सीखने के लिए तैयार हैं?
अपने शैक्षणिक लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में पहला कदम उठाएँ। चाहे आप परीक्षा की तैयारी कर रहे हों या अपने ज्ञान का विस्तार कर रहे हों, शुरुआत बस एक क्लिक दूर है। आज ही हमसे जुड़ें और अपनी पूरी क्षमता को अनलॉक करें।
832, utkarsh bhawan, near mandap restaurant, 9th chopasani road, jodhpur rajasthan - 342003
support@utkarsh.com
+91-9116691119, +91-9829213213
सीखने के साधन
Teaching Exams
Rajasthan Govt Exams
Central Govt Exams
Civil Services Exams
Nursing Exams
School Tuitions
Other State Govt Exams
Agriculture Exams
College Entrance Exams
© उत्कर्ष क्लासेज एंड एडुटेक प्राइवेट लिमिटेड सभी अधिकार सुरक्षित
होम
अंतरराष्ट्रीय सामयिकी
चर्चित व्यक्ति
प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग नेतृत्व में पीएपी पार्टी की सिंगापुर के चुनाव में प्रचंड जीत
Updated: 05 May 2025
3 Min Read

सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग के नेतृत्व में सत्तारूढ़ दल पीपुल्स एक्शन पार्टी (पीएपी) हाल में हुए आम चुनाव में भारी जीत दर्ज़ का वापस सत्ता में आई। आम चुनाव में पीएपी की जीत ने सिंगापुर में उसके 66 साल के निरंतर शासन को अगले पांच साल के लिए बढ़ा दिया है।
लॉरेंस वोंग के नेतृत्व में पीएपी द्वारा लड़ा गया यह पहला आम चुनाव था। पिछले साल लॉरेंस वोंग ने दिसंबर में प्रधानमंत्री ली सीन लूंग से सिंगापुर की बागडोर संभाली थी, जिन्होंने देश पर 20 से अधिक वर्षों तक शासन किया था।
सिंगापुर की नई संसद का चुनाव करने के लिए 3 मई 2025 को चुनाव हुआ। सिंगापुर की संसद एक सदनीय है और इसमें 97 सीटें हैं।
92 सीटों पर चुनाव हुआ क्योंकि सत्तारूढ़ पार्टी ने पहले ही पांच सीटें निर्विरोध जीती ली थी।
92 सीटों पर हुए चुनाव पर सत्तारूढ़ पीएपी ने 82 सीटें जीतीं, जिससे संसद में उसकी कुल ताकत 87 हो गई है।
पीएपी ने डाले गए वोटों का 65.6 प्रतिशत हासिल किया, जो 2020 के आम चुनाव में 61 प्रतिशत था।
यह पीएपी की लगातार 14वीं चुनावी जीत थी, जिसने 1959 से देश पर शासन किया है।
विपक्षी वर्कर्स पार्टी ने पिछले चुनाव की तरह इस बार भी सिर्फ 10 सीटें जीतीं।
सिंगापुर एक संसदीय लोकतंत्र है। देश में नियमित रूप से चुनाव होते हैं, लेकिन देश में चुनावी और राजनीतिक ढांचा विपक्षी पार्टी की कीमत पर सत्तारूढ़ पार्टी के पक्ष में है।
चुनाव काफी हद तक धोखाधड़ी और अन्य ऐसी अनियमितताओं से मुक्त होते हैं, लेकिन मौजूदा पार्टी द्वारा प्राप्त कई लाभों के कारण वे विपक्ष के लिए काफी चुनौतीपूर्ण हो जाती हैं।
सिंगापुर सरकार मीडिया पर कड़ा नियंत्रण रखती है और मीडिया आम तौर पर सरकार के पक्ष में बोलती है। देश की चुनावी प्रणाली में उम्मीदवारी के लिए उच्च वित्तीय बाधाएं हैं, और देश में मुक्त भाषण पर कानूनी प्रतिबंध हैं।
सिंगापुर में 21 वर्ष या उससे अधिक आयु के नागरिक मतदान करने के पात्र हैं। सिंगापुर में मतदान अनिवार्य है और नागरिक को मतदाता रजिस्टर में पंजीकृत होना चाहिए।
यदि कोई मतदाता आम चुनाव में मतदान नहीं करता है तो उसका नाम मतदाता सूची से हटा दिया जाता है और वह अगले आम चुनाव में मतदान करने के लिए अयोग्य हो जाता है।
लॉरेनस वोंग सिंगापुर के चौथे प्रधानमंत्री हैं।
सिंगापुर के पहले प्रधानमंत्री ली कुआन यू थे।
दूसरे प्रधानमंत्री - गोह चोक टोंग
तीसरे - ली सीन लूंग
लॉरेनस वोंग संयुक्त राज्य अमेरिका से प्रशिक्षित अर्थशास्त्री हैं। वे 2011 से सिंगापुर की संसद के सदस्य हैं। 2024 में प्रधानमंत्री बनने से पहले लॉरेंस वोंग ने वित्त मंत्री और उप प्रधानमंत्री जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। वे सिंगापुर के मौद्रिक प्राधिकरण (सिंगापुर का केंद्रीय बैंक) के अध्यक्ष भी थे।
सिंगापुर को अक्सर एक शहर-राज्य कहा जाता है और यह मलय प्रायद्वीप के दक्षिणी सिरे पर स्थित है।
यह एक ब्रिटिश उपनिवेश था जिसने 1963 में अपनी स्वतंत्रता प्राप्त की।
स्वतंत्रता के बाद यह 1963 में मलेशियाई संघ में शामिल हो गया लेकिन 1965 में इससे अलग हो गया।
सिंगापुर एशिया और दुनिया के सबसे अमीर देशों में से एक है।
सिंगापुर की आबादी विविधतापूर्ण है। चीनी मूल वंश के लोग देश में सबसे बड़ा जातीय समूह है, उसके बाद मलय आबादी और भारतीय तीसरे सबसे बड़े समूह के रूप में हैं।
राष्ट्रपति: थर्मन शानमुगरत्नम
राजधानी: सिंगापुर
मुद्रा: सिंगापुर डॉलर
यह भी पढ़ें
सिंगापुर के राष्ट्रपति षणमुगरत्नम की भारत यात्रा
टॉप पोस्ट
Frequently asked questions

Still have questions?
Can't find the answer you're looking for? Please contact our friendly team.
अपने नज़दीकी उत्कर्ष क्लासेज के ऑफलाइन सेंटर पर आज ही विजिट करें।

Download Current Affairs One- Liner PDFs
Get Daily, Monthly Current Affairs One-Liner PDF & Kumar Gaurav Sir’s ??? ????? Class PDF