करेंट अफेयर्स : 8 जुलाई, 2021

  • utkarsh
  • Jul 08, 2021
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करेंट अफेयर्स : 8 जुलाई, 2021

भारतीय उद्योग परिसंघ ने हिंद प्रशांत क्षेत्र बिजनेस शिखर सम्मेलन का आयोजन  किया 

हिंद प्रशांत क्षेत्र बिजनेस शिखर सम्मेलन के प्रथम संस्करण का आयोजन भारतीय उद्योग परिसंघ द्वारा विदेश मंत्रालय के साथ मिलकर किया जा रहा है। इसका उद्घाटन 6 जुलाई, 2021 को किया गया ।

भारतीय उद्योग परिसंघ ( सी आई आई ) की स्थापना 1895 ई. में की गई थी l यह एक गैर सरकारी व्यापार संगठन और सलाहकार समूह है l इसका मुख्यालय दिल्ली में स्थित है l इसमें व्यापारिक, राजनीतिक, शैक्षणिक लीडर्स और दूसरे समाज के लोगों को शामिल किया गया है। सीआईआई वैश्विक क्षेत्रीय और इंडस्ट्री की कार्य सूची तैयार करता है। यह एक सदस्यता आधारित संगठन है ।

मुख्य बिंदु

  • इसमें  हिंद प्रशांत देशों के उच्चायुक्त और राजदूत भाग लेने के लिए सम्मिलित हुएl
  • विदेश मंत्रालय में सचिव रीवा गांगुली ने शिखर सम्मेलन को संबोधित कियाl उन्होंने सीमा पार से  संपर्क साधनों और व्यापार  की आधारिक संरचना मे किए जा रहे किए जा रहे सुधारों  द्वारा हिंद-प्रशांत देशों के बीच व्यापार करने की बढ़ती सुगमता के बारे में विशेष रूप से बताया। 
  • उन्होंने हिंद प्रशांत देशों के बीच नियम आधारित मुक्त और खुले व्यापार के लिए संपूर्ण क्षेत्र में कनेक्टिविटी और व्यापार की सुविधाओं को बढ़ाए जाने के महत्त्व पर जोर दिया। 
  • उन्होंने इस मामले में भारत द्वारा की जा रही पहल के बारे में भी प्रकाश डाला, जिसमें सीमा पार से संपर्क साधनों का बनाया जाना, आधारिक संरचना, डिजिटल कनेक्टिविटी का प्रमोशन, सप्लाई चैन रेज़ीलिएंस इनीशिएटिव’ (SCRI)  और हिंद प्रशांत महासागर इनीशिएटिव शामिल हैं l 

सप्लाई चैन रेज़ीलिएंस इनीशिएटिव’ (SCRI) :

अंतरराष्ट्रीय व्यापार के संबंध में सप्लाई चैन रेज़ीलिएंस एक ऐसा दृष्टिकोण है जो किसी एक देश पर अपनी संपूर्ण आपूर्ति के लिए निर्भर रहने के स्थान पर अलग-अलग देशों से आपूर्ति किया जाना सुनिश्चित करता है ।

दरअसल कोविड महामारी और अमेरिका चीन के बीच तनाव बढ़ जाने से दुनिया भर के देशों के सामने आपूर्ति शृंखला में रुकावट उत्पन्न हो गई है, इसी समस्या का समाधान करने के लिए सबसे पहले जापान ने इस बारे में विचार प्रस्तुत किया था।

राजस्थान में 3 बाघ अभयारण्य को जोड़ने के लिए एक कॉरिडोर विकसित किया जाएगा

राजस्थान में तीन बाघ रिज़र्व को जोड़ने वाला एक कॉरीडोर विकसित किया जाएगा। अभी कुछ दिनों पहले ही बूँदी जिले में स्थित विषधारी अभयारण्य को एक नया बाघ रिज़र्व बनाया जाना स्वीकृत किया गया है। यह राजस्थान का चौथा बाघ रिज़र्व होगा । प्रस्तावित कॉरीडोर बूँदी जिले में बनने वाले रामगढ़ विषधारी बाघ रिज़र्व, सवाई माधोपुर जिले में रणथम्भौर बाघ रिज़र्व और कोटा जिले मे मुकुंदरा हिल्स बाघ रिज़र्व को  कनेक्ट करेगा।  

मुख्य बिंदु

  • रामगढ़ विषधारी अभयारण्य बूँदी नैनवा रोड पर स्थित है। यह 252 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्रफल में फैला हुआ है। यहां पर अन्य दूसरे जानवरों को भी संरक्षण प्राप्त है।
  • प्रस्तावित कॉरीडोर को बनाने के लिए 8 गाँवों को खाली कराकर उनको किसी दूसरी जगह पर स्थानांतरित किया जाएगा।
  • रणथम्भौर बाघ रिज़र्व में वर्तमान में 65 बाघों को रखा गया है। 
  • मुकुंदरा हिल्स बाघ रिज़र्व बूँदी, कोटा, झालावाड़ व चित्तौड़गढ़ तक फैला हुआ है। यहां पर तेंदुआ, जंगली सूअर, हायना, स्लॉथ भालू, हिरण, भेड़िया, चिंकारा और एंटीलोप हिरण संरक्षित जीवन बिताते हैं।
  • यहां पर वर्तमान में सिर्फ एक मादा बाघ रहती है । जहां पर रणथम्भौर बाघ रिज़र्व से दो नर और एक मादा बाघ को मंगाए जाने का प्रस्ताव भेजा जा चुका है।

नए सहकारिता मंत्रालय के निर्माण के लिए भारत सरकार की स्वीकृति

मोदी सरकार ने 2019 के चुनाव के बाद पहली बार अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करने पहले एक ऐतिहासिक कदम उठाया हैl अपने सहकार से समृद्धि  दृष्टिकोण को सही साबित करते हुए एक नए सहकारिता मंत्रालय को बनाने की घोषणा की गई। यह नया मंत्रालय बजट भाषण में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा की घोषणा को भी पूरा करता है।

मुख्य बिंदु

  • नया सहकारिता मंत्रालय देश के सहकारी अभियान को मजबूत करने के लिए एक अलग प्रशासनिक, कानूनी और नीतिगत ढांचा प्रदान करेगा और बहुत छोटे स्तर तक जाकर लोगों की मदद करेगा।
  • यह मंत्रालय सहकारिता आधारित वित्तीय विकास के मॉडल पर कार्य किए जाने को बढ़ावा देगा
  • यह मंत्रालय मल्टी स्टेट कोऑपरेटिव्स ( एम एस सी एस ) के लिए सरल प्रक्रिया और बिजनेस करने की आसानी को सुनिश्चित करने के लिए काम करेगा।
  • यह मंत्रालय उन सभी कंपनियों की मदद करेगा जो सहकारिता की परिभाषा के अंतर्गत आती हैं l
  • सहकारिता की परिभाषा है कि : ऐसी किसी भी कंपनी को सहकारी कहा जाएगा जो उसी कंपनी में काम करने वाले लोगों के द्वारा चलाई जाती है और वह उसके मालिक भी होते हैं।
  • इसी तरह अन्य दूसरी कंपनियों को भी सहकारी बनाया जा सकता है अगर सब लोग साथ मिलकर एक कॉमन वित्तीय सामाजिक और सांस्कृतिक जरूरतों को पूरा करने के लिए काम करते हैं।
  • नया मंत्रालय बन जाने के बाद केंद्र सरकार के कुल मंत्रियों की संख्या 41 हो जाएगी।

सहकारिता अभियान का महत्त्व :

भारत में कृषि बैंकिंग और आवासीय सेक्टर में सहकारिता की महत्त्वपूर्ण भूमिका है । उदाहरण के तौर पर अमूल एक भारतीय दुग्ध उत्पादक सहकारी सोसायटी है और इसका प्रबंध गुजरात कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन लिमिटेड द्वारा किया जाता है और इसका स्वामित्व पश्चिमी प्रदेश के तीन करोड़ 60 लाख लोगों के हाथ में है ।

सड़क बच्चों के लिए दिल्ली सरकार की नीति

कोरोना महामारी के संकट के समय दिल्ली सरकार ने सड़क के बेसहारा बच्चों के कल्याण लिए एक नीति तैयार की है। वर्तमान में एक अनुमान के अनुसार भारत में एक जरूरत से ज्यादा बच्चे सड़क पर रहते और काम करते हैं । यह बच्चे कानूनी कागजात और अधिकारों की कमी की वजह से अक्सर शोषण हिंसा और यौन शोषण के शिकार हो जाते हैं ।

मुख्य बिंदु

  • दिल्ली सरकार ने अपनी नीति में ऐसे लोगों से संपर्क करके उन्हें कोरोना संक्रमण के संबंध में उनकी भूमिका और सही बर्ताव समझाने पर जोर दिया है तथा उन्हें संक्रमण के बारे में जागरूक करने का कार्यक्रम चलाया है जिनको कोरोना से संक्रमित होने का ज्यादा खतरा है ।
  • यह नीति दिल्ली सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग ( डब्लू सी डी) द्वारा तैयार की गई थी। 
  • नीति में विभिन्न नागरिक समाज संगठनों को जागरूकता अभियान में शामिल होने के लिए बढ़ावा दिया गया है। 
  • नीति में कोरोना के हॉटस्पॉट वाले इलाकों की पहचान करने और वहां के बच्चों में मास्क बांटने की उनकी भूमिका  को स्पष्ट किया गया है।
  • इस नीति के अनुसार जिला प्रशासन वहां से बचा कर लाए गए सड़क के बच्चों को, उनके 18 वर्ष की आयु पूरा कर लेने पर, नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवक की ट्रेनिंग दे सकता है। इस  तरह उनको एक सम्मानजनक रोजगार मिल सकता है।
  •  ट्रेनिंग प्राप्त किए हुए बच्चे उसी तरह के माहौल से आए हुए अन्य दूसरे बच्चों की मदद भी कर सकते हैं।
  • इस नीति में यह सुझाव दिया गया है कि ( डी सी पी सी सी) – जिला बाल सुरक्षा कन्वर्जेंस कमेटी का गठन किया जाना चाहिए जो बच्चों का बचाव करने वाले जिला कार्यबल पर काम करेगी।
  • जिला मजिस्ट्रेट अन्य सदस्यों के साथ डी सी पी सी सी की अध्यक्षता करेंगे। वह अपने साथ एनजीओ और दिल्ली कमीशन से दो लोगों को बच्चों को सुरक्षा के लिए रख सकते हैं।
  • एनजीओ उनके द्वारा पहचान किए गए बच्चों के मामलों को संबंधित कल्याण समितियों में प्रस्तुत करेंगे और उनके पुनर्वास के लिए संबंधित विभाग के साथ मिलकर काम करेंगे।

जिला कार्यबल

दिल्ली सरकार के जिला महिला एवं बाल विकास विभाग ने जिला कार्यबल का गठन किया है। यह कार्यबल ऐसे कोरोना संक्रमित बच्चों की भलाई के लिए काम करता है जो चाइल्ड केयर इंस्टिट्यूट में भर्ती हैं या जिन्होंने कोरोना संक्रमण की वजह से अपने माँ-बाप को खो दिया हैl विभाग ने बच्चों के लिए दो क्वॉरेंटाइन सेंटर तैयार किए हैं जो अलग से कल्याण समितियों के पास भेजे गए हैं।

कश्मीर से चेरी की मिश्री किस्म का निर्यात दुबई को किया गया

रेल मंत्री पीयूष गोयल ने यह जानकारी दी है कि जम्मू कश्मीर मैं तैयार की गई चेरी की एक खास किस्म मिश्री चेरी को दुबई भेजा गया है।  हालांकि अब विदेशों में फलों का निर्यात भी शुरू कर दिया गया है। अभी हाल ही में महाराष्ट्र से केले और ड्रैगन फ्रूट का निर्यात किया गया था।

मुख्य  बिंदु

  • कृषि उत्पाद के निर्यात को बढ़ावा देने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाते हुए श्रीनगर से दुबई के लिए पहला कमर्शियल शिपमेंट निर्यात किया गयाl पूर्व में भी मिश्री चेरी के सैंपल के एक लॉट को जून 2021 के दूसरे हफ्ते में दुबई के लिए हवाई जहाज से भेजा गया था, जिसका ट्रांशिपमेंट मुंबई के जरिए किया गया था।
  • मिश्री चेरी के बारे में दुबई से उपभोक्ताओं की बहुत उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली थी, इसके बाद मिश्री  किस्म की चेरी का पहला कमर्शियल शिपमेंट दुबई के लिए निर्यात किया है।
  • एपीडा – एग्रीकल्चरल एंड प्रोसेस्ड फूड प्रोडक्ट एक्सप्रोर्ट डेवलपमेंट अथॉरिटी ने दुबई की कंपनी एमएस देसाई एग्री-फूड प्राइवेट लिमिटेड की मदद से दुबई के लिए शिपमेंट किया है।
  • चेरी उत्पादन के मामले में जम्मू-कश्मीर देश का प्रमुख राज्य है, यहां 95% चेरी होती है। यहां चेरी की चार किस्में- डबल, मखमली, मिश्री और इटली मुख्य रूप से तैयार होती हैं। सबसे अच्छी किस्म मिश्री चेरी मानी जाती है। चेरी में विटामिन और मिनरल प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं।
  • एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट ने गो एयरलाइंस की कारगो उड़ान से मिश्री चेरी को सस्ती दरों पर दुबई भेजने के लिए के  एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।
  • मिश्री चेरी को दुबई भेजने के काम में शेरे कश्मीर यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चरल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी की मदद भी ली जा रही है ।
  • एपीडा-राष्ट्रीय अंगूर अनुसंधान केंद्र, पुणे स्थित एक राष्ट्रीय रेफरल प्रयोगशाला है जिसने शिपमेंट में खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सहायता प्रदान की है, इस कारण से  मध्य-पूर्व देशों में मिश्री चेरी की उच्च स्तरीय ब्रांडिंग करने में मदद मिलेगी।

Trafficking in Persons Report-2021

अमेरिकी विदेश विभाग द्वारा व्यक्तियों की तस्करी रिपोर्ट 2021 हाल ही में जारी की गई। 

मुख्य बिंदु

  • रिपोर्ट में कहा गया है कि मानव तस्करी के प्रति संवेदनशीलता कोविड-19 की वजह से बढ़ी है।
  • अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, , यूके, बहरीन और दक्षिण कोरिया को टियर 1 श्रेणी में रखा गया है । टियर 1 में वे देश शामिल है जहाँ  Trafficking Victims Protection Act के न्यूनतम मानकों का पालन हो रहा है। 
  • भारत को इस रिपोर्ट में टियर 2 देशों की श्रेणी में स्थान मिला है।  टियर 2 में वे देश हैं  जहाँ TVPA के न्यूनतम मानकों का पालन करने के प्रयास किए जा रहे हैं पर वे अभी तक पूरी तरह से इस प्रयास में सफल नहीं हो पाए हैं। 
  • अफगानिस्तान, चीन, बर्मा, उत्तर कोरिया, क्यूबा, ​​इरिट्रिया, दक्षिण सूडान, ईरान, रूस, सीरिया और तुर्कमेनिस्तान को टियर 3 श्रेणी में रखा गया है। टियर 3 वे देश हैं जहां TVPA के न्यूनतम मानकों का पालन बिलकुल भी नहीं किया जा रहा है। 
  • इस रिपोर्ट में देशों को तीन टियर्स में बाँटा गया था। 
  • TVPA अमेरिका द्वारा  मानव तस्करी की रोकथाम के लिए बनाया गया कानून  है। 

भारत द्वारा मानव तस्करी रोधी समितियों का गठन 

केंद्र सरकार ने मानव तस्करी के खिलाफ ऐतिहासिक कदम बढ़ाते हुए अपने नए विधेयक में 10 साल तक की सजा का प्रावधान किया है और संगठित अपराध करने वाले समूह और सिंडिकेटों के विरुद्ध कठोर कदम उठाए जाने का निर्णय लिया है ।

मानव तस्करी के अपराध पर पूरी तरह से रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार ने पीड़ित व्यक्तियों के लिए पुनर्वास उपायों को करने का निर्णय लिया है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने मानव की तस्करी (निवारण, देखभाल और पुनर्वास) विधेयक, 2021 का मसौदा सार्वजनिक किया है। साथ ही साथ इस पर मंत्रालय ने 14 जुलाई तक फीडबैक मांगा है। विधेयक को अंतिम रूप से कानून बनाए जाने के लिए कैबिनेट और संसद के दोनों सदनों से मंजूरी लेनी होगी l इस बिल में मानव तस्करी में शामिल लोगों के लिए कठोर सजा की व्यवस्था दी गई है ।

मानव तस्करी पर समुचित नकेल कसने के लिए राष्ट्रीय जाँच एजेंसी मामले की जाँँच करने के अतिरिक्त समन्वय एजेंसी के तौर पर भी काम करेगी। एक बार मानव तस्करी कानून बन जाने के बाद राष्ट्रीय स्तर पर मानव तस्करी विरोधी समिति को अधिसूचित और स्थापित किया जाएगा जो इस कानून के सभी प्रावधानों को समुचित रूप से लागू कराने की जिम्मेदारी निभाएगी। इस समिति में मंत्रालयों से अधिकारियों को सम्मिलित किया जाएगा जिसमें होम सेक्रेटरी अध्यक्ष और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के सेक्रेटरी सह अध्यक्ष होंगे। कानून का पालन सही और समुचित रूप से कराए जाने के लिए राज्य और जिला स्तर पर भी इन मानव तस्करी विरोधी समितियों को गठित किया जाएगा।

भारतीय सेना ने अपनी फायरिंग रेंज का नाम विद्या बालन के नाम पर रखा

हिंदी सिनेमा में मशहूर अभिनेत्री विद्या बालन के फिल्म शेरनी में अभूतपूर्व अदाकारी को सम्मान देने के लिए भारतीय सेना ने कश्मीर के गुलमर्ग में अपनी फायरिंग रेंज का नाम विद्या बालन के नाम पर रख दिया है।

मुख्य बिंदु

  • विद्या बालन एक वेब सीरीज शकुंतला देवी की अभिनेत्री हैं।
  • उन्होंने अपनी एक्टिंग का कैरियर छोटे पर्दे से शुरू किया था और वह पिछले 20 सालों से भारतीय सिनेमा में अपना योगदान दे रही हैं।
  • इसके अतिरिक्त उन्हें ऑस्कर अवॉर्ड प्रदान करने वाले शासी निकाय अकैडमी ऑफ मोशन पिक्चर्स आर्ट्स एंड साइंसेज की ओर से भी आमंत्रित किया गया है ।

विद्या बालन फायरिंग रेंज :

विद्या बालन फायरिंग रेंज कश्मीर के गुलमर्ग में स्थित है उन्होंने भारतीय सेना द्वारा आयोजित विंटर फेस्टिवल में भी अपने पति सिद्धार्थ राय कपूर के साथ भाग लिया था कुछ दिन पहले ही उनकी  रिलीज हुई फिल्म ‘शेरनी’ की सफलता को सम्मान देने के लिए भारतीय सेना ने अपनी फायरिंग रेंज का नाम विद्या बालन फायरिंग रेंज रखा है।

विद्या बालन का योगदान :

विद्या बालन एक रिवॉल्यूशनरी अभिनेत्री हैं। वह बॉलीवुड में 2000 से महिला प्रधान चरित्र को अलग अलग और बोल्ड अंदाज में निभाती आ रही हैं। उन्होंने अपना करियर वर्ष 1995 में टीवी शो ‘हम पांच’ से शुरू किया था । विद्या बालन ने बॉलीवुड में प्रवेश करने से पहले एक बंगाली फिल्म ‘भालो थेके’ में काम किया था । बॉलीवुड में उनकी पहली फिल्म परिणीता थी । उन्होंने ‘लगे रहो मुन्ना भाई,’ हे बेबी, और भूल भुलैया जैसी फिल्मों में काम किया है । उन्होंने फिल्म डर्टी पिक्चर में बेस्ट एक्ट्रेस का नेशनल अवाॅर्ड जीता है। उनका नवीनतम वेब शो ‘शेरनी’ अमित वी मसूरकर ने निर्देशित किया है । इस शो को दर्शकों ने बहुत पसंद किया है इस शो में उन्होंने विद्या विंसेंट का किरदार निभाया है।

टेली-लॉ प्रोग्राम में लाभार्थियों की संख्या 9 लाख के पार पहुंची

कानून और न्याय मंत्रालय के न्याय विभाग ने हाल ही में टेली-लॉ प्रोग्राम में लाभार्थियों की संख्या 9 लाख के पार हो जाने पर इसे मील का पत्थर मानते हुए एक कार्यक्रम का आयोजन किया कानूनी जानकारी और सलाह प्रदान करने के लिए टेली-लॉ प्रोग्राम को बनाया गया है जिसमें संचार और सूचना प्रौद्योगिकी का उपयोग करते हुए वकीलों और लोगों के बीच उपलब्ध वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग के बुनियादी ढांचे के माध्यम से बातचीत की जाती है।

मुख्य बिंदु

  • यह प्रोग्राम वंचित और जरूरतमंद लोगों को विधिक सलाह लेने के लिए वकीलों के पैनल से जोड़ता है इसके लिए कॉमन सर्विस सेंटर में उपलब्ध ई – इंटरफेस प्लेटफॉर्म की मदद से उनके साथ वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग की जाती है ।
  • वर्तमान में यह प्रोग्राम 633 जिलों में परिचालित किया गया है जिसमें 115 आकांक्षी जिले और 34 राज्य तथा केंद्र शासित प्रदेश शामिल हैं और यह 50 हजार कॉमन सर्विस सेंटर से जुड़े हुए हैं ।
  • टेली-लॉ प्रोग्राम के अंतर्गत पिछले 1 साल में कानूनी सलाह लेने वाले लाभार्थियों की संख्या 369% बढ़ गई है ।
  • इस प्रोग्राम में न्याय के कानून को मजबूती प्रदान करने और न्याय दिलाने की पूरी क्षमता है।

टेली-लॉ प्रोग्राम

 टेली-लॉ प्रोग्राम  कानून और न्याय मंत्रालय द्वारा  इलेक्ट्रानिक और सूचना तकनीक मंत्रालय के सहयोग से  2017 में  लॉन्च किया गया था । इस प्रोग्राम का  उद्देश्य मामले को मुकदमा शुरू होने से पहले ही सुलझा लेने का था । यह प्रोग्राम वकीलों और वादकारियों को वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग और टेलीफोन सेवाओं के जरिए से जोड़ कर कानूनी सलाह प्रदान करने के लिए बनाया गया था। इन सेवाओं का उपयोग गरीब और असहाय लोगों को समय रहते बहुमूल्य कानूनी सलाह दिए जाने के लिए किया जाता है ।

प्रोग्राम का महत्त्व

टेली-लॉ प्रोग्राम लोगों को  बिना  समय और  पैसा  खर्च किए  कानूनी सलाह  लेने के लिए सक्षम बनाता है । यह सेवा सभी योग्य लोगों के लिए कानूनी सेवा अथॉरिटी एक्ट, 1987 के सेक्शन 12 के तहत मुफ्त कानूनी सहायता प्रदान करता है ।

 पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य में विधान परिषद् के गठन के लिए प्रस्ताव पारित किया

ममता बनर्जी की तृणमूल सरकार ने 6 जुलाई, 2021 को राज्यसभा में एक प्रस्ताव पारित किया जिसमें भारतीय संविधान के अनु.- 169 के तहत राज्य में विधान परिषद के गठन की बात कही गई है ।

मुख्य बिंदु

  • सरकार इस प्रस्ताव को पारित करने के लिए योग्य नहीं थी क्योंकि 169 वोट इसके पक्ष में और 69 वोट विरोध में थे।
  • पश्चिम बंगाल की विधानसभा में कुल 294 सदस्य हैं और वोटिंग के समय केवल 265 लोग उपस्थित थे।

क्यों लाया गया यह प्रस्ताव 

विधान परिषद् का गठन करना ममता बनर्जी का एक महत्त्वपूर्ण चुनावी मुद्दा था। क्योंकि जिन लोगों को चुनाव के दौरान टिकट नहीं दिया गया था उनसे ममता बनर्जी ने विधान परिषद् में भेजने के लिए वादा किया हुआ था।

कानून के अनुसार प्रस्ताव को लोकसभा और फिर राज्यसभा का समर्थन मिलने के बाद विधान परिषद् में अधिकतम सदस्यों की संख्या विधानसभा के सदस्यों की संख्या के मुकाबले एक तिहाई ही रखी जा सकती है।

राज्यों में विधान परिषद् गठित की जा सकती है ? 

हां, ऐसा किया जा सकता है। वर्तमान में उत्तर प्रदेश, बिहार, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना व कर्नाटक, ऐसे राज्यों के पास विधान परिषद् मौजूद है। पश्चिम बंगाल के पास भी विधान परिषद् थी। 1937 में पश्चिम बंगाल राज्यसभा वाला पहला राज्य था, लेकिन 1969 में विधान परिषद को खत्म कर दिया गया था ।

डीसीसी ने टेलीकॉम नेटवर्क में सेटललाइट कनेक्टिविटी को स्पष्ट किया

डिजिटल संचार आयोग (डीसीसी) ने टेलीकॉम नेटवर्क में सेटललाइट कनेक्टिविटी के प्रावधान को TRAI की सिफारिशों के अनुसार स्पष्ट कर दिया है।

मुख्य बिंदु

  • सैटेलाइट कनेक्टिविटी का प्रयोग VSAT टर्मिनल के जरिए से किया जाएगा। जैसे कि दूरदराज के इलाकों में सेवाओं को प्रदान किया जा सके क्योंकि वहां पर ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क नहीं लगाया जा सकता है।
  • डीसीसी ने भारत नेट प्रोजेक्ट के 16 राज्यों के गांव में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मोड के आधार पर सेवाएँ शुरू करने के लिए  प्रस्ताव के लिए अनुरोध ( RFP) को स्पष्ट कर दिया।
  • भारत नेट प्रोजेक्ट को 19,041 रुपये की  वाईबिलिटी गैप फंडिंग के साथ क्लियर कर दिया।

डिजिटल संचार आयोग

पूर्व में दूरसंचार आयोग विभाग का नाम बदलकर डिजिटल संचार आयोग विभाग रख दिया गया है।राष्ट्रीय डिजिटल संचार नीति – 2018 के अंतर्गत प्रभावी क्रियान्वयन और निगरानी करने के लिए एक आधिकारिक अधिसूचना जारी करके दूरसंचार आयोग का नाम डिजिटल संचार आयोग करने का निर्णय लिया गया है। दूरसंचार आयोग को 11 अप्रैल 1988 में शुरू किया गया था। दूरसंचार आयोग में कुल 9 सदस्य होते हैं । जिनमें से चेयरमैन को छोड़कर बाकी चार पूर्णकालिक और चार अल्पकालिक होते हैं।

महत्त्व

टेलीकॉम नेटवर्क में सेटललाइट कनेक्टिविटी टेलीकॉम कंपनियों को दूरदराज के इलाके में सेवाएँ प्रदान करने में मदद करेगी।

पीएम मोदी कैबिनेट विस्तार : कौन अंदर और कौन बाहर 

2019 में मोदी सरकार के दोबारा सत्ता में आने के बाद पहले कैबिनेट विस्तार को अंतिम रूप दिया जा चुका है। 

इस बार पीएम मोदी के कैबिनेट मंत्री मंडल विस्तार में बहुत चौंकाने वाला फेरबदल हुआ है। कई दिग्गज मंत्रियों की छुट्टी हो गई है तो कुछ नए चेहरों को शामिल किया गया है । राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 43 मेम्बर ऑफ पार्लियामेंट को राष्ट्रपति भवन के दरबार हाॅल में बुधवार को पद और गोपनीयता की शपथ दिलवाई। कैबिनेट में शामिल किए गए कुल मंत्रियों में से 15 मंत्रियों को कैबिनेट मिनिस्टर पद दिया गया जबकि 28 मंत्रियों को राज्य मंत्री बनाया गया ।

12 मंत्रियों को कैबिनेट से हटाया गया है जिसमें रवी शंकर प्रसाद, प्रकाश जावड़ेकर और हर्षवर्धन शामिल हैं। राष्ट्रपति ने उनका इस्तीफा मंजूर कर लिया है।

सर्बानंद सोनोवाल कुछ समय तक असम के मुख्यमंत्री रहने के बाद वहां से लौटकर कैबिनेट में आ गए हैं।

1. राजनाथ सिंह – रक्षा मंत्री

2. अमित शाह – गृह मंत्री और सहकारिता मंत्री

3. नितिन जयराम गडकरी – सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री

4. निर्मला सीतारमण – वित्त मंत्री और कॉर्पोरेट मामलों के मंत्री

5. नरेंद्र सिंह तोमर – कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री

6. डॉ. सुब्रह्मण्यम जयशंकर – विदेश मंत्री

7. अर्जुन मुंडा – जनजातीय मामलों के मंत्री

8. स्मृति जुबिन ईरानी – महिला एवं बाल विकास मंत्री

9. पीयूष गोयल – वाणिज्य और उद्योग मंत्री, उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री और कपड़ा मंत्री

10. धर्मेंद्र प्रधान – शिक्षा मंत्री, कौशल विकास और उद्यमिता मंत्री

11. प्रल्हाद जोशी – संसदीय कार्य मंत्री, कोयला मंत्री, और खान मंत्री

12. नारायण तातू राणे – सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री

13. सर्बानंद सोनोवाल – बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री, आयुष मंत्री

14. मुख्तार अब्बास नकवी – अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री

15. वीरेंद्र कुमार – सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री

16. गिरिराज सिंह – ग्रामीण विकास मंत्री, और पंचायती राज मंत्री

17. ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया – नागरिक उड्डयन मंत्री

18. रामचंद्र प्रसाद सिंह – इस्पात मंत्री

19. अश्विनी वैष्णव – रेल मंत्री, संचार मंत्री, और इलेक्ट्रॉनिक्स-सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री

20. पशुपति कुमार पारस – खाद्य प्रसंस्करण, उद्योग मंत्री

21. गजेन्द्र सिंह शेखावत – जल शक्ति मंत्री

22. किरण रिजिजू – कानून और न्याय मंत्री

23. राज कुमार सिंह – विद्युत मंत्री, और ऊर्जा मंत्री

24. हरदीप सिंह पुरी – पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री, और आवास और शहरी मामलों के मंत्री

25. मनसुख मंडाविया – स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री, और रसायन और उर्वरक मंत्री

26. भूपेंद्र यादव – पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री, और श्रम और रोजगार मंत्री

27. महेंद्र नाथ पाण्डेय – भारी उद्योग मंत्री

28. पुरुषोत्तम रूपाला – मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री

29. जी. किशन रेड्डी – संस्कृति मंत्री, पर्यटन मंत्री, और पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास मंत्री

30. अनुराग सिंह ठाकुर – सूचना और प्रसारण मंत्री, और युवा मामले और खेल मंत्री

इस्तीफा देने वाले मंत्रियों के नाम

रविशंकर प्रसाद – पूर्व कानून मंत्री

डॉक्टर हर्ष वर्धन – पूर्व स्वास्थ्य मंत्री

रमेश पोखरियाल निशंक- पूर्व मानव संसाधन मंत्री

डीवी सदानंद गौड़ा- पूर्व केमिकल और उर्वरक मंत्री

संतोष गंगवार- पूर्व राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार

संजय धोत्रे- पूर्व एचआरडी राज्यमंत्री

देवश्री चौधरी- पूर्व महिला एवं बाल विकास मंत्री

रतन लाल कटारिया- पूर्व जल शक्ति मंत्री

बाबुल सुप्रियो – पूर्व पर्यावरण राज्यमंत्री

नए राज्य मंत्री

पंकज चौधरी

अनुप्रिया सिंह पटेल

सत्यपाल सिंह बघेल

राजीव चंद्रशेखर

शोभा करंदलजे

भानु प्रताप सिंह वर्मा

दर्शन विक्रम जरदोष

मीनाक्षी लेखी

अन्नपूर्णा देवी

ए. नारायण स्वामी

कौशल किशोर

अजय भट्ट

बी. एल. वर्मा

अजय कुमार

चौहान देबू सिंह

 भगवंत खुबा

कपिल मोरेश्वर पाटिल 

प्रतिमा भौमिक

सुभास सरकार

भगवत किशन राव करद

राजकुमार रंजन सिंह

भारती प्रवीण पवार

बिशवेसवर टुडू

शांतनु ठाकुर

मुंजापारा महेंद्र भाई

जॉन बारला

एल. मुरूगन

निसीथ प्रमाणिक

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