करेंट अफेयर्स: 21 जून 2021

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करेंट अफेयर्स: 21 जून 2021

सूखे पर यूनाइटेड नेशन डिजास्टर रिस्क रिडक्शन (UNDRR) ने जारी की रिपोर्ट

 18 जून, 2021 को “Global Assessment Report on Disaster Risk Reduction: Special Report on Drought 2021” शीर्षक वाली रिपोर्ट को UNDRR (United Nations Office for Disaster Risk Reduction) ने जारी किया। यह नवंबर 2021 में ग्लासगो में होने वाली COP26 नामक महत्त्वपूर्ण संयुक्त राष्ट्र जलवायु वार्ता में चर्चा का एक हिस्सा होगा।

मुख्य बिंदु:

  • इस रिपोर्ट में कहा गया है कि सूखा एक छुपा हुआ वैश्विक संकट है जो जल-भूमि प्रबंधन और जलवायु आपातकाल से निपटने के लिए तत्काल कार्रवाई नहीं करने पर “अगली महामारी” बन सकता है।
  • इस सदी में दुनिया में लगभग 5 अरब लोग सीधे तौर पर सूखे से प्रभावित हैं।
  • आर्थिक लागत का अनुमान लगभग $124 अरब था। लेकिन वास्तविक लागत कई गुना अधिक होने की संभावना है क्योंकि इन अनुमानों में विकासशील देशों में अधिक प्रभाव शामिल नहीं है।
  • अगले कुछ सालों में दुनिया के अधिकांश हिस्से में पानी की कमी होगी और कुछ निश्चित समय के लिए पानी की माँग आपूर्ति से अधिक हो जाएगी।
  • इस रिपोर्ट में प्रकाश डाला गया है कि सूखा अब व्यापक है और इस सदी के अंत तक अधिकांश देश किसी न किसी रूप में इसका अनुभव करेंगे।
  • इस रिपोर्ट के अनुसार, देश की अर्थव्यवस्था में खेती का योगदान भले ही कम हो रहा है लेकिन सूखे की स्थिति में जीडीपी का 2-5 फीसदी तक नुकसान होता है।
  • पानी की कमी के कारण लोग स्थान्तरित हो रहे हैं और दूसरी तरफ मरुस्थलीय इलाके तेजी से बढ़ रहे हैं। 
  • UNDRR की रिपोर्ट ने भारत में दक्कन पठारी भाग का अध्ययन किया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि दक्कन पठारी भूभाग में प्रत्येक तीन वर्ष में एकबार सूखे की समस्या आती है जिसके कारण बड़े पैमाने पर स्थान्तरण होता है। महाराष्ट्र और कर्नाटक से हर साल कई गाँव खाली हो जाते है। हजारों की आबादी में केवल कुछ लोग गाँव में बाकी रह जाते हैं।
  • जलवायु परिवर्तन से वर्षा का पैटर्न बदलने लगा है जो की सूखे के प्रमुख कारक हैं।
  • हालाँकि, इस रिपोर्ट में जल संसाधनों के अकुशल उपयोग, गहन कृषि के तहत भूमि का क्षरण और खराब कृषि पद्धतियों की पहचान भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती है। वनों की कटाई, उर्वरकों और कीटनाशकों का ज्यादा उपयोग, खेती के लिए पानी का अतिचारण और अति-निष्कर्षण कुछ अन्य कारक है।

विकसित देशों पर परिदृश्य

  • इस रिपोर्ट के अनुसार, विकसित देश भी सूखे से प्रभावित होते हैं। अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिणी यूरोप ने गत साल में ही सूखे का अनुभव किया है।
  • सूखे की कीमत अमेरिका में 6 बिलियन डॉलर प्रति वर्ष से अधिक है
  • यूरोपीय संघ में सूखे की कीमत 9 बिलियन यूरो है।

केंद्र सरकार ने रखा सड़क दुर्घटना से होने वाली मौतों में 50% की कमी लाने का लक्ष्य

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने 2024 तक सड़क दुर्घटनाएँ और इसके कारण होने वाली मौतें 50 प्रतिशत तक कम करने का लक्ष्य रखा है।

मुख्य बिंदु:

  • फिक्की द्वारा आयोजित ‘Role of Corporates in Arresting Road Fatalities’ पर वर्चुअल सत्र को केंद्रीय मंत्री ने संबोधित करते हुए इस लक्ष्य पर प्रकाश डाला।
  • नितिन गडकरी ने हर राज्य, जिले और शहर में ‘ब्लैक स्पॉट’ की पहचान की आवश्यकता पर जोर दिया।
  • गडकरी के अनुसार, विश्व बैंक और एडीबी(ADB) ने पहले ही एक योजना को मंजूरी दे दी है जिसके तहत सरकार राज्यों, NHAI और अन्य हितधारकों  को ब्लैक स्पॉट को हटाने के लिए 14,000 करोड़ रुपये आवंटित कर रही है।
  • सड़क और परिवहन मंत्रालय सड़क सुरक्षा के चार ‘E’ के पुनर्गठन और सुदृढ़ीकरण से सड़क दुर्घटना में होने वाली मौतों को कम करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहा है। 
  • 4E में शामिल हैं- Engineering (सड़क और ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग), Economy, Enforcement और Education।

भारत में सड़क दुर्घटनाएँ

  • भारत में सड़क दुर्घटनाएँ मौतों और संपत्ति के नुकसान का एक प्रमुख कारण हैं। 
  • विश्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, हालांकि भारत में विश्व के वाहनों का 1% हिस्सा है, लेकिन यह सड़क दुर्घटनाओं में वैश्विक मौतों का 11% भाग है। यह दुनिया भर में सबसे ज्यादा है। 
  • भारत में औसतन 4.5 लाख सड़क दुर्घटनाएँ होती हैं  जिसमें भारत में प्रतिवर्ष 1.5 लाख लोग मारे जाते हैं। 
  • यहां प्रति घंटे 53 सड़क दुर्घटनाएँ होती हैं और हर 4 मिनट में 1 व्यक्ति की मौत होती है। इस रिपोर्ट के अनुसार, सड़क दुर्घटनाओं में 5.96 लाख करोड़ रुपये या सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 3.14 प्रतिशत खर्च होता है।

ग्रामीण विकास के लिए जारी की गई राष्ट्रीय रणनीति

कोरोना महामारी के बाद पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन मंत्रालय ने तीन मसौदा रणनीतियाँ जारी की। इनमें भारत को ग्रामीण एवं मेडिकल पर्यटन गंतव्य के रूप में आगे बढ़ाने और इसे सम्मेलन, बैठक तथा प्रदर्शनी का स्थान बनाने के लिए मसौदा प्रस्तुत किया गया है।

मुख्य बिंदु:

  • यह रणनीति भारत को सम्मेलनों, बैठकों और प्रदर्शनियों के लिए एक स्थान के रूप में स्थापित करने में मदद करेगा।
  • यह ग्रामीण क्षेत्रों में आय, रोजगार पैदा करने में मदद करेगा।
  • साथ ही स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाने के लिए पर्यटन के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना चाहता है।
  • यह ग्रामीण क्षेत्रों से पलायन को कम करने, गरीबी उन्मूलन और सतत विकास में भी सहायता करेगा।
  • दूसरा प्रस्ताव-मसौदा राष्ट्रीय रणनीति और चिकित्सा एवं तंदुरूस्ती पर्यटन-का उद्देश्य भारत को चिकित्सकीय उपचार और तंदुरूस्ती पाठ्यक्रमों के लिए एक पहुंच योग्य तथा वहनीय गंतव्य बनाना है।
  • यह भारत को चिकित्सा उपचार और कल्याण पाठ्यक्रमों के एक सुलभ और किफायती गंतव्य के रूप में आगे बढ़ाना चाहता है। 
  • मेडिकल टूरिज्म और वेलनेस टूरिज्म के विकास के लिए प्रमुख ड्राइवरों में शामिल है-अच्छी स्वास्थ्य सेवाओं की सामर्थ्य और पहुंच, न्यूनतम प्रतीक्षा समय, आतिथ्य सेवाओं के आसपास सुविधा, नवीनतम चिकित्सा तकनीकों और मान्यता की उपलब्धता।
  • मसौदा योजना के अनुसार भारत सरकार मेडिकल यात्रा और तंदुरूस्ती पर्यटन को देश के विकास के लिए एक महत्त्वपूर्ण क्षेत्र के रूप में मान्यता देगा। 
  • यह मसौदा एक महत्त्वपूर्ण क्षेत्र के रूप में चिकित्सा मूल्य यात्रा (medical value travel) और कल्याण पर्यटन (wellness tourism) के लिए सरकार की मान्यता के अनुरूप है, जिसमें भारत के विकास में तेजी लाने और आत्मानिर्भर भारत का लक्ष्य को प्राप्त करने की क्षमता है।

राष्ट्रीय रणनीति का उद्देश्य

राष्ट्रीय रणनीति एक संस्थागत ढांचा प्रदान करने के उद्देश्य से जारी की गई थी जो चिकित्सा और कल्याण पर्यटन के लिए पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत कर सकती है और एक ब्रांड विकसित कर सकती है और गुणवत्ता आश्वासन सुनिश्चित कर सकती है।

MICE destination के बारे में:

भारत को MICE destination के रूप में जगह देने के लिए मसौदा भी सामने रखा गया था। MICE का अर्थ है : “Meetings, Incentives, Conferences and Exhibitions”।

PMC Bank का अधिग्रहण करेगा Centrum Financial Services Limited

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने सेंट्रम फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड (CFSL) को एक लघु वित्त बैंक (Small Finance Bank-SFB) स्थापित करने के लिए “सैद्धांतिक” मंजूरी दे दी है, जो संकटग्रस्त पंजाब और महाराष्ट्र सहकारी बैंक (PMC बैंक) का अधिग्रहण करेगा।

मुख्य बिंदु:

  • भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने गैर-बैंक ऋणदाता Centrum Financial Services और फिनटेक स्टार्टअप भारतपे (BharatPe) के एक संघ को Punjab and Maharashtra Cooperatives Bank (PMC Bank) के अधिग्रहण के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
  • यह निर्णय पंजाब और महाराष्ट्र सहकारी बैंक के पतन के समय लिया गया था। 
  • जब 24 सितंबर, 2019 को जब नियामक ने PMC बैंक पर कई सीमायें लगा दी थी। नियामक ने छह महीने के लिए नकद निकासी को जब्त कर लिया और इसकी लेखा चूक की जांच शुरू की। इसी के बाद, Centrum Financial Services और BharatPe ने फरवरी 2021 में PMC बैंक का अधिग्रहण करने के एक संयुक्त प्रस्ताव प्रस्तुत किया था।
  • इसे संचालन शुरू करने के लिए 120 दिन का समय लगेगा।
  • PMC बैंक के साथ समामेलन एक अलग प्रक्रिया है, जिसमें सरकार द्वारा योजना की अधिसूचना सम्मिलित होगी।
  • प्रथम वर्ष साझेदार 900 करोड़ रुपये लगाएंगे, जिसका इस्तेमाल कारोबार शुरू करने और PMC बैंक के अधिग्रहण के लिए किया जाएगा।
  • 900 करोड़ रुपये की इक्विटी फंडिंग का दूसरा दौर अगले वर्ष होगा।
  • आरबीआई ने सेंट्रम को एक लघु वित्त बैंक (SFB) स्थापित करने के लिए सैद्धांतिक मंजूरी देने का फैसला किया है। जिसे ऑन-टैप लाइसेंसिंग मानदंडों के तहत स्थापित किया जाएगा। ऑन-टैप लाइसेंसिंग का अर्थ है, जब नियामक कई वर्षों में एक बार के बजाय निरंतर आधार पर बैंक लाइसेंस देता है।

Centrum Financial Services के बारे में:

  • यह सूचीबद्ध इकाई सेंट्रम कैपिटल (Centrum Capital) की एक स्टेप-डाउन सहायक कंपनी है जो 2 लाख से 2 करोड़ रुपये की संपत्ति वाली छोटी और मध्यम आकार की कंपनियों को धन प्रदान करती है।  
  • भारतपे का संचालन करने वाली रेजिलिएंट इनोवेशन प्राइवेट लिमिटेड भी लघु वित्त बैंक में एक समान भागीदार होगा।

पंजाब एंड महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड (PMC) के बारे में:

PMC एक बहु-राज्य सहकारी बैंक है जिसे 1983 में बनाया गया था। पूरे भारत में इसकी 137 शाखाएँ हैं जबकि लगभग 100 शाखाएँ महाराष्ट्र में हैं। यह भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा विनियमित है और सहकारी समिति अधिनियम के तहत पंजीकृत है।

वैक्सीन अंतर्राष्ट्रीयवाद (vaccine internationalism) के लिए आयोजित किया गया शिखर सम्मेलन

प्रोग्रेसिव इंटरनेशनल (Progressive International) ने  वैक्सीन अंतर्राष्ट्रीयवाद (vaccine internationalism) के लिए चार दिवसीय शिखर सम्मेलन 18 जून, 2021 को प्रारम्भ किया।

मुख्य बिंदु:

  • इस शिखर सम्मेलन के प्रतिभागी दुनिया भर में टीकों के उत्पादन, वितरण और वितरण को बढ़ावा देना चाहते हैं, क्योंकि अभी दुनिया की केवल 2% आबादी को पूरी तरह से COVID के खिलाफ टीका लगाया गया है।
  • इस शिखर सम्मेलन में प्रौद्योगिकी लाने, पेटेंट छूट को लागू करने और टीकों के तेजी से निर्माण में निवेश करने के लिए ठोस प्रस्तावों पर विचार करने की उम्मीद है।
  • अर्जेंटीना, मैक्सिको, बोलीविया, क्यूबा, ​​वेनेज़ुएला, केरल (भारत) और किसुमू (केन्या) की सरकारों के प्रतिनिधियों सहितचार वैक्सीन निर्माताओं, फिओक्रूज़ (ब्राज़ीलियाई निर्माता), विरचो लेबोरेटरीज (भारतीय निर्माता), बायोलिस (कनाडाई फर्म) और बायोफार्मा क्यूबा (क्यूबा निर्माता) इसमें सम्मिलित हो रहे हैं।
  • यह शिखर सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य “कोविड -19 महामारी को जल्द से जल्द समाप्त करने और सभी के लिए कोविड​​​​-19 टीकों को सुरक्षित करने” के लक्ष्य के साथ शुरू किया गया था।
  • यह वैक्सीन शिखर सम्मेलन लगभग 20 देशों के राजनीतिक नेताओं, वैश्विक दक्षिण सरकारों, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और वैक्सीन निर्माताओं को एक साथ सम्मिलित करता है।
  • हाल ही में, संयुक्त राष्ट्र (UN) के सहायता प्रमुख मार्क लोकॉक ने G-7 योजना की गंभीर नहीं होने और आवश्यक तात्कालिकता की कमी के रूप में आलोचना की थी।
  • यह शिखर सम्मेलन वैक्सीन राष्ट्रवाद पर विभिन्न मंशाओं की पृष्ठभूमि में आयोजित किया जा रहा है।
  • एक तरफ जहां विकसित अर्थव्यवस्थाओं को घरेलू वैक्सीन के उत्पादन से लाभ हो रहा है, वही गरीब देशों को वैक्सीन तक नही मिल रही है।

7th International Yoga Day 2021

अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस हर साल  21 जून को पुरे विश्व में मनाया जाता है। पहली बार यह दिवस 21 जून, 2015 को मनाया गया, जिसकी पहल भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नें 27 सितम्बर, 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा में किया।

मुख्य बिंदु:

  • इस वर्ष की थीम है- Be with Yoga, Be at Home यानी योग के साथ रहें, घर पर रहें।
  • योग के माध्याम से न केवल शरीर के अंगों बल्कि मन, मस्तिष्क और आत्मा में संतुलन बनाया जाता है।
  • शरीर की क्रियाशीलता को बढ़ाने और बेहतर सेहत के लिए योग करना बेहद महत्त्वपूर्ण है। 
  • योग शब्द की उत्पत्ति संस्कृत धातु ‘युज’ से हुई है जिसका मतलब व्यक्तिगत चेतना होता है। ऐसा कहा जाता है कि योग का इतिहास 26 हजार साल पुराना है। 
  • योग के जनक महर्षि पतंजलि हैं जिन्होंने आस्था, धर्म और अंधविश्वास से अलग हटकर योग की व्याख्या की। 
  • यह दिन यानी 21 जून वर्ष का सबसे लम्बा दिन होता है। इस दिन सूर्योदय जल्दी होता है और सूर्यास्त होने में अधिक समय लगता है। कहा जाता है कि ग्रीष्म संक्रांति के बाद सूर्य दक्षिणायन हो जाता है। यही कारण है कि योग दिवस 21 जून को मनाया जाता है। और इस तरह योग भी मनुष्य को दीर्घ जीवन प्रदान करता है।
  • कोरोना काल में स्वस्थ रहने में योग का महत्त्व और भी बढ़ गया है। वर्तमान समय में लोगों की रुचि योग के प्रति अधिक हुई है और व्यापक तौर पर लोग इसे अपना रहे हैं।
  • इस कोरोना काल में मेडिकल एक्सपर्ट्स, सरकार, योग गुरु और आयुर्वेद सभी लोगों को स्वस्थ्य रहने के लिए योग करने की सलाह दी है। ऐसे में योग दिवस पर लोग अपने घरों में ही योगाभ्यास कर सकते हैं।
  • कोरोना महामारी की वजह से पिछले साल की तरह इस साल भी इसे ज्यादा से ज्यादा डिजिटल, वर्चुअल और इलेक्ट्रॉनिक मंचों के माध्यम से ही कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। प्रति वर्ष की तरह पीएम नरेन्द्र मोदी योग का महत्त्व समझाने और इसके लिए लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से संबोधन देंगे।

World Hydrography day 2021

21 जून को प्रति वर्ष विश्व स्तर पर विश्व हाइड्रोग्राफी दिवस मनाया जाता है। इस दिन को इंटरनेशनल हाइड्रोग्राफिक ऑर्गेनाइजेशन (IHO) द्वारा हाइड्रोग्राफर्स के काम और हाइड्रोग्राफी के महत्त्व को प्रचारित करने के लिए एक वार्षिक उत्सव के रूप में मनाया जाता है।

मुख्य बिंदु:

  • इंटरनेशनल हाइड्रोग्राफिक ऑर्गेनाइजेशन (IHO) साल 2005 में विश्व हाइड्रोग्राफी दिवस मनाने का विचार सुझाया था, और जिसके बाद संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा प्रस्ताव के जरिए महासागरों और समुद्र के कानून में इसे जोड़ा गया । 
  • इस दिवस को सर्वप्रथम वर्ष 2006 में आयोजित किया गया था।
  • इस दिवस को रेडियोग्राफर के काम और जल के महत्त्व को प्रचारित करने के लिए एक वार्षिक उत्सव के रूप में अंतरराष्ट्रीय जल सर्वेक्षण संगठन द्वारा अपनाया गया था।
  • हाइड्रोग्राफिक सर्वेक्षण के अभाव में जहाज़ों या मछली पकड़ने वाली नौकाओं के लिए नेवीगेशन (संचालन) काफी कठिन हो जाता है।
  • इसे मनाए जाने का दिन को अंतर्राष्ट्रीय हाइड्रोग्राफिक संगठन की स्थापना की वर्षगाँठ भी है। इस वर्ष इंटरनेशनल हाइड्रोग्राफिक ऑर्गेनाइजेशन (IHO) अपनी 100 वीं वर्षगाँठ भी मना रहा है।

हाइड्रोग्राफी के बारे में: 

  • हाइड्रोग्राफी का अभिप्राय विज्ञान की उस शाखा से है, जिसमें पृथ्वी की सतह के नौगम्य भाग और उससे सटे तटीय क्षेत्रों की भौतिक विशेषताओं को नापा जाता है एवं उसका वर्णन किया जाता है। इसके अंतर्गत महासागरों, समुद्रों, तटीय क्षेत्रों, झीलों और नदियों आदि को मापने के अतिरिक्त आगामी समय में इनमें आने वाले अलग-अलग परिवर्तनों की व्याख्या की जाती है।
  • हाइड्रोग्राफी का अर्थ पृथ्वी पर पानी और जलभंडार का नापजोख और विवरण देना है।
  • यह पृथ्वी पर मौजूद नदी, झील तालाब और समुद्र के आकार, गहराई, पानी के मात्रा तथा जल के स्तर का नियंत्रण रखता है। 
  • इसका मुख्य उद्देश्य नेविगेशन (जहाज और नाव के संचालन) में सुविधा के लिए डेटा उपलब्ध करना है।

अंतर्राष्ट्रीय हाइड्रोग्राफिक संगठन (IHO) के बारे में:

  • अंतर्राष्ट्रीय हाइड्रोग्राफिक संगठन (IHO) साल 1921 में गठित एक अंतर-सरकारी संगठन है जो विश्व के सभी समुद्रों, महासागरों और नौगम्य जल क्षेत्रों के सर्वेक्षण का कार्य करता है।
  • इसका मुख्यालय मोनाको में है।

World Music Day 2021

हर साल 21 जून को विश्व संगीत दिवस (World Music Day) मनाया जाता है। इस दिन के आयोजन का मुख्य उद्देश्य संगीत के माध्यम से शांति और सद्भावना को बढ़ावा देना है। 

मुख्य बिंदु:

  • संगीत के उपहार के लिए संगीतकारों और गायकों को सम्मानित करने के लिए प्रति वर्ष 21 जून को वर्ल्ड म्यूजिक डे (World Music Day) मनाया जाता है, जो कल्पना को जागृत और जीवन को उड़ान देता है। 
  • इस कला की शक्ति का जश्न मनाने के लिए इस दिवस को मनाया जाता है।
  • यह नवोदित, युवा और पेशेवर संगीतकारों को अपनी कला का प्रदर्शन करने के लिए, उन्हें प्रेरित करने के लिए मनाया जाता है। 120 से अधिक देश विश्व संगीत दिवस मनाते हैं।
  • विश्व संगीत दिवस सबसे पहले 21 जून, 1982 को फ्रांँस में मनाया गया था। 
  • इस दिवस के आयोजन की सबसे पहले कल्पना वर्ष 1981 में फ्रांँस के तत्कालीन संस्कृति मंत्री द्वारा की गई थी। तब से इस दिन को हर साल विश्व संगीत दिवस के रूप में मनाया जाता है। 
  • भारत समेत विश्व के विभिन्न देशों में इस अवसर पर जगह-जगह संगीत प्रतियोगिताओं और संगीत कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। 
  • आज के समय में संगीत एक ऐसा सशक्त माध्यम बन गया है, जिसका प्रयोग वैज्ञानिकों द्वारा व्यक्ति को मानसिक रोगों व व्याधियों से मुक्ति प्रदान करने के लिये किया जा रहा है। 
  • संगीत एक कैरियर के रूप में भी असीम संभावनाओं से भरा हुआ है और मौजूदा समय में युवा संगीत में अपना करियर बना रहे हैं।

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