करेंट अफेयर्स: 15 जून 2021

  • utkarsh
  • Jun 15, 2021
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करेंट अफेयर्स: 15 जून 2021

World Elder Abuse Awareness Day

विश्व भर में बुजुर्गों के साथ हो रहे दुर्व्यवहार को रोकने और लोगों को इसके प्रति जागरूक करने के लिए हर साल 15 जून को  बुजुर्ग दुर्व्‍यवहार रोकथाम जागरूकता दिवस मनाया जाता है। 

मुख्य बिंदु 

  • इस दिवस को मनाने का प्रस्ताव 2006 में इंटरनेशनल नेटवर्क फॉर द प्रीवेंशन ऑफ एल्डर एब्यूज (आई एन पी ई ए) ने रखा था। 
  • ततपश्चात दिसंबर 2011 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 66/127 के अंतर्गत प्रस्ताव पारित करके इसे हर साल 15 जून मनाए जाने की घोषणा कर दी।  
  • संयुक्त राष्ट्र, समाज के प्रति बुजुर्गों के योगदान को मान्यता देने और उसकी सराहना करने के लिए हर साल 1 अक्टूबर को भी बुजुर्गों के लिए अंतर्राष्ट्रीय दिवस मनाता है। 
  • नैशनल सेंटर फॉर एल्डर एब्यूज (एन सी ई ए) ने लोगों में जागरूकता फैलाने के लिए थीम्स को अपनी मान्यता दी है. 
    •  2021 की थीम हैएक्सेस टू जस्टिस 
    •  2020 की थीम है  लिफ्टिंग अप 

भारत में बुजुर्गों के प्रति दुर्व्यवहार के आंकड़े 

  • 2018 में हेल्पेज इंडिया द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, भारत में 60 वर्ष से ऊपर की आबादी का हिस्सा 9.30 प्रतिशत है और भारत में चार बुजुर्गों में से एक के साथ दुर्व्यवहार होता है। 
  • 29 प्रतिशत लोग बुजुर्गों को घर में नहीं रखना चाहते हैं। 
  • 35 प्रतिशत लोगों को बुजुर्गों की सेवा करने में खुशी नहीं मिलती है। 
  • 25 प्रतिशत लोगों को बुजुर्गों के व्यवहार से कुंठा होती है। 
  • 25 प्रतिशत बुजुर्ग मजबूरी में अकेले रहते हैं। 

बुजुर्ग दुर्व्यवहार क्या है? 

समाज में जब बुजुर्गों को सम्मान के साथ देखभाल और सहानुभूति नहीं मिलती है, तो इसे बुजुर्ग दुर्व्यवहार कहते हैं। उनके साथ किया जाने वाला दुर्व्यवहार कई प्रकार से हो सकता है, जैसे- आर्थिक, घरेलू, हिंसात्मक, शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक या फिर उनको अचानक से अनदेखा कर दिया जाना।

बुजुर्ग दुर्व्यवहार विश्व जागरूकता दिवस का महत्त्व

  • बुजुर्गों के साथ किया गया दुर्व्यवहार किसी भी रूप में एक अपराध है। वह समाज में ज्यादा देखभाल और सम्मान पाने के अधिकारी हैं। 
  • उनके साथ किया गया दुर्व्यवहार एक लंबे समय तक उनके मन और शरीर को तकलीफ पहुँचाता है। यह एक ऐसा वैश्विक सामाजिक मुद्दा है जिस पर बहुत जल्दी  ध्यान दिए जाने की जरूरत है। 
  • यह विश्व जागरूकता दिवस बुजुर्गों के सामाजिक और मानव अधिकारों की रक्षा के बारे में है, चाहे वह हमारे माता-पिता हों या फिर वह कोई भी हो। हर बुजुर्ग सम्मान का अधिकारी है, क्योंकि युवा पीढ़ी को बनाने में उनका बहुत योगदान है। 

एक्सेस टू जस्टिस थीम का महत्त्व:

  • यह थीम हमें बुजुर्गों की जरूरतों के बारे में पता लगा कर उनके संसाधनों को तलाश करने के महत्त्व को याद दिलाती है। 
  • जिन बुजुर्गों के साथ हिंसा की घटना हुई है, या उन्हें अनदेखा किया गया है या उन्हें न्यायिक उपचार मिलने में दिक्कतें आ रही हैं,जैसे- अदालतों तक ना पहुँच पाना, खर्च उठाने की क्षमता का ना होना, रहने की सही व्यवस्था ना हो पाना, न्यायिक प्रक्रिया में बाधा आ जाना या फैसले में देरी होना, जैसे तमाम मुद्दों में एक्सेस टू जस्टिस उन बुजुर्गों को अपने सारे मानवीय अधिकारों का प्रयोग करने में मदद करती है। 
  • सामाजिक और स्वास्थ्य के परिप्रेक्ष्य में जब तक दोनों, प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा और सामाजिक सेवा क्षेत्र समस्या को पहचानने और निपटने में अच्छी तरह से सुसज्जित नहीं हो जाते हैं तब तक बुजुर्गों से होने वाले दुर्व्यवहार को अनदेखा किया जाता रहेगा। 

 ICC ने हॉल ऑफ फेम में 10 खिलाड़ियों को किया शामिल

आईसीसी ने अपनी हाॅल ऑफ फेम की लिस्ट में कुल 10 खिलाड़ियों को शामिल किया है। जिनमें भारत के ऑलराउंडर वीनू मांकड का नाम भी शामिल है।

आईसीसी क्रिकेट हॉल ऑफ फेम एक ऐसा समूह है जो अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद् और फेडरेशन ऑफ इंटरनेशनल क्रिकेटर्स एसोसिएशन के सहयोग से बनकर तैयार हुआ है। यह समूह क्रिकेट के दिग्गज खिलाड़ियों की उपलब्धियों की पहचान करके उनको सम्मानित करता है।

मुख्य बिंदु

  • आईसीसी की लिस्ट में शामिल होने वाले ऑलराउंडर वीनू मांकड भारत के सातवें खिलाड़ी हो गए हैं।
  • वीनू मांकड को यह सम्मान उनके खेलने के 60 साल बाद मिला है।
  • इसमें शामिल कुल खिलाड़ियों की संख्या 103 हो गई है।
  • इस  सूची में 5 युगों के 10 खिलाड़ियों को शामिल किया गया है।

2021 में हॉल ऑफ फेम में निम्न 10 खिलाड़ियों को शामिल किया गया है :

  1. ऑब्रे फॉकनर ( साउथ अफ्रीका )
  2. मोंटी नोबल ( ऑस्ट्रेलिया )
  3. सर लेरी कांस्टेनटाईन ( वेस्ट इंडीज)
  4. स्टेन मेककेबे ( ऑस्ट्रेलिया )
  5. वीनू मांकड ( भारत )
  6. टेड डेक्सटर ( इंग्लैंड )
  7. डेसमंड हेन्स ( वेस्टइंडीज )
  8. बॉब विलिस ( इंग्लैंड )
  9. एंडी फ्लावर ( जिंबाब्वे )
  10. कुमार संगकारा ( श्रीलंका )

आईसीसी हॉल ऑफ फेम में शामिल होने वाले वीनू मांकड भारत के सातवें खिलाड़ी हैं। इनसे पहले इस सूची में भारत के इन खिलाड़ियों को शामिल किया गया है :

  1. बिशन सिंह बेदी  ( बॉलर )
  2. कपिल देव        ( ऑल राउंडर )
  3. सुनील गावस्कर ( बल्लेबाज )
  4. अनिल कुंबले    ( बॉलर )
  5. राहुल द्रविड़      ( बल्लेबाज )
  6. सचिन तेंदुलकर ( बल्लेबाज )

वीनू मांकड का क्रिकेट का इतिहास :

  • वीनू मांकड ने अपने जीवन में 44 टेस्ट मैच खेले थे, उन्होंने 31.47 की औसत से कुल 2109 रन बनाए थे और 32.32 की शानदार औसत से कुल 162 विकेट लिए थे। 
  • वे बाएँ हाथ के स्पिन गेंदबाज थे और एक सलामी बल्लेबाज भी थे। 
  • वो भारत के महानतम ऑलराउंडर में से एक थे।
  • 1952 में इंग्लैंड के खिलाफ उनका  प्रदर्शन  यादगार था। वीनू मांकड ने उस मैच में अपनी पहली पारी में 72 रन और दूसरी पारी 184 रन बनाए थे और उसी मैच में 97 ओवर गेंदबाजी भी की थी। 
  • उन्होंने अपने क्रिकेट कैरियर में हर क्रम पर बल्लेबाजी की है। 
  • इसके अलावा उन्होंने आईसीसी हाॅल ऑफ फेम की लिस्ट में शामिल भारत के महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर को भी कोचिंग दी है।

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट इतिहास के 5 युगों से दोदो खिलाड़ियों को जगह दी गई है :

● 1918 से पहले के युग से ऑब्रे फॉकनर (साउथ अफ्रीका) और मोंटी नोबल(ऑस्ट्रेलिया)

● 1918 से 1945 के बीच के युग से सर लेरी कांस्टेनटाईन (वेस्ट इंडीज) और स्टेन मेककेबे      (ऑस्ट्रेलिया)

●  1946 से 1970 के बीच के युग से वीनू मांकड (भारत) और टेड डेक्सटर (इंग्लैंड)

● 1971 से 1995 के एकदिवसीय क्रिकेट युग से डेसमंड हेन्स (वेस्टइंडीज) और बॉब विलिस (इंग्लैंड)

1996 से 2016 के आधुनिक युग से एंडी फ्लावर (जिंबाब्वे) और कुमार संगाकारा (श्रीलंका)

Project O2 for India

कोविड-19 की दूसरी लहर के कारण देश के तमाम हिस्सों में मेडिकल ऑक्सीजन की मांग बहुत ज्यादा बढ़ गई है। मेडिकल ऑक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन के द्वारा देश में ‘ Project O2 for India ‘ की शुरुआत कर दी गई है।

मुख्य बिंदु

● ‘ प्रोजेक्ट ओ2 फॉर इंडिया ‘ कच्चे माल की आपूर्ति सुनिश्चित करेगा।

● नए ऑक्सीजन प्लांट को शुरू करने के लिए और कंप्रेसर निर्माण में जरूरी कच्चे माल की आपूर्ति करने में मदद मिलेगी।

● देश में पर्याप्त ऑक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए मेडिकल ऑक्सीजन के निर्माण में तेजी आएगी।

कोविड-19  की तीसरी लहर की चेतावनी के बीच भारत भविष्य में ऐसे संकट से निपटने की बुनियादी तैयारियों में  सक्षम हो रहा है, जिसके लिए ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना, मॉड्यूलर अस्पताल और प्रोजेक्ट ओ2 इस दिशा में उठाए जाने वाले कुछ महत्त्वपूर्ण कदम हैं।

ऑक्सीजन के लिए एक राष्ट्रीय संघ, जिओलाइट जैसे कच्चे माल की आपूर्ति , कंप्रेसर का निर्माण, छोटे ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना को एक सक्रिय रूप दे रहा है।

‘ डी आर डी ओ ‘ के अनुसार महामारी से लड़ने की जरूरतों को पूरा करने के लिए कुल 850 ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना देश के विभिन्न जिलों में की जा रही है। इसके लिए जरूरी धन की व्यवस्था  ‘ पीएम केयर्स फंड ‘ से की जाएगी।

विशेषज्ञों की एक समिति भरत आधारित निर्माता संघ से प्राप्त होने वाले उपकरणों जैसे ऑक्सीजन प्लांट, ऑक्सीजन  कंसन्ट्रेटर, वेंटिलेटर और देश में चलाए जा रहे दूसरे स्टार्ट – अप एवं अन्य माइक्रो स्मॉल एंड मीडियम इंटरप्राइजेज ( एम एस एम ई) का मूल्यांकन कर रही है। 

नफ्ताली बेनेट (Naftali Bennett) बने इजरायल के नए प्रधानमंत्री 

नफ्ताली बेनेट ने इजरायल के 13वें प्रधानमंत्री के रूप में पद की शपथ ली है। इसके साथ ही 12 वर्षों से प्रधानमंत्री पद पर काबिज बेंजामिन नेतन्याहू का कार्यकाल समाप्त हो गया। 

मुख्य बिंदु:

● नफ्ताली बेनेट ने संसद में सबसे कम अंतर 60-59 मतों के साथ विश्वास मत जीता।
● इजराइल की संसद नेसेट में 120 सदस्य हैं, जिसमें 60 सदस्यों ने पक्ष में और 59 सदस्यों ने विरोध में मतदान किया।
● उनकी इस जीत ने देश के पूर्व प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के 12 साल के शासन को समाप्त कर दिया। बेंजामिन नेतन्याहू इजरायल के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले नेता हैं।
● नफ्ताली बेनेट इजरायल के पूर्व रक्षा मंत्री हैं। वे दक्षिणपंथी यामिना पार्टी (Yamina Party) के नेता हैं।
● उन्होंने इजरायल की संसद नेसेट में 60-59 वोटों से विश्वासमत हासिल किया।
● दरअसल, नई सरकार अलग-अलग विचारधारा के दलों का गठबंधन है। इनमें दक्षिणपंथी, वामपंथी, मध्यमार्गी के साथ अरब समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाली एक पार्टी भी शामिल है।
● इस सत्ता-साझाकरण सौदे की वजह से नफ्ताली बेनेट सितंबर, 2023 तक प्रधान मंत्री रहेंगे।
● इसके बाद वह अगले दो साल के लिए यायर लैपिड (Yair Lapid) को सत्ता सौंपेंगे।
● बेनेट ने अपने संबोधन में कहा कि इजरायल कभी भी ईरान को परमाणु हथियार बनाने की क्षमता हासिल नहीं करने देगा।
● बेंजामिन नेतन्याहू दक्षिणपंथी लिकुड पार्टी के प्रमुख रहेंगे और विपक्ष के नेता का भी पद संभालेंगे।
● इससे पहले श्री बेनेट ने इन्होंने कई मंत्री पदों पर भी कार्य किया है। वे 2013-15 तक अर्थव्यवस्था मंत्री, 2013-19 तक प्रवासी मंत्री, 2015-19 तक शिक्षा मंत्री और 2019-20 के दौरान रक्षा मंत्री रहे।
● वे अपने करियर के दौरान अलग-अलग दलों से जुड़े हुए रहे हैं। 2013-18 तक वे ‘द ज्यूइश होम’, 2018-19 के दौरान ‘न्यू राईट’, 2019 में यामिना, 2019-20 के दौरान ‘न्यू राईट’ और 2020 से ‘यामिना’ दल के साथ जुड़े हुए हैं।

कन्नड़ अभिनेता संचारी विजय (Sanchari Vijay) का निधन 

14 जून, 2021 को 38 वर्षीय प्रसिद्ध कन्नड़ अभिनेता संचारी विजय की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई है। उनके निधन के बाद परिवार ने उनके अंगो को दान करने का निर्णय लिया है।

मुख्य बिंदु:

●  सड़क दुर्घटना में संचारी विजय के मस्तिष्क में गंभीर चोट लगी थी। इसके बाद उन्हें आईसीयू में भर्ती किया गया था। विजय के मस्तिष्क ने काम करना बंद कर दिया था और डॉक्टर ने विजय को ब्रेन डेड घोषित कर दिया।

●  उनके निधन पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री समेत कई गणमान्य लोगों ने शोक व्यक्त किया है।

●  संचारी विजय (Sanchari Vijay) का जन्म 1983 में कर्नाटक के चिकमंगलूर में हुआ था।

●  उन्होंने अपने करियर में कन्नड़ सिनेमा के अलावा कई तमिल, तेलुगु और हिंदी फिल्मों में भी कार्य किया है।

●  विजय ने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में रंगप्पा होगबितना फिल्म से की थी।

●  उनकी कुछ प्रसिद्ध फ़िल्में इस प्रकार हैं : रामा रामा रघु रामा, दसवाला, हरिवु, ओग्गाराने, नानू अवन्ल्ला अवलू, किलिंग वीरप्पन, सिनेमा माय डार्लिंग, वर्मान, अव्यक्त, कृष्ण तुलसी, अदुवु गोम्बे, जेंटलमैन।

●  नानू अवन्ल्ला अवलू में उन्होंने एक ट्रांसजेंडर की भूमिका निभाई थी। जिसके लिए उन्हें 62वें नेशनल फिल्म अवाॅर्ड में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

ब्रेन डेड क्या होता है:

●  विशेषज्ञों की मानें तो ब्रेन डेड शरीर की उस अवस्था को कहते हैं जब शरीर की चेतना खत्म हो जाती है।

●  सरल शब्दों में कहें तो ब्रेन डेड के चलते मरीज में चेतना जागृत नहीं रहती है और मरीज शारीरिक प्रतिक्रिया देना बंद कर देता है।

●  इस स्थिति में मरीज को वेंटीलेटर पर रखा जाता है। 

● मस्तिष्क का पिछला हिस्सा रीढ़ की हड्डी से जुड़ा होता है । यह हिस्सा शरीर की महत्त्वपूर्ण गतिविधियों में अहम भूमिका निभाता है। खासकर बोलने, चलने, देखने और हाव-भाव प्रकट करने में ब्रेन स्टेम की मुख्य भूमिका होती है।

● शरीर के सभी प्रमुख अंग काम करते हैं, परन्तु शारीरिक प्रतिकिया नहीं देते हैं।

भारत ने शुरू किया Extension of Hospitals’ प्रोजेक्ट

 कोरोना की दूसरी लहर में लोगों को अस्पतालों में बेड्स, दवाइयाँ और ऑक्सीजन की भारी कमी देखने को मिली और अब इन सबसे निपटने के लिए सरकार कई राज्यों में ‘Extension of Hospitals’ शुरू करने जा रही है।

मुख्य बिंदु:

● यह परियोजना मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्रों और छोटे शहरों में चलाई जाएगी।

● इसमें मॉड्यूलर अस्पताल बनाए जाएंगे, जो मुख्यतः अस्पताल के बुनियादी ढांचे का ही विस्तार होंगे।

● इसे मौजूदा अस्पताल भवन के बगल में बनाया जाएगा।

● इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य कोविड-19 की दूसरी लहर में अस्पतालों के बुनियादी ढांचे पर पड़े भारी दबाव को कम करना है।

● देश के विभिन्न हिस्सों में इस प्रोजेक्ट को लागू करने के लिए धन की व्यवस्था की जा रही है। इसलिए इस परियोजना के लिए, प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के कार्यालय ने निजी क्षेत्र की कंपनियों, डोनर संगठनों और व्यक्तियों को आमंत्रित किया है। वे राष्ट्रीय महत्त्व की कई अन्य परियोजनाओं के साथ पहल का समर्थन करेंगे। 

● अभी राज्यों में लगभग 50 ऐसे अस्पतालों का चयन किया गया है जहां सबसे ज्यादा कोविड-19 मामले सामने आए हैं।

● इन मॉड्यूलर अस्पतालों को मौजूदा अस्पतालों के बगल में बुनियादी ढांचे के विस्तार के रूप में तैयार किया जाएगा, ताकि मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्टर (Operational Infrastructure) पर भार को कम किया जा सके।

● रिपोर्ट के मुताबिक आईसीयू के साथ 100 बेड वाले ऐसे 50 मॉड्यूलर अस्पताल तैयार किए जाएंगे। इन्हें बनने में तीन हफ्ते का समय लगेगा और इन अस्पतालों को बनाने में 3 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत आएगी। 6-7 हफ्ते में ये पूरी तरीके से चालू हो जाएंगे।

●  पहले चरण में 100 बेड का माड्यूलर अस्पताल छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में, महाराष्ट्र के अमरावती, पुणे और जालना में और पंजाब के मोहाली में बनाये जाएंगे।

● ये अस्पताल तक़रीबन 25 साल तक चल सकते हैं। सबसे खास बात ये है कि इन्हें एक सप्ताह से भी कम समय में नष्ट किया जा सकता है और कहीं भी ले जाया जा सकता है।

● आईआईटी मद्रास इसके डिज़ाइन को तैयार करने में मदद करेगी।

● कंपनी ने अमेरिकन इंडियन फाउंडेशन की मदद से मेडिकैब एक्सटेंशन अस्पतालों की तैनाती शुरू कर दी है।

14 जून: विश्व रक्तदाता दिवस (World Blood Donor Day)

दुनियाभर में 14 जून, 2021 को हर साल की भांति विश्व रक्तदाता दिवस मनाया गया। इसे मानाने की शुरुआत साल 2005 से की गई थी।

मुख्य बिंदु:

●  इस दिवस का मुख्य उद्देश्य है, सभी रक्तदाताओं की सराहना करना और रक्त दान के लिए प्रेरित करना। रक्त दान करके शरीर में खून की कमी होने से लोगो की जान बचायी जा सकती है।

●  इस बार की थीम थी- Give blood and keep the world beating

●  इस थीम के पीछे का अर्थ – कोरोना जैसी महामारी, जिसने दुनियाभर में तबाही मचायी है उसे तब ही हराया जा सकता है जब लोग बढ़ चढ़कर रक्तदान करें, और इस अभियान का हिस्सा बनें।

● ट्रांसफ्यूज़न चिकित्सा के क्षेत्र में विशेषज्ञों, नीति-निर्माताओं और 40 से अधिक देशों के गैर-सरकारी प्रतिनिधियों ने मेलबर्न घोषणा तैयार की थी।

● जिसके तहत  सभी देशों के लिए 2020 तक स्वैच्छिक (अवैतनिक) रक्तदाताओं से अपनी सभी रक्त आपूर्ति प्राप्त करने का लक्ष्य स्थापित किया है।

● लेकिन अभी भी कई देशों में रक्तदान के लिए पैसों का लेनदेन होता है, जिसमें भारत भी शामिल है।

●  रिसर्च के मुताबिक भारत में रक्त की आवश्यकता का केवल 75 प्रतिशत ही उपलब्ध है, जबकि विश्व के अन्य देशों में ये आंकड़े अधि‍क हैं।

●  रक्तदान के संबंध में चिकित्सा विज्ञान कहता है कि कोई भी स्वस्थ व्यक्ति जिसकी उम्र 16 से 60 साल के बीच हो, जो 45 किलोग्राम से अधिक वजन का हो और जिसे जो एचआईवी, हेपेटाइटिस बी या हेपेटाइटिस सी जैसी बीमारी न हुई हो, वह रक्तदान कर सकता है।

14 जून ही क्यों

● 14 जून को नोबल पुरस्कार विजेता कार्ल लैंडस्टेनर (Karl Landsteiner) का जन्म हुआ था।

●  उन्होंने मानव रक्‍त में उपस्थित एग्‍ल्‍युटिनि‍न की मौजूदगी के आधार पर रक्‍तकणों का A, B और O समूह में वर्गीकरण किया।

●  इन्ही साइंटिस्ट को ABO ब्लड ग्रुप सिस्टम खोजने का श्रेय मिला है।

● ब्लड ग्रुप्स का पता लगाने वाले कार्ल लैंडस्टेनर के जन्मदिन को ही विश्व रक्तदान दिवस मनाया जाता है।

● कार्ल लैंडस्टीनर के द्वारा ब्लड ग्रुप्स का पता लगाए जाने से पहले तक ब्लड ट्रांसफ्यूजन बिना ग्रुप के जानकारी होता था. इस खोज के लिए सन 1930 में कार्ल लैंडस्‍टाईन को नोबल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

पुणे बेस्ड स्टार्टअप ने एंटीवायरल एजेंट के साथ लेपित 3D-प्रिंटेड मास्क विकसित किये

पुणे बेस्ड एक स्टार्ट-अप फर्म, थिंकर टेक्नोलॉजीज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (Thincr Technologies India Private Limited) ने एक 3D-प्रिंटेड मास्क बनाया है, जिसे एंटी-वायरल एजेंटों के साथ लेपित किया गया है।

मुख्य बिंदु:

● COVID-19 से लड़ने के लिए एक नया तरीका खोजने के लिए इस प्रोजेक्ट को मई, 2020 में Technology Development Board – TDB) से वित्तीय सहायता मिली। जबकि जुलाई 2020 में, मास्क विकसित करने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे।

●  इस स्टार्ट अप ने एक नए प्रकार के मास्क का उत्पादन करने के लिए 3D प्रिंटिंग और फार्मास्यूटिकल्स को एकीकृत किया है जो वायरल कणों के संपर्क में आने पर वायरस पर अटैक करता है।

● यह मास्क एंटी-वायरल एजेंटों के साथ लेपित होते हैं जिन्हें वायरसाइड्स (virucides) कहा जाता है।

●  यह प्रोजेक्ट उन शुरुआती परियोजनाओं में से है जिन्हें प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड (Technology Development Board – TDB) द्वारा व्यावसायीकरण (commercialization) के लिए चुना गया है। प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग का एक वैधानिक निकाय है।

●  ये मास्क सामान्य N-95, 3-प्लाई और कपड़े के मास्क की तुलना में कोविड-19 के प्रसार को रोकने में अधिक प्रभावी हैं।

●  मर्क लाइफ साइंसेज (Merck Life Sciences) की सहायता से यह मास्क विकसित किया गया है। कोटिंग फॉर्मूलेशन का उपयोग कपड़े की परत को कोट करने के लिए किया गया है और कोटिंग की एकरूपता लाने के लिए 3D प्रिंटिंग का उपयोग किया गया है। इस लेपित परत को अन्य मास्क में अतिरिक्त परत के रूप में शामिल किया जा सकता है। इस मास्क में रियूसेबल फ़िल्टर (reusable filters) शामिल हैं, जिन्हें 3D प्रिंटिंग का उपयोग करके विकसित किया गया है।

इथियोपिया में हजारों बच्चे गंभीर रूप से कुपोषित : यूनिसेफ

इथियोपिया के टाइग्रे (Tigray) क्षेत्र में यूनिसेफ (UNICEF) को लगभग 33,000 बच्चे गंभीर रूप से कुपोषित मिले हैं, जिनकी मृत्यु का उच्च जोखिम है।

मुख्य बिंदु:

●  सरकारी बलों और विद्रोहियों के लड़ाई के कारण टाइग्रे क्षेत्र तबाह हो गया है।

●  जिसमें नवंबर, 2020 में संघर्ष शुरू होने के बाद से लगभग 1.70 करोड़ लोग विस्थापित हो चुके हैं।

●  अमेरिका और यूरोपीय संघ ने संयुक्त रूप से सभी युद्धरत पक्षों से युद्धविराम के लिए सहमत होने और लाखों जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाने की अनुमति देने को कहा है। उन्होंने युद्धविराम के माध्यम से बड़े पैमाने पर अकाल को रोकने का आग्रह किया।

●  संयुक्त राष्ट्र समर्थित अध्ययन में पाया गया कि टाइग्रे क्षेत्र में 3,53,000 लोग गंभीर संकट में जी रहे हैं, जबकि इथियोपिया सरकार ने इस खोज को नकारते हुए कहा है कि लोगों को सहायता मिल रही है।

●   यूनिसेफ के अनुसार, क्षेत्र में भोजन न उपलब्ध होने के कारण गंभीर स्थिति उत्पन्न हो चुकी है।

●  लगभग 33,000 बच्चे बीमारी और कुपोषण से संभावित मौत के करीब हैं।

●  दो मिलियन लोग गंभीर संकट के कगार पर हैं।

●  इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद (Abiy Ahmed) ने नवम्बर 2020 में टाइग्रे में जमीनी और हवाई सैन्य अभियान का आदेश दिया था।

● टाइग्रे पीपल्स लिबरेशन फ्रंट (Tigray People’s Liberation Front – TPLF) (एक सत्तारूढ़ दल) पर संघीय सेना शिविरों पर हमला करने का आरोप लगाने के बाद यह अभियान शुरू किया गया।

●  इस संघर्ष ने लगभग हजारों लोगों की जान चली गयी और लगभग 50 लाख लोगों को सहायता की आवश्यकता पड़ी। इथियोपिया सरकार और टाइग्रे पीपल्स लिबरेशन फ्रंट के बीच वास्तविक तनाव 2018 में अबी अहमद की देश के प्रधानमंत्री के रूप में नियुक्ति के साथ ही प्रारम्भ हुआ था।

मध्य प्रदेश लाॅन्च करेगा युवा शक्ति कोरोना मुक्ति अभियान (Yuva Shakti Corona Mukti Abhiyan)

मध्य प्रदेश सरकार कोविड-19 महामारी पर लोगों को जागरूक करने के लिए ‘युवा शक्ति कोरोना मुक्ति अभियान’ (Yuva Shakti Corona Mukti Abhiyan) शुरू करने जा रहा है।

मुख्य बिंदु:

●  मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सहयोग से कोविड महामारी के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए ‘युवा शक्ति कोरोना मुक्ति’ अभियान चलाने का निर्देश दिया है।

●  इसके अंतर्गत उच्च और तकनीकी शिक्षा के शासकीय महाविद्यालयों के शिक्षकों एवं लगभग 16 लाख विद्यार्थियों को ‘कोविड उपयुक्त व्यवहार एवं टीकाकरण’ के संबंध में प्रशिक्षण देकर उनके माध्यम से लोगों को कोरोना के प्रति जागरूक किया जाएगा।

●  इस अभियान की वास्तविक समय निगरानी के लिए मोबाइल एप भी विकसित किया गया है जिसके माध्यम से ‘युवा शक्ति कोरोना मुक्ति’ अभियान की प्रतिदिन की गतिविधियों और प्रगति की समीक्षा की जाएगी।

●  मध्य प्रदेश कोरोना संक्रमण के मामले में भारत में 26वें स्थान पर है।

● राज्य में पिछले कुछ दिनों से 24 घंटे में 500 से कम मामले सामने आ रहे हैं।

●  20 जिलों में अब तक एक भी मामला सामने नहीं आया है। भोपाल, इंदौर और जबलपुर में दोहरे अंक में मामले देखे गए हैं। राज्य में रोजाना करीब 80 हजार टेस्ट हो रहे हैं जबकि ठीक होने की दर 98.3 फीसदी पहुंच गई है।

●  अभियान के अंतर्गत कॉलेजों में विद्यार्थियों को छोटे-छोटे समूहों में कोविड अनुकूल व्यवहार और टीकाकरण के महत्त्व के बारे में जानकारी दी जाएगी।

●  ये विद्यार्थी, अपने परिवार तथा आस-पास के समाज के नागरिकों को कोरोना से बचाव और वैक्सीनेशन से होने वाले लाभों की जानकारी देंगे।

● अभियान की पूर्व तैयारियों के संबंध में उच्च शिक्षा प्रमुख सचिव श्री अनुपम राजन,  तकनीकी शिक्षा सचिव श्री मुकेश गुप्ता शामिल थे।

● राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन एवं यूनिसेफ के राज्य स्तरीय अधिकारियों द्वारा सभी जिलों के लीड कॉलेजों, इंजीनिरिंग एवं पॉलीटेक्निक कॉलेज के प्राचार्य, जिला टीकाकरण अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।

रक्षा मंत्री ने युद्ध इतिहास के अवर्गीकरण के लिए नई नीति को मंज़ूरी दी

भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रक्षा मंत्रालय द्वारा युद्ध कार्यवाही  के इतिहास के संग्रह, अवर्गीकरण और संकलन पर नीति को मंजूरी दे दी है।

मुख्य बिंदु:

● इस नीति में परिकल्पना की गई है कि रक्षा मंत्रालय के तहत प्रत्येक संगठन उचित रखरखाव, अभिलेखीय और इतिहास लिखने के लिए, अभिलेखों को रक्षा मंत्रालय के इतिहास प्रभाग को हस्तांतरित करेंगे।

● रक्षा मंत्रालय इस नीति के तहत युद्ध और ऑपरेशन इतिहास को संगृहीत (archive), अवर्गीकृत (declassify), संकलित (compile) और प्रकाशित (publish) करेगा।

● नई नीति के तहत एक समिति गठित की जाएगी जिसके द्वारा मामला-दर-मामला आधार पर अवर्गीकरण (declassify) किया जाएगा।

● इस नीति के अनुसार, रिकॉर्ड को सामान्यतः 25 वर्षों में अवर्गीकृत किया जाएगा।

● 25 वर्ष से अधिक पुराने अभिलेखों का अभिलेखीय विशेषज्ञों (archival experts) द्वारा मूल्यांकन किया जाएगा और युद्ध या ऑपरेशन के इतिहास संकलित होने के बाद भारत के राष्ट्रीय अभिलेखागार (National Archives of India) में स्थानांतरित कर दिया जाएगा।

● इस नीति का उद्देश्य सीखे गए सबक का विश्लेषण करने और भविष्य की गलतियों को रोकने के लिए किया जाएगा।

● के. सुब्रह्मण्यम और एन.एन. वोहरा समिति की अध्यक्षता वाली कारगिल समीक्षा समिति (Kargil Review Committee) द्वारा अवर्गीकरण पर स्पष्ट नीति के साथ युद्ध इतिहास लिखने के प्रस्ताव की सिफारिश की गई है।

● यह समिति पहले, पिछले युद्धों और अभियानों पर विचार करेगी। युद्धों और ऑपरेशन पर संकलित इतिहास का पहले पांच साल के भीतर आंतरिक रूप से अध्ययन करेगी। 

● उसके बाद, समिति विषय की संवेदनशीलता के आधार पर पूरे या उसके कुछ हिस्सों को सार्वजनिक रूप से जारी करने का निर्णय लेगी।

● इस नीति के आधार पर एक समिति गठित की जाएगी जिसकी अध्यक्षता रक्षा मंत्रालय के संयुक्त सचिव करेंगे। 

● इसमें युद्ध और ऑपरेशन इतिहास के संकलन के लिए सेवाओं के प्रतिनिधि, गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और प्रमुख सैन्य इतिहासकार शामिल होंगे। 

● इस समिति का इतिहास प्रभाग, युद्ध और ऑपरेशन इतिहास के अनुमोदन और प्रकाशन के लिए संकलन करते समय विभिन्न विभागों के साथ समन्वय करने के लिए भी जिम्मेदार होगा।

World Wind Day

दुनियाभर में 15 जून को ग्लोबल विंड डे मनाया जा रहा है। इसे वर्ल्ड विंड डे , विश्व पवन दिवस और विश्व वायु दिवस भी कहा जाता है। यह एक विश्वव्यापी कार्यक्रम है|

मुख्य बिंदु:

  • इस दिवस को मनाने का उद्देश्य लोगो को वायु ऊर्जा और उसकी शक्ति के उपयोग के बारे में जागरूक करना है।
  • विंडयूरोप के अनुसार, तटवर्ती वायु को अब ऊर्जा के सबसे सस्ते रूप के रूप में देखा जाता है, खासकर यूरोप में पवन टरबाइन का उपयोग बिजली पैदा करने में भी होता है।
  • दुनिया भर के कई क्षेत्रों में पवन ऊर्जा का उपयोग करने के लिए विशाल टर्बाइन रहते है।
  • यह दिन दुनियां भर में पवन ऊर्जा का उपयोग और उसकी शक्ति के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए मनाया जाता है।
  • वायु ऊर्जा का एक प्राकृतिक रूप है और यह उन सभी तरीकों पर भी प्रकाश डालता है जो पवन ऊर्जा ऊर्जा प्रणालियों को आकार देने में मदद करता है।
  • यह दिवस समाज में आर्थिक और अन्य विकास को प्रोत्साहित करता है।
  • EWEA(यूरोपियन विंड एनर्जी एसोसिएशन) ने वर्ष 2007 में इस दिन की शुरुआत Wind Day के रूप में की थी।
  • जिसके बाद वर्ष 2009 में EWEA (यूरोपियन विंड एनर्जी एसोसिएशन) और GWEC (ग्लोबल विंड एनर्जी काउंसिल) ने मिलकर विश्व स्तर पर इसे Global Wind Day अथवा World Wind Day के रूप में मनाए जाने की घोषणा की।
4 Comments
  1. Mughe bahut jyada kushi h ki mujhe sahi samay per UTKARSH classes ke bare me pata chala yaha ke har ek teacher behtarin padate h wo kahte h n ki bachhe ka base majbut hona cahiye tabhi wo aage bad sakta or ye kab kiya jata h jab wah 10th tak padai karta h me bhi yahi sochti thi lekin agar yesi coaching classes hogi to student kabhi bhi apni knowledge ko sharp kar sakta h all teacher best padate h per sabse alag andaj me KUMAR GAURAV Sir padate h agar sab teacher ese hi rivise karwake padae to her vaccency me 85% selection to UTKARSH hi karwa dega NIRMAL sir thank you jo aapne ye classes online launch ki

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