दैनिक करेंट अफेयर्स: 4 जून 2021

  • utkarsh
  • Jun 04, 2021
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दैनिक करेंट अफेयर्स: 4 जून 2021

डॉ आर. एस. सोढ़ी अंतर्राष्ट्रीय डेयरी महासंघ बोर्ड में निर्वाचित किए गए।

अमूल के प्रबंध निदेशक डॉ आर एस सोढ़ी को इंटरनेशनल डेयरी फेडरेशन (अंतर्राष्ट्रीय डेयरी महासंघ) के बोर्ड में मेंबर के रूप में चुना गया है। डॉक्टर सोढ़ी का निर्वाचन निर्विरोध रूप से किया गया है। 1 जून को विश्व दुग्ध दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस वर्ष इस दिवस के अवसर पर एक सभा आयोजित की गई थी जिसमें भारत की ओर से देश की राष्ट्रीय समिति ने डॉक्टर सोढ़ी को मनोनीत किया था। भारतीय राष्ट्रीय समिति द्वारा डॉक्टर सोढ़ी का नाम अंतर्राष्ट्रीय डेयरी महासंघ के लिए नामित किया गया था, जिसे सर्वसम्मति से स्वीकार किया गया।

मुख्य बिंदु

  • डॉ सोढ़ी को अमूल के साथ काम करने का 39 वर्षों का अनुभव प्राप्त है। 2019 में डॉक्टर सोढ़ी ने अमूल के एमडी का पद संभाला था।
  • उन्होंने सिटीएई उदयपुर से बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग की और गुजरात के आणंद में इंस्टीट्यूट ऑफ रूरल मैनेजमेंट से स्नातक की डिग्री हासिल की थी।
  • उन्होंने अहमदाबाद के आणंद से कृषि विश्वविद्यालय से डॉक्टर ऑफ साइंस की डिग्री भी हासिल की है।
  • डॉ सोढ़ी 1982 में गुजरात दुग्ध सहकारी विपणन लिमिटेड यानी कि अमूल से जुड़े थे। 

अमूल के बारे में जानकारी

  • अमूल गुजरात सहकारी दुग्ध विपणन संघ लिमिटेड नाम की सहकारी संस्था के प्रबंधन से चलता है जो कि एक ब्रांड नाम है। यह भारत का एक दुग्ध सहकारी आन्दोलन है।
  • यह फास्ट मूविंग कंज्यूमर गुड्स(FMCG) का उत्पादन उद्योग है।
  • अमूल की स्थापना 14 दिसंबर 1946 को त्रिभुवनदास कृषिभाई पटेल द्वारा की गई थी। यह गुजरात राज्य के आणंद में स्थित है।
  • त्रिभुवन भाई पटेल को 1963 में रेमन मैग्सेसे और 1964 में भारत सरकार द्वारा पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था

अंतर्राष्ट्रीय डेयरी महासंघ के बारे में जानकारी

इंटरनेशनल डेयरी फेडरेशन यानी कि अंतर्राष्ट्रीय डेयरी महासंघ एक गैर सरकारी और गैर लाभकारी संगठन है। इसका गठन 1903 में किया गया था। इसका मुख्यालय ब्रुसेल्स, बेल्जियम में है। संगठन में हर देश में डेयरी संगठनों द्वारा गठित राष्ट्रीय समितियों के सदस्य होते हैं। वर्तमान में इसके अध्यक्ष पियरक्रिस्टीयानो ब्रेज़ल हैं।

कोविड-19 संक्रमण का पता लगाने के लिए निशुल्क सुविधा ‘एक्सरे सेतु’ लॉन्च की गई।

कोरोना वायरस के संक्रमण का पता लगाने हेतु भारत सरकार ने एक्सरे सेतु नामक सुविधा की शुरुआत की है। इस सुविधा के द्वारा व्हाट्सएप पर एक्सरे भेज कर पता लगाया जा सकेगा कि व्यक्ति को कोरोना संक्रमण है या नहीं। यह एक निशुल्क सुविधा होगी। इसे मुख्यतः ग्रामीण क्षेत्रों के लिए शुरू किया गया है।

एक्सरे सेतु के बारे में जानकारी

  • एक्सरे सेतु को व्हाट्सएप के द्वारा संचालित किया जा सकेगा।
  • इस प्लेटफार्म को इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस द्वारा स्थापित एनजीओ एआई एंड रोबोटिक्स टेक्नोलॉजी पार्क और भारत सरकार के डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी ने एक हेल्थटेक स्टार्टअप निर्माई (niramai) के साथ मिलकर विकसित किया है।
  • एक्सरे सेतु के द्वारा एक सिंपल एक्सरे से कोविड-19 को पहचाना जा सकेगा। यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्लेटफार्म पर आधारित है।
  • यह सुविधा मुख्यतः उन क्षेत्रों के लिए है जहां पर रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन – पॉलीमरेस चैन रिएक्शन (RT-PCR) और कंप्यूटेड टोमोग्राफी स्कैन (सीटी स्कैन) की सुविधा नहीं है।
  • सरकार द्वारा शुरू की गई यह सुविधा बेहद ही कम खर्चीली और कम समय में परिणाम देने वाली है। इसका परिणाम आने में मात्र 10 से 15 मिनट लगते हैं।

यूनाइटेड स्टेट्स ट्रांसपोर्ट कॉन्फ्रेंस 2021 चाइना में आयोजित किया जाएगा।

इस कॉन्फ्रेंस को 14 से 16 अक्टूबर 2021 के बीच आयोजित किया जाएगा। यह कॉन्फ्रेंस चाइना के बीजिंग में आयोजित की जाएगी। यूनाइटेड नेशंस ग्लोबल सस्टेनेबल ट्रांसपोर्ट की यह दूसरी कॉन्फ्रेंस है।

मुख्य बिंदु

  • 2021 में होने वाली यूनाइटेड स्टेट्स ट्रांसपोर्ट कॉन्फ्रेंस में पूरी दुनिया के ट्रांसपोर्ट को लेकर लक्ष्य तय किए जाएंगे।
  • इन लक्ष्यों को हासिल करने के लिए अवसर और चुनौतियां पर ध्यान दिया जाएगा। इस कॉन्फ्रेंस में पिछली कॉन्फ्रेंस में लिए गए फैसलों और लक्ष्यों को कितना हासिल किया गया इस बारे में भी चर्चा की जाएगी।
  • इसके साथ ही इसमें 2030 तक होने वाले डेवलपमेंट को लेकर भी एजेंडा तैयार किया जाएगा।

यूनाइटेड स्टेट्स सस्टेनेबल ट्रांसपोर्ट के बारे में जानकारी

  • पहली यूनाइटेड स्टेट्स ग्लोबल सस्टेनेबल ट्रांसपोर्ट कॉन्फ्रेंस को 26 से 27 नवंबर 2016 को अश्गाबात, तुर्कमेनिस्तान में आयोजित किया गया था।
  • यूनाइटेड स्टेट्स सस्टेनेबल ट्रांसपोर्ट की कॉन्फ्रेंस में बड़े देशों के ट्रांसपोर्ट को मैनेज करने के बारे में चर्चा की जाती है।
  • ट्रांसपोर्ट को लेकर किस तरह से विकसित किए जाएंगे, इन मुद्दों पर लक्ष्य बनाए जाते हैं और इन्हें हासिल करने की कोशिश की जाती है।

मास मिडीया सहयोग पर शंघाई संगठन समझौते को केंद्रीय मंत्रीमंडल द्वारा मंजूरी दी गई।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में 2 जून 2021 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने शंघाई सहयोग संगठन के इस समझौते को मंजूरी दी। मास मीडिया क्षेत्र में मिली इस मंजूरी के बाद इस संगठन से जुड़े सभी देशों को मास मीडिया क्षेत्र में समान रूप से सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।

मुख्य बिंदु

  • शंघाई सहयोग संगठन से भारत, किर्गिज गणराज्य, कजाकिस्तान, पाकिस्तान, चीन, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान और रूस जैसे देश जुड़े हुए हैं।
  • यह समझौता सदस्य देशों को मास मीडिया के क्षेत्र में नए अवसरों और प्रथाओं को आपस में साझा करने का अवसर प्रदान करेगा।
  • इस समझौते के द्वारा अपने राज्यों के लोगों के बारे में मास मीडिया के माध्यम से सूचनाओं को वितरण के लिए एक अनुकूल प्रणाली का निर्माण किया जाएगा।
  • मीडिया क्षेत्र से संबंधित मंत्रालयों एजेंसियों और संगठनों के बीच आपसी सहयोग बढ़ेगा।
  • इस समझौते का उद्देश्य मीडिया क्षेत्र में प्रशिक्षण देना और वैज्ञानिक अनुसंधान और शैक्षणिक संस्थानों के बीच सहयोग को बढ़ावा देना है।

शंघाई सहयोग संगठन (SEO) के बारे में जानकारी

  • शंघाई संगठन सहयोग की स्थापना जून, 2001 में चीन के शंघाई में ताजिकिस्तान गणराज्य, रूसी संघ, उज़्बेकिस्तान गणराज्य, किर्गिज गणराज्य, कजाकिस्तान गणराज्य, चीनी जनवादी गणराज्य के द्वारा की गई थी।
  • इस संगठन में कुल 8 देश सदस्य हैं। संगठन का प्रारंभिक नाम शंघाई-5 रखा गया था। प्रारंभ में इस संगठन में पांच देश चीन, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, रूस और तजाकिस्तान शामिल थे।
  • 2001 में इस समूह में उज्बेकिस्तान के शामिल होने के बाद इसका नाम शंघाई – 5 से बदलकर शंघाई सहयोग संगठन कर दिया गया।
  • संगठन की आधिकारिक भाषा चाइनीस और रशियन है। इसके वर्तमान सेक्रेटरी जनरल व्लादिमीर नोरोव हैं।

परेश बी. लाल को व्हाट्सएप का ग्रीवांस ऑफिसर बनाया गया।

इंस्टेंट मैसेजिंग एप व्हाट्सएप ने परेश बी.लाल को अपना ग्रीवेंस ऑफिसर नियुक्त किया है। व्हाट्सएप ने यह नियुक्ति अपने नए इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी रूल्स के तहत की है। भारतीय नियमों के अनुसार जिन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के 50 लाख से ज्यादा यूजर्स होते हैं उन्हें ग्रीवांस ऑफिसर, नोडल ऑफिसर और चीफ कंपाइलर्स ऑफिसर नियुक्त करना अनिवार्य होता है। नियमों के अनुसार यह सभी अधिकारी भारत के ही रहने वाले होना चाहिए।

मुख्य बिंदु

  • व्हाट्सएप के द्वारा नियुक्त किए गए ग्रीवांस ऑफिसर को अब यूजर अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे।
  • तेलंगाना के हैदराबाद स्थित बंजारा हिल्स के पते पर शिकायत भेजी जा सकेगी। शुरुआत में इन नियमों का पालन ना करने की वजह से काफी विवाद हुआ था और इन विवादों के चलते ही पर परेश बी. लाल की नियुक्ति की गई है।
  • व्हाट्सएप के साथ ही अन्य डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे गूगल ने भी नए नियमों का पालन करना शुरू कर दिया है। यूट्यूब में भी उसके नए ग्रीवांस अधिकारी की जानकारी अपडेट कर दी है।
  • नियमों के अनुसार इन अधिकारियों को 15 दिनों के अंदर over-the-top (ओटीटी) कंटेंट के खिलाफ मिलने वाली शिकायतों का निवारण करना होगा।
  • सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को हर महीने एक रिपोर्ट जारी करनी होगी जिसमें यूजर्स के द्वारा की गई शिकायतों और उनके निवारण का लेखा-जोखा होगा।
  • शिकायत किए जाने के 24 घंटे के अंदर ही इंटरनेट मीडिया से उस आपत्तिजनक कंटेंट को हटाना होगा।

इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) द्वारा पेनबायो किट को मंजूरी दी गई।

पेनबायो किट को इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के द्वारा मंजूरी दे दी गई है। इस टेस्ट किट का उपयोग करके कोरोना के हल्के लक्षणों का पता लगाया जा सकेगा। पेनबायो किट होम बेस्ड टेस्ट किट है जिसकी मंजूरी के बाद कोरोना का पता लगाने में अब लोगों को आसानी होगी।

मुख्य बिंदु

  • यह एक होम रैपिड एंटीजन टेस्टिंग किट(RAT) है। कोरोना के हल्के लक्षण लगने पर या किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने पर इसका उपयोग किया जा सकता है।
  • इस किट की कीमत ₹250 रखी गई है। इसके द्वारा मात्र 2 मिनट में कोरोना की जांच की जा सकेगी और 15 मिनट में परिणाम आ जाएंगे।
  • इसके पहले भी इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च ने कोविसेल्फ होम टेस्टिंग किट को मंजूरी दी थी।

इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के बारे में जानकारी

  • इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च एक व्यावसायिक संगठन है। इसे विश्व के सबसे पुराने आयुर्विज्ञान संस्थान में से एक माना जाता है।
  • 1911 में तत्कालीन ब्रिटिश सरकार द्वारा इंडियन रिसर्च फंड एसोसिएशन के रूप में इसकी स्थापना की गई थी। बाद में वर्ष 1949 में इसका नाम बदलकर इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च रखा गया।
  • इसका मुख्यालय रामलिंगस्वामी भवन,अंसारी नगर, नई दिल्ली में स्थित है। इसके सचिव एवं महानिदेशक डॉ बीएस कटोच हैं।

सरकार द्वारा ‘बीज मिनीकिट’ प्रोग्राम 2021 की शुरुआत की गई।

इस कार्यक्रम की शुरुआत कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर द्वारा की गई। यह कार्यक्रम दलहन और तिलहन की ऊंची पैदावार वाले बीजों के वितरण से जुड़ा हुआ है। यह बीज किसानों को वितरित किए जाएंगे। इसके लिए केंद्र सरकार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के जरिए वित्त उपलब्ध करा रही है।

मुख्य बिंदु

  • मिनीकिट कार्यक्रम के तहत बीजों का वितरण 15 जून 2021 तक जारी रहेगा। इस मिशन के तहत किसानों को दलहन,सोयाबीन, मूंगफली आदि के बीज निशुल्क  दिए जाएंगे।
  •  इस कार्यक्रम के तहत सोयाबीन के आठ लाख से ज्यादा में मिनीकिट, मूंगफली के 74000 मिनीकिट और दलहन के कुल 20,27,318 मिनिकिट किसानों को निशुल्क दिए जाएंगे।
  • राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन द्वारा उत्पादन और उत्पादकता को बढ़ाने के लिए इस तरह के कार्यक्रम किए जाते हैं। 
  • यह मिनीकिट राष्ट्रीय बीज निगम, कृषि सहयोग एवं किसान कल्याण विभाग और गुजरात राज्य बीज निगम जैसी राष्ट्रीय एजेंसी द्वारा उपलब्ध कराए जाएंगे।

दलहन और तिलहन फसलों के बारे में

  • सभी दलहनी फसलें लेग्यूमिनेसी कुल की फसलें होती हैं। इनकी जड़ों में राइजोबियम नामक जीवाणु पाया जाता है जो कि वायुमंडल की नाइट्रोजन को नाइट्रेट में परिवर्तित कर मृदा की उर्वरता को बढ़ाता है। 
  • भारत की दलहनी फसलें अरहर, चना, मटर, मसूर आदि हैं।
  • भारत में दलहन फसलों में सबसे अधिक उत्पादन सोयाबीन की फसल का ही होता है। सोयाबीन में सबसे अधिक प्रोटीन पाया जाता है।
  • तिलहनी फसलें वह होती हैं जिनसे वनस्पति तेल का निर्माण होता है। भारत की तिलहनी फसलें तिल, सरसों, मूंगफली, सोया और सूरजमुखी हैं। 
  • इन सभी तिलहनी फसलों से वनस्पति तेल का उत्पादन किया जाता है।

नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (NASA) मंगल ग्रह पर भेजेगी रोबोट।

नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन जल्द ही मंगल ग्रह पर रोबोट ऑर्बिटर भेजने वाली है। इसमें इटालियन स्पेस एजेंसी, कैनेडियन स्पेस एजेंसी और जापान एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी के साथ साझेदारी की है और इसके अंतर्गत यह मंगल ग्रह पर गहराई, जल और बर्फ खोजने के लिए रोबोट भेजने वाली है। 

मुख्य बिंदु

  • इस मिशन को ‘मार्स आइस मेपर मिशन’ नाम दिया गया है। 
  • इस मिशन को अंजाम देने के लिए मंगल ग्रह पर रोबोट आर्बिटर भेजे जाएंगे। यह मिशन आने वाले समय में मानव मिशन में सहायता प्रदान करेगा।
  • मंगल ग्रह पर बर्फ कहां पर स्थित है यह जानना ही इस मिशन का उद्देश्य होगा। 
  • इस मिशन के द्वारा मंगल ग्रह के पर्यावरण के बारे में जानकारी मिलेगी। इससे यह भी पता लगाया जा सकेगा कि मंगल ग्रह पर माइक्रोबियल जीवन आज संभव है या नहीं।

नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन के बारे में जानकारी

  • नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन यानी कि राष्ट्रीय वैमानिकी और अंतरिक्ष प्रबंधन नासा के रूप में जाना जाता है। 
  • यह संयुक्त राज्य अमेरिका की सरकारी शाखा है। इसकी स्थापना 29 जुलाई 1958 को की गई थी। इसका मुख्यालय वाशिंगटन डी. सी. में है। 
  • इसके वर्तमान प्रशासक पूर्व अमेरिकी सीनेटर बिल नेल्सन हैं। 19 मार्च 2021 को अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन द्वारा इनकी नियुक्ति की गई थी।
  • नासा का मुख्य कार्य अंतरिक्ष संबंधित कार्यक्रमों और एरोनॉटिक्स के ऊपर रिसर्च करना है।
  • नासा अंतरिक्ष में दुनिया का सबसे अधिक मिशन भेजने वाला संस्थान है। 

महाराष्ट्र सरकार द्वारा कोविड-19 विलेज कॉन्टेस्ट लॉन्च किया गया।

महाराष्ट्र सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना वायरस के मामलों को रोकने के लिए और लोगों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एक प्रतियोगिता की घोषणा की है। इस प्रतियोगिता का नाम ‘माय विलेज कोरोना फ्री’ रखा गया है। महाराष्ट्र राज्य के ग्रामीण विकास मंत्री हसन मुश्रीफ ने इस प्रतियोगिता की पुष्टि की।

मुख्य बिंदु

  • महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने  कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए ही इस प्रतियोगिता को आयोजित करने का फैसला लिया है।
  • इस प्रतियोगिता में पहला पुरस्कार 50 लाख रुपए दूसरा 25 लाख रुपए और तीसरा 15 लाख रुपए रखा गया है।
  • इस प्रतियोगिता के अंतर्गत प्रत्येक रेवेन्यू डिवीजन में कोविड-19 प्रबंधन में सराहनीय कार्य करने पर 3 ग्राम पंचायतों को पुरस्कृत किया जाएगा।
  • राज्य में 6 रिवेन्यू डिविजन है यानी कि कुल 18 पुरस्कार दिए जाएंगे। सभी पुरस्कारों की राशि 5.4 करोड़ रुपए हैं।
  • प्रतियोगिता जीतने वाले ग्रामीणों को प्रोत्साहन के रूप में पुरस्कार राशि के बराबर अतिरिक्त राशि भी मिलेगी जिसका उपयोग गांव के विकास कार्य में किया जाएगा।
  • प्रतियोगिता के लिए हर गांव को 22 मानदंडों पर आंका जाएगा। प्रतियोगिता में गांव को जज करने के लिए एक समिति का भी गठन किया जाएगा। 
  • हाल ही में महाराष्ट्र सरकार ने राज्य की ऑक्सीजन की आवश्यकता को पूरा करने के लिए मिशन ऑक्सीजन सेल्फ-रिलायंस योजना लॉन्च की है। इस योजना के तहत ऑक्सीजन उत्पादक उद्योगों को विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा।

नीति आयोग सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स इंडिया इंडेक्स 2020-21 जारी की गई।

नीति आयोग ने निरंतर विकास लक्ष्यों के लिए सूची इंडिया इंडेक्स 2020-21 जारी कर दी है। इस रिपोर्ट के अनुसार भारतीय राज्य केरल का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा। इसके साथ ही सूची के अनुसार सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला राज्य बिहार है।

मुख्य बिंदु

  • सूची में केरल राज्य ने कुल 75 अंकों के स्कोर के साथ पहले स्थान प्राप्त किया है।
  • तमिलनाडु और हिमाचल प्रदेश ने 74 अंकों का स्कोर प्राप्त कर दूसरा स्थान प्राप्त किया।
  • बिहार के साथ ही झारखंड और असम का भी प्रदर्शन सबसे खराब रहा। 
  • वहीं केंद्र शासित प्रदेशों की सूची में 79 अंक के साथ चंड़ीगढ़ ने शीर्ष स्थान प्राप्त किया।
  • स्वास्थ्य क्षेत्र के लक्ष्यों के अनुसार सभी राज्यों की सूची में गुजरात ने 100 अंकों के पहला स्थान प्राप्त किया है।
  • राष्ट्रीय स्तर पर इस सूची में पिछले संस्करण की तुलना में छह अंकों का सुधार दर्ज किया गया है। इस वर्ष सूची में भारत का कुल अंक 66 है।

नीति आयोग सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स के बारे में जानकारी

  • नीति आयोग सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स इंडिया इंडेक्स के द्वारा देश और राज्य की प्रगति को मापा जाता है। इस सूचकांक की शुरुआत वर्ष 2018 में की गई थी।
  • यह इंडेक्स भारत में संयुक्त राष्ट्र के सहयोग से विकसित किया गया है। इसका काम देश और राज्य की विकास की गणना करना और उसके हिसाब से रैंकिंग करना है।
  • यह आयोग सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय मापदंडों पर राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की प्रगति का मूल्यांकन करता है। इसका दूसरा संस्करण 2019 में किया गया था। 

माली के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को विद्रोहियों ने किया गिरफ्तार।

अफ्रीकी देश माली के बड़े इलाके पर इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया (आईएसआईएस) ने कब्जा कर लिया है। देश के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को विद्रोही सिपाहियों ने गिरफ्तार कर लिया है। वहां पर हाल ही में नई सरकार का गठन किया गया था। देश के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को बमाको के पास सेना के मुख्यालय में रखा गया है।

मुख्य बिंदु

  • राष्ट्रपति के गार्ड द्वारा उनकी सुरक्षा करने से मना करने के बाद विद्रोही सिपाही उन्हें गिरफ्तार कर अपने साथ ले गए। 
  • माली के कई हिस्सों पर आतंकवादियों का कब्जा हो गया है। माली में अलकायदा और आईएस आतंकियों में काफी सालों से आतंक मचा रखा है।
  • फ्रांस और यूएन की सेना ने आतंकियों को वहां से भगाने के लिए सहायता भी प्रदान की थी। 

अफ्रीकी संघ माली के बारे में जानकारी

  • माली दुनिया के सबसे गरीब देशों में से एक है। माली की राजधानी बमाको है।
  • यह अफ्रीका का आठवां सबसे बड़ा देश है। इसकी जनसंख्या 1 करोड़ 45 लाख है। 
  • यहां पर प्राकृतिक संसाधनों के रूप में सोना बहुतायत में मिलता है। अफ्रीकी महाद्वीप में माली तीसरा सबसे अधिक स्वर्ण बनाने वाला देश है।
  • यह सबसे अधिक गरीब परिवारों वाला देश है। 
  • 1992 में माली देश में पहली बार चुनाव हुआ था। इस देश की मुद्रा पश्चिमी अफ्रीकी फ्रैंक है। 

माइक्रोसॉफ्ट ने एशिया पेसिफिक साइबर सिक्योरिटी काउंसिल लॉन्च किया।

माइक्रोसॉफ्ट ने एशिया पेसिफिक पब्लिक सेक्टर साइबर सिक्योरिटी काउंसिल को लॉन्च किया है। इस काउंसिल का निर्माण सभी साइबर खतरों से निपटने और परिषद से जुड़े सभी देशों को एक साथ इस खतरे का सामना करने के लिए किया गया है। इस परिषद का उद्देश्य इससे जुड़े सभी देशों के बीच एक मजबूत साइबर सिक्योरिटी चैनल बनाना है। 

मुख्य बिंदु

  • इस साइबर सिक्योरिटी परिषद में कोरिया, सिंगापुर, मलेशिया, फिलीपींस, थाईलैंड, इंडोनेशिया, ब्रुनेई जैसे देशों के नीति निर्माता शामिल हैं।
  • इस परिषद के द्वारा साइबर अटैक की खुफिया जानकारी को सभी देशों से साझा किया जाएगा।
  • इस परिषद के द्वारा मजबूत गठबंधन और साइबर सिक्योरिटी को मजबूत किया जाएगा।
  • हर तिमाही इस परिषद के द्वारा बैठक की जाएगी, जिससे कि साइबर अटैक और साइबर सिक्योरिटी संबंधित सूचनाओं का आदान प्रदान किया जा सके। 
  • इस परिषद में साइबर संबंधित प्रशिक्षण के लिए माइक्रोसॉफ्ट कंपनी का सहयोग लिया जाएगा। 

माइक्रोसॉफ्ट कंपनी के बारे में जानकारी

  • माइक्रोसॉफ्ट विश्व की सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनी है। 
  • इसकी स्थापना 26 नवंबर 1976 को बिल गेट्स और पॉल एलेन द्वारा की गई थी।
  • माइक्रोसॉफ्ट एक बहुराष्ट्रीय कंपनी है जो मुख्यतः कंप्यूटर सॉफ्टवेयर के क्षेत्र में काम करती है।
  • माइक्रोसॉफ्ट कंपनी का मुख्य प्रोडक्ट विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम  है।
  • इसके साथ ही माइक्रोसॉफ्ट कंप्यूटर सॉफ्टवेयर, उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स, व्यक्तिगत कंप्यूटर और इससे संबंधित सेवाओं का विकास, निर्माण, लाइसेंस, समर्थन और बिक्री भी करती है।

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