दक्षिण पूर्व एशिया का पहला नाइट स्काई अभयारण्य/डार्क स्काई रिजर्व जल्द ही हानले, लद्दाख में चालू हो जाएगा। इसकी घोषणा केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, परमाणु ऊर्जा एवं अंतरिक्ष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने नई दिल्ली में आयोजित लद्दाख गौरव प्रदर्शनी में की। उन्होंने यह भी कहा कि उनका मंत्रालय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हानले में नाइट स्काई रिजर्व का उद्घाटन करने का अनुरोध करेगा।
केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख की स्थापना की चौथी वर्षगांठ को चिह्नित करने के लिए मुख्य कार्यकारी पार्षद (सीईसी) ताशी ग्यालसन की पहल पर लद्दाख स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषद (एलएएचडीसी) लेह द्वारा नई दिल्ली में लद्दाख गौरव प्रदर्शनी का आयोजन किया गया था।
इस प्रदर्शनी में लद्दाख के जीआई-टैग किए गए उत्पाद भी प्रदर्शित किए गए थे , जिनमें सीबकथॉर्न, रकत्से कारपोप्रिकॉट्स, लद्दाख की लकड़ी की नक्काशी और पश्मीना ऊन भी शामिल हैं।
डार्क स्काई रिजर्व
डार्क स्काई रिज़र्व क्या है?
भारतीय खगोल भौतिकी संस्थान की स्थापना इसके वर्तमान स्वरूप में 1971 में खगोल विज्ञान, खगोल भौतिकी और भौतिकी के संबद्ध क्षेत्रों में अनुसंधान करने के लिए एक स्वायत्त संस्थान के रूप में की गई थी।
संस्थान को भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा वित्त पोषित किया जाता है।
मुख्य परिसर बैंगलोर शहर के दक्षिण-पूर्वी भाग में कोरमंगला में स्थित है।
इसके कोडाईकनाल, कवलूर, गौरीबिदानूर, हानले और होसाकोटे में फील्ड स्टेशन हैं।
जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम 2019 ने जम्मू और कश्मीर राज्य को केंद्र शासित प्रदेश में बदल दिया और केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख को इससे अलग कर दिया गया।
31 अक्टूबर 2019 को लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश बन गया।
लेह लद्दाख की राजधानी है।
इसका प्रशासन उपराज्यपाल द्वारा किया जाता है।
पहले उपराज्यपाल आर.के.माथुर थे।
वर्तमान उपराज्यपाल : ब्रिगेडियर (सेवानिवृत्त) बी.डी. मिश्रा