मिशन सागर–II : आईएनएस ऐरावत द्वारा सूडान को खाद्य सहायता सौंपी गयी

  • utkarsh
  • Nov 03, 2020
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मिशन सागर–II : आईएनएस ऐरावत द्वारा सूडान को खाद्य सहायता सौंपी गयी

चर्चा में क्यों: ?

  • हाल ही में ‘मिशन सागर-II’ के तहत भारतीय नौसेना जहाज ऐरावत ने 02 नवंबर 2020 को पोर्ट सूडान में प्रवेश किया। भारत सरकार प्राकृतिक आपदाओं और कोविड-19 महामारी से उबरने में मित्र देशों को सहायता प्रदान कर रही है। इसी के अनुरूप, आईएनएस ऐरावत सूडान के लोगों के लिए 100 टन खाद्यान्न सहायता की एक खेप लेकर गयी है।

मुख्य बिंदु :-

  • मिशन सागर-II, मई-जून 2020 में संपन्न किए गए प्रथम ‘मिशन सागर’ का अनुसरण करता है। प्रथम ‘मिशन सागर’ के तहत भारत ने मालदीव, मॉरीशस, सेशेल्स, मेडागास्कर और कोमोरोस को खाद्य सहायता और दवाइयां प्रदान की। मिशन सागर-II के एक अंग के रूप में भारतीय नौसेना जहाज ऐरावत सूडान, दक्षिण सूडान, जिबूती और इरिट्रिया को खाद्यान्न सहायता पहुंचाएगा। 
  • मिशन सागर-II, ‘सागर’ क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास के प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण के अनुरूप है। यह मिशन भारत द्वारा अपने समुद्री पड़ोसियों के साथ संबंधों के महत्व को रेखांकित करता है और मौजूदा बंधन को और अधिक मजबूती प्रदान करता है।

मिशन सागर: हिंद महासागर में भारत की मदद

  • कोविड-19 महामारी से निपटने में सहायता के लिए, उनके अनुरोध पर, भारत सरकार ने मालदीव, मॉरीशस, मेडागास्कर, कोमोरोस और सेशेल्स में भारतीय नौसेना जहाज केसरी को भेजा है, जिसमें दो चिकित्सा सहायता टीमें हैं और कोविड से संबंधित आवश्यक दवाओं और आवश्यक खाद्य पदार्थों की खेप है। 
  • चिकित्सा सहायता टीमें मॉरीशस और कोमोरोस में तैनात की जाएंगी, जिससे कोविड आपात स्थिति और डेंगू बुखार (कोमोरोस के मामले में) से निपटने में उनकी मदद करेंगे। 
  • यह जहाज मॉरीशस, मेडागास्कर, कोमोरोस और सेशेल्स को कोविड से संबंधित आवश्यक दवाओं की खेप और लगभग 600 टन खाद्य पदार्थ मालदीव पहुंचाएगा। इसके अलावा, मॉरीशस के मामले में, आयुर्वेदिक दवाओं की एक विशेष खेप भी भेजी जा रही है। 
  • मेडागास्कर और कोमोरोस के लिए जाने वाली खेप में हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन की गोलियां भी शामिल हैं, जो पहले ही मॉरीशस, मालदीव और सेशेल्स को भेजी जा चुकी हैं। इस संकट से लड़ने के लिए मालदीव सरकार की तैयारियों को बढ़ाने के लिए चुनिंदा चिकित्सा कर्मियों की एक टीम को मालदीव भी भेजा गया था।
  • समय-परीक्षित भूमिका के अनुरूप इस क्षेत्र में पहले उत्तरदाता के रूप में भारत ने पहले ही कोविड-19 संबंधित आवश्यक दवाओं की खेप प्रदान करके मालदीव, श्रीलंका, मॉरीशस और सेशेल्स की सरकारों के प्रयासों का समर्थन किया है। 

मिशन सागर’ प्रधानमंत्री के सागर (SAGAR) के दृष्टिकोण से प्रेरित है – क्षेत्र में सभी की सुरक्षा और विकास।

  • 10 मई, 2020 को भारत सरकार ने COVID-19 महामारी के बीच एक आउटरीच कार्यक्रम “मिशन सागर” लॉन्च किया है। इस मिशन का उद्देश्य खाद्य पदार्थों, COVID-19 से संबंधित आयुर्वेदिक दवाओं और एचसीक्यू टैबलेट की आपूर्ति मालदीव, मेडागास्कर, सेशेल्स और कोमोरोस को करना है।
  • भारतीय नौसेना जहाज केसरी को इस मिशन के तहत तैनात किया गया है। यह ऑपरेशन रक्षा मंत्रालय और विदेश मंत्रालय के घनिष्ठ सहयोग के तहत किया जा रहा है। इस मिशन को हिंद महासागर में भारत के “SAGAR” विज़न  के साथ घनिष्ठता के तहत तैनात किया गया है।

SAGAR विजन क्या है?

  • 2015 में भारत ने हिंद महासागर के अपने विज़न की शुरुआत की जिसे “SAGAR” कहा जाता है, ‘SAGAR’ का पूर्ण स्वरुप Security and Growth for All in the Region है। भारत का लक्ष्य अपने पड़ोसियों (विशेषकर समुद्री पड़ोसियों) के साथ आर्थिक और सुरक्षा सहयोग प्राप्त करना है। 
  • इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए भारत सूचनाओं के आदान-प्रदान, बुनियादी ढांचे के निर्माण, तटीय निगरानी और आपसी क्षमताओं को मजबूत करने में सहयोग करेगा।
  • इस मिशन में शामिल सभी चार देशों में भारत की नौसेना की मजबूत उपस्थिति है। 2019 में, भारत और मालदीव ने पहले से बंद तटीय रडार निगरानी प्रणाली (सीएसआरआर) को पूरा करने के लिए सहमत हुए। 
  • 2018  में भारत और सेशेल्स ने द्वीप पर एक नौसैनिक अड्डा स्थापित करने पर सहमति प्रकट की। अक्टूबर 2019 में भारत और कोमोरोस ने रक्षा समझौतों पर हस्ताक्षर किए। भारत ने हाई-स्पीड इंटरसेप्टर नावों की खरीद के लिए कोमोरोस को 20 मिलियन अमरीकी डालर की लाइन ऑफ़ क्रेडिट जारी की थी।

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