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अश्विनी कुमार चौबे का कहना है कि 11 अगस्त 2023 तक देश में 150 जीआईबी हैं

Utkarsh Classes
Updated: 11 Aug 2023
2 Min Read

केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में बताया कि देश में लगभग 150 ग्रेट इंडियन बस्टर्ड हैं।
मंत्रालय द्वारा समय-समय पर द ग्रेट इंडिया बस्टर्ड के संरक्षण के लिए वन आवरण के विशेष अभियान के प्रभाव का मूल्यांकन अध्ययन किया जाता है।
मंत्रालय गंभीर रूप से लुप्तप्राय प्रजातियों और उनके प्राकृतिक निवास स्थलों की रक्षा और केंद्र प्रायोजित योजना- ग्रेट इंडियन बस्टर्ड के संरक्षण और सुरक्षा के लिए वन्य जीव आवास के विकास के घटकों के तहत गुजरात सहित सभी राज्यों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराती है।
इसके अलावा पर्यावरण मंत्रालय ने ‘ग्रेट इंडियन बस्टर्ड का पर्यावास सुधार और संरक्षण प्रजनन-एक एकीकृत दृष्टिकोण' नामक कार्यक्रम के लिए सात वर्षों की अवधि के लिए वर्ष 2016 में सीएएमपीए के तहत 33.85 करोड़ रुपये का परिव्यय मंजूर किया था।
ग्रेट इंडियन बस्टर्ड के संरक्षण के लिए भारतीय वन्यजीव संस्थान और होउबारा संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय कोष (आईएफएचसी), संयुक्त अरब अमीरात के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
जीआईबी (अर्डीओटिस नाइग्रिसप्स), राजस्थान का राजकीय पक्षी है और भारत में इसे सर्वाधिक गंभीर रूप से लुप्तप्राय पक्षी माना जाता है।
जीआईबी मुख्यतः घास के मैदान की प्रमुख प्रजाति मानी जाती है, जो चरागाह पारिस्थितिकी तंत्र में पाई जाती है।
जीआईबी की मुख्य आबादी राजस्थान और गुजरात तक ही सीमित है। जबकि जीआईबी छिटपुट तौर पर महाराष्ट्र, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में भी पाई जाती है।
इसे पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के वन्यजीव आवास का एकीकृत विकास के तहत प्रजाति पुनर्प्राप्ति कार्यक्रम के तहत रखा गया है।
जून 2019 में पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, राजस्थान सरकार और भारतीय वन्यजीव संस्थान द्वारा जैसलमेर में डेज़र्ट नेशनल पार्क में एक संरक्षण प्रजनन सुविधा स्थापित की है।
कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रेट इंडियन बस्टर्ड्स की आबादी में वृद्धि करना है जिसके लिए चूजों को जंगल में छोड़ा जाना है।
राजस्थान सरकार ने इस प्रजाति के प्रजनन बाड़ों के निर्माण और उनके आवासों पर मानव दबाव को कम करने हेतु एवं बुनियादी ढाँचे के विकास के उद्देश्य से ‘प्रोजेक्ट ग्रेट इंडियन बस्टर्ड ’लॉन्च किया है।
ग्रेट इंडियन बस्टर्ड सहित वन्यजीवों पर पॉवर ट्रांसमिशन लाइनों और अन्य पॉवर ट्रांसमिशन इन्फ्रास्ट्रक्चर के प्रभावों को कम करने हेतु पर्यावरण के अनुकूल उपायों का सुझाव देने हेतु टास्क फोर्स का गठन।
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