करेंट अफेयर्स: 9 जून 2021

  • utkarsh
  • Jun 09, 2021
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करेंट अफेयर्स: 9 जून 2021

100% वयस्क आबादी का टीकाकरण करने वाला भारत का पहला गांव बना वेयान (Weyan)

वेयान (Weyan), एक सुदूर गाँव जो की जम्मू और कश्मीर के बांदीपोरा जिले में स्थित है , भारत का पहला ऐसा गाँव बन गया है, जिसने COVID-19 के खिलाफ अपनी सभी वयस्क आबादी का 100 % टीकाकरण किया है। इस गांव के सभी वयस्कों को कोविड-19 टीके की खुराक दी जा चुकी है।

मुख्य बिंदु

  • गांव में हुए इस सफल टीकाकरण अभियान का श्रेय स्वास्थ्य कर्मियों को जाता है ।
  • यह गांव बांदीपोरा जिले से 28 किलोमीटर दूर स्थित है तथा इसकी वयस्क आबादी 362 है।
  • गांव में पहुंचने के लिए 18 किलोमीटर की दूरी पैदल चलकर तय करनी पड़ती है क्योंकि वहां कोई पक्की सड़क नहीं है।
  • इस गांव को ‘जम्मू और कश्मीर मॉडल’ के तहत पूरी आबादी का टीकाकरण करने के लिए 10 सूत्री रणनीति अपना कर कवर किया गया था।
  • इस मॉडल के तहत, बूथ-स्तरीय प्रबंधन, पहली रणनीति है, जिसमें पात्र जनसंख्या सूची तैयार करना शामिल है। अगले चरण में “वैक्सीन ऑन व्हील्स” है जिसके अंतर्गत स्वास्थ्यकर्मी दूर-दराज के क्षेत्रों में लोगों को टीका लगाने के लिए पहुंचते हैं।

संयुक्त राष्ट्र महासभा के 76वें सत्र के अध्यक्ष बने मालदीव के अब्दुल्ला शाहिद

मालदीव के विदेश मंत्री अब्दुल्ला शाहिद को 7 जून 2021 को संयुक्त राष्ट्र महासभा (UN General Assembly) के 76वें सत्र का अध्यक्ष निर्वाचित किया गया।

मुख्य बिंदु

  • संयुक्त राष्ट्र महासभा में 193 सदस्य है जिसमे से 191 ने वोट डाला और अब्दुल्ला शाहिद को उनमे से 143 वोट मिले।
  • उनके प्रतिद्वन्द्वी अफगानिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री डॉ. ज़लमई रसूल थे।
  • अब वे सितम्बर में शुरू होने वाली संयुक्त राष्ट्र महासभा के 76वें सत्र की अध्यक्षता करेंगे।
  • हर साल एक एक गुप्त मतदान द्वारा संयुक्त राष्ट्र महासभा का अध्यक्ष चुना जाता है।
  • इसके लिए महासभा के साधारण बहुमत के वोट की जरुरत होती है।
  • महासभा के 76वें सत्र के अध्यक्ष को नियम के अनुसार एशिया-प्रशांत राज्यों के समूह से चुना जाना था।
  • इससे पहले तुर्की के वोल्कन बोज़किर (Volkan Bozkir) महासभा के अध्यक्ष थे।

संयुक्त राष्ट्र महासभा (UN General Assembly – UNGA)

  • संयुक्त राष्ट्र महासभा का गठन 1945 में हुआ था और यह संयुक्त राष्ट्र के 6 अंगों में से एक है.
  • इसका कार्य नीति निर्माण से सम्बंधित है।
  • वर्तमान में इसके 193 सदस्य हैं।
  • संयुक्त राष्ट्र महासभा संयुक्त राष्ट्र के बजट को मंज़ूरी देती है।

भारत को संयुक्त राष्ट्र आर्थिक और सामाजिक परिषद (ECOSOC) के लिए चुना गया

7 जून 2021 को भारत को संयुक्त राष्ट्र आर्थिक और सामाजिक परिषद (United Nations Economic and Social Council – ECOSOC) के लिए 2022-24 की अवधि के लिए चुना गया है। ECOSOC एक स्थायी दुनिया के लिए सामूहिक कार्रवाई को बढ़ावा देने के लिए लोगों और मुद्दों को एक साथ लाता है तथा यह संयुक्त राष्ट्र विकास प्रणाली के केंद्र में है।

मुख्य बिंदु

  • एशिया-प्रशांत श्रेणी से भारत के अलावा अफ़ग़ानिस्तान, कजाकिस्तान और ओमान को भी चुना गया है ।
  • अफ्रीका से आइवरी कोस्ट, एस्वातिनी, मॉरिशस, ट्यूनीशिया और तंज़ानिया को चुना गया।
  • क्रोएशिया और चेक गणराज्य को पूर्वी यूरोप से चुना गया।
  • बेलीज़, चिली और पेरू को लैटिन अमेरिका और कैरिबियन से चुना गया।
  • इन चुनावों में  ग्रीस, न्यूजीलैंड, डेनमार्क और इजरायल को 1 जनवरी, 2022 से 31 दिसंबर 22 तक के लिए चुना गया है।

संयुक्त राष्ट्र आर्थिक और सामाजिक परिषद (United Nations Economic and Social Council – ECOSOC)

  • संयुक्त राष्ट्र आर्थिक और सामाजिक परिषद (United Nations Economic and Social Council – ECOSOC) का गठन 26 जून, 1945 को संयुक्त राष्ट्र की एक एजेंसी के रूप में हुआ।
  • इसका मुख्यालय अमेरिका के न्यूयॉर्क में स्थित है।
  • यह समन्वय, नीति समीक्षा, नीतिगत संवाद, आर्थिक, सामाजिक एवं पर्यावरणीय मुद्दों पर सिफारिशों के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर लक्ष्यों के कार्यान्वयन हेतु प्रमुख निकाय है।
  • यह सामाजिक और आर्थिक मुद्दों पर चर्चा के लिए एक प्रमुख फोरम है, तथा यह नीति निर्माण के लिए भी अपनी राय देता है।
  • यह सतत् विकास पर बहस एवं अभिनव सोच के लिये संयुक्त राष्ट्र का केंद्रीय मंच है।
  • प्रतिवर्ष ECOSOC सतत् विकास के लिये वैश्विक महत्त्व की वार्षिक थीम के इर्द-गिर्द अपनी कार्य संरचना बनाता है। यह ECOSOC के साझेदारों एवं संपूर्ण संयुक्त राष्ट्र विकास प्रणाली पर ध्यान केंद्रित करता है।
  • यह संयुक्त राष्ट्र की 14 विशिष्ट एजेंसियों, दस कार्यात्मक आयोगों और पाँच क्षेत्रीय आयोगों के कार्यों का समन्वय करता है, नौ संयुक्त राष्ट्र निधियों और कार्यक्रमों से रिपोर्ट प्राप्त करता है तथा संयुक्त राष्ट्र प्रणाली व सदस्य राज्यों के लिये नीतिगत सिफारिशें जारी करता है।

MIT के विद्यार्थियों ने कार्बन नैनोट्यूब से बिजली उत्पन्न की

MIT (Massachusetts Institute of Technology) के इंजीनियरों ने बिजली पैदा करने का एक नया तरीका खोजा है जिसमे वे कार्बन नैनोट्यूब का उपयोग करते है ।

मुख्य बिंदु

  • कार्बन नैनोट्यूब से बनी एक नई सामग्री में अपने पर्यावरण से ऊर्जा एकत्र करके बिजली पैदा करने की क्षमता है।
  • सूक्ष्म कार्बन कण अपने चारों ओर मौजूद तरल के साथ क्रिया करके करंट बना सकते हैं।
  • यह तरल एक कार्बनिक विलायक है जो नैनोकणों से इलेक्ट्रॉनों को आकर्षित करता है, जिससे की करंट उत्पन्न होता है।
  • इस करंट का उपयोग सूक्ष्म या नैनोस्केल रोबोट को शक्ति देने व रासायनिक प्रतिक्रियाओं को चलाने, तथा अल्कोहल ऑक्सीकरण के रूप में जानी जाने वाली प्रतिक्रिया को चलाने के लिए किया जा सकता है।
  • यह खोज कार्बन नैनोट्यूब पर शोध से आगे बढ़ी।
  • कार्बन परमाणुओं की जाली से बने कार्बन नैनोट्यूब खोखले होते हैं तथा इनमे अद्वितीय विद्युत गुण होते हैं।
  • 2010 में थर्मोपावर तरंगों को उत्पन्न करने के लिए कार्बन नैनोट्यूब की क्षमता को प्रदर्शित किया गया था।
  • कार्बन नैनोट्यूब को ईंधन की परत के साथ लेपित किये जाने पर, ट्यूब के साथ यात्रा करने वाली थर्मोपावर तरंगों की चलती पल्सेज, विद्युत प्रवाह उत्पन्न करती हैं।

कार्बन नैनोट्यूब की विशेषता
कार्बन नैनोट्यूब का हिस्सा टेफ्लॉन जैसे पॉलीमर के साथ लेपित किये जाने पर , एक विषमता (asymmetry) पैदा होती है। इससे इलेक्ट्रॉनों के लिए ट्यूब के बिना लेपित वाले हिस्से में प्रवाहित होना संभव हो जाता है, जिससे विद्युत प्रवाह उत्पन्न होता है।

देश की पहली इलेक्ट्रिक व्हीकल सिटी बनी केवड़िया

05 जून, 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एलान किया कि केवड़िया देश की पहली इलेक्ट्रिक व्हीकल सिटी होगी। यानी इस इलाके में सिर्फ इलेक्ट्रिक वाहन ही चलाए जा सकेंगे।

मुख्य बिंदु

  • स्टैच्यू ऑफ यूनिटी एरिया डेवलपमेंट एंड टूरिज्म गवर्नेंस अथॉरिटी (SOUADTGA) ने कहा है कि वह गुजरात के केवड़िया में स्थित इस क्षेत्र को वाहनों के प्रदूषण से मुक्त क्षेत्र के तौर पर विकसित करेगा।
  • केवड़िया में 182 मीटर ऊँचे स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के आसपास के क्षेत्र को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक-व्हीकल-ओनली जोन में तब्दील किया जाएगा।
  • केवड़िया में सिर्फ बैटरी आधारित बसें, दुपहिया और चार पहिया वाहन चलाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।
  • प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2019 में सिर्फ केवड़िया में इलेक्ट्रॉनिक वाहनों को प्राथमिकता देने का फैसला किया था।
  • योजना के तहत सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा के आसपास रहने वाले स्थानीय निवासियों को इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहन खरीदने में मदद की जाएगी। SOUADTGA ने कहा कि वह इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के लिए सब्सिडी भी देगी।

देश की पहली इलेक्ट्रिक वाहन पर्यटन योजना

केवड़िया में देश की पहली इलेक्ट्रिक वाहन पर्यटन योजना शुरू की गई थी। जिसके तहत यहाँ ईको-फ्रेंडली इलेक्ट्रिक बाइक्स भी लॉन्च की गईं। इन ई-बाइक्स को चलाने के लिए दो घंटे का किराया 1500 रुपये रखा गया है।

क्रिसिल ने भारत के सकल घरेलू उत्पाद का अनुमान 11% से घटाकर 9.5% किया

रेटिंग एजेंसी क्रिसिल (CRISIL) ने वित्त वर्ष 2021-2022 के लिए भारत के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के विकास के अनुमान को 11% से घटाकर 9.5% कर दिया है।

मुख्य बिंदु

  • निजी खपत और निवेश दूसरी कोविड -19 लहर से प्रभावित हुआ है तथा इसने स्वतंत्रता के बाद से भारतीय अर्थव्यवस्था को सबसे गंभीर संकुचन में डाल दिया है।
  • रिपोर्ट के अनुसार 2021 में आई दूसरी कोविड -19 लहर ने राज्यों को लॉकडाउन करने के लिए मजबूर किया, जिससे उपभोक्ता और व्यावसायिक विश्वास फिर से प्रभावित हुआ है।
  • क्रिसिल की रिपोर्ट में टीकाकरण और तीसरी लहर का भी जिक्र करते हुए कहा गया है कि राज्यों की सम्पूर्ण अनलॉक करने की हिचकिचाहट अर्थव्यवस्था को प्रभावित करेगी।
  • रिपोर्ट की माने तो कोविड -19 प्रतिबंध किसी ना किसी रूप में जारी रहेगा और इसकी वजह से अगस्त 2021 तक गतिशीलता प्रभावित होगी।
  • इस रिपोर्ट ने आर्थिक सुधार करने के लिए में टीकाकरण पर जोर देना होगा ।

सुनील छेत्री ने लियोनेल मेसी को अंतर्राष्ट्रीय गोल के मामले में पीछे छोड़ा

भारतीय फुटबॉलर सुनील छेत्री ने अर्जेंटीना के लियोनेल मेसी को अंतर्राष्ट्रीय गोल के मामले में पीछे छोड़ दिया है। वे 74 गोल के साथ दूसरे सबसे अधिक सक्रिय अंतर्राष्ट्रीय गोल करने वाले खिलाड़ी बन गए हैं।

मुख्य बिंदु

  • सुनील छेत्री अब बार्सिलोना के स्टार मेसी से दो गोल से आगे हैं।
  • यूएई के अली मबखौत 73 गोल के साथ तीसरे स्थान पर हैं।
  • छेत्री ने 2022 फीफा विश्व कप और 2023 AFC एशियाई कप के लिए संयुक्त प्रारंभिक क्वालीफाइंग राउंड मैच में बांग्लादेश के खिलाफ यह उपलब्धि हासिल की।
  • सुनील छेत्री स्ट्राइकर या विंगर के रूप में खेलते हैं और इंडियन सुपर लीग की ओर से बेंगलुरु एफसी और भारतीय राष्ट्रीय फुटबॉल टीम दोनों के कप्तान हैं।
  • उन्हें कैप्टन फैंटास्टिक के नाम से जाना जाता है।
  • छेत्री सक्रिय खिलाड़ियों में क्रिस्टियानो रोनाल्डो के बाद, दूसरे सबसे ज्यादा अंतर्राष्ट्रीय गोल करने वाले खिलाड़ी हैं।
  • उनका करियर 2002 में मोहन बागान में शुरू हुआ।
  • 2010 में उन्होंने मेजर लीग सॉकर के लिए साइन किया गया और वे विदेश जाने वाले उपमहाद्वीप के तीसरे खिलाड़ी बने।
  • 2007, 2009, 2012 और 2011 में उन्होंने SAFF चैंपियनशिप में भारत को नेहरू कप जीतने में मदद की।
  • उन्हें 2007, 2011, 2013, 2014, 2017, 2018-19 में रिकॉर्ड 6 बार AIFF Player of the Year से सम्मानित किया गया है।
  • आज तक विश्व में सबसे ज्यादा गोल ईरान के अली देई (109 गोल ) ने किए है, और दूसरे स्थान पर पुर्तगाल के रोनाल्डो (103 गोल) है. इस सूची में छेत्री दसवे स्थान पर हैं।

9 जून: विश्व प्रत्यायन दिवस (World Accreditation Day)

प्रतिवर्ष 9 जून को विश्व प्रत्यायन दिवस (World Accreditation Day) मनाया जाता है। इस दिवस को मनाने की पहल अंतर्राष्ट्रीय प्रत्यायन मंच और अंतर्राष्ट्रीय प्रयोगशाला प्रत्यायन सहयोग द्वारा शुरू की गई थी।

मुख्य बिंदु

  • क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा भारत में यह दिवस मनाया जाता है। 
  • इस अवसर पर National Accreditation Board for Testing and calibration Laboratories और National Accreditation Board for Certification Bodies द्वारा वेबिनार आयोजित किए जाते हैं।
  • Food Safety and Standards Authority of India के अनुसार, भारत में प्रमाणन के संबंध में वर्तमान आवश्यकताएं निम्नलिखित हैं:
  • प्रवीणता परीक्षण
  • रैपिड टेस्ट किट तैयार करना
  • मान्यता प्राप्त संदर्भ सामग्री उत्पादकों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए
  • सूचना के आदान-प्रदान के लिए एकीकृत प्रणाली
  • खाद्य विश्लेषण के लिए रैपिड टेस्ट किट
  • उत्पादों को प्रमाणित करने के लिए प्रत्यायन योजना
  • भारत को भी वर्चुअल असेसमेंट को संस्थागत बनाने की जरूरत है।

भारतीय गुणवत्ता परिषद

भारतीय गुणवत्ता परिषद की स्थापना नीदरलैंड मॉडल के आधार पर एक सार्वजनिक निजी भागीदारी के रूप में उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) द्वारा 1997 में हुई थी। इसका मुख्य उद्देश्य देश में सभी सामाजिक और आर्थिक क्षेत्रों में गुणवत्ता मानकों को स्थापित करना है. भारतीय गुणवत्ता परिषद के प्रमुख प्रवर्तक भारतीय उद्योग परिसंघ, फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री हैं।

रूस ओपन स्काईज संधि से अलग हुआ

अमेरिका के 2020 में समझौते से हटने के बाद, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने हाल ही में ओपन स्काई संधि से रूस की वापसी को औपचारिक रूप देने वाले कानून पर हस्ताक्षर किए।

मुख्य बिंदु

  • ओपन स्काईज संधि एक अंतर्राष्ट्रीय संधि है।
  • इसके तहत राष्ट्रों को पारदर्शिता बढ़ाने के लिए एक दूसरे के सैन्य बलों के बारे में जानकारी एकत्र करने की अनुमति होती है। साथ ही एक सदस्य देश सहमति प्राप्त करने के बाद ही मेजबान देश के किसी भी क्षेत्र की जासूसी कर सकता है। 
  • नवंबर 2020 में अमेरिका ने रूस पर इस संधि का उल्लंघन करने का आरोप लगाया और इस संधि से पीछे हट गया।
  • दूसरी ओर, रूस के अनुसार, इस संधि से अमेरिका की वापसी ने इसके कार्यान्वयन में असंतुलन पैदा कर दिया है इसलिए रूस औपचारिक रूप से इस संधि से अलग हो गया है।
  • ओपन स्काईज संधि का लक्ष्य अपने सदस्यों के बीच विश्वास पैदा करना है। 
  • साथ ही, कोई सदस्य राज्य 72 घंटे से पहले नोटिस देने के बाद मेजबान राज्य की हवाई तस्वीरें ले सकता है।

ओपन स्काइज संधि 

  • 1992 में सोवियत संघ के विघटन के बाद ओपन स्काइज संधि पर हस्ताक्षर किए गए थे। 
  • इसका प्रस्ताव पहली बार 1955 में पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति ड्वाइट आइजनहावर द्वारा शीत युद्ध के तनाव को कम करने के लिए प्रस्तावित की गयी थी। 
  • नाटो के सदस्यों और पूर्व वारसा संधि देशों के बीच इस संधि पर हस्ताक्षर किए गए थे। 
  • 2002 में, 35 से अधिक देशों ने इस संधि पर हस्ताक्षर किए थे। इसमें रूस और अमेरिका भी शामिल थे। 
  • भारत, ओपन स्काइज संधि का सदस्य नहीं है।

केंद्र सरकार ने 80 करोड़ लाभार्थियों के लिए मुफ्त खाद्यान्न योजना नवंबर तक बढ़ाई

07 जून, 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोविड-19 महामारी के दौरान गरीबों को बड़ी राहत देते हुए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) के तहत 80 करोड़ लोगों को गेहूँ और चावल मुफ्त में वितरित करने की योजना को नवम्बर, 2021 तक बढ़ा दिया है।

मुख्य बिंदु

  • केंद्र सरकार ने अप्रैल में कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर के दौरान लोगों की मदद करने के लिए PMGKAY के तहत मई और जून के लिए मुफ्त खाद्यान्न वितरण की घोषणा की थी।
  • इसके लिए केंद्र सरकार ने इस योजना के कार्यान्वयन के लिए 1.70 करोड़ की धनराशि आवंटित की थी।
  • प्रधानमंत्री ने 07 जून को राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में कहा कि पिछले साल जब कोरोना महामारी के कारण लॉकडाउन लगाया गया था, तो प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत 08 महीनों के लिए 80 करोड़ से अधिक लोगों को मुफ्त राशन प्रदान किया गया था तथा इस साल भी महामारी की दूसरी लहर के कारण मई और जून के लिए योजना लागू की गई थी।
  • अब इस योजना के तहत देशभर के करीब 80 करोड़ लोगों को इस साल दिवाली तक पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत मुफ्त में अनाज दिया जाएगा। इस योजना का उद्देश्य कोरोना काल में गरीब और जरूरतमंदों को अनाज मुहैया कराना है।
  • सभी राशन कार्ड धारक इस योजना के माध्यम से 05 किलो अनाज मुफ्त में प्राप्त कर सकते हैं। अगर आपके पास राशनकार्ड नहीं है तो आप इस स्कीम के तहत मुफ्त अनाज नहीं ले सकते। देश में राशनकार्ड वाले लोगों की संख्या 80 करोड़ है।
  • पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत राशनकार्ड पर हर महीने मिलने वाले अनाज के अतिरिक्त मुफ्त 5 किलो अनाज दिया जाता है। आपके राशन कार्ड में जितने लोगों का भी नाम दर्ज है उतने लोगों को 5 किलो अनाज मुफ्त दिया जाता है।

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY)

  • 26 मार्च, 2020 को 21 दिन के लॉकडाउन को ध्यान में रखते हुए, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना कोविड-19 के विरुद्ध लड़ाई में गरीब और संवेदनशील वर्ग की सहायता करने के लिए ‘प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज’ (PMGKP) के हिस्से के रूप में केंद्र सरकार द्वारा आरंभ की गई थी।
  • वित्त मंत्रालय इसका नोडल मंत्रालय है।
  • प्रारंभ में इस योजना की शुरुआत तीन माह (अप्रैल, मई और जून, 2020) की अवधि के लिए की गई थी, जिसमें कुल 80 करोड़ राशन कार्डधारक शामिल थे। बाद में इसे नवंबर, 2020 तक बढ़ा दिया गया था।
  • हालाँकि अप्रैल, 2021 में सरकार ने ‘प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना’ को फिर से शुरू कर दिया था। इस योजना के तहत सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के माध्यम से पहले से ही प्रदान किए गए 05 किलोग्राम अनुदानित खाद्यान्न के अलावा, प्रत्येक व्यक्ति को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के तहत 05 किलोग्राम अतिरिक्त अनाज (गेहूँ या चावल) मुफ्त में उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
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