करेंट अफेयर्स: 17 जून 2021

  • utkarsh
  • Jun 17, 2021
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करेंट अफेयर्स: 17 जून 2021

महाराष्ट्र सरकार ने कोरोना के कारण अनाथ हुए बच्चों के लिए की 5 लाख रुपये की घोषणा

कोरोना काल में जिन बच्चों ने अपने माता पिता को खोया है उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया  है और जिसके कारण उनकी शिक्षा भी प्रभावित हो रही है। इसी संकट की घड़ी में महाराष्ट्र सरकार ने  कोरोना के चलते अनाथ हुए बच्चों के लिए 5 लाख रुपये देने  की घोषणा की है।

मुख्य बिंदु:

  • महाराष्ट्र सरकार की महिला व बाल विकास मंत्री यशोमती ठाकुर ने कहा है कि राज्य सरकार कोविड के कारण अनाथ हुए बच्चों के लिए 5 लाख रुपये की सहायता देगी।
  • वहीं जिन बच्चों ने माता-पिता में से किसी एक को खोया है उनके नाम पर महाराष्ट्र सरकार 5 लाख रुपये की फिक्स्ड डिपाॅजिट (FD) खोलेगी। इसके साथ उन बच्चों को हर महीने 1,125 रुपये का मासिक भत्ता भी मिलेगा।
  • इससे पहले महाराष्ट्र सरकार ने कोविड के कारण अपने माता-पिता को खो चुके 12वीं कक्षा तक के बच्चों के लिए मुफ्त शिक्षा का प्रस्ताव किया था।
  • इसके साथ मुख्यमंत्री ने उच्च और तकनीकी शिक्षा विभाग के साथ 12वीं कक्षा तक के बच्चों की शिक्षा का पूरा खर्च उठाने का आश्वासन दिया था।
  • अब महाराष्ट्र सरकार द्वारा इस तरह के बच्चों की सहायता करने के लिए एक टास्क फ़ोर्स का गठन किया गया है। कोरोना काल में अनाथ हुए बच्चों की काउंसलिंग का जिम्मा NGO को दिया गया है।

भारत सरकार की तरफ से घोषणा

  • भारत सरकार की तरफ से कोविड के कारण अनाथ हुए बच्चों के नाम पर फिक्स्ड डिपाॅजिट (FD) खोलने का निर्णय लिया है और PM-CARES इसमें योगदान देगा।
  • जब बच्चे 18 साल के हो जाएंगे तो इसमें 10 लाख रुपये तक की धनराशि एकत्र हो जाएगी। इस धनराशिका उपयोग फिर मासिक आर्थिक सहायता या उच्च शिक्षा के लिए किया जा सकता है। 
  • 23 वर्ष की उम्र में पहुँचने पर वे बच्चे व्यक्तिगत या व्यवसायिक उपयोग के लिए एक साथ सारी धनराशि प्राप्त कर सकते हैं।
  • इसके अलावा, 10 साल से कम उम्र के बच्चों को नजदीकी केन्द्रीय  विद्यालय में दाखिल दिया जाएगा। 11 से 18 साल के बच्चों को केंद्र सरकार के किसी भी आवासीय स्कूल (जैसे सैनिक स्कूल या नवोदय विद्यालय) में प्रवेश दिया जा सकेगा।
  • यदि बच्चा किसी निजी स्कूल में दाखिला लेता है, तो उसके फीस PM-CARES फण्ड से शिक्षा के अधिकार के तहत दी जाएगी। इसके अलावा, उस बच्चे की वर्दी, किताबों व नोटबुक का खर्चा भी वहन किया जाएगा।
  • इन बच्चों को प्रोफेशनल कोर्स में उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए शिक्षा ऋण प्राप्त करने में भी सहायता दी जाएगी और उनके ऋण के ब्याज का भुगतान PM-CARES फण्ड से दिया जाएगा।
  • जो छात्र किसी मौजूदा छात्रवृत्ति के लिए योग्य नहीं हैं, उन्हें एक सामान्य प्रकार की छात्रवृत्ति दी जाएगी।
  • इन बच्चों को आयुष्मान भारत या प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में शामिल किया जाएगा, जिसमे 5 लाख तक का बीमा कवर शामिल है। इन बच्चों का प्रीमियम PM-CARES फण्ड से दिया जाएगा।

वैज्ञानिकों ने सौर मंडल और इंटरस्टेलर स्पेस के बीच की सीमा का नक्शा तैयार किया

भारतीय वैज्ञानिकों ने NASA के आंकड़ों का उपयोग कर सौरमंडल (Solar System) और उसके बाहर के अंतरतारकीय अंतरिक्ष (Interstellar Space) के बीच की सीमा का पहला त्रिआयामी नक्शा बनाया है। सौरमंडल (Solar System) और उसके बाहर के अंतरतारकीय अंतरिक्ष (Interstellar Space) के बीच की सीमा, हेलियोस्फीयर (Heliosphere) कहलाता है।

मुख्य बिंदु:

  • वैज्ञानिकों ने नासा के आईबीईएक्स(IBEX) सैटेलाइट के आंकड़ों का उपयोग कर हेलियोस्फियर का पहली बार नक्शा तैयार किया है।
  • हेलिओस्फीयर की सीमा का पहली बार नक्शा तैयार किया गया है।
  • इससे शोधकर्ताओं को सौर पवनों और अंतरतारकीय पवनों के बीच की अंतरक्रिया की जानकारी मिल पाएगी। यह अध्ययन एस्ट्रोफिजिकल जर्नल में प्रकाशित हुआ है।
  • इसके लिए शोधकर्ताओं ने उसी तकनीक का उपयोग किया, जैसे चमगादड़ सोनार का उपयोग करती है।
  • जिस तरह से चमगादड़, हर दिशा में तरंगे भेजती हैं और वापस आने वाली तरंगों से आसपास के इलाके का मानसिक नक्शा बनाती है उसी तरह शोधकर्ताओं ने हेलियोस्फियर का नक्शा बनाने के लिए सौर पवनों का उपयोग किया, जो हर दिशा में जाती हैं।
  • यह पहली बार है जब वैज्ञानिक इसे मापने और इसका त्रि-आयामी नक्शा बनाने में सक्षम हुए हैं।

हेलियोस्फीयर के बारे में

  • अलेक्जेंडर जे. डेसलर ने हेलियोस्फीयर की खोज की थी। उन्होंने 1967 में हेलियोफिजिक्स नामक अपनी वैज्ञानिक किताब में इस शब्द का इस्तेमाल किया था। हेलियोफिजिक्स में अंतरिक्ष मौसम और अंतरिक्ष जलवायु शामिल हैं।
  • सूर्य से निर्मित हेलियोस्फीयर (Heliosphere), सूर्य के चारों ओर अंतरिक्ष का एक विशाल बुलबुले की तरह क्षेत्र है। 
  • यह आसपास के तारों के बीच में सूर्य द्वारा गठित एक कैविटी है।  
  • सौर प्लाज़्मा हेलियोस्फीयर के बाहर, आकाशगंगा में प्रवेश करते हुए, इंटरस्टेलर प्लाज्मा को एक रास्ता प्रदान करता है। 
  • हेलियोस्फीयर के अंदर और बाहर विकिरण का स्तर भिन्न-भिन्न होता है। 
  • गेलेक्टिक कॉस्मिक किरणें इसमें कम मात्रा में होती हैं। इस प्रकार, अंदर के ग्रह आंशिक रूप से उनके प्रभाव से परिरक्षित होते हैं। 
  • हेलियोस्फीयर सूर्य के प्रभाव वाला क्षेत्र है। इसका किनारा (edge) सूर्य से आने वाली सौरमंडलीय चुंबकीय क्षेत्र और सौर हवा से तय होता है।

ऑस्ट्रेलिया और यूनाइटेड किंगडम ने मुक्त व्यापार सौदे पर हस्ताक्षर किए

हाल ही में, यूनाइटेड किंगडम और ऑस्ट्रेलिया ने एक मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। यह व्यापार सौदा कई वस्तुओं पर टैरिफ को समाप्त कर देगा। ब्रिटेन के यूरोपीय संघ से बाहर निकलने के बाद इस सौदे पर हस्ताक्षर किया गया था। इस सौदे के साथ, यूनाइटेड किंगडम दुनिया भर में संबंधों का विस्तार करने का प्रयास कर रहा है।

मुख्य बिंदु

  • यूनाइटेड किंगडम, ऑस्ट्रेलिया का पाँचवाँ सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है। 
  • दोनों ओर से सामान और सेवाओं का मूल्य एक वर्ष में 36.6 बिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर है।
  • ऑस्ट्रेलिया के साथ यूनाइटेड किंगडम का व्यापार 2020 में उसके कुल व्यापार का लगभग 1.2% है।
  • इस सौदे से विभिन्न ब्रिटेन उत्पादों जैसे स्कॉच व्हिस्की के निर्यात को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इसके साथ यह ऑस्ट्रेलिया से मेमने और शराब के आयात को भी बढ़ावा देगा।
  • यह डील ब्रिटेन को “Comprehensive and Progressive Agreement for Trans-Pacific Partnership(CPTPP)” में शामिल होने में भी मदद करेगी। 
  • CPTPP को पूरे एशिया-प्रशांत क्षेत्र में बढ़ते व्यापार का प्रवेश द्वार माना जा रहा है।
  • यह कपड़ों और कारों पर शुल्क कम करेगा और कृषि उत्पादों पर भी शुल्क की कटौती हो सकती है।
  • ब्रिटेन ने CPTPP के 11 में से सात सदस्यों जैसे ऑस्ट्रेलिया, चिली, जापान, कनाडा, मैक्सिको, सिंगापुर और वियतनाम के साथ मुक्त व्यापार सौदे किए हैं। 
  • ऑस्ट्रेलिया के साथ मुक्त व्यापार सौदा ब्रिटेन का पहला व्यापार सौदा है जिस पर ब्रिटेन के यूरोपीय संघ छोड़ने के बाद से बातचीत की गई थी। जापान और कनाडा के साथ सौदे यूरोपीय संघ के साथ किए गए मौजूदा समझौतों पर किए गए थे।

वृहद एवं प्रगतिशील ट्रांस-पैसिफिक भागीदारी समझौता (CPTPP) के बारे में:

  • CPTPP प्रशांत महासागरीय क्षेत्र के चारों ओर स्थित 11 राष्ट्रों का एक मुक्त व्यापार समझौता है जिनमें शामिल देश निम्नांकित हैं -ब्रुनेई, सिंगापुर, मलेशिया, वियतनाम, कनाडा, मैक्सिको, पेरू, चिली, न्यूज़ीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, और जापान।
  • ट्रांस-पैसिफिक पार्टनरशिप (TTP) से अमेरिका के बाहर जाने के बाद शेष 11 प्रतिभागियों ने समझौते में संशोधन करने की मांग की और बाकी देशों ने  मार्च 2018 में ट्रांस पैसिफिक पार्टनरशिप के लिए एक नए व्यापक और प्रगतिशील समझौते पर हस्ताक्षर किया।
  • यह दिसंबर 2018 में लागू हुआ था।

World Day to Combat Desertification and Drought 2021

हर वर्ष 17 जून को वर्ल्ड डे टू कॉमबैट डेजर्टिफिकेशन एंड ड्रॉट मनाया जाता है। यह हर वर्ष मरुस्थलीकरण और सूखे के प्रभावों से निपटने के लिए जरुरी सहयोग के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए मनाया जाता है।

मुख्य बिंदु:

  • वर्ष 2021 हेतु वर्ल्ड डे टू कॉमबैट डेजर्टिफिकेशन एंड ड्रॉट की थीम है-“Restoration. Land. Recovery. We build back better with healthy land”
  • इस दिवस को मनाने का उद्देश्य लोगो को जागरूक करना है कि मरुस्थलीकरण को प्रभावी ढंग से निपटाया जा सकता है, और इसका समाधान संभव है। यह समाधान मजबूत सामुदायिक भागीदारी और सहयोग में ही निहित है।
  • संयुक्त राष्ट्र महासभा(UNGA) ने 17 जून,1994 को “वर्ल्ड डे टू कॉमबैट डेजर्टिफिकेशन एंड ड्रॉट” के रूप में घोषित किया था। 
  • मरुस्थलीकरण एसी प्रक्रिया है जहां जमीन खराब होकर अनुपजाऊ हो जाती है। जिसमें जलवायु परिवर्तन तथा मानवीय गतिविधियों सहित कई कारणों से जमीन शुष्क, अर्द्ध-शुष्क और अर्द्ध-नम इलाकों की जमीन, रेगिस्तान में बदल जाती है। जिसके कारण जमीन की उत्पादन क्षमता में भी कमी आ जाती है।
  • विश्व में हर साल 24 अरब टन की उपजाऊ भूमि खो जाती है। उन्होंने कहा कि भूमि की गुणवत्ता खराब होने से राष्ट्रीय घरेलू उत्पाद (GDP) में हर साल आठ प्रतिशत तक की गिरावट आ सकती है।
  • भारत की स्थिति- वहीं भारत में 29.3 प्रतिशत भूमि क्षरण से प्रभावित है।

United Nations Convention to Combat Desertification(UNCCD) के बारे में:

संयुक्त राष्ट्र मरुस्थलीकरण रोकथाम सम्मेलन (United Nations Convention to Combat Desertification- UNCCD) संयुक्त राष्ट्र के अंतर्गत तीन रियो समझौतों (Rio Conventions) में से एक है। अन्य दो समझौते हैं-

1. जैव विविधता पर समझौता (Convention on Biological Diversity- CBD)

2. जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क समझौता (United Nations Framework Convention on Climate Change (UNFCCC)

पर्यावरण एवं विकास के मुद्दों पर UNCCD ही एकमात्र एसा अंतर्राष्ट्रीय समझौता है जो कानूनी रूप से बाध्यकारी है।

मरुस्थलीकरण की चुनौती से निपटने के लिए अंतर्राष्ट्रीय प्रयासों के बारे में लोगों में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से इस दिन को 25 साल पहले शुरू किया गया था।

उस दिन से हर साल 17 जून को ‘विश्व मरुस्थलीकरण और सूखा रोकथाम दिवस’ मनाया जाता है।

सरकार ने MSME पंजीकरण प्रक्रिया को सरल बनाया

सरकार ने कंपनी पंजीकरण कराने की प्रक्रिया आसान कर दी है। अब सिर्फ पैन (PAN) और आधार (Aadhaar) देकर MSME में पंजीकरण हो जाएगा। 

मुख्य बिंदु:

  • पंजीकरण के बाद इन MSME को प्राथमिकता और फंडिंग मिलेगी।
  • उद्यमिता और अन्य संबंधित पहलुओं के क्षेत्र में छोटी इकाइयों को किसी नए प्रकार के प्रशिक्षण की आवश्यकता नहीं होगी।
  • बैंक और नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियाँ भी छोटे कारोबारियों को सहायता देंगी।
  • MSME कृषि के बाद दूसरा सबसे बड़ा रोजगार देने वाला क्षेत्र है, जो देश में 120 मिलियन लोगों को रोजगार प्रदान करता है।
  • यह सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के निर्माण में लगभग 11% और सेवा गतिविधियों से सकल घरेलू उत्पाद का 24.63% योगदान देता है।
  • यह भारत के कुल निर्यात में 45% का योगदान देता है।
  • MSME समावेशी विकास को बढ़ावा देता है क्योंकि यह ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर प्रदान करता है।
  • स्टार्ट-अप इंडिया, स्किल इंडिया, डिजिटल इंडिया और मेक इन इंडिया जैसे अभियान MSMEs की उत्पादकता बढ़ाने के लिए एक समान अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू किए गए थे। 
  • इंटरनेट की बढ़ती पहुंच और गैर-बैंकिंग वित्त कंपनियों के साथ साझेदारी भी एमएसएमई क्षेत्र में विकास को सुविधाजनक बना रहा है।
  • MSMEs को आर्थिक विकास का इंजन माना जाता है जो समान विकास को बढ़ावा देने में सक्षम है।
  • MSME कुल उद्यमों का 90% हैं और रोजगार वृद्धि की उच्चतम दर उत्पन्न करते हैं। उन्हें कम निवेश की जरुरत होती है और उपयुक्त स्वदेशी प्रौद्योगिकी विकसित करने के लिए परिचालन लचीलापन और क्षमता होती है।

Google Pay ने कार्ड टोकनाइजेशन का विस्तार किया

गूगल पे ने अपने गूगल पे एप से कई बड़े बैंकों के साथ मिलकर कार्ड टोकेनाइजेशन करने की घोषणा की है और अपने नेटवर्क का विस्तार किया है। टोकेनाइजेशन की सहायता से गूगल पे एंड्रॉयड यूजर्स को पेमेंट लेने के लिए अपने डेबिट या क्रेडिट कार्ड को वास्तविक रूप में साझा नहीं करना पड़ेगा।

 मुख्य बिंदु

  • कार्ड टोकेनाइजेशन फीचर यूजर्स को अपने फोन से जुड़े हुए एक सुरक्षित डिजिटल टोकन के जरिए डेबिट या क्रेडिट कार्ड से भुगतान करने में सक्षम बनाएगा।
  • गूगल प्ले ने कोटक महिंद्रा बैंक, ऐक्सिस बैंक और एस बी आई कार्ड के साथ टोकन शुरू किया है।
  • इस के बाद अब इंडसइंड बैंक, एस बी आई और फेडरल बैंक के डेबिट कार्ड को अपने प्लॉट स्लॉट में जोड़ा है।
  • इंडसइंड बैंक और एच एस बी सी इंडिया के क्रेडिट कार्ड को भी अपने स्लॉट में जोड़ा है।
  • टोकेनाइजेशन के बाद अब 25 लाख से अधिक  वीजा मर्चेंट स्थानों पर भुगतान हो सकेगा।
  • टोकन यूजर्स को  नीयर  फील्ड कम्यूनिकेशन (एन एफ सी) सक्षम उपकरणों अथवा फोन का उपयोग करने मैं मदद प्रदान की जाएगी।
  • इसके लिए सुरक्षित ओमनी चैनल का प्रयोग किया जाएगा।
  • यह भारत के 15 लाख से अधिक क्यू आर सक्षम व्यापारियों को स्कैन करने और भुगतान करने में मदद करेगा।
  • यह क्रेडिट कार्ड का उपयोग करके उनके गूगल पे ऐप्प से  बिल और रिचार्ज का भुगतान करेगा।
  •  टोकन वाले  कार्ड ऑनलाइन खरीदारी करने के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • इनका उपयोग मिंत्रा, यात्रा, जैसी और कई डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी किया जा सकता है।

VivaTech के 5वें संस्करण को संबोधित करेंगे पीएम मोदी

 16 से 19 जून, 2021 के बीच आयोजित वीवा टेक के पांचवें संस्करण में प्रधानमंत्री मोदी को मुख्य भाषण देने के लिए गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में आमंत्रित किया गया है।  वीवा टेक को सम्बोधित करते हुवे उन्होंने कहा कि फ्रांस की तकनीकी दृष्टि को यह मंच अच्छी तरह से दिखाता है। भारत और फ्रांस मिलकर व्यापक क्षेत्रों में काम कर रहे हैं, जिनमें प्रौद्योगिकी और डिजिटल सहयोग के उभरते क्षेत्र शामिल हैं और आज समय की यही माँग है।

 मुख्य बिंदु 

  •  वीवा टेक 2016 से हर साल पेरिस में आयोजित किया जाता है।
  • प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कोरोना महामारी और फ्रेंच ओपन का जिक्र किया।
  • इस कार्यक्रम निम्न प्रमुख लोगों ने अपने वक्तव्य दिए :  फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रां, स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज , यूरोपीय देशों के तमाम मंत्री और सांसद।

इस कार्यक्रम में भाग लेने वाले अन्य प्रमुख लोग :

  • टिम कुक ( सी.ई.ओ, एप्पल)
  • मार्क जुकरबर्ग ( सी.ई.ओ, फेसबुक)
  • ब्रैड स्मिथ ( प्रेसिडेंट, माइक्रोसॉफ्ट)

Viva Tech 

  • यह यूरोप में सबसे बड़े स्टार्ट-अप और डिजिटल कार्यक्रमों में से एक है। 
  • 2016 में शुरू किया गया यह कार्यक्रम संयुक्त रूप से पब्लिसिस ग्रुप (Publicis Groupe) और लेस इकोस (Les Echos) नामक समूहों द्वारा आयोजित किया जाता है। 
  • इस अवसर पर पुरस्कारों, प्रदर्शनियों,पैनल चर्चाओं और स्टार्ट-अप प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है।

UNESCO Science Report जारी की ग

2021 की यूनेस्को विज्ञान रिपोर्ट, संयुक्त राष्ट्र शैक्षणिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन,  पेरिस, फ्रांस के द्वारा प्रकाशित की गई है. इस रिपोर्ट की थीम : द रेस अगेंस्ट टाइम फॉर डेवलपमेंट रखी गई है।

 मुख्य बिंदु

  •  यूनेस्को साइंस रिपोर्ट ( यू एस आर ) हर 5 साल में एक बार प्रकाशित होने वाला यूनेस्को का एक प्रमुख प्रकाशन है।
  • 11 जून, 2021 को यू एस आर का नवीनतम संस्करण प्रकाशित किया गया।
  • यह रिपोर्ट विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार पर आधारित है।
  • इसके प्रत्येक संस्करण में भारत पर एक अध्याय को शामिल किया जाता है।
  • तिरुवनंतपुरम के निदेशक प्रफेसर सुनील मणी ने इस नवीनतम संस्करण में भारत पर एक अध्याय ‘सेन्टर फॉर डेवलपमेंट स्टडीज़’ लिखा था।
  •  ‘यू एस आर’ सुझावों और सिफारिशों के साथ भारत में विज्ञान प्रौद्योगिकी और नवाचार के पूर्व के वर्षों में हुए  विकास कार्यों का भी वर्णन करती है।

इस  रिपोर्ट में निम्न सिफारिश और सुझाव दिए गए हैं 

  • यू एस आर ने सुझाव दिया है कि कोविड – 19  की वजह से नवाचार को बढ़ावा देने की पहल करने के मामले में अनुसंधान परिजनों को नए तरीके खोजने चाहिए और मौजूदा आईपी नियमों में बदलाव करने पर विचार करना चाहिए जिससे टीकों और दवाओं पर जरूरी लाइसेंस को समाप्त किया जा सके।
  • प्रयास करने के बावजूद बहुत कम भारतीय राज्यों ने अक्षय ऊर्जा के लक्ष्यों को प्राप्त करने में प्रगति की है। यू एस आर हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन का सुझाव देती है।
  • भारत ने उद्योग की प्रौद्योगिकियों को नहीं अपनाया है इसलिए अब स्वचालन(ऑटोमेशन) के कारण नौकरी छूटना कोई गंभीर खतरा नहीं है।
  • यू एस आर की रिपोर्ट के अनुसार  ज्यादातर देश स्थिरता विज्ञान की बजाए हरित प्रौद्योगिकी में अधिक निवेश कर रहे हैं।
  • सभी सरकारों को आवश्यक रूप से यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके दोहरे परिवर्तन बिंदु के लिए नीतियां और संसाधन अलग-अलग आर्थिक क्षेत्रों मेें एक ही दिशा में समान विकास के कार्यनीतिक लक्ष्य की ओर हों।
  • कोविड-19 महामारी के कारण ज्ञान उत्पादन प्रणालियाँ सक्रिय हुई हैं।
  • भू – राजनीति के उभरते हुए परिदृश्य और यू एस कोविड-19 महामारी ने नेताओं के बीच नई खोज को लेकर व्यापार और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र मेें राजनीतिक हितों की रक्षा के प्रश्न पर एक बहस छेड़ दी है।
  • सभी आय वर्ग के देशों में पिछले 5 वर्षों में विकास प्राथमिकताएँ मौजूद रही हैं, जिन में डिजिटल और हरित व्यवस्था मैं परिवर्तन को प्राथमिकता दी गई है।
  • सरकारें इस परिवर्तन को तेज करने के लिए उद्योग को प्रौद्योगिकी परिवर्तन करने के लिए नई नीतियों की रूपरेखा तैयार कर रही हैं।
  • इसके बावजूद अभी भी दस में से आठ देश शोध कार्यों पर अपने जी डी पी के एक प्रतिशत  से भी कम खर्च कर रहे हैं, बल्कि वह बड़े पैमाने पर विदेशी विशेषज्ञता और प्रौद्योगिकी प्राप्त करते हैं।

Sustainable Development Report 2021 जारी की गयी

सस्टेनेबल डेवलपमेंट रिपोर्ट ( सतत विकास रिपोर्ट ) 2021 को ऐसे विशेषज्ञों के द्वारा तैयार करके जारी किया गया है जो संयुक्त राष्ट्र के, सतत विकास समाधान नेटवर्क ( एस डी एस एन ) से जुड़े हुए हैं. इस रिपोर्ट से देश के सतत विकास के लिए 2030  के एजेंडा को लागू करने की दिशा में सूचकांक तुलना की जाती है.

मुख्य बिंदु

  • 2021 में भारत एस डी जी की रैंकिंग में 2 स्थान नीचे फिसल कर 117 वें स्थान पर आ गया है.
  • 2020 में भारत 115 वें स्थान पर था.
  • भारत एसडीजी के मामले में चार दक्षिण एशियाई देशों – ( भूटान, नेपाल, श्रीलंका और बांग्लादेश) से भी पीछे है.
  • भारत का कुल एसडीजी स्कोर 100 में से 61.9 है.
  • 2021 के लिए इस सूचकांक का सर्वोच्च स्थान फिनलैंड को दिया गया है.
  • झारखंड और बिहार 2030 तक सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए सबसे कम तैयार हैं.
  • बिहार सात कारकों पर पीछे है, जबकि झारखंड पांच सतत विकास लक्ष्यों में पीछे है.
  • भारत के समग्र स्कोर वाले राज्य और केंद्र शासित प्रदेश केरल, हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ सतत विकास लक्ष्यों को हासिल करने मेें बाकी राज्यों से अच्छा स्कोर कर रहे हैं.
  • ऐसा पहली बार हुआ है जब एक नॉर्डिक देश इस सूचकांक में शीर्ष पर है.
  • इसका कारण फिनलैंड में गरीबी में कमी, असमानता में कमी, ऊर्जा, शिक्षा, स्वास्थ्य, जल, शांति और कानून के शासन से संबंधित लक्ष्यों को प्राप्त करने में अपनी उपलब्धियां हैं.

भारत की रैंकिंग में गिरावट का मुख्य कारण :

  • भुखमरी को खत्म करने और खाद्य सुरक्षा ( एस डी जी 2) को हासिल करने में नाकाम रहा.
  • लैंगिक समानता ( एस डी जी 5) को हासिल करने में नाकाम रहा.
  • लचीला बुनियादी ढांचे के निर्माण और देश में सतत औद्योगिकरण और नवाचार को बढ़ावा देने ( एस डी जी 9) में नाकाम रहा.

फिनलैंड के लिए चुनौतियां :

  • जैव विविधता के नुकसान का उन्मूलन, उत्पादन के तरीके, सतत खपत, और जलवायु परिवर्तन के विरुद्ध लड़ाई आदि. ऐसी बहुत सी चुनौतियों का  सामना फिनलैंड को पहले भी करना पड़ा है. इसके अलावा इस देश के सतत विकास को कोविड-19 महामारी ने महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित किया है.

निम्न देश शीर्ष 10 स्थान पर हैं :

  • फिनलैंड
  • स्वीडन
  • डेनमार्क
  • जर्मनी
  • बेल्जियम
  • ऑस्ट्रिया
  • नॉर्वे
  • फ्रांस
  • स्लोवेनिया
  • एस्टोनिया

सतत विकास लक्ष्य (एस डी जी) की भूमिका :

2015 मेें संयुक्त राष्ट्र के सभी सदस्य राज्यों द्वारा सतत विकास लक्ष्यों को अपनाया गया था। यह दुनिया के सभी देशों पर लागू होने वाले एक सार्वभौमिक एजेंडे का वर्णन करता है। यह मिलेनियम डेवलपमेंट गोल्स का उत्तराधिकारी है।

सहस्राब्दी विकास लक्ष्य ( मिलेनियम डेवलपमेंट गोल्स) 2015 में समाप्त हो गए थे। इसलिए संयुक्त राष्ट्र शिखर सम्मेलन में इन विकास लक्ष्यों के स्थान पर सतत विकास लक्ष्यों (सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स) को प्राप्त करने का फैसला लिया गया था।

सतत विकास सूचकांक की निम्न 6 व्यापक श्रेणियाँ हैं :

  • शिक्षा
  • कौशल
  • स्वास्थ्य और कल्याण
  • स्वच्छ ऊर्जा और उद्योग
  • सतत भूमि उपयोग
  • सतत शहर और प्रौद्योगिकियाँ

2015 में संयुक्त राष्ट्र के 193 सदस्य देशों ने एस डी जी को सतत विकास सूचकांक की इन छह श्रेणियों में 17 सतत विकास लक्ष्यों के कार्यान्वयन के आधार पर स्वीकार किया था और इन लक्ष्यों को वर्ष 2030 तक पूरा करने का एजेंडा तय किया गया था।

17 सतत विकास लक्ष्यों और उद्देश्यों की जारी सूची :

लक्ष्य – एक (एस डी जी – 1)

उद्देश्य : गरीबी को खत्म करना।

विवरण : दुनिया के सभी देशों के लोगों की गरीबी को खत्म करना। अभी प्रतिदिन 1.25 डॉलर से कम आय वाले व्यक्ति को अत्यधिक गरीब माना जाता है।

 लक्ष्य – दो  (एस डी जी – 2)

उद्देश्य : भुखमरी को खत्म करना।

विवरण : खाद्य सुरक्षा और बेहतर पोषण के अलावा टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देकर भुखमरी को खत्म करना।

लक्ष्य – 3 (एस डी जी – 3)

उद्देश्य : अच्छा स्वास्थ्य और जीवन स्तर।

विवरण : सभी लोगों को स्वस्थ जीवन देना और उनके जीवन स्तर में सुधार लाना।

लक्ष्य – 4 (एस डी जी – 4)

उद्देश्य : गुणवत्तापूर्ण शिक्षा।

विवरण : समावेशी और न्याय संगत अच्छी गुणवत्ता वाली शिक्षा सुनिश्चित करना, और सभी के लिए जीवन भर सीखने के अवसरों को बढ़ावा देना।

लक्ष्य – 5 (एस डी जी – 5)

उद्देश्य : लैंगिक समानता।

विवरण : लैंगिक समानता प्राप्त करना और सभी लड़कियों और महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए प्रयास करना।

लक्ष्य – 6 (एस डी जी – 6)

उद्देश्य : साफ पानी और स्वच्छता।

विवरण : सभी के लिए स्वच्छता और साफ पानी उपलब्धता और उसके टिकाऊ प्रबंधन को सुनिश्चित करना।

 लक्ष्य – 7 (एस डी जी – 7)

उद्देश्य : सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा।

विवरण : सबके लिए भरोसेमंद, टिकाऊ, और सस्ती और आधुनिक ऊर्जा की पहुंच सुनिश्चित करना।

 लक्ष्य – 8 (एस डी जी – 8)

उद्देश्य : अच्छा कार्य और आर्थिक विकास।

विवरण : निरंतर समावेशी और टिकाऊ आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के अलावा उत्पादक रोजगार और सब लोगों के लिए सभ्य कार्य को बढ़ावा देना।

लक्ष्य – 9 (एस डी जी – 9)

उद्देश्य : उद्योग, नवाचार और बुनियादी ढांचा का विकास।

विवरण : मजबूत बुनियादी ढांचा बनाना, समावेशी और टिकाऊ औद्योगीकरण के साथ-साथ नवीकरण को बढ़ावा देना।

 लक्ष्य – 10  (एस डी जी – 10)

उद्देश्य : असमानता में कमी।

विवरण : देशों के भीतर और देशों के बीच में असमानता कम करना।

लक्ष्य – 11 (एस डी जी – 11)

उद्देश्य : टिकाऊ शहरी और सामुदायिक विकास।

विवरण : शहरों और इंसानी बस्तियों को समावेशी, सुरक्षित  और टिकाऊ बनाना।

 लक्ष्य – 12 (एस डी जी – 12)

उद्देश्य : जिम्मेदारी के साथ उपभोग और उत्पादन।

विवरण : उत्पादन और उपभोग के प्रारूप को टिकाऊ बनाना।

लक्ष्य – 13 (एस डी जी – 13)

उद्देश्य : जलवायु परिवर्तन।

विवरण : जलवायु परिवर्तन और उसके प्रभावों से तत्काल निपटने के लिए  कार्रवाई सुनिश्चित करना।

 लक्ष्य – 14 (एस डी जी – 14)

उद्देश्य : पानी में जीवन।

विवरण : टिकाऊ विकास के लिए समुद्री संसाधनों का संरक्षण और उनका सही उपयोग सुनिश्चित करना।

 लक्ष्य – 15 (एस डी जी – 15)

उद्देश्य : भूमि पर जीवन।

विवरण : सुरक्षित जंगलों, भूमि क्षरण और जीव विविधता और सतत उपयोग को बढ़ावा देने वाले स्थलीय परिस्थितिकीय प्रणालियों के बढ़ते हुए नुकसान की रोकथाम करना।

 लक्ष्य – 16 (एस डी जी – 16)

उद्देश्य : शांति और न्याय के लिए संस्थान।

विवरण : टिकाऊ विकास के लिए शांतिपूर्ण समाजों को बढ़ावा देना और सब लोगों के लिए न्याय तक पहुँच सुनिश्चित करना।

 लक्ष्य – 17 (एस डी जी – 17)

उद्देश्य : लक्ष्य प्राप्ति में सामूहिक साझेदारी।

विवरण : सतत विकास के लिए वैश्विक भागीदारी को सुनिश्चित करना और क्रियान्वयन के साधनों को मजबूत बनाना।

Twitter ने भारत के लिए की अंतरिम Chief Compliance Officer  नियुक्ति

भारत सरकार को जानकारी देते हुए मंगलवार को ट्विटर ने बताया कि उसकी ओर से एक अंतरिम मुख्य अनुपालन अधिकारी ( चीफ कंप्लायंस ऑफिसर) की नियुक्ति कर ली गई है और जल्द ही नए अधिकारी का ब्यौरा सीधे सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय (आई टी मिनिस्ट्री) के साथ साझा किया जाएगा। 

मुख्य बिंदु

  • भारत ने फरवरी 2021 में नए आई टी नियमों की घोषणा की। 
  • नए आई टी नियमों को 25 मई, 2021 को लागू किया गया। 
  • नए नियम सोशल मीडिया और ओवर द टॉप (ओ टी टी) प्लेटफार्मों से संबंधित हैं। 
  • यह नियम सूचना प्रौद्योगिकी (आई टी) अधिनियम, 2000 की धारा 87(2) के तहत बनाए गए हैं। 
  • नए नियमों के तहत, रेजीडेंट शिकायत अधिकारी को एक बड़े शिकायत निवारण सिस्टम के अतंर्गत नियुक्त किया जाएगा। 
  • सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर सामग्री की निगरानी सक्रिय रूप से की जाएगी। 
  • भारतीय यूजर्स के लिए मासिक अनुपालन रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाएगी। 
  • अब भारत में प्राधिकरण इन प्लेटफार्मों से किसी भी संदेश की उत्पत्ति की पहचान करने के लिए कह सकते हैं। 
  • भारत सरकार ने ट्विटर को अपना फाइनल नोटिस भेजा था। 
  • नए नियम लागू न करने पर ट्विटर को कड़ी कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई थी। 
  • ट्विटर ने 1 सप्ताह में सभी आई टी कानूनों को मानने का वादा किया। 
  • आई टी नियमों के पालन में हो रही देरी के कारण माइक्रो ब्लॉगिंग साइट को सरकार के कड़े रुख का सामना करना पड़ रहा था। 
  • एम वेंकैया नायडू के हैंडल पर ट्विटर ने ब्लू टिक को रिस्टोर किया। 
  • ट्विटर ने कहा कि इस हैंडल का अकाउंट 2020 से एक्टिव नहीं था। 

नये आई टी नियमों के अनुसार निम्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को अतिरिक्त उपाय करने होंगे :

  • टि्वटर
  • फेसबुक
  • इंस्टाग्राम
  • व्हाट्सएप

 भारत में सोशल मीडिया को इन लोगों की अतिरिक्त नियुक्ति करनी होंगी :

  • मुख्य अनुपालन अधिकारी 
  • नोडल अधिकारी 
  • शिकायत अधिकारी 

नए आई टी नियमों का पालन करने के लिए भारत सरकार ने ट्वीटर को एक आखरी मौका देते हुए पिछले दिनों एक नोटिस जारी किया था और चेतावनी दी थी कि अगर वह एसा नहीं करती है, तो आई टी कानून के तहत दायित्व से मिली छूट को वापस ले लिया जाएगा और इसके अलावा उसे आई टी कानून के अंतर्गत की जाने वाली कार्रवाई के लिए भी तैयार रहना होगा। 

भारत सरकार की नोटिस के जवाब में पिछले सप्ताह ट्वीटर ने आश्वासन दिया था कि वह नए आई टी नियम के अनुपालन में एक मुख्य अनुपालन अधिकारी (चीफ कंप्लायंस ऑफिसर) की नियुक्ति करने की प्रक्रिया के अंतिम चरण में है। इस संबंध में सरकार के साथ विस्तृत जानकारी एक सप्ताह के अंदर साझा कर दी जाएगी। 

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