24 अगस्त 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अपने कर्मचारियों के लिए एकीकृत पेंशन प्रणाली (यूपीएस) को मंजूरी दे दी है। नई योजना मौजूदा राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) की जगह लेगी।
1 जनवरी 2004,सशस्त्र बलों को छोड़कर, भारत सरकार के सेवा में शामिल होने कर्मचारियों के लिए राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली अनिवार्य थी। बाद में, कई राज्य सरकारों ने अपने कर्मचारियों के लिए एनपीएस लागू किया।
एकीकृत पेंशन योजना का कार्यान्वयन
भारत सरकार के मुताबिक एकीकृत पेंशन स्कीम 1 अप्रैल 2025 से लागू करने का प्रस्ताव है।
नई एकीकृत पेंशन योजना की विशेषता
नई एकीकृत पेंशन योजना में मुद्रास्फीति सूचकांक लाभ और केंद्र सरकार के अधिक योगदान के साथ एक सुनिश्चित पेंशन होगी।
राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली एक अंशदायी पेंशन योजना है जहां पेंशन की राशि कर्मचारी और नियोक्ता द्वारा किए गए योगदान पर निर्भर करती है। यह कोई सुनिश्चित पेंशन योजना नहीं है।
एकीकृत पेंशन योजना के मुख्य बिंदु:
- एक व्यक्ति जिसने केंद्र सरकार के लिए कम से कम 10 वर्षों तक काम किया है वह पेंशन के लिए पात्र है।।
- न्यूनतम सुनिश्चित पेंशन 10,000 रुपये प्रति माह होगी।
- कम से कम 25 साल की सेवा वाले केंद्र सरकार के कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति से पहले पिछले 12 महीनों में प्राप्त औसत मूल वेतन का 50 प्रतिशत सुनिश्चित पेंशन मिलेगी।
- पेंशन कर्मचारी के रोजगार की अवधि के अनुपात कुल पेंशन की राशि तय होगी।
- कर्मचारी की मृत्यु से ठीक पहले परिवार के सदस्यों को उसकी पेंशन का 60% मिलेगा।
- मुद्रास्फीति सूचकांक का लाभ, इसका मतलब है कि अगर महंगाई (मुद्रास्फीति) बढ़ेगी तो एक निश्चित अनुपात में पेंशन की राशि भी बढ़ाई जाएगी.।
- महंगाई की दर को मापने के लिए औद्योगिक श्रमिकों के लिए अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक का उपयोग किया जाएगा ।
- सेवा-निवृत्ति के बाद कर्मचारी को एक तय फॉर्मूले के मुताबिक एकमुश्त रकम भी मिलेगी।
फुल फॉर्म
- यूपीएस /UPS : यूनिफाइड पेंशन स्कीम (Unified Pension Scheme)
- एनपीएस /NPS: नेशनल पेंशन सिस्टम (National Pension System)