200 किलोमीटर लंबी ‘फिट इंडिया वॉकेथॉन’

  • utkarsh
  • Nov 03, 2020
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200 किलोमीटर लंबी ‘फिट इंडिया वॉकेथॉन’

चर्चा में क्यों ?

  • हाल ही में केंद्रीय खेल मंत्री किरेन रिजिजू ने बॉलीवुड अभिनेता विद्युत जामवाल के साथ राष्ट्रीय एकता दिवस (सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती) के अवसर पर, राजस्थान के जैसलमेर में 200 किलोमीटर लंबी ‘फिट इंडिया वॉकेथॉन’ को झंडी दिखा कर रवाना किया।

मुख्य बिंदु :-

  • इस वॉकेथॉन का आयोजन भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) द्वारा आयोजित किया गया है। यह वॉकेथॉन 3 दिनों तक चलेगी, जिसमें 200 से अधिक आईटीबीपी के जवान और विभिन्न केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) के कर्मी 200 किलोमीटर से अधिक दूरी तक पैदल मार्च करेंगे।
  • वॉकेथॉन मार्च दिन-रात जारी रहेगी और भारत-पाकिस्तान सीमा के साथ स्थित क्षेत्र में थार रेगिस्तान के टीलों से होकर गुजरेगी।
  • मार्च के ट्रैक का अधिकांश भाग अंतरराष्ट्रीय सीमा के साथ लगा हुआ है, जो कई लड़ाइयों और युद्ध के लिए जाना जाता है। इस रास्ते में किशनगढ़ किला एक प्रमुख स्थान है।
  • खेल मंत्री किरेन रिजीजू ने भी सुरक्षा बलों के साथ वॉकेथॉन के पहले कुछ किलोमीटर की पैदल दूरी तय की। उन्होने कहा, “यह हमारे प्रधानमंत्री की सोच है कि फिट इंडिया मूवमेंट को एक जन आंदोलन बनाया जाए और इसे देश के हर कोने में ले जाया जाए।
  • सुरक्षा बल स्वयं फिट हैं लेकिन जैसलमेर की सीमाओं पर 200 किलोमीटर तक पैदल चलने से उनका उद्देश्य देश के प्रत्येक नागरिक को प्रेरित करना है कि यदि वे 200 किमी को वॉकेथॉन के रूप में पैदल चलकर पूरा कर सकते हैं, तो प्रत्येक नागरिक भी किसी न किसी रूप में फिटनेस हासिल कर सकता है।”
  • अभिनेता और फिटनेस आइकन विद्युत जामवाल ने कहा, “यह एक बड़ी पहल है जिसे सरकार ने शुरू किया है, और फिट इंडिया मूवमेंट के देश के हर कोने तक पहुंचने के लिए, केवल शहरी केंद्रों या बड़े शहरों में फिटनेस कार्यक्रम होना पर्याप्त नहीं है बल्कि वास्तव में इसे हर छोटी जगह पर ले जाने की ज़रूरत है।
  • रेगिस्तान में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम के साथ, यह पता चलता है कि सरकार इस पहल को देश के हर कोने में ले जाने के लिए कितनी गंभीर है।”
  • आईटीबीपी के अलावा, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), राष्ट्रीय आपदा राहत बल (एनडीआरएफ), त्वरित कार्रवाई बल (आरएएफ), असम राइफल्स और राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड के कर्मचारियों का भी इस वॉकेथॉन में प्रतिनिधित्व है।
  • ‘फिट इंडिया वॉकेथॉन’ का उद्देश्य भारत में फिट और स्वस्थ जीवन शैली के बारे में जागरूकता पैदा करना है।
  • यह हाल ही में संपन्न फिट इंडिया फ्रीडम रन ’ में पूरे भारत में 6.5 करोड़ से अधिक लोगों की भागीदारी से इस अभियान के बारे में देश भर में जागरूकता के बारे में पता चलता है।

फिट इंडिया मूवमेंट के बारे में :-

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने दूसरे कार्यकाल में एक महत्वकांक्षी योजना शुरू की। ‘हॉकी के जादूगर’ मेजर ध्यानचंद के जन्मदिवस के मौके पर ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ के साथ देशभर में स्वास्थ्य के प्रति जागरुकता के कार्यक्रम शुरू हुए।
  • योग और स्वच्छता मिशन के बाद यह मिशन कितना हिट होगा और क्या देशवासी फिट होंगे ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा, लेकिन उसके पहले यह जान लेते हैं कि फिट इंडिया जैसे मूवमेंट की जरूरत क्यों है?

बेहद बड़ा है फिटनेस का बाजार :-

  • 6248 अरब रुपए के वैश्विक फिटनेस बाजार में भारत की हिस्सेदारी 214 अरब रुपए की है। आने वाले कुछ वर्षों में इसके 18 फीसदी की दर से बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
  • वहीं देश में फिटनेस एंड वेलनेस स्टार्ट अप ने इस साल 88 अलग-अलग सौदों के जरिए 3639 करोड़ रुपए का फंड इकट्ठा किया है। मोदी सरकार ने फिट इंडिया मूवमेंट भी 2023 तक घोषित किया है। ऐसे में फिटनेस को लेकर जागरुकता होना स्वाभाविक है।
  • वहीं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से वर्ष 2018 का नेशनल हेल्थ प्रोफाइल जारी किया गया, जिसके मुताबिक देश में बीमारियों के आंकड़े दुनिया के लिहाज से ज्यादा हैं। वर्ष 1990 से 2016 के बीच देश में गैर संक्रामक बीमारियां बढ़ने की दर 30 से 55 फीसदी रही।
  • विभिन्न राज्यों में आंकड़े अलग अलग हैं, लेकिन महामारियों की बात की जाए तो गैर संक्रामक बीमारियां 48 से 75 फीसदी तक संक्रमणजनित और संबंधित बीमारियों के फैलने की दर 14 से 43 फीसदी है।
  • विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक भारत में कुपोषण को लेकर आंकड़े अब भी गंभीर हैं, जबकि वर्षों से इस दिशा में काफी कार्यक्रम चलाए जा चुके हैं। भारत में कुपोषण के दो रूप मुख्य हैं एनीमिया और शुरुआती विकास न होना।
  • पांच साल से कम उम्र के वर्ग में 37.9 फीसदी बच्चे देश में स्टंटिंग के शिकार हैं जबकि 20.81 फीसदी बच्चों को ‘वेस्टेड’ श्रेणी में रखा गया है यानी अति गंभीर अविकास। दूसरी ओर, देश में 17.8 फीसदी वयस्क पुरुष और 21.6 फीसदी वयस्क महिलाएं ओवरवेट हैं। देश में बच्चे को जन्म देने वाली 51.4 फीसदी महिलाएं ए नीमिया की शिकार हैं।

युवाओं का पसंदीदा शहर ज्यादा फिट  :-

  • एक सर्वे में युवाओं का सबसे पसंदीदा शहर रह चुका बेंगलुरु हेल्थ के मामले में भी अव्वल है। देश में स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर अग्रणी कंपनियों में से एक जीओक्यूआई ने एक सर्वे के आधार पर बताया कि बेंगलुरु देश का सबसे फिट शहर है।
  • ‘इंडिया फिट रिपोर्ट 2019’ में इस सर्वे के अनुसार बताया गया कि दिल्ली इस सूची में दूसरे पायदान पर है। हालांकि सबसे सक्रिय शहरों की सूची में मुंबई ही नंबर वन है।
  • ऐसा ही एक सर्वे वर्ष 2017 में एक मीडिया संस्थान ने कराया, जिसमें कहा गया था कि 70 फीसदी नियमित रूप से व्यायाम नहीं करते और 62.5 फीसदी कहते हैं कि वो अपने खानपान पर नजर नहीं रखते। 80 फीसदी युवाओं ने कहा था कि वो योग को गंभीरता से नहीं लेते।
  • 60 से 70 फीसदी युवाओं ने माना था कि वो खाते वक्त उसकी क्वालिटी और सेहत पर असर को नजरअंदाज करते हैं। अगर ये दोनों सर्वे मान लिए जाएं तो महज दो सालों के दौरान ही भारतीय तेजी से फिटनेस फ्रीक हुए हैं।
  • 10,000 कदम सामान्य तौर पर लोगों को चलना चाहिए दिनभर में, यूजीसी के अनुसारदो महीने पहले ही एक मार्केट इंटेलिजेंस कंपनी मिंटेल ने 3000 भारतीय वयस्कों को लेकर फिटनेस सर्वे किया।
  • सर्वे मुताबिक 64 फीसदी ने कहा कि वो कसरत नहीं करते, जिन लोगों ने कहा कि वो कसरत करते हैं, उनमें से 67 फीसदी ने माना कि उनका मतलब वॉक करने से रहा। ज्यादातर लोगों ने इस सर्वे में कहा कि कसरत करना चाहते हैं लेकिन 31 फीसदी ने बताया कि कसरत के लिए कामकाजी जीवन में समय नहीं मिल पाता।

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