करेंट अफेयर्स : 25 जून 2021

  • utkarsh
  • Jun 25, 2021
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करेंट अफेयर्स : 25 जून 2021

भारत और भूटान ने लॉन्च किया ‘Tax Inspectors Without Borders’ कार्यक्रम

संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) तथा आर्थिक सहयोग और विकास संगठन (OECD) संयुक्त रूप से टैक्स इंस्पेक्टर्स विदाउट बॉर्डर्स (TIWB) कार्यक्रम आज भूटान में प्रारंभ किया। भारत को भागीदार क्षेत्राधिकारीके रूप में चुना गया है। भारत ने इस कार्यक्रम के लिए कर-विशेषज्ञ उपलब्ध करवाए हैं। इस कार्यक्रम की अवधि तक़रीबन 24 महीने होगी।

मुख्य बिंदु:

  • इस कार्यक्रम के तहत भारत, यूएनडीपी और टैक्स इंस्पेक्टर्स विदाउट बॉर्डर्स (TIWB) सचिवालय के सहयोग से भूटान के लेखा परीक्षकों को तकनीकी जानकारी और आवश्यक कौशल प्रदान करेगा।
  • TIWB विकासशील देशों की ऑडिट क्षमता का निर्माण करती है।
  • इसके साथ यह राष्ट्रीय कर प्रशासन को मजबूत करने में सहायता प्रदान करने का प्रयास करती है।
  • यह कर मामलों पर सहयोग को मजबूत करने में सहायता करेगा।
  • यह घरेलू कर जुटाने के प्रयासों में योगदान करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के प्रयासों का पूरक है।
  • इसके साथ ही भूटान को सर्वोत्तम लेखा तौर-तरीके बताया जाएगा। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भूटान के कर प्रशासन को मजबूत करने में सहायता प्रदान करना है।
  • यह कार्यक्रम अंतरराष्ट्रीय कराधान और हस्तांतरण मूल्य निर्धारण क्षेत्र पर केंद्रित होगा।
  • केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) के अध्यक्ष जे.बी.महापात्रा अन्य भूटान और OECD के वरिष्ठ अधिकारियों के  साथ इस लॉन्च कार्यक्रम में भाग लिया।
  • यह कार्यक्रम भारत और भूटान के बीच लगातार सहयोग और दक्षिण-दक्षिण सहयोग के लिए भारत के निरंतर और सक्रिय समर्थन में एक और मील का पत्थर साबित होगा।
  • TIWB कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विकासशील देशों के बीच तकनीकी जानकारी और कौशल को उनके कर लेखा परीक्षकों (tax auditors) को हस्तांतरित करके और सामान्य लेखा परीक्षा प्रथाओं और ज्ञान उत्पादों के प्रसार को उनके साथ साझा करके कर प्रशासन को सशक्त करना है।

संयुक्त राष्ट्र ने ISRO-NOAA परियोजना का समर्थन किया 

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) और अमेरिका के प्रतिष्ठान एनओएए (NOAA) के सह-नेतृत्व में एक बहुराष्ट्रीय परियोजना (multinational project) को संयुक्त राष्ट्र की एक संस्था ने इसमें उपयोग में लाई गई नवीन प्रौद्योगिकी के लिए अपना समर्थन दिया है। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य उपग्रह तथा भूमि-आधारित अवलोकनों के आधार पर एकदम सटीक तटीय आंकड़े प्राप्त करना है। ताकि इन आंकड़ो का इस्तेमाल वैज्ञानिकों के बीच विश्वास तथा सहयोग को बढ़ावा देने के लिए किया जा सके।

मुख्य बिंदु:

  • संयुक्त राष्ट्र संघ ने एक बहुराष्ट्रीय परियोजना (Multinational Project) का समर्थन किया है जिसे “Committee on Earth Observation Satellites Coastal Observations, Applications, Services, and Tools (CEOS COAST)” कहा जाता है।
  • राष्ट्रीय महासागरीय और वायुमंडलीय प्रशासन (NOAA) ने एक बयान में कहा कि इस परियोजना को ‘पृथ्वी निगरानी उपग्रह-तटीय अवलोकन, अनुप्रयोग, सेवाएँ एवं उपकरण (CEOS COAST) के लिए समिति’ कहा जा रहा है।
  • इसकी शुरुआती परियोजनाएँ ‘ओशन डिकेड (Ocean Decade)’ पहल के लिए संयुक्त राष्ट्र द्वारा निर्दिष्ट 17 सतत विकास लक्ष्यों में से कई को पूरा करने के लिए पृथ्वी निगरानी प्रौद्योगिकियों का उपयोग करने में विशेष रूप से सक्षम है।
  • इन परियोजनाओं के लक्ष्यों में महाद्वीपीय तटरेखाओं और छोटे द्वीप राष्ट्रों के बीच आपदा जोखिम में कमी और तटीय लचीलापन लाना भी सम्मिलित है।
  • इस परियोजना से समुद्र के भूमि को प्रभावित करने के अध्ययन के हमारे तरीके में सुधार आएगा, उदाहरण के तौर पर भीषण बाढ़, साथ ही भूमि उपयोग तटीय पारिस्थितिकी तंत्र को कैसे प्रभावित करता है, इसका पता चलेगा, लेकिन यह केवल पानी की गुणवत्ता के मुद्दों, तटीय अपवाह तथा तलछट समेत मूल कारणों तक सीमित नहीं है।
  • बयान में कहा गया कि सीईओएस सीओएएसटी (CEOS COAST) कृषि, निर्माण, और वाणिज्यिक और मछली पकड़ने जैसे उद्योगों के हितधारकों के साथ मिलकर काम कर रहा है।
  • परियोजना को हाल ही में अंतरराष्ट्रीय समुद्र विज्ञान आयोग (IOC) ने भी अपना समर्थन प्रदान किया है, जो संयुक्त राष्ट्र की महासागर दशक (Ocean Decade)) योजना की प्रारंभिक कार्रवाई के रूप में 2021–2030 तक चलेगा

National Oceanic & Atmospheric Administration (NOAA) के बारे में:

  • National Oceanic and Atmospheric Administration (NOAA) एक अमेरिकी वैज्ञानिक एजेंसी है जो यूनाइटेड स्टेट्स डिपार्टमेंट ऑफ कॉमर्स के तहत काम करती है। 
  • यह महासागरों, प्रमुख जलमार्गों और वातावरण की स्थितियों पर काम करती है। 
  • यह खतरनाक मौसम के बारे में चेतावनी भी देती है, समुद्र और तटीय संसाधनों के और सुरक्षा पर मार्गदर्शन करता है। 
  • यह पर्यावरण के प्रबंधन को सीखने और बेहतर बनाने के लिए अनुसंधान भी करती है।

WHO के अनुसार डेल्टा संस्करण बन सकता है ‘प्रमुख स्ट्रेन’

WHO द्वारा 22 जून, 2021 को जारी “COVID-19 Weekly Epidemiological Update” में चेतावनी दी है कि डेल्टा संस्करण, जो कि COVID-19 का काफी अधिक transmissible strain है। यदि इसमें मौजूदा रुझान जारी रहता है, तो इसे एक प्रमुख स्ट्रेन घोषित किया जा सकता है।

मुख्य बिंदु:

  • इस रिपोर्ट के अनुसार, वेरिएंट अल्फा 170 , वैरिएंट बीटा 119 , वैरिएंट गामा 71 और वैरिएंट डेल्टा 85 देशों में पाया गया है।
  • डेल्टा संस्करण अल्फा संस्करण की तुलना में काफी तेजी से संक्रमण फैलाता है।
  • भारत में डेल्टा प्लस वैरिएंट मध्य प्रदेश , महाराष्ट्र , केरल और राजस्थान में पाया जा चुका है।
  • एक्सपर्ट के अनुसार तीसरी लहर आई तो डेल्टा प्लस वैरिएंट प्रमुख रूप से संक्रमण फैलाएगा।
  • वैरिएंट क्या है- आसान शब्दों में जब वायरस अलग-अलग वजहों से रूप बदलकर और भी ज्यादा खतरनाक या जानलेवा हो जाता है तो उसे नया वैरिएंट कहते हैं। कोरोना भी बाकी कई वायरसों की तरह रूप बदलकर नए वैरिएंट में सामने आ रहा है।

WHO ने किया कोरोना वैरिएंट्स का ‘नामकरण’

  • पहले जिस किसी देश से कोरोना का वह वैरिएंट सबसे पहले सामने आया था, उसके नाम से उसे जाना जाता था। लेकिन बाद में WHO ने इनको नए नाम दिए। अब कोरोना के वैरिएंट्स को डेल्टा, कप्पा, अल्फा, बीटा, गामा आदि नामों से जाना जाता है।

डेल्टा प्लस वैरिएंट के बारे में- 

  • यह डेल्टा वैरिएंट के रूप में हुए बदलावों की वजह से बना है। डेल्टा वैरिएंट यानी B.1.617.2 जो कि सबसे पहले भारत में मिला था। 
  • बाद में यह दूसरे कई देशों में भी पाया गया। कोरोना के डेल्टा प्लस वैरिएंट में इसके स्पाइक प्रोटीन में K417N बदलाव हुआ है। डेल्टा प्लस वैरिएंट को पहले B.1.617.2.1 कहा जाता था। यह सबसे पहली बार यूरोप में मिला था। स्पाइक प्रोटीन कोरोना वायरस का जरूरी भाग है।  इसकी वजह से ही वायरस मानव शरीर में घुसकर संक्रमित करता है।

कितना खतरनाक है कोरोना डेल्टा प्लस वैरिएंट

  • गौरतलब है कि कोरोना की दूसरी लहर, जिसने भारत में तबाही मचाई, उसके पीछे डेल्टा वैरिएंट प्रमुख रूप से शामिल था। 
  • अब ज्यादा खतरा डेल्टा वैरिएंट के विकसित रूप यानी डेल्ट प्लस वैरिएंट से है। 
  • एक्सपर्ट्स द्वारा हाल में जताई गई चिंता है कि कोरोना की संभावित तीसरी लहर के पीछे यह वैरिएंट प्रमुख रूप से शामिल हो सकता है।
  • विशेषज्ञों का कहना है कि डेल्टा प्लस वैरिएंट वैक्सीन और इम्युनिटी दोनों को चकमा दे सकता है। मतलब वैक्सीन, जिसे अब तक कोरोना से लड़ाई में सबसे बड़ा हथियार माना जा रहा था, डेल्ट प्लस वैरिएंट उसे भी भेदकर अपनी चपेट में ले सकने की ताकत रखता है, जिससे स्थिति गंभीर होने की आशंका है।

LIC ने लाॅन्च किया टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म ‘e-PGS’

LIC ने अपने ग्रुप बिजनेस ऑपरेशंस (Group Business Operations) के लिए “e-PGS” नामक एक केंद्रीकृत वेब-आधारित आईटी प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है। इसका उद्घाटन मुंबई में स्तिथ LIC के मुख्यालय में अध्यक्ष एम.आर. कुमार द्वारा किया गया।

मुख्य बिंदु:

  • IDBI बैंक के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी राकेश शर्मा को इस नए आईटी प्लेटफॉर्म से उत्पन्न पहली डिजिटल रसीद प्राप्त हुई।
  • e-PGS उच्च स्तर के बैंक एकीकरण के साथ एक केंद्रीकृत संग्रह और भुगतान लेखांकन प्रदान करने के लिए बनाया गया है।
  • यह होस्ट-टू-होस्ट कनेक्टिविटी के माध्यम से संग्रह प्रदान करने के साथ ही स्वचालित मिलान के साथ निर्बाध और एकीकृत बैंकिंग की नई सुविधाएँ प्रदान करने के लिए बनाया गया है।
  • कॉर्पोरेट ग्राहक इस पोर्टल पर, अपनी जानकारी देख सकेंगे, कार्रवाई योग्य प्रक्रियाएँ चालू कर सकेंगे और दावों को दर्ज और ट्रैक कर सकेंगे।
  • यह डेटा और सेवाओं को निर्बाध रूप से स्थानांतरित करेगा।
  • यह ग्राहकों को प्रौद्योगिकी प्रणालियों के साथ एक उच्च स्तरीय एकीकरण सेवा प्रदान करेगा।

भारतीय जीवन बीमा निगम

  • 1 सितंबर, 1956 को भारतीय जीवन बीमा अधिनियम द्वारा स्थापित की गई LIC वित्त मंत्रालय के स्वामित्व में काम करने वाली भारत की सबसे बड़ी जीवन बीमा कंपनी है और देश की सबसे बड़ी निवेशक कंपनी है।
  • 1818 ई. में भारत की पहली बीमा कंपनी ओरिएण्टल जीवन कंपनी कोलकाता में बिपिनदास गुप्ता और उनके सहयोगियों द्वारा स्थापित की गई थी।
  • 19 जून, 1956 को संसद में भारतीय जीवन बीमा विधेयक पारित किया और इसी विधेयक के अंतर्गत 1 सितम्बर, 1956 को भारतीय जीवन बीमा निगम स्थापित किया गया। 

G20 श्रम और रोजगार मंत्रियों की बैठक आयोजित की गयी 

G20 श्रम और रोजगार मंत्रियों की बैठक में घोषणा और रोज़गार कार्य समूह की प्राथमिकताओं पर हो रही बैठक को संबोधित करते हुए केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री (Union Minister for Labour and Employment) ने कहा है कि भारत श्रम बल की भागीदारी में लैंगिक अंतराल को कम करने के लिए प्रयास कर रहा है। 

मुख्य बिंदु:

  • इस आभासी (Virtual) मीटिंग के दौरान G-20 मंत्रियों ने स्कूल से ऑफिस में बदलाव पर अपने विचारों का आदान-प्रदान किया।
  • इस बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व शिक्षा (राज्य) मंत्री संजय धोत्रे और संतोष गंगवार ने किया।
  • मंत्रियों ने युवाओं को उनकी शिक्षा पूरी करने के बाद अपने कार्य स्थान में एक सुचारु परिवर्तन के लिए उनको अच्छी तरह से सक्षम करने की जरुरत को दोहराया।
  • यह कदम सामाजिक और आर्थिक रूप से वंचित जनसंख्या समूहों से संबंधित शिक्षार्थियों के लिए विशेष रूप से जरुरी है, जिनके पीछे छूट जाने का खतरा ज्यादा होता है।
  • भारत 21वीं सदी के वैश्विक कार्यक्षेत्र के लिए आवश्यक ज्ञान, कौशल और दृष्टिकोण विकसित करने में अपने युवाओं की सहायता करने के लिए प्रतिबद्ध है।
  • भारत का दृष्टिकोण व्यावसायिक शिक्षा को सामान्य शैक्षणिक शिक्षा के साथ लेकर चलना है। 
  • यह मांग संचालित, योग्यता आधारित और मॉड्यूलर व्यावसायिक पाठ्यक्रमों पर भी ध्यान आकर्षित कर रहा है।
  • भारत मौजूदा राष्ट्रीय शिक्षुता प्रशिक्षण योजना (National Apprenticeship Training Scheme) को साकार करके युवाओं के लिए शिक्षा के बाद प्रशिक्षुता (apprenticeship) के अवसरों को भी बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।
  • रोजगार कार्य समूह ने महिला रोज़गार, सामाजिक सुरक्षा और दूरस्थ कार्य सहित मुख्य बातों पर विचार-विमर्श किया। 
  • वर्ष 2014 में G20 नेताओं ने ब्रिस्बेन में वर्ष 2025 तक पुरुषों और महिलाओं के बीच श्रम शक्ति भागीदारी दर में अंतर को 25% तक कम करने का लक्ष्य रखा था। 
  • जिसका मुख्य उद्देश्य 100 मिलियन महिलाओं को श्रम क्षेत्र में लाना, वैश्विक एवं समावेशी विकास को बढ़ाना और गरीबी एवं असमानता को कम करने के लिए कदम उठाना है।

G 20 के बारे में:

  • G20 समूह विश्व बैंक (World Bank) एवं अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के प्रतिनिधि, यूरोपियन संघ (EU) एवं 19 देशों का एक अनौपचारिक समूह है।
  • G20 समूह दुनिया की प्रमुख उन्नत और उभरती अर्थव्यवस्थाओं वाले देशों को एक साथ लाता है। 
  • यह वैश्विक व्यापार का 75%, वैश्विक निवेश का 85%, वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद(GDP) का 85% तथा विश्व की लगभग दो-तिहाई आबादी का प्रतिनिधित्त्व करता है।
  • सदस्य: इसमें अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राज़ील, कनाडा, चीन, यूरोपियन यूनियन, फ्राँस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, मेक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण कोरिया, तुर्की, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका शामिल हैं।

IIT मद्रास द्वारा ‘Centre for Research on Start-Ups and Risk Financing लांच किया गया ‘

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान – मद्रास (IIT-M) ने स्टार्टअप्स एंड रिस्क फाइनेंसिंग (CREST) ​​पर अनुसंधान केंद्र प्रारम्भ करने की घोषणा की। यह नवाचार, उद्यमिता और जोखिम पूँजी में अकादमिक और विचारशील नेतृत्व प्रदान करने के लिए एक शोध केंद्र की तरह स्थापित किया जाएगा।

मुख्य बिंदु:

  • IIT-M के मुताबिक केंद्र का उद्देश्य भारतीय स्टार्टअप और उपक्रमों पर एक डेटा रिपॉजिटरी बनाना है।
  • जिसके बाद यह डेटा, संसाधन शोधकर्ताओं और नीति निर्माताओं के लिए सुलभ बनाया जाएगा।
  • इसके अलावा, CREST का प्रमुख उद्देश्य नवाचार, स्टार्टअप और उद्यमिता के निर्माण, विकास और वित्तपोषण के क्षेत्रों में विकास करना है।
  • इसके अलावा इसे अनुसंधान के एक प्रमुख केंद्र के रूप में विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त कराना है।
  • इसके अतिरिक्त इसका उद्देश्य दो देशों के बीच रिसर्च को सुविधाजनक बनाना है।
  • गौरतलब है कि स्टार्टअप और उद्यमिता के क्षेत्र में उच्च शिक्षा संस्थानों की भूमिका चार गुनी है। 
  • पहली भूमिका बौद्धिक संपदा का निर्माण है जिसे स्टार्टअप के माध्यम से व्यावसायीकरण किया जा सकता है। 
  • दूसरा अलग अलग औपचारिक और असंरचित कार्यक्रमों के माध्यम से उद्यमिता के लिए प्रशिक्षण देना है। 
  • तीसरा है इनक्यूबेटरों की स्थापना करके और युवा स्टार्टअप को विभिन्न सुविधाओं तक पहुँच प्रदान करके स्टार्टअप के लिए एक बेहतर वातावरण तैयार करना। 
  • चौथा एक अच्छे अनुसंधान के माध्यम से अंतर्दृष्टि उत्पन्न करना है जो नीति निर्माण और अभ्यास को सूचित और मार्गदर्शन कर सकता है।
  • CREST का उद्देश्य नीति निर्धारण को निर्देशित करने के लिए साक्ष्य के उपयोग पर जोर देना है। 
  • CREST मौजूदा साक्ष्यों को संश्लेषित करेगा और साथ ही स्टार्टअप इकोसिस्टम जैसे कि इनक्यूबेटर, निवेशक नेटवर्क, सरकारी मिशन, और इसी तरह के संगठनों से अद्वितीय डेटा सेट के आधार पर नए साक्ष्य बनायेगा।

नासा के इन्जेन्यूटी की मंगल पर 8वीं उड़ान

21 जून, 2021 को नासा के प्रायोगिक मंगल हेलीकॉप्टर इन्जेन्यूटी ने मंगल ग्रह पर अपनी 8वीं उड़ान भरी। यह उड़ान लगभग 5 सेकंड की थी जिसमें इन्जेन्यूटी 525 फीट की उड़ान भरी और इसके बाद परसेवरांस रोवर से तक़रीबन 440 फीट दूर लैंडिंग की।

मुख्य बिंदु:

  • इन्जेन्यूटी (Ingenuity) को मुख्य रूप से मात्र 5 बार उड़ान भरने के लिए डिज़ाइन किया गया था। 
  • लेकिन इसकी लगातार सफलताओं ने नासा को अपने मिशन का विस्तार करने और ज्यादा महत्वाकांक्षी उड़ानों के साथ प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया।
  • इंजीन्यूटी हेलिकॉप्टर के पंखों के ऊपर सोलर पैनल लगा है । यह सूरज की गर्मी से बैटरी को चार्ज करेगा ।
  • बैटरी की मदद से हेलिकॉप्टर के अंदर एक गर्मी बनी रहती है जिससे वह मंगल ग्रह के बदलते तापमान को सहन कर सकता है। मंगल का तापमान दिन में 7.22 डिग्री सेल्सियस तक होता है। और रात का तापमान माइनस 90 डिग्री सेल्सियस तक हो जाता है।
  • इन्जेन्यूटी हेलीकॉप्टर को मार्स 2020 मिशन के एक भाग में परसेवरांस रोवर द्वारा मंगल ग्रह की सतह पर रखा गया था।

इन्जेन्यूटी हेलीकाप्टर और परसेवरांस रोवर के बारे में:

  • 8 किलोग्राम का इन्जेन्यूटी दूसरे ग्रह (फिलहाल मंगल) में संचालित उड़ान का एक प्रौद्योगिकी प्रदर्शन है।
  • यह -130 डिग्री फ़ारेनहाइट के कम तापमान में काम करता है। कम तापमान के कारण हमेशा ही इसके बैटरियों को फ्रीज को नुकसान पहुंचने का खतरा है।
  • यह सौर ऊर्जा से संचालित होता है।
  • इस हेलीकॉप्टर की पूर्ण गति 2,400 आरपीएम(rpm) है.
  • सात पेलोड इंस्ट्रूमेंट्स, दो माइक्रोफोन और 19 कैमरे से लैस परसेवरांस रोवर एक खगोल विज्ञान मिशन है जिसका उद्देश्य लाल ग्रह पर प्राचीन माइक्रोबियल जीवन के संकेतों को खोज करना है।
  • पेरसेवेरांस पहला ऐसा मिशन है जो मंगल की मिट्टी को ड्रिल करेगा और मंगल की चट्टानों के मुख्य नमूने इकट्ठे करेगा।
  • इससे पूर्व ‘क्यूरोसिटी’ रोवर मंगल ग्रह पर भेजा गया था।

मार्स 2020 मिशन के बारे में:

  • नासा के मंगल अन्वेषण कार्यक्रम के तहत मार्स 2020 मिशन जुलाई 2020 में एटलस वी लॉन्च वाहन से प्रक्षेपित किया गया था। 

Checklist of Colombian Butterflies’ दस्तावेज जारी किया गया

नेचुरल हिस्ट्री म्यूजियम द्वारा जारी की गई एक रिपोर्ट के अनुसार कोलंबिया में 200 तितली की प्रजातियाँ पाई गई है।

मुख्य बिंदु:

  • “Checklist of Colombian Butterflies” में वैज्ञानिकों की अंतर्राष्ट्रीय टीम ने 3,642 प्रजातियों और 2,085 उप-प्रजातियों को पूरी दुनिया में वर्गीकृत कर पंजीकृत किया है।
  • कोलंबिया में परियोजना शोधकर्ताओं ने लगभग 3,50,000 तस्वीरों का विश्लेषण किया।
  • इस रिपोर्ट से शोधकर्ताओ को उम्मीद है कि यह कोलंबियाई तितलियों में रुचि की निगरानी, ​​​​संरक्षण और उन्हें बचाने में मदद करेगा।
  • जब वनों की कटाई और मानव दबाव से दुनिया भर में जैव विविधता के लिए खतरा बना हुआ है।
  • संग्रहालय में वरिष्ठ क्यूरेटर और लेखकों में से एक डॉ. ब्लैंका ह्यूर्टस कहते हैं, ‘कार्रवाई लगभग तुरंत की जानी चाहिए क्योंकि कोलंबिया में जंगलों को खतरनाक दर से काटा जा रहा है।’ 
  • यह रिपोर्ट चेकलिस्ट इक्वाडोर और पेरू जैसे पड़ोसी देशों को भी अपनी तितली प्रजातियों की सूची प्रकाशित करने के लिए प्रेरित कर सकती है।
  • कोलंबिया में प्राकृतिक आवासों की बहुत बड़ी विविधता देखी जा सकती है। 
  • यहाँ एक जटिल और विषम भूगोल है। यह कैरेबियन सागर, पनामा, इक्वाडोर, पेरू, वेनेजुएला, ब्राजील और प्रशांत महासागर से घिरा है।

कोलंबिया में जैव विविधता:

  • कोलंबिया मेगाडाइवर्स देश है। यहाँ दुनिया में सबसे ज्यादा पक्षी की प्रजातियों पायी जाती है।
  • पौधों की बात करें तो यहाँ 40,000 और 45,000 पौधों की प्रजातियाँ हैं जो विश्व में पाई जाने वाली कुल प्रजातियों का 10 से 20% हिस्सा हैं। 
  • ब्राजील विश्व का पहला सबसे अधिक जैव विविधता वाला देश है। दूसरे स्थान पर कोलंबिया है।
  • विश्व की 10% स्तनपायी प्रजातियाँ, 14% उभयचर प्रजातियाँ और 18% पक्षी प्रजातियाँ कोलंबिया में पाई जाती हैं।

केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना (PMGKY) 4.0 को मंजूरी दी

भारत सरकार ने अतिरिक्त खाद्यान्न आवंटित करने के लिए PMGKY 4.0 को मंजूरी दी है। यह मंजूरी जुलाई, 2021 से नवंबर, 2021 तक पाँच माह की एक और अवधि के लिए है।

मुख्य बिंदु

  • प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना चरण 4.0 जुलाई, 2021 से नवंबर, 2021 तक लागू होगा और इसके अंतर्गत 5 किलो प्रति व्यक्ति प्रति माह की दर से मुफ्त अनाज दिया जाएगा।
  • इस योजना का चौथा चरण राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA), अंत्योदय अन्न योजना और प्राथमिकता वाले परिवारों के अंतर्गत आने वाले 35 करोड़ लाभार्थियों को फायदा पहुंचाएगा।
  • Direct Benefit Transfer के तहत आने वाले लोगों को भी इस योजना से फायदा होगा।
  • खाद्यान्न स्वीकृति के अलावा 64,031 करोड़ रुपये की सब्सिडी भी दी जाएगी।
  • भारत सरकार इस योजना में होने वाले खर्चे के लिए लिए राज्यों या केंद्र शासित प्रदेशों से कोई मदद नहीं ले रही है।
  • इस योजना में लगभग 3,234.85 करोड़ रुपये के अतिरिक्त व्यय की आवश्यकता होगी जिससे की परिवहन और हैंडलिंग और FPS  डीलरों के मार्जिन को पूरा किया जाएगा। 
  • इस योजना में 80 करोड़ राशन कार्डधारक शामिल थे। बाद में, इसे नवंबर 2020 तक बढ़ा दिया गया। कोविड-19 की दूसरी लहर के बाद अप्रैल 2021 में इस योजना को फिर से प्रारंभ किया गया।
  • इस योजना पर भारत सरकार का कुल अनुमानित व्यय 67,266.44 करोड़ रुपये होगा।

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना (PMGKY)के बारे में:

  • PMGKY को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज (PMGKP) के तहत कोरोना के खिलाफ लड़ाई में गरीब लोगों की मदद करने के लिए शुरू किया गया था। 
  • प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत गरीब परिवारों को 5 किलो मुफ्त खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाता है।
  • इस योजना का लाभ देश के 80 करोड़ लोगों को देने का लक्ष्य है।
  • राशन कार्ड पर मिलने वाले तय कोटे के अतिरिक्त इसमें 5 किलो अनाज मुफ्त में दिया जाता है।
  • कोरोना महामारी के चलते देश के कई राज्यों में दोबारा लॉकडाउन के बाद गरीब परिवारों में रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया था। जिसे देखते हुए पिछले वर्ष की तरह ही अप्रैल में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत पहले मई और जून महीने में मुफ्त राशन देने का एलान किया गया। इसके बाद जून में पीएम नरेंद्र मोदी ने एलान किया कि दीवाली तक इसका फायदा मिलता रहेगा।
  • इसे वित्त मंत्रालय द्वारा शुरू किया गया था। 
  • शुरुआत में इस योजना की घोषणा तीन महीने की अवधि यानी अप्रैल, मई और जून 2020 के लिए की गई थी। 

कोचीन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को सेवा गुणवत्ता के लिए पुरुस्कृत किया गया

कोचीन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को सेवा गुणवत्ता के लिए Airport Council International (ACI) Director General’s Roll of Excellence पुरस्कार दिया गया। दुनिया के छह हवाई अड्डों को 2021 में यह सम्मान मिलेगा।

मुख्य बिंदु:

  • 9 सितंबर, 2021 को मॉन्ट्रियल, कनाडा में होने वाली ACI की Customer Experience Global Summit के दौरान यह पुरस्कार दिया जायेगा।
  • कोचीन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे ने पाँच वर्षों के लिए कई पुरस्कार जीतें हैं।
  • हवाईअड्डा संचालकों का एक वैश्विक समूह Airport Council International (ACI) ने हवाई अड्डों के लिए रोल ऑफ एक्सीलेंस सम्मान का गठन किया।
  • यह सम्मान यात्रियों का मत लेकर हवाई अड्डों को उत्कृष्ट सेवाएँ के लिए दिया जाता है।

सेवा गुणवत्ता कार्यक्रम:

  • Airport Council International (ACI) का सेवा गुणवत्ता कार्यक्रम हवाईअड्डा प्रबंधन में अंतरराष्ट्रीय मानकों को सुनिश्चित करने में हवाईअड्डा अधिकारियों की मदद कर रहा हैं। 
  • रोल ऑफ एक्सीलेंस पुरस्कार यात्रियों के प्रति CIAL की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

Airports Council International – ACI

  • 1991 में स्थापित ACI दुनिया के हवाईअड्डा प्राधिकरणों का वैश्विक व्यापार प्रतिनिधि है। 
  • यह सरकारों और अन्य अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के साथ हवाई अड्डे के हितों का प्रतिनिधित्व करता है, हवाई अड्डों के लिए मानकों और अनुशंसित प्रथाओं को विकसित करता है। 
  • यह विश्व भर में मानकों को बढ़ाने के लिए सूचना और प्रशिक्षण के अवसर प्रदान करता है। 

WTC Final 2021: न्यूजीलैंड ने रचा इतिहास, भारत को 8 विकेट से हराकर जीता फाइनल का खिताब

इंग्लैंड के साउथम्पटन में खेले गए आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल  में न्यूजीलैंड ने भारत को 8 विकेट से हराकर इतिहास रच दिया। इस फाइनल मैच में टीम इंडिया न्यूजीलैंड के सामने संघर्ष करती नजर आई। 

मुख्य बिंदु:

  • कीवी टीम ने क्रिकेट के हर क्षेत्र में भारत को पीछे छोड़ दिया। यह WTC का पहला आयोजन था जिसे जीतने का गौरव न्यूजीलैंड ने हासिल किया। 
  • फाइनल मैच चालू होने से पहले कई क्रिकेट एक्सपर्ट्स ने भविष्यवाणी की थी कि भारत फाइनल में न्यूजीलैंड को कड़ी टक्कर देगा। लेकिन ऐसा हो न सका। 
  • पूरे मैच में कीवी टीम भारत पर हावी रही और उसने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारतीय टीम को खिताब से दूर कर दिया।
  • वर्षाबाधित इस खिताबी मुकाबले में टीम इंडिया ने टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी की।
  • भारत ने दूसरी पारी में न्यूजीलैंड को जीत के लिए 139 रनों का लक्ष्य दिया था, जिसे न्यूज़ीलैंड ने दो विकेट खोकर ही हासिल कर लिया।
  • न्यूजीलैंड के लिए कप्तान केन विलियमसन ने 89 गेंदो में आठ चौकों की मदद से नाबाद 52 रन बनाए।
  • वही न्यूज़ीलैंड के रॉस टेलर ने 100 गेंदो में छह चौकों के साथ नाबाद 47 रनों की पारी खेली।
  • इसके पहले गेंदबाजी में टिम साउथी ने चार और ट्रेंट बोल्ट ने तीन विकेट लिए, और भारत को केवल 170 रनों पर ऑलआउट कर दिया।
  • इसके अलावा काइल जेमीसन ने दो विकेट लिए जबकि नील वैगनर को 1 विकेट से संतोष करना पड़ा। 
  • जैमीसन को शानदार गेंदबाजी के लिए मैन ऑफ द मैच चुना गया। उन्होंने दोनों पारियों में कुल 61 रन देकर सात विकेट चटकाए।
  • बता दें कि इंग्लैंड में बारिश के कारण करीब ढाई दिन का खेल धुलने के बाद यह मुकाबला रिज़र्व डे में चला गया था।
  • इससे पहले भारतीय टीम की तरफ से दूसरी पारी में विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत ने सर्वाधिक 41 रन बनाए थे।
  • इसके साथ रोहित शर्मा (30), रवींद्र जडेजा (16), अजिंक्य रहाणे और चेतेश्वर पुजारा ने 15-15 रनों का योगदान दिया।

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