करेंट अफेयर्स 2021 – 3nd जून 2021

  • utkarsh
  • Jun 03, 2021
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करेंट अफेयर्स 2021 – 3nd जून 2021

जस्टिस अरुण मिश्रा राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के नए अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किए गए

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा ने बुधवार को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के अध्यक्ष के रूप में पदभार ग्रहण किया। वह पिछले साल 3 सितंबर को शीर्ष अदालत से सेवानिवृत्त हुए थे। 2014 में सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त, न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा राजस्थान और कोलकाता उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीश रह चुके हैं। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष के रूप में, उनका कार्यकाल तीन वर्ष या 70 वर्ष की आयु तक का होगा।

मुख्य अंश:

  • भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश एच एल दत्तू के पिछले साल दिसंबर में सेवानिवृत्त होने के बाद से राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग अध्यक्ष का पद लगभग छह महीने तक रिक्त रहा।
  • जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश महेश मित्तल कुमार और इंटेलिजेंस ब्यूरो के पूर्व निदेशक राजीव जैन को भी राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्यों के रूप में नियुक्त करने हेतु उच्चाधिकार प्राप्त पैनल द्वारा सिफारिश की गई थी।
  • न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा ने 1978 में एक वकील के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी। वह 1998-99 में बार काउंसिल ऑफ इंडिया के सबसे कम उम्र के अध्यक्ष चुने गए।
  • उन्हें अक्टूबर 1999 में मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त किया गया था।
  • उन्होंने 7 जुलाई 2014 को सर्वोच्च न्यायालय में पदोन्नत होने से पहले राजस्थान उच्च न्यायालय और कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में भी कार्य किया।

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के बारे में

  • राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग एक सांविधिक सार्वजनिक आयोग है। इसका गठन 28 सितंबर 1993 के मानवाधिकार संरक्षण अध्यादेश के तहत 12 अक्टूबर 1993 को किया गया था।
  • राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम , 1993 के तहत गठित एक स्वतंत्र संवैधानिक आयोग है, जिसे मानवाधिकार संरक्षण (संशोधन) अधिनियम, 2006 द्वारा संशोधित किया गया है।

लेफ्टिनेंट जनरल प्रदीप चंद्रन नायर असम राइफल्स के महानिदेशक बनें

1 जून 2021 को लेफ्टिनेंट जनरल प्रदीप चंद्रन नायर ने असम राइफल्स के महानिदेशक का पदभार ग्रहण किया।
उन्होंने असम राइफल्स के 21वें महानिदेशक के रूप में पदभार ग्रहण किया है।

मुख्य अंश:

  • उन्हें असम राइफल्स और उत्तर पूर्व का समृद्ध अनुभव है। वह इससे पहले असम राइफल्स में एक इंस्पेक्टर जनरल और कंपनी कमांडर रह चुके हैं। इसके अलावा एक ब्रिगेड कमांडर के रूप में असम राइफल्स बटालियन की कमान संभाली है।
  • जनरल ऑफिसर को 1985 में सिख रेजिमेंट में कमीशन किया गया था। वह सैनिक स्कूल सतारा, राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, रक्षा सेवा स्टाफ कॉलेज, रक्षा प्रबंधन कॉलेज और प्रतिष्ठित भारतीय लोक प्रशासन संस्थान के पूर्व छात्र रह चुके हैं।
  • नागालैंड में इंस्पेक्टर जनरल असम राइफल्स (उत्तर) के रूप में उनकी कमान के दौरान उन्हें अति विशिष्ट सेवा मेडल, मणिपुर में एक ब्रिगेड की कमान के दौरान युद्ध सेवा मेडल और तीन मौकों पर चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ कमेंडेशन कार्ड से सम्मानित किया गया है।
  • इसके अलावा, उत्तर पूर्व में, वह मणिपुर और सिक्किम में कंपनी कमांडर, असम में बटालियन कमांडर, मणिपुर में ब्रिगेड कमांडर और हाल के दिनों में नागालैंड में असम राइफल्स के महानिरीक्षक भी रहे हैं।

असम राइफल्स के बारे में

  • असम राइफल्स भारत का सबसे पुराना अर्धसैनिक बल है। इसे 1835 में ब्रिटिश राज के तहत, “कछार लेवी” नाम से शुरू किया गया था। “असम राइफल्स” के वर्तमान नाम का उपयोग 1917 से किया जा रहा है।
  • असम राइफल्स ने जहां प्रथम विश्व युद्ध में ब्रिटिश सरकार का साथ दिया वहीं, उन्होंने यूरोप और मध्य पूर्व में सेवा की। द्वितीय विश्व युद्ध में इस बल ने मुख्य रूप से बर्मा में सेवा की।
  • तिब्बत पर चीनी कब्जे के बाद, असम राइफल्स को असम हिमालयी क्षेत्र की तिब्बती सीमा की निगरानी करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। अरुणाचल प्रदेश के आदिवासी इलाकों में कानून और व्यवस्था बनाए रखने में भी बल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने वाले तीसरे भारतीय घुड़सवार बनें फवाद मिर्जा

30 मई, 2021 को पोलैंड के बाबोरोको में CCI44- लॉन्ग इवेंट प्रतियोगिता में अपने दोनों घोड़ों सिग्नूर
मेडिकॉट और दजारा पर न्यूनतम पात्रता आवश्यकता (Minimum Eligibility Requirement)
हासिल करने के बाद भारतीय घुड़सवार फवाद मिर्जा ने इसी साल होने वाले टोक्यो ओलिंपिक (Tokyo
Olympic) के लिए आधिकारिक तौर पर क्वालीफाई कर लिया है।

मुख्य अंश

  • इसी के साथ वह भारत को 21 साल में घुड़सवारी (इक्वेस्टेरियन) में ओलंपिक खेलों में कोटा दिलाने में सफल रहे है। ऐसा करके वो व्यक्तिगत घुड़सवारी में ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने वाले तीसरे भारतीय घुड़सवार बन गए है। उनसे पहले अटलांटा ओलंपिक 1996 में इंद्रजीत लांबा (Indrajit Lamba) ने और वर्ष 2000 के सिडनी ओलंपिक में इम्तियाज अनीस (Imtiaz Anees) ने भारत को इक्वेस्टेरियन में ओलिंपिक कोटा दिलाया था।
  • हालांकि इससे पहले उनका नाम इंटरनेशनल फेडरेशन फॉर इक्वेस्ट्रियन स्पोर्ट्स (FEI) द्वारा टोक्यो ओलिंपिक
    के लिए क्वालिफाइ करने वाले एथलिट्स की सूची में था। उन्हें एक औपचारिकता पूरी करने के लिए MER
    फाइनल क्वालीफिकेशन हासिल करना था जो उन्होंने कर लिया।
  • वर्ष 2018 में जकार्ता में खेले गए एशियाई खेलों में फवाद ने व्यक्तगित स्पर्धा में रजत पदक अपने नाम
    किया था। इसी के साथ उन्होंने 36 साल बाद भारत को व्यक्तगित स्पर्धा में रजत पदक दिलाया था।
  • वर्ष 1980 के मॉस्को ओलंपिक में इक्वेस्ट्रियन फेडरेशन ऑफ इंडिया (EFI) ने इवेंटर्स की एक टीम भेजी थी।
    जिसमें लेफ्टिनेंट जे.एस. अहलूवालिया, हुसैन खान, मोहम्मद खान और दरिया सिंह शामिल थे। यह खेलों में देश का प्रतिनिधित्व करने वाली पहली और एकमात्र टीम थी। मोहम्मद खान और दरिया सिंह शामिल थे। यह खेलों में देश का प्रतिनिधित्व करने वाली पहली और एकमात्र टीम थी।

इंटरनेशनल फेडरेशन फॉर इक्वेस्ट्रियन स्पोर्ट्स (FEI) के बारे में

इंटरनेशनल फेडरेशन फॉर इक्वेस्ट्रियन स्पोर्ट्स (FEI) घुड़सवारी के खेल के प्रबंधन की अंतर्राष्ट्रीय संस्था है जिसे अंतर्राष्ट्रीय ओलिम्पिक कमेटी से मान्यता प्राप्त है। इसकी स्थापना वर्ष 1921में हुई। इसका मुख्यालय लुसाने, स्विट्जरलैंड में स्थित है।

केंद्र द्वारा एम्फोटेरिसिन- बी इंजेक्शन के निर्यात पर प्रतिबंध लगाया गया

सरकार ने मंगलवार को ब्लैक फंगस के मामलों में वृद्धि के बीच एम्फोटेरिसिन-बी इंजेक्शन के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया। एम्फोटेरिसिन-बी का उपयोग म्यूकोर्मिकोसिस या काले कवक संक्रमण से पीड़ित रोगियों के इलाज के लिए किया जाता है। एम्फोटेरिसिन-बी इंजेक्शन निर्यातकों को अपने आउटबाउंड शिपमेंट के लिए विदेश व्यापार महानिदेशालय से अनुमति या लाइसेंस की आवश्यकता होगी।

मुख्य अंश

  • कई राज्यों में पहले ही एम्फोटेरिसिन-बी इंजेक्शन की कमी दर्ज की गई है। देश में इंजेक्शन की तीव्र कमी के कारण, भारत ने अन्य देशों से एम्फोटेरिसिन-बी इंजेक्शन के आयात में वृद्धि की है।
  • अमेरिका स्थित गिलियड साइंसेज से भारत को 10 लाख एम्फोटेरिसिन खुराक की आपूर्ति करने की उम्मीद है।
  • देश में ब्लैक फंगस के बढ़ते मामलों को देखते हुए एम्फोटेरिसिन बी को जीएसटी छूट सूची में शामिल किया गया था। यह फैसला 28 मई को जीएसटी काउंसिल की 43वीं बैठक के दौरान लिया गया।
  • GST परिषद ने कोरोना राहत वस्तुओं को तदर्थ छूट भी दी है। वित्त मंत्री ने कहा, “परिषद ने 31 अगस्त 2021 तक राहत वस्तुओं के आयात में छूट देने का फैसला किया है।”

ब्लैक फंगस के बारे में

  • ब्लैक फंगस एक बहुत ही दुर्लभ संक्रमण है। यह म्यूकर मोल्ड के संपर्क में आने के कारण होता है जो आमतौर पर मिट्टी, पौधों, खाद और सड़ने वाले फलों और सब्जियों में पाया जाता है। यह सर्वव्यापी है और मिट्टी और हवा में और यहां तक ​​कि स्वस्थ लोगों की नाक और बलगम में भी पाया जाता है।
  • यह साइनस, मस्तिष्क और फेफड़ों को प्रभावित करता है और मधुमेह या गंभीर रूप से प्रतिरक्षित व्यक्तियों, जैसे कि कैंसर रोगियों या एचआईवी / एड्स से ग्रसित लोगों में जीवन के लिए खतरा हो सकता है।

इसाक हर्जोग होंगे इजरायल के 11वें राष्ट्रपति

02 जून, 2021 को इजराइली संसद ‘नेसेट’ ने पूर्व केंद्र-वाम राजनेता इसाक हर्जोग को देश के राष्ट्रपति के
रूप में चुना है। इसाक हर्जोग इजरायल के 11वें राष्ट्रपति होंगे। इस फैसले से जातीय और धार्मिक
समूहों के बीच एकता को बढ़ावा मिलेगा।

मुख्य अंश:

  • हर्जोग ने प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार मिरियम पेरेट्ज़ को हराया है जो एक शिक्षक और युद्ध में जान गंवाने वाले दो
    इजरायली सेना के अधिकारियों की माँ है। हर्जोग अगले महीने राष्ट्रपति पद ग्रहण करेंगे।
  • हर्जोग रेवेन रिवलिन की जगह लेंगे जिनका 7 वर्ष का कार्यकाल 9 जुलाई, 2021 को समाप्त हो रहा है।
    राष्ट्रपति को चुनने के लिए 120 सांसदों ने वोट डाले। वोटिंग के दौरान हर्जोग को 120 में से 87 वोट हासिल हुए हैं। विजय पाने के लिए कम से कम 61 मत की जरूरत थी। पेरेट्ज़ को 26 वोट मिले हैं।
  • वर्ष 2003 में पहली बार संसद पहुँचे 60 वर्षीय हर्जोग ने लेबर पार्टी का नेतृत्व किया और गठबंधन सरकारों में
  • कई विभागों को संभाला। उनका सबसे हालिया सार्वजनिक पद इजरायल के लिए यहूदी एजेंसी के प्रमुख के रूप में था। यह एजेंसी इजरायल में आप्रवासन को बढ़ावा देने के लिए सरकार के साथ मिलकर काम करती है।
  • इसाक हर्जोग के पिता चैम हर्जोग भी वर्ष 1983 और 1993 के बीच देश के राष्ट्रपति रह चुके हैं। वहीं वर्ष
    2013 में इसाक हर्जोग प्रधानमंत्री पद के लिए भी खड़े हुए थे, लेकिन वे बेंजामिन नेतन्याहू से जीत हासिल करने में सफल नहीं हो सके।

पाकिस्तान ने लॉन्च की कोरोना की अपनी वैक्सीन, नहीं बताया कितने फीसदी है असरदार

01 जून, 2021 को पाकिस्तान के राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान (NIH) में आयोजित एक समारोह के दौरान
स्थानीय रूप से उत्पादित चीनी कैनसिनो कोविड-19 वैक्सीन को लॉन्च किया।

मुख्य अंश

  • पाकवैक (PakVac) नामक वैक्सीन के लॉन्चिंग समारोह को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य पर पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के विशेष सहायक फैसल सुल्तान ने कैनसिनो वैक्सीन के स्थानीय उत्पादन को देश के लिए एक मील का पत्थर बताया।
  • पाकिस्तान के योजना और विकास मंत्री असद उमर जो राष्ट्रीय कमान और संचालन केंद्र के प्रमुख भी हैं
    उन्होंने समारोह में स्थानीय स्तर पर किए गए सर्वेक्षण के परिणामों को साझा करते हुए कहा कि
    बेहतर गुणवत्ता और प्रभावी परिणामों के लिए कैनसिनो वैक्सीन सहित चीनी टीके देश में पसंदीदा
    हैं।
  • पाकिस्तान में चीनी राजदूत नोंग रोंग ने कहा कि चीन और पाकिस्तान के बीच वैक्सीन सहयोग
    कोरोना वैक्सीन के आयात पर निर्भरता को कम करके कोविड -19 से लड़ने में पाकिस्तान के प्रयासों में योगदान देगा। चीनी दूत ने कहा कि चीन तब तक कोविड -19 के खिलाफ पाकिस्तान की लड़ाई जारी है।

हाथी कॉरिडोर के लिए कर्नाटक में 1000 एकड़ भूमि में शुरू हुआ सर्वेक्षण

हाल ही में बन्नेरघट्टा राष्ट्रीय उद्यान के पास 1000 एकड़ से अधिक भूमि का सर्वेक्षण शुरू हो गया है। इस भूमि को हाथियों के गलियारे के रूप में विकसित किया जाना है। यह गलियाई हाथियों को एक सुरक्षित क्षेत्र प्रदान करेगा और मानव पशु संघर्ष को कम करने में सहायक होगा।

मुख्य अंश

  • पिछले साल बन्नेरघट्टा जैविक उद्यान ‘एनिमल एडॉप्टेशन प्रोग्राम’ (Animal Adoption Programme) के तहत नागरिकों को एक वर्ष के लिये उद्यान के वन्य जीवों को गोद लेने की अनुमति प्रदान की है। बन्नेरघट्टा जैविक उद्यान के वन्य जीवों को गोद लेने हेतु नागरिकों को कुछ धनराशि अदा करनी होगी।
  • भारतीय कोबरा (Indian Cobra) तथा एशियाई हाथी (Asiatic Elephant) को गोद लेने हेतु प्रति वर्ष क्रमशः 2 हज़ार तथा 1.75 लाख रुपए देना होगा। बन्नेरघट्टा जैविक उद्यान से किंग कोबरा, जंगली बिल्ली, असमिया लंगूर, काला हिरन, सांभर इत्यादि को एक वर्ष के लिये गोद लिया जा सकता है। उद्यान के अनुसार, वर्तमान में 21 हाथी इंटरनेट के माध्यम से गोद लेने हेतु उपलब्ध हैं।
  • ‘एनिमल एडॉप्टेशन प्रोग्राम’ के अनुसार, उद्यान के वन्य जीवों के भरण-पोषण, चिकित्सीय देखभाल खर्चों में शामिल होने का एक अवसर है जिसमें भाग लेने वाले लोगों हेतु ‘आयकर अधिनियम’ की धारा 80जी (दान से संबंधित) के तहत कर में छूट देने का प्रावधान भी है।

बन्नेरघट्टा राष्ट्रीय उद्यान (Bannerghatta National Park) के बारे में

  • कर्नाटक के बंगलूरू में स्थित बन्नेरघट्टा उद्यान की स्थापना वर्ष 1972 में की गई थी जिसे वर्ष 1974 में राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया गया था। वर्ष 2002 में उद्यान के एक हिस्से को जैविक रिज़र्व बना दिया गया जिसे बन्नेरघट्टा जैविक उद्यान कहा जाता है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2006 में देश का पहला तितली पार्क यहीं स्थापित किया गया था। यह उद्यान जंगली बिल्लियों, भारतीय तेंदुओं, बाघ, चीतों एवं हाथियों को एक सुरक्षित आवास प्रदान करता है।

डॉ.पेट्रिक अमोथ को WHO की कार्यकारी बोर्ड का नया अध्यक्ष किया नियुक्त डॉ. हर्षवर्धन ने पूरा किया अपना कार्यकाल

02 जून 2021 को दुनियाभर में स्वास्थ्य सेवाओं के कार्य में लगे विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) को नया चेयरमैन मिल गया है। अब केन्या डॉ. पैट्रिक अमोथ को डब्ल्यूएचओ कार्यकारी बोर्ड का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। वे केन्या के स्वास्थ्य मंत्रालय के स्वास्थ्य कार्यवाहक महानिदेशक भी रह चुके हैं।

मख्य अंश:

  • भारत के केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने विश्व स्वास्थ्य संगठन के कार्यकारी बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में अपना कार्यकाल पूरा कर लिया है।
  • डब्ल्यूएचओ के आधिकारिक ट्विटर हैंडल के अनुसार, 02 जून 2021 को कार्यकारी बोर्ड के 149वें सत्र के दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने कहा कि केन्या के स्वास्थ्य मंत्रालय के स्वास्थ्य के कार्यवाहक महानिदेशक डॉ. पैट्रिक अमोथ को डब्ल्यूएचओ कार्यकारी बोर्ड का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को ई-सिगरेट के प्रतिबंध के लिए सम्मानित

  • विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 31 मई, 2021 को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को ई-सिगरेट के प्रतिबंध के लिए
    सम्मानित किया। संगठन के प्रमुख टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयसस ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी।
  • धूम्रपान करने वालों को कोरोना विषाणु का गंभीर संक्रमण होने का 40 से 50 फीसद अधिक जोखिम रहता है। भारत में हर साल तंबाकू के सेवन से 13लाख लोगों की मौत होती है। यदि इसे प्रतिदिन के हिसाब से देखा जाए तो यह आंकड़ा करीब 3,500 बनता है, जो बहुत बड़ी संख्या है।
  • विश्व स्वास्थ्य संगठन के एक अध्ययन के अनुसार तंबाकू के सेवन से होने वाले रोगों और अन्य प्रभाव से भारत में 2017-2018 में 1.77 लाख करोड़ रुपए का अर्थव्यवस्था पर बोझ पड़ा। यह भारत के सकल घरेलू उत्पाद का एक फीसद है।

पंजाब सरकार उड़ान योजना के तहत महिलाओं व युवतियों को बांटेगा नि:शुल्क सेनेटरी पैड

28 मई, 2021 को पंजाब की सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री अरुणा चौधरी ने ‘अंतरराष्ट्रीय मासिक धर्म स्वच्छता दिवस’ के मौके पर राज्य में महिला सशक्तीकरण के लिए ‘उड़ान योजना’ की शुरुआत की। इसके अंतर्गत राज्य की जरूरतमंद परिवारों की महिलाओं और लड़कियों को हर महीने मुफ्त सेनेटरी पैड बांटे जाएंगे।

मुख्य अंश

  • अरुणा चौधरी ने कहा कि इस नई योजना के अंतर्गत स्कूल छोड़ चुकी लड़कियों/स्कूल से बाहर की लड़कियों, कॉलेज न जाने वाली लड़कियों, बीपीएल परिवारों की महिलाएं, झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाली
    और बेघर महिलाएं लाभान्वित होंगी।
  • इसके साथ ही टपरीवास परिवारों की महिलाएं और नीले कार्ड धारक और अन्य विभागों की किसी भी स्कीम के अंतर्गत मुफ्त/सब्सिडी वाले सेनेटरी पैड का लाभ नहीं ले रही महिलाओं को कवर किया जाएगा। इस पर 40.55 करोड़ रुपये सालाना का खर्च आएगा।
  • लाभार्थियों को 27,314 आंगनबाड़ी केंद्रों के राज्य स्तरीय नेटवर्क द्वारा कवर किया जाएगा। प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र द्वारा लगभग 50 लाभार्थियों को कवर किया जाएगा, क्योंकि प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र के अधीन 400 परिवार आते हैं।
  • हरेक लाभार्थी को हर महीने अधिक से अधिक 9 सेनेटरी पैड दिए जाएंगे। अरुणा चौधरी ने बताया कि पहले
    चरण में 27,314 आंगनबाड़ी केंद्रों के वर्करों और हेल्परों द्वारा 13,65,700 लाभार्थियों को कुल 1,22,91,300 सेनेटरी पैड बांटे जाएंगे।

डब्ल्यूएचओ ने चीनी वैक्सीन सिनोवैक को मंजूरी दी

मई की शुरुआत में राज्य के स्वामित्व वाले सिनोफार्म समूह की मंजूरी के बाद, डब्ल्यूएचओ द्वारा आपातकालीन उपयोग के लिए अनुमोदित होने वाला सिनोवैक दूसरा चीनी कोविड टीकाकरण है। यह दोनों वैक्सीन विश्व स्वास्थ्य संगठन और अन्य वैश्विक स्वास्थ्य संगठनों द्वारा समर्थित कार्यक्रम Covax के लिए अतिरिक्त वैक्सीन विकल्प होंगे।

मुख्य अंश

  • सिनोवैक वैक्सीन का प्रयोग पहले से ही कई देशों में किया जा रहा है। वैक्सीन को 18 वर्ष की आयु से अधिक लोगों के लिए तैयार किया गया है।
  • वैक्सीन की कुल दो डोज़ लेनी आवश्यक हैं। दूसरी डोज़ पहली डोज़ लेने के दो से चार सप्ताह बाद ली जा सकेगी।
  • आपातकालीन मंज़ूरी का अर्थ यह हुआ कि यह वैक्सीन सुरक्षा, प्रभाव तथा उत्पादन लिए सभी अंतरराष्ट्रीय मानकों को पूरा करती है।
  • पिछले साल के अंत से, सिनोवैक ने हांगकांग से लेकर जिम्बाब्वे तक के देशों और क्षेत्रों में 380 मिलियन गोलियां भेजी हैं।
  • वैक्सीन की सबसे आगे चलने वाली लहरों के बीच, नैदानिक ​​परीक्षणों की रिपोर्ट के अनुसार कोरोनावैक वैक्सीन की सबसे कम प्रभावकारिता दर है।

आश्रिता वी ओलेटी भारत की पहली महिला उड़ान परीक्षण इंजीनियर बनी

कर्नाटक के मूल निवासी आश्रिता वी ओलेटी ने पायलट स्कूल में एक साल का कोर्स पूरा करने के बाद 43वें फ्लाइट टेस्ट कोर्स के रूप में स्नातक किया है। स्क्वाड्रन लीडर आश्रिता वी ओलेटी भारतीय वायुसेना की पहली और एकमात्र महिला हैं जिन्होंने यह पद ग्रहण किया है।

मुख्य अंश:

  • वह सशस्त्र बलों में शामिल होने से पहले विमान और हवाई प्रणालियों के मूल्यांकन के लिए जिम्मेदार होंगी।
  • मेडिकल विंग को छोड़कर जिसमें महिलाएं दशकों से सेवा कर रही हैं, सेना में 6,807 महिला अधिकारी हैं, IAF में 1,607 और नौसेना में 704 महिला अधिकारी हैं।
  • सेना में महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ 2015 में आया जब भारतीय वायुसेना ने उन्हें लड़ाकू धारा में शामिल करने का फैसला किया।

भारतीय वायु सेना

भारतीय वायु सेना को आधिकारिक तौर पर 8 अक्टूबर 1932 को ब्रिटिश साम्राज्य की सहायक वायु सेना के रूप में स्थापित किया गया था। इसके कर्मियों और विमान संपत्तियों का पूरक दुनिया की सबसे अग्रणी वायु सेनाओं की श्रेणी में चौथे स्थान पर है। इसका प्राथमिक मिशन भारतीय हवाई क्षेत्र को सुरक्षित करना और सशस्त्र संघर्ष के दौरान हवाई युद्ध करना है। वर्तमान में भारतीय वायु सेना के प्रमुख एयर चीफ मार्शल राकेश कुमार सिंह भदौरिया हैं।

दुनिया के दूसरे सबसे बड़े द्वीप से वैज्ञानिकों ने खोजा “चॉकलेट मेढक”

हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के वैज्ञानिकों की एक टीम ने दुनिया के दूसरे सबसे बड़े द्वीप न्यू गिनी की तराई के वर्षा वनों में पेड़ पर रहने वाले चॉकलेट के रंग के मेंढक की खोज की है। मेंढक की इस नई प्रजाति का नाम लिटोरिया मिरा (Litoria mira) है।

मुख्य अंश

  • लैटिन भाषा में मिरा शब्द का अर्थ आश्चर्य या अजीब होता है। लिटोरिया मिरा न्यू गिनी में पाए जाने वाले वृक्ष मेंढक की स्थानिक प्रजाति है।
  • यह प्रजाति न्यू गिनी की तराई के दलदली वर्षा वनों में व्यापक रूप से पाई जाती है। लिटोरिया मिरा का निकटतम संबंध आस्ट्रेलिया में पाए जाने वाले पेड़ों पर रहने वाले हरे मेंढक से हैं। वृक्ष पर रहने वाले हरे मेंढक का वैज्ञानिक नाम Litoria caerulea है। मेंढक की दोनों प्रजातियां एक जैसी दिखाई देती है।
  • इन दोनों प्रजातियों में से एक आम तौर पर हरे रंग की होती है जबकि नई प्रजाति
    चॉकलेट रंग की है। दोनों प्रजातियां वृक्ष पर रहती है।
  • गौरतलब है कि ये चॉकलेट मेढक जहां पाया गया है वो एक गर्म वर्षावन है और इंसानों के लिए काफी खतरनाक है। इस क्षेत्र को मलेरिया के मच्छर, मगरमच्छों की मौजूदगी और दलदली इलाका इसे काफी चुनौतीपूर्ण बनाते हैं।


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