक्षण और अधिगम की बुनियादी प्रक्रियाएँ; बालकों की अध्ययन क्रियाविधियाँ; सामाजिक क्रियाकलाप के रूप में अधिगम, अधिगम के सामाजिक संदर्भ।
- एक समस्या समाधानकर्ता और एक ‘वैज्ञानिक अन्वेषक’ के रूप में बालक।
- बालकों के अधिगम की वैकल्पिक संकल्पना; अधिगम प्रक्रिया में महत्वपूर्ण चरणों के रूप में बालक की ‘त्रुटियों’ को समझना।
- बोध और संवेदनाएँ।
- प्रेरणा और अधिगम।
- अधिगम में योगदान देने वाले कारक– निजी एवं पर्यावरणीय।
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हिन्दी
यूपी टीईटी हिंदी पाठ्यक्रम पेपर 1 और पेपर 2 दोनों के लिए थोड़ा अलग है। उम्मीदवारों को यूपी टीईटी हिंदी परीक्षा 2026 की तैयारी शुरू करने के लिए प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर के यूपी टीईटी पाठ्यक्रम को यहाँ देखना चाहिए:-
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यूपी टीईटी हिंदी सिलेबस
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स्तर
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पाठ्यक्रम
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प्राथमिक
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क) हिन्दी (विषय वस्तु)
- अपठित अनुच्छेद।
- हिन्दी वर्णमाला (स्वर, व्यंजन)।
- वर्गों के मेल से मात्रिक तथा अमात्रिक शब्दों की पहचान।
- वाक्य रचना।
- हिन्दी की सभी ध्वनियों के पारस्परिक अंतर की जानकारी विशेष रूप से– ष, स, श, व, ब, द, ड, ढ, क्ष, छ, ण, तथा न की ध्वनियाँ।
- हिन्दी भाषा की सभी ध्वनियाँ, वर्ण, अनुस्वार, अनुनासिक एवं चन्द्रबिन्दु में अंतर।
- संयुक्ताक्षर एवं अनुनासिक ध्वनियों के प्रयोग से बने शब्द।
- सभी प्रकार की मात्राएँ।
- विराम चिह्नों यथा– अल्प विराम, अर्धविराम, पूर्णविराम, प्रश्नवाचक, विस्मयबोधक, चिन्हों का प्रयोग।
- विलोम, समानार्थी, तुकान्त, अनुकान्त, समान ध्वनि वाले शब्द।
- संज्ञा, सर्वनाम, क्रिया एवं विशेषण के भेद।
- वचन, लिंग एवं काल।
- प्रत्यय, उपसर्ग, तत्सम, तद्भव व देशज, शब्दों की पहचान एवं उनमें अंतर।
- लोकोक्तियाँ एवं मुहावरों के अर्थ।
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सन्धि– (1) स्वर सन्धि– दीर्घ सन्धि, गुण सन्धि, वृद्धि सन्धि, यण सन्धि, अयादि सन्धि।
(2) व्यंजन सन्धि। (3) विसर्ग सन्धि।
- वाच्य, समास एवं अलंकार के भेद।
- कविओं एवं लेखकों की रचनायें।
ख) भाषा विकास का अध्यापन
- अधिगम और अर्जन ।
- भाषा अध्यापन के सिद्धान्त ।
- सुनने और बोलने की भूमिका: भाषा का कार्य तथा बालक इसे किस प्रकार एक उपकरण के रूप में प्रयोग करते हैं।
- मौखिक और लिखित रूप में विचारों के संप्रेषण के लिए किसी भाषा के अधिगम में व्याकरण की भूमिका पर निर्णायक संदर्श ।
- एक भिन्न कक्षा में भाषा पढ़ाने की चुनौतियां; भाषा की कठिनाइयाँ, त्रुटियां और विकार ।
- भाषा कौशल ।
- भाषा बोधगम्यता और प्रवीणता का मूल्यांकन करना: बोलना, सुनना, पढ़ना और लिखना ।
- अध्यापन– अधिगम सामग्रियांः पाठ्यपुस्तक, मल्टी मीडिया सामग्री, कक्षा का बहुभाषायी संसाधन । उपचारात्मक अध्यापन ।
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उच्च प्राथमिक
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क) विषय-वस्तु
- अपठित अनुच्छेद।
- संज्ञा एवं संज्ञा के भेद |
- सर्वनाम एवं सर्वनाम के भेद |
- विशेषण एवं विशेषण के भेद |
- क्रिया एवं क्रिया के भेद |
- वाच्य- कर्तृवाच्य, कर्मवाच्य, भाववाच्य।
- हिन्दी भाषा की समस्त ध्वनियों, संयुक्ताक्षरों, संयुक्त व्यंजनों, अनुस्वार एवं चन्द्रबिन्दु में अन्तर।
- वर्णक्रम, पर्यायवाची, विपरीतार्थक, अनेकार्थक, समानार्थी शब्द। अव्यय के भेद |
- अनुस्वार, अनुनासिक का प्रयोग |
- "र" के विभिन्न रूपों का प्रयोग ।
- वाक्य निर्माण (सरल, संयुक्त एवं मिश्रित वाक्य) ।
- विराम चिन्हों की पहचान एवं उपयोग ।
- वचन, लिंग एवं काल का प्रयोग ।
- तत्सम तद्भव, देशज एवं विदेशी शब्द |
- उपसर्ग एवं प्रत्यय ।
- शब्द युग्म ।
- समास, समास विग्रह एवं समास के भेद |
- मुहावरे एवं लोकोक्तियाँ ।
- क्रिया सकर्मक एवं अकर्मक |
- सन्धि एवं सन्धि के भेद । (स्वर, व्यंजन एवं विसर्ग सन्धियाँ) ।
- अलंकार। (अनुप्रास, यमक, श्लेष, उपमा, रूपक, उत्प्रेक्षा, अतिशयोक्ति)
ख) भाषा विकास का अध्यापन
- अधिगम अर्जन ।
- भाषा अध्यापन के सिद्धान्त ।
- सुनने और बोलने की भूमिका; भाषा का कार्य तथा बालक इसे किस प्रकार एक उपकरण के रूप में प्रयोग करते हैं।
- मौखिक और लिखित रूप में विचारों के संप्रेषण के लिए किसी भाषा के अधिगम में व्याकरण की भूमिका पर विवेचित संदर्श ।
- एक भिन्न कक्षा में भाषा पढ़ाने की चुनौतियां; भाषा की कठिनाइयां, त्रुटियां और विकार ।
- भाषा कौशल ।
- भाषा बोधगम्यता और प्रवीणता का मूल्यांकन करना: बोलना, सुनना, पढ़ना और लिखना ।
- अध्यापन–अधिगम सामग्रियांः पाठ्यपुस्तक, मल्टी मीडिया सामग्री, कक्षा का बहुभाषायी संसाधन । उपचारात्मक अध्यापन ।
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अंग्रेज़ी
यूपी टीईटी के पेपर 1 और 2 के पाठ्यक्रम में थोड़ा अंतर है। उम्मीदवारों को टीईटी 2026 परीक्षा की तैयारी प्रभावी ढंग से शुरू करने के लिए प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर के यूपी टीईटी अंग्रेजी पाठ्यक्रम की विस्तृत समीक्षा करनी चाहिए।
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यूपी टीईटी अंग्रेजी पाठ्यक्रम 2026
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स्तर
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विषय
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प्राथमिक
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- Unseen Passage
- The Sentences
- Subject and Predicate
- Kinds of Sentences
- Kinds of Noun
- Pronoun
- Adverb
- Adjective
- Verb
- Preposition
- Conjunction
- Tenses- Present, Past, Future
- Articles
- Punctuation
- Word Formation
- Active & Passive Voice
- Singular & Plural
- Gender
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उच्च प्राथमिक
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- Unseen Passage
- Nouns and their Kinds
- Pronoun and its Kinds
- Verb and Its Kinds
- Adjectives and their Kinds & Degrees
- Adverb and its Kinds
- Preposition and its Kinds
- Conjunction and Its Kinds
- Intersection
- Singular and Plural
- Subject and Predicate
- Negative and interrogative sentences
- Masculine and Feminine Gender
- Punctuations
- Suffix with Root words
- Phrasal Verbs
- Use of Somebody, Nobody, Anybody
- Part of Speech
- Narration
- Active voice and Passive voice
- Antonyms & Synonyms
- Use of Homophones
- Use of the request in sentences
- Silent Letter in words
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उर्दू
उत्तर प्रदेश टीईटी उर्दू सिलेबस 2026 प्राथमिक और उच्च प्राथमिक दोनों परीक्षाओं के लिए आपके संदर्भ हेतु नीचे दिया गया है:-
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यूपी टीईटी उर्दू पाठ्यक्रम
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स्तर
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विषय
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प्राथमिक
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- अपठित अनुच्छेद।
- ज़बान की फन्नी महारतों की मालूमात ।
- मशहूर अदीबों एवं शायरों की हालातें जिन्दगीं एवं उनकी रचनाओं की जानकारी ।
- मुखतलिफ असनाफे अदब जैसे, मज़मून, अफसाना, मर्सिया, मसनवी दास्तान वगैरह की तारीफ में, अमसाल ।
- सही इमला वं तलफ्फुज की मश्क ।
- इस्म, जमीर, सिफत, मुतज़ाद अल्फाज, वाहिद, जमा, मोजक्कर, मोअन्नस वगैरह की जानकारी ।
- सनअते, (तशबीह व इस्तआरा, तलमीह, मराअतुन्नजीर) वगैरह।
- मुहावरों, जर्बुल अमसाल की मालूमात ।
- मखतलिफ समाजी मसायल जैसे माहौलियाती बराएअम्न, अदमे, तग़जिया, वगैरह की मालूमात ।
- आलूदगी जिन्सी नाबराबरी, नाख्वान्दगी, तालीम
- नज़्मो, कहानियों, हिकायतों एवं संस्मरणों में मौजूद समाजी एवं एखलाकी अक़दार को समझना।
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उच्च प्राथमिक
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- अपठित अनुच्छेद।
- ज़बान की फन्नी महारतों की जानकारी ।
- मुखतलिफ समझना: अदब-ए-हम्द, ग़ज़ल, कसीदा, मर्सिया, मसनवी, गीत वगैरह की समझ एवं उनके फर्क को समझना ।
- मुख्तलिफ शायरों, अदीबों की हालाते जिन्दगी से वाकफियत एवं उनकी तसानीफ की जानकारी हासिल करना ।
- मुल्क की मुश्तरका तहज़ीब में उर्दू जबान की खिदमत और अहमियत से वाकफियत हासिल करना ।
- इस्म व उसके अक़साम, फेल, सिफत, ज़मीर, तज़कीर, तानीस, तज़ाद की समझा।
- सही इमला एवं एराब की जानकारी होना ।
- मुहावरे एवं जर्बुल अमसाल से वाक़फियत हासिल करना।
- सनअतों की जानकारी होना ।
- सियासी, समाजी एवं ऐखलाकी मसले के तईं बेदार होना और उस पर अपना नज़रिया वाजे रखना ।
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संस्कृत
जिन उम्मीदवारों ने संस्कृत को अपनी भाषा के रूप में चुना है, वे उत्तर प्रदेश टीईटी परीक्षा के पेपर 1 और पेपर 2 के संस्कृत पाठ्यक्रम के लिए नीचे दी गई तालिका देख सकते हैं:-
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यूपी टीईटी संस्कृत 2026
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स्तर
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विषय
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प्राथमिक
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क) विषय वस्तु
- अपठित अनुच्छेद।
- संज्ञाएँ– अकारान्त पुल्लिंग।
- अकारान्त स्त्रीलिंग |
- अकारान्त नपुंसकलिंग।
- ईकारान्त स्त्रीलिंग।
- उकारान्त पुल्लिंग।
- ऋकारान्त पुल्लिंग।
- ऋकारान्त स्त्रीलिंग |
- घर, परिवार, परिवेश, पशु, पक्षियों, घरेलू उपयोग की वस्तुओं के संस्कृत नामों से परिचय |
- सर्वनाम ।
- क्रियाएँ ।
- शरीर के प्रमुख अंगों के संस्कृत शब्दों का प्रयोग |
- अव्यय ।
- सन्धि-सरल शब्दों की सन्धि तथा उनका विच्छेद् (दीर्घ सन्धि)।
- संख्याएँ - संस्कृत में संख्याओं का ज्ञान ।
- लिंग, वचन, प्रत्याहार, स्वर के प्रकार, व्यंजन के प्रकार, अनुस्वार एवं अनुनासिक व्यंजन |
- स्वर व्यंजन एवं विसर्ग सन्धियाँ, समास उपसर्ग, पर्यायवाची शब्द, विलोम शब्द, कारक, प्रत्यय एवं वाच्य |
- कवियों एवं लेखकों की रचनाएँ ।
ख) भाषा विकास का अध्यापन
- अधिगम और अर्जन ।
- भाषा अध्यापन के सिद्धान्त ।
- सुनने और बोलने की भूमिकाः भाषा का कार्य तथा बालक इसे किस प्रकार एक उपकरण के रूप में प्रयोग करते हैं।
- मौखिक और लिखित रूप में विचारों के संप्रेषण के लिए किसी भाषा के अधिगम में व्याकरण की भूमिका पर निर्णायक संदर्श ।
- एक भिन्न कक्षा में भाषा पढ़ाने की चुनौतियां; भाषा की कठिनाईयां, त्रुटियां और विकार ।
- भाषा कौशल ।
- भाषा बोधगम्यता और प्रवीणता का मूल्यांकन करनाः बोलना, सुनना, पढ़ना और लिखना ।
- अध्यापन– अधिगम सामग्रियांः पाठ्यपुस्तक, मल्टी मीडिया सामग्री, कक्षा का बहुभाषायी संसाधन ।
- उपचारात्मक अध्यापन ।
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उच्च प्राथमिक
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क) विषय वस्तु
- अपठित अनुच्छेद।
- सन्धि- स्वर, व्यंजन |
- अव्यय ।
- समास ।
- लिंग, वचन एवं काल का प्रयोग ।
- उपसर्ग ।
- पर्यायवाची ।
- विलोम ।
- कारक |
- अलंकार ।
- प्रत्यय |
- वाच्य |
- संज्ञाएँ - निम्नवत् सभी शब्दों की सभी विभक्ति एवं वचनों के रूपों का ज्ञान:-
- पुल्लिंग शब्द ।
- स्त्रीलिंग शब्द |
- नपुसंकलिंग शब्द ।
- अकारान्त पुल्लिंग।
- अकारान्त स्त्रीलिंग | अकारान्त नपुसंकलिंग ।
- उकारान्त पुल्लिंग ।
- उकारान्त स्त्रीलिंग |
- उकारान्त नपुसंकलिंग ।
- ईकारान्त पुल्लिंग ।
- ईकारान्त स्त्रीलिंग |
- ईकारान्त नपुसंकलिंग |
- ऋकारान्त पुल्लिंग |
- सर्वनाम ।
- विशेषण ।
- धातु ।
- संख्याएँ ।
ख) भाषा विकास का अध्यापन
- अधिगम और अर्जन ।
- भाषा अध्यापन का सिद्धान्त ।
- सुनने और बोलने की भूमिका; भाषा का कार्य तथा बालक इसे किस प्रकार एक उपकरण के रूप में प्रयोग करते हैं।
- मौखिक और लिखित रूप में विचारों के संप्रेषण के लिए किसी भाषा के अधिगम में व्याकरण की भूमिका पर निर्णायक संदर्श ।
- एक भिन्न कक्षा में भाषा पढ़ाने की चुनौतियां; भाषा की कठिनाईयां, त्रुटियां और विकार ।
- भाषा कौशल ।
- भाषा बोधगम्यता और प्रवीणता का मूल्यांकन करनाः बोलना, सुनना, पढ़ना और लिखना ।
- अध्यापन–अधिगम सामग्रीः पाठ्यपुस्तक, मल्टीमीडिया सामग्री, कक्षा का बहुभाषायी संसाधन ।
- उपचारात्मक अध्यापन ।
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गणित
यूपी टीईटी का पाठ्यक्रम पेपर 1 और पेपर 2 के लिए अलग-अलग है। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे प्राथमिक और उच्च प्राथमिक दोनों स्तरों के लिए यूपी टीईटी गणित के संपूर्ण पाठ्यक्रम को ध्यान से पढ़ें ताकि वे वर्ष 2026 की टीईटी परीक्षा के लिए अपनी तैयारी की योजना व्यवस्थित तरीके से बना सकें।
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यूपी टीईटी गणित पाठ्यक्रम 2026
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स्तर
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विषय
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प्राथमिक
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ए) विषय-वस्तु
- संख्याएँ एवं संख्याओं का जोड़, घटाना गुणा, भाग।
- लघुत्तम समापवर्त्य एवं महत्तम समापवर्तक।
- भिन्नों का जोड़, घटाना, गुणा व भाग।
- दशमलव- जोड़, घटाना, गुणा व भाग।
- ऐकिक नियम।
- प्रतिशत।
- लाभ–हानि।
- साधारण ब्याज।
- ज्यामिति–ज्यामितीय आकृतियाँ एवं पृष्ठ, कोण, त्रिभुज, वृत्त। धन (रुपया–पैसा)।
- मापन– समय, तौल, धारिता, लम्बाई एवं ताप।
- परिमिति (परिमाप) – त्रिभुज, आयत, वर्ग, चतुर्भुज।
- कैलेण्डर।
- आंकड़े।
- आयतन, धारिता–घन, घनाभ।
- क्षेत्रफल– आयत, वर्ग।
- रेलवे या बस समय–सारिणी।
- आंकड़ों का प्रस्तुतीकरण एवं निरूपण।
बी) शिक्षण संबंधी मुद्दे
- गणितीय/तार्किक चिंतन की प्रकृति।
- पाठ्यक्रम में गणित का स्थान।
- गणित की भाषा।
- सामुदायिक गणित।
- औपचारिक एवं अनौपचारिक पदतियों के माध्यम से मूल्यांक।
- शिक्षण की समस्यायें।
- त्रुटि विश्लेषण तथा अधिगम एवं अध्यापन के प्रासंगिक पहलू।
- नैदानिक एवं उपचरात्मक शक्षण।
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उच्च प्राथमिक
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- प्राकृतिक संख्याएँ, पूर्ण संख्याएँ, परिमेय संख्याएँ।
- पूर्णांक, कोष्ठक, लघुत्तम समापवर्त्य और महत्तम समापवर्तक।
- वर्गमूल।
- घनमूल।
- सर्वसमिकाएं।
- बीजगणित, अवधारणा – चर संखयाएं, अचर संखयाएं, चर संख्याओं की घात।
- बीजीय व्यंजकों का जोड़, घटाव, गुणा और भाग; बीजीय व्यंजकों के पद और पदों के गुणांक; समान और असमान पद; व्यंजकों की घात; एकपदी, द्विपदी और त्रिपदी की अवधारणा।
- युगपद समीकरण, द्विघात समीकरण, रैखिक समीकरण।
- समांतर रेखायें, चतुर्भुज का निर्माण, त्रिभुज का निर्माण।
- वृत्त और चक्रीय चतुर्भुज।
- वृत्त की स्पर्श रेखाएँ।
- वाणिज्यिक गणित – अनुपात, समानुपात, प्रतिशत, लाभ और हानि, साधारण ब्याज, चक्रवृद्धि ब्याज, कर, वस्तु विनिमय प्रणाली।
- बैंकिंग – वर्तमान मुद्रा, कैश और नकद रसीद।
- सांख्यिकी – आंकड़ों का वर्गीकरण, पिक्टोग्राफ, माध्य, माध्यिका और बहुलक, आवृत्ति
- पाई और बार चार्ट, अवर्गीकृत डेटा का प्रतिनिधित्व करते हैं।
- प्रायिकता ग्राफ, बार आरेख और मिश्रित बार
- कार्तीय समतल।
- माप
- घातांक।
बी) शिक्षण संबंधी मुद्दे
- गणितीय/तार्किक चिंतन की प्रकृति।
- पाठ्यचर्या में गणित का स्थान।
- गणित की भाषा।
- सामुदायिक गणित।
- मूल्यांकन।
- उपचारात्मक शिक्षण |
- शिक्षण की समस्यायें।
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पर्यावरण अध्ययन
यूपी टीईटी ईवीएस 2026 का सिलेबस नीचे दी गई तालिका में उपलब्ध है। केवल यूपी टीईटी पेपर 1 2026 में यह अनुभाग शामिल होगा:-
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यूपी टीईटी ईवीएस पाठ्यक्रम 2026 (केवल प्राथमिक स्तर के लिए)
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विषय
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उपविषय
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इच्छुक क्षेत्र
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- परिवार।
- भोजन, स्वास्थ्य और स्वच्छता।
- आवास।
- पेड़, पौधे और जन्तु।
- हमारा पर्यावरण।
- मेला।
- स्थानीय पेशे से जुड़े व्यक्ति और व्यवसाय।
- पानी।
- परिवहन और संचार।
- खेल और खेल भावना।
- भारत – नदियाँ, पहाड़, पठार, जंगल, परिवहन, महाद्वीप और महासागर।
- हमारा राज्य – नदियाँ, पहाड़, पठार, जंगल, परिवहन।
- संविधान।
- शासन प्रणाली – स्थानीय स्वशासन, ग्राम पंचायत, नगर पंचायत, जिला पंचायत, नगरपालिका, नगर निगम, जिला प्रशासन, राज्य शासन प्रणाली, विधानमंडल, न्यायपालिका, कार्यपालिका, राष्ट्रीय त्यौहार, राष्ट्रीय प्रतीक, मतदान, राष्ट्रीय एकता।
- पर्यावरण – आवश्यकता, महत्व और उपयोगिता, पर्यावरण संरक्षण, पर्यावरण के प्रति सामाजिक उत्तरदायित्व, पर्यावरण संरक्षण के लिए चलाई जा रही योजनायें।
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ईवीएस में शिक्षण संबंधी मुद्दे
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- पर्यावरण अध्ययन की अवधारणा और व्याप्ति।
- पर्यावरण अध्ययन का महत्व, एकीकृत पर्यावरण अध्ययन।
- पर्यावरण अध्ययन और पर्यावरण शिक्षा।
- अधिगम सिद्धांत।
- विज्ञान और सामाजिक विज्ञान की व्याप्ति और संबंध।
- कान्सेप्ट को प्रस्तुत करने के तरीके।
- गतिविधियाँ।
- प्रयोग / व्यावहारिक कार्य।
- बहस।
- सतत और व्यापक मूल्यांकन।
- शिक्षण सामग्री/सहायक उपकरण।
- समस्यायें।
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विज्ञान और सामाजिक विज्ञान
उत्तर प्रदेश टीईटी विज्ञान और सामाजिक विज्ञान पाठ्यक्रम 2026 का विस्तृत विवरण उच्च प्राथमिक स्तर (पेपर 2) के लिए यहाँ दिया गया है, कृपया संदर्भ के लिए इसे देखें:
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उत्तर प्रदेश टीईटी विज्ञान एवं सामाजिक विज्ञान पाठ्यक्रम 2026 (केवल उच्च प्राथमिक स्तर के लिए)
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विषय
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पाठ्यक्रम
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विज्ञान
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ए) सामग्री
- दैनिक जीवन में विज्ञान, महत्वपूर्ण खोज, महत्व, मानव विज्ञान और प्रौद्योगिकी।
- रेशे और वस्त्र, रेशों से वस्त्रों तक की प्रक्रिया।
- सजीव और निर्जीव पदार्थ – सजीव जगत, सजीव जीवों का वर्गीकरण, वनस्पतियों और जीवों के आधार पर पौधों और जानवरों का वर्गीकरण, जीवों में अनुकूलन, जानवरों और पौधों में परिवर्तन।
- जन्तु की संरचना और कार्य।
- सूक्ष्मजीव और उनका वर्गीकरण।
- कोशिका से अंग तंत्र तक।
- किशोरावस्था, विकलांगता।
- खाद्य पदार्थ, स्वास्थ्य, स्वच्छता और रोग, फसल उत्पादन, नाइट्रोजन चक्र।
- जंतुओं में पोषण।
- पौधों में पोषण, जनन, उपयोगी पौधे।
- जीवित प्राणियों, उपयोगी जानवरों में श्वसन और उत्सर्जन।
- विद्युत धारा का मापन।
- चुंबकत्व।
- गति, बल और मशीनें।
- ऊर्जा।
- कंप्यूटर।
- ध्वनि।
- स्थिर विद्युत।
- प्रकाश और प्रकाश यंत्र।
- वायु – गुण, संघटन, आवश्यकता, उपयोगिता, ओजोन परत, ग्रीनहाउस प्रभाव।
- जल – आवश्यकता, उपयोगिता, स्रोत, गुण, प्रदूषण, जल संरक्षण।
- पदार्थ, पदार्थों का समूह, पदार्थों का पृथक्करण, पदार्थ की संरचना और प्रकृति।
- परिवेश में परिवर्तन, भौतिक और रासायनिक परिवर्तन।
- अम्ल, क्षार, लवण।
- ऊष्मा और ताप।
- मानव निर्मित सामग्री, प्लास्टिक, कांच, साबुन, मिट्टी।
- खनिज और धातु।
- कार्बन और उसके यौगिक।
- ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों।
बी) शिक्षण संबंधी मुद्दे
- विज्ञान की प्रकृति और संरचना।
- प्राकृतिक विज्ञान – उद्देश्य और लक्ष्य।
- विज्ञान को समझना और उसकी सराहना करना।
- दृष्टिकोण / एकीकृत दृष्टिकोण।
- प्रेक्षण / प्रयोग / अन्वेषण (वैज्ञानिक विधि)।
- नवाचार।
- पाठ्यचर्या सामग्री / शिक्षण-अधिगम सामग्री।
- मूल्यांकन।
- समस्यायें।
- उपचारात्मक शिक्षण।
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सामाजिक विज्ञान
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ए) सामग्री
- इतिहास
- नागरिकशास्र
- भूगोल
- पर्यावरण अध्ययन
- गृह विज्ञान
- व्यायाम शिक्षा
- संगीत
- उद्यान विज्ञान और फल संरक्षण
ख) सामाजिक अध्ययन की अवधारणा एवं कार्यप्रणाली
- कक्षा की प्रक्रियायें, क्रियाकलाप और व्याख्यान।
- विवेचित चिंतन का विकास करना।
- पूछताछ/अनुभवजन्य साक्ष्य।
- सामाजिक विज्ञान/सामाजिक अध्ययन पढ़ाने की समस्यायें।
- परियोजना कार्य।
- मूल्यांकन।
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यूपी टीईटी 2026 की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए यूपी टीईटी सिलेबस 2026 अत्यंत महत्वपूर्ण है। चाहे आप यूपी टीईटी पेपर 1 2026 का पाठ्यक्रम खोज रहे हों या यूपी टीईटी पेपर 2 2026 का, हम आपकी मदद करेंगे। इस सेक्शन में हम आपको यूपी टीईटी पाठ्यक्रम हिंदी पीडीएफ में उपलब्ध करा रहे हैं।
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