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भारत और थाईलैंड ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक साझेदारी तक बढ़ाने पर सहमत

Utkarsh Classes Last Updated 04-04-2025
India & Thailand elevate their bilateral ties to Strategic Partnership Agreements and MoU 5 min read

भारत और थाईलैंड ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक साझेदारी तक बढ़ाने पर सहमति जताई है। 3 अप्रैल 2025 को बैंकॉक में थाईलैंड की प्रधानमंत्री सुश्री पैतोंगटार्न शिनावात्रा के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बैठक के दौरान इस पर सहमति बनी। भारत और थाईलैंड ने द्विपक्षीय संबंधों को गहरा करने के लिए पांच समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर भी हस्ताक्षर किए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 3-6 अप्रैल 2025 तक थाईलैंड और श्रीलंका के दो देशों के दौरे पर हैं।

प्रधानमंत्री की थाईलैंड यात्रा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 3 और 4 अप्रैल 2025 को थाईलैंड की आधिकारिक यात्रा पर थे।

प्रधानमंत्री मोदी की यह थाईलैंड की तीसरी आधिकारिक यात्रा थी। उन्होंने पहली बार 2016 में और फिर 2019 में थाईलैंड का दौरा किया था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की थाईलैंड यात्रा एक द्विपक्षीय यात्रा थी और वे 4 अप्रैल 2025 को बैंकॉक, थाईलैंड में आयोजित छठे बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में भी भाग लेने के लिए थाईलैंड में थे।

थाईलैंड की अपनी यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने थाईलैंड की प्रधानमंत्री सुश्री पैतोंगटार्न शिनवात्रा से मुलाकात की और द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की।

दोनों प्रधानमंत्रियों के सामने, भारत-थाईलैंड रणनीतिक साझेदारी की स्थापना पर एक संयुक्त घोषणापत्र का आदान-प्रदान किया गया।

भारत और थाईलैंड के बीच पांच समझौता ज्ञापन

दोनों देशों के बीच निम्नलिखित पांच समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर भी हस्ताक्षर किए गए।

  • डिजिटल प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में सहयोग;
  • गुजरात के लोथल में राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर के विकास के लिए सहयोग;
  • सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के क्षेत्र में सहयोग;
  • हथकरघा और हस्तशिल्प में सहयोग;
  • केंद्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय (एमडीओएनईआर) और थाईलैंड के विदेश मामलों के मंत्रालय के बीच सहयोग।

प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा के अन्य मुख्य बिन्दु 

  • थाईलैंड सरकार ने प्रधानमंत्री की यात्रा के उपलक्ष्य में 18वीं शताब्दी के रामायण भित्ति चित्रों को दर्शाते हुए एक विशेष डाक टिकट जारी किया।
  • सुश्री पैतोंगतार्न शिनावात्रा ने प्रधानमंत्री मोदी को पाली में लिखी बौद्ध धर्मग्रंथ तिपिटक की एक प्रति भेंट की।
  • प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने थाईलैंड में रामकियेन के नाम से प्रसिद्ध रामायण का मंचन भी देखा।

भारत थाईलैंड द्विपक्षीय संबंध

भारत और थाईलैंड के बीच सदियों पुराने गहरे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंध साझा करते हैं।

भारत और थाईलैंड ने 1947 में भारत की स्वतंत्रता के बाद राजनयिक संबंध स्थापित किए।

थाईलैंड ,आसियान में तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और इस क्षेत्र में सिंगापुर, इंडोनेशिया और मलेशिया के बाद भारत का चौथा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार देश  है।

दोनों देशों के बीच कुल द्विपक्षीय व्यापार लगभग 15 बिलियन डॉलर है , जिसमें भारतीय निर्यात लगभग 5 बिलियन डॉलर था और थाईलैंड से आयात लगभग 10 बिलियन डॉलर था।

थाईलैंड का राजतन्त्र 

थाईलैंड दक्षिण पूर्व एशिया में स्थित एक लोकतांत्रिक राजतंत्र देश है।

इसे पहले सियाम कहा जाता था जिसका नाम बदलकर 1939 में थाईलैंड कर दिया गया।

यह सफेद हाथियों के देश के रूप में भी जाना जाता है।

हाथी थाईलैंड का राष्ट्रीय पशु है।

राजधानी: बैंकॉक

मुद्रा: भात(Baht)

राजा: वजीरालोंगकोर्न

प्रधानमंत्री: पैतोंगटार्न शिनावात्रा

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FAQ

उत्तर: तीन बार - 2016, 2019 और 2025।

उत्तर: पांच

उत्तर: . थाईलैंड के प्रधान मंत्री पैटोंगटार्न शिनावात्रा

उत्तर: भात(Baht)
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