भारत सरकार ने वर्तमान उप नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी), शिवसुब्रमण्यम रमन को पेंशन फंड विनियामक और विकास प्राधिकरण (पीएफ़आरडीए) का अध्यक्ष नियुक्त किया है।
शिवसुब्रमण्यम रमन वर्तमान अध्यक्ष दीपक मोहंती की जगह लेंगे, जिनका कार्यकाल मई 2025 में समाप्त हो रहा है।
वित्तीय क्षेत्र विनियामक नियुक्ति खोज समिति (एफ़एसआरएएससी) की सिफारिश पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने शिवसुब्रमण्यम रमन के नाम को मंजूरी दी।
पीएफआरडीए अधिनियम 2013 के अनुसार, पीएफआरडीए के अध्यक्ष का कार्यकाल पांच वर्ष का होगा, और वह पुनर्नियुक्ति के लिए पात्र होगा।
हालांकि, पीएफआरडीए अध्यक्ष की सेवानिवृत्ति की आयु 65 वर्ष है।
शिवसुब्रमण्यम रमन को पांच वर्ष के कार्यकाल या 65 वर्ष की आयु प्राप्त करने तक के लिए नियुक्त किया गया है।
शिवसुब्रमण्यम रमन भारतीय लेखा परीक्षा एवं लेखा सेवा के 1991 बैच के अधिकारी हैं।
वे 2021-2024 तक भारतीय लघु औद्योगिक विकास बैंक के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक थे।
वे नेशनल ई-गवर्नेंस सर्विसेज लिमिटेड के एमडी और सीईओ भी रह चुके हैं।
वर्ष 2003 में, भारत सरकार ने केंद्रीय वित्त मंत्रालय के तहत एक प्रशासनिक निकाय के रूप में अंतरिम पेंशन फंड विनियामक और विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) की स्थापना की थी।
पेंशन फंड विनियामक और विकास प्राधिकरण अधिनियम 2013 के प्रावधानों के तहत 1 फरवरी, 2014 को इसे एक वैधानिक निकाय बनाया गया था।
कार्य
यह भारत में पेंशन प्रणाली का नियामक है।
इसका कार्य लोगों की वृद्धावस्था आय आवश्यकताओं को स्थायी आधार पर पूरा करने के लिए एक संगठित पेंशन प्रणाली विकसित करना है।
यह नव अधिसूचित एकीकृत पेंशन प्रणाली का नियामक है, जो 1 अप्रैल 2025 को देश में लागू हुआ।
पीएफआरडीए का मुख्यालय: नई दिल्ली
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