करेंट अफेयर्स: 20 जून 2021

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  • Jun 20, 2021
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करेंट अफेयर्स: 20 जून 2021

Global Peace Index का 15 वाँ संस्करण जारी किया गया

सिडनी स्थित इंस्टीट्यूट फॉर इकोनॉमिक्स एंड पीस (Institute for Economics and Peace – IEP) ने वैश्विक शांति सूचकांक (Global Peace Index – GPI) का 15 वां संस्करण जारी किया है।

मुख्य बिंदु:

  • आइसलैंड 2008 से विश्व का सबसे शांतिपूर्ण देश है।
  • न्यूजीलैंड, डेनमार्क, पुर्तगाल और स्लोवेनिया सूचकांक के शीर्ष पर शामिल देश हैं।
  • इस सूचकांक में 163 स्वतंत्र राज्यों को उनके शांति स्तर के अनुसार सूचीबद्ध किया जाता है।
  • यह रिपोर्ट शांति के रुझानों, इसके आर्थिक मूल्य के आधार पर अब तक का सबसे विस्तृत डेटा-संचालित विश्लेषण प्रस्तुत करती है।
  • इसके साथ यह शांतिपूर्ण समाजों को विकसित करने की सिफारिश भी देती है।
  • अफगानिस्तान लगातार चौथे वर्ष दुनिया का सबसे अशांत देश है, इसके बाद यमन, सीरिया, दक्षिण सूडान और इराक हैं।

दक्षिण एशिया की स्थिति:

  • भारत अपने पिछले साल की रैंकिंग से दो पायदान ऊपर चढ़कर दुनिया का 135वाँ सबसे शांतिपूर्ण देश बन गया है।
  • दक्षिण एशिया में भारत की स्थिति 5वीं है।
  • भूटान और नेपाल को इस क्षेत्र में पहले और दूसरे सबसे शांतिपूर्ण देश के रूप में नामांकित किया गया है।
  • 2021 के इस सूचकांक में बांग्लादेश को 163 देशों में से 91वें स्थान पर रखा गया है। 
  • इस सूचकांक के अनुसार, बांग्लादेश दक्षिण एशिया में तीसरा सबसे शांतिपूर्ण देश है।
  • वहीं श्रीलंका 2020 से 19 पायदान नीचे गिरकर इस साल की रैंकिंग में वैश्विक स्तर पर 95वें और दक्षिण एशिया में चौथे स्थान पर आ गया है।
  • दक्षिण एशिया में इस सूची में सबसे बड़ा सुधार पाकिस्तान में हुआ, जो पिछले साल की रैंकिंग से दो पायदान ऊपर उठकर वैश्विक स्तर पर 150वें और इस क्षेत्र में छठे स्थान पर रहा।

वैश्विक शांति सूचकांक (Global Peace Index-GPI) के बारे में:

  • इसे प्रारंभ एक ऑस्ट्रेलियाई प्रौद्योगिकी उद्यमी और समाज-सेवक स्टीव किल्लेली (Steve Killelea) ने किया था।
  • इस इंडेक्स को ऑस्ट्रेलियाई थिंक टैंक इंस्टीट्यूट फॉर इकोनॉमिक्स एंड पीस (Australian think tank Institute for Economics & Peace) जारी करता है।

इसमें निम्नलिखित तीन प्रमुख शर्तों के आधार पर देशों की रैंकिंग की जाती है:

  • सामाजिक सुरक्षा औरआंतरिक  सुरक्षा के आधार पर।
  • देशों में होने वाले आंतरिक एवं बाह्य संघर्ष के स्तर पर।
  • सैन्यकरण की सीमा के आधार पर।

संभावित जलवायु परिवर्तन को भी इसके अंतर्गत एक नए मानक के रूप में लिया गया है।

भारत के महान एथलीट मिल्खा सिंह का निधन

देश के दमदार धावक व अपनी उपलब्धियों से दुनिया में भारत का नाम करने वाले एथलीट मिल्खा सिंह का 91 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनकी पत्नी निर्मल कौर का निधन भी कुछ दिन पहले ही कोविड-19 के कारण हुआ था।

मुख्य बिंदु:

  • 20 नवम्बर, 1929 को पाकिस्तानी पंजाब के गोविन्दपुरा में जन्मे एथलिट मिल्खा सिंह को ‘द फ्लाइंग सिख’ भी कहा जाता है। उनकी जीवनी के ऊपर ‘भाग मिल्खा भाग’ नामक फिल्म भी बनाई गयी है।
  • देश के विभाजन के समय हुई हिंसा में मिल्खा सिंह ने अपने 8 भाई-बहन खो दिए थे। 
  • 1951 में भारतीय सेना में भर्ती हो गए। सेना में काम करते समय उनकी एथलेटिक्स के प्रति रूचि जागृत होने लगी ।
  • वर्ष 1956 में मेलबोर्न ओलिंपिक मे मिल्खा सिंह ने 200 और 400 मीटर की दौड़ में भारत का प्रतिनिधित्व किया पर वो कोई पदक नहीं जीत पाए।
  • 1958 में उन्होंने नेशनल गेम्स में 200 मीटर और 400 मीटर में कीर्तिमान स्थापित किए और एशियाई खेलों में उन्होंने 200 मीटर और 400 मीटर रेस में स्वर्ण पदक जीते।
  • भारत के लिए कॉमनवेल्थ में सबसे पहला गोल्ड मेडल जीतने का कमाल मिल्खा सिंह ने ही किया था। वर्ष 1958 में उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स में 400 मीटर की दौड़ में स्वर्ण पदक जीता।
  • इसके अलावा एशियन गेम्स में इस महान धावक के नाम चार गोल्ड मेडल भी थे। 
  • उन्होंने वर्ष 1962 में जकार्ता में एशियाई खेलों में 400 मीटर और 4×400 मीटर रिले में भी स्वर्ण पदक जीते।
  • भारत सरकार ने उनके खेल के लिए वर्ष 1958 में पद्मश्री से सम्मानित किया था।
  • मिल्खा सिंह के पुत्र जीव मिल्खा सिंह गोल्फ के खिलाडी हैं।

भारतीय गुणवत्ता परिषद् ने लाॅन्च की Indian Certification of Medical Devices Plus Scheme 

क्‍वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया और द एसोसिएशन ऑफ इंडियन मैन्‍यूफैक्‍चरर्स ऑफ मेडिकल डिवाइसेज (AIMED) ने मिलकर Indian Certification of Medical Devices Plus Scheme को लाॅन्च किया है। 

जिसका लाभ इस कोरोना दौर में न केवल भारत में बनने वाली मेडिकल क्षेत्र में जरूरत की चीजों और वस्तुओं के निर्माताओं को होगा बल्कि इससे भी बड़ा लाभ इन्‍हें इस्‍तेमाल करने वाले आम लोगों को होगा।

मुख्य बिंदु:

  • इंडियन सर्टिफिकेशन ऑफ मेडिकल डिवाइसेज प्‍लस स्‍कीम (ICMED Plus Scheme) के तहत भारत में बनने वाली सभी मेडिकल डिवाइसों (Medical Devices) को सर्टिफिकेट दिया जाएगा। 
  • इस इंडियन सर्टिफिकेशन ऑफ मेडिकल डिवाइसेज प्‍लस स्‍कीम (ICMED Plus Scheme) योजना को ICMED में जोड़ीं जा रही है जिसे वर्ष 2016 में चिकित्सा उपकरणों के प्रमाणन के लिए लॉन्च किया गया था।
  • जिसका अर्थ होगा कि आईसीएमईडी प्‍लस के लोगो(Logo) वाली जो भी मेडिकल डिवाइस खरीदकर घर या अस्‍पताल में प्रयोग की जा रही हैं वह राष्‍ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्‍ट्रीय मानकों पर भी खरी हैं।
  • इस स्‍कीम को क्‍वालिटी मैनेजमेंट सिस्‍टम को ध्यान में रखकर बनाया गया है।
  • इसके तहत न केवल प्रोडक्‍ट और डिवाइस की गुणवत्ता जांचेगी बल्कि गुणवत्ता के वेरिफिकेशन के साथ ही उसका वेलिडेशन और विटनेस टेस्टिंग भी की जाएगी।
  •  इसके बाद तय होगा कि ये प्रोडक्‍ट और डिवाइस मानकों पर कितनी खरी है। 
  • अच्छी क्‍वालिटी होने पर ही उसे सर्टिफिकेट दिया जाएगा। जिसका अर्थ हुआ कि भारत में बनने वाली और उपयोग में लाई जाने वाली ये मेडिकल डिवाइसें उच्‍च गुणवत्ता की होंगी।
  • यह दुनिया में अपने आप की पहली ऐसी स्‍कीम है जिसमें क्‍वालिटी मैनेजमेंट सिस्‍टम को प्रोडक्‍ट सर्टिफिकेशन स्‍टेंडर्ड के साथ रेगुलेटरी जरूरतों से जोड़ा जा रहा है। 
  • यह भारत के मेडिकल डिवाइस सेक्‍टर में शुरू से अंत तक क्‍वालिटी को आश्वासित करेगी।
  • यह योजना का उद्देश्य नकली उत्पादों और नकली प्रमाणीकरण से संबंधित चुनौतियों से निपटने के लिए खरीद एजेंसियों की मदद करना है। यह घटिया चिकित्सा उत्पादों या संदिग्ध मूल के उपकरणों के प्रचलन और उपयोग को भी खत्म कर देगा।

भारतीय गुणवत्ता परिषद् (Quality Council of India- QCI) के बारे में:

  • वर्ष 1997 में QCI को स्थापित, भारतीय उद्योग के साथ साझेदारी में संगठनों की स्थापना हेतु भारत सरकार का एक अग्रणी प्रयोग है।
  • सरकार ने भारतीय गुणवत्ता परिषद्(QCI) की स्‍थापना एक स्‍वायत्त निकाय के तौर पर की थी।
  • QCI में तीन प्रमुख उद्योग संघों में एसोसिएटेड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ऑफ इंडिया (ASSOCHAM), भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) और फिक्की (FICCI) को दर्शाया गया है।

प्रत्‍यायन (accreditation) के तौर पर भूमिका अदा करने के अलावा यह ‘राष्ट्रीय प्रमाणन निकाय प्रत्यायन बोर्ड’ (National Accreditation Board for Certification Bodies- NABCB) द्वारा उपलब्‍ध कराई गई प्रत्‍यायन सेवाओं के ज़रिए गुणवत्‍ता प्रबंधन प्रणालियों (ISO 14001 शृंखला), खाद्य सुरक्षा प्रबंधन प्रणाली (ISO 22000 शृंखला) तथा उत्‍पाद प्रमाणन एवं निरीक्षण निकायों के संबंध में गुणवत्‍ता मानकों को अपनाने के लिये भी प्रोत्‍साहित करता है।

भारतीय डाक विभाग जारी करेगा एक ‘Special Cancellation’ स्टैम्प

7 वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन 21 जून को भी किया जाएगा। सातवें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को यादगार बनाने के लिए भारतीय डाक विभाग द्वारा देश के 810 प्रधान डाकघरों के माध्यम से सचित्र, हिंदी व अंग्रेजी में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस अंकित विशेष कैंसिलेशन स्टैम्प जारी किया जाएगा।

मुख्य बिंदु:

  • इस कैंसिलेशन स्टैम्प का उपयोग स्टैम्प  के पुनः उपयोग को रोकने के लिए किया जाता है। 
  • दिल्ली में डाकघर बुक किये जाने वाले डाक पर “Be with Yoga, Be at Home” संदेश चिपका रहे हैं।
  • सभी डिलीवरी व नॉन डिलीवरी प्रधान डाकघरों द्वारा 21 जून, 2021 को बुक हुए सभी मेल पर इसे अंकित करेंगे। 
  • इस तरह के कैंसिलेशन स्टैम्प युक्त डाक टिकट अध्ययन के विषय, मूल्यवान व संग्रहणीय  होते हैं।
  • योग और योग दिवस वर्षों से डाक टिकट संग्रह के लिए लोकप्रिय विषय रहे हैं। 
  • 2015 में, डाक विभाग ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर दो टिकटों का एक सेट और एक लघु पत्रक प्रेषित किया था।
  • 2016 में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने दूसरे अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में सूर्य नमस्कार पर स्मारक डाक टिकट जारी किया था। 
  • 2017 में, संयुक्त राष्ट्र डाकप्रशासन (यूएनपीए) ने न्यूयॉर्क में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में 10 योग आसन दिखाते हुए टिकटों का एक सेट जारी किया था। 
  • योग दिवस पिछले छह वर्षों से दुनिया भर में रचनात्मक तरीकों से मनाया गया है। भारत में पहले की कई खूबसूरत तस्वीरों में योग दिवस के अनोखे समारोहों में दर्शाया गया है। 
  • कोई भी व्यक्ति किसी भी प्रधान डाकघर में ₹200 जमा करके डाक टिकट संग्रह खाता खोल सकते हैं और इस प्रकार के सीमित मात्रा में छपने वाले टिकट व विशेष आवरण आसानी से प्राप्त कर सकते हैं। 
  • लोगों को योग के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से योग दिवस के अवसर पर डाक विभाग द्वारा सुरक्षा मानकों का प्रयोग करते हुए विशेष कार्यक्रम की योजना की जानी है।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (International Day of Yoga) के बारे में: 

यह दिन 2015 से 21 जून को हर साल मनाया जाता है। इसे 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में स्थापित किया गया था।

भारतीय डाक (India Post) के बारे में:

  • इंडिया पोस्ट, जिसे पहले डाक विभाग के नाम से जाना जाता था, भारत सरकार द्वारा संचालित डाक प्रणाली है। 
  • यह संचार मंत्रालय के अधीन काम करता है। 
  • 1788 ई. में वारेन हेस्टिंग्स ने ‘कंपनी मेल’ नाम से ब्रिटिश भारत में डाक सेवा शुरू की थी। लॉर्ड डलहौजी ने इसे 1854 ई. में “क्राउन” के तहत एक सेवा में संशोधित किया।

पर्यावरण के क्षेत्रों में सहयोग के लिए भारत-भूटान ने किए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर

पर्यावरण के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच सहयोग विकसित करने के लिए भारत और भूटान ने एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।

मुख्य बिंदु:

  • पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने समझौते (एमओयू) पर वर्चुअली हस्ताक्षर किया।
  • यह जलवायु परिवर्तन, कचरा प्रबंधन आदि के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग के साथ नए रास्ते खोलेगा।
  • यह समझौता ज्ञापन भारतीय और भूटानी साझेदारी को बढ़ाने की तरफ एक कदम है इसके साथ यह वायु प्रदूषण की रोकथाम, रासायनिक प्रबंधन, अपशिष्ट प्रबंधन, जलवायु परिवर्तन आदि जैसे क्षेत्रों में सर्वोत्तम प्रथाओं का समर्थन और आदान-प्रदान करने के लिए एक मंच के रूप में कार्य करेगा।
  • यह एक दूसरे के हित के क्षेत्रों में संयुक्त परियोजनाओं की संभावना भी प्रदान करता है।
  • यह तकनीकी, वैज्ञानिक और प्रबंधन क्षमताओं को मजबूत करने और पर्यावरण के क्षेत्र में सहयोग के क्षेत्रों का विस्तार करने का कोशिश करता है ताकि पारस्परिक रूप से लाभप्रद साझेदारी को बढ़ावा दिया जा सके।

समझौता ज्ञापन का महत्त्व:

  • यह समझौता ज्ञापन सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच अनुभवों, सर्वोत्तम प्रथाओं और तकनीकी ज्ञान के आदान-प्रदान की सुविधा प्रदान करेगा और सतत विकास में योगदान देगा। 
  • हालांकि, इसके तहत कोई महत्त्वपूर्ण रोजगार सृजन की परिकल्पना नहीं की गई है।

विश्व में खोजा गया तीसरा सबसे बड़ा हीरा 

अफ्रीकी देश बोत्‍सवाना (Botswana) में विश्व का तीसरा सबसे बड़ा हीरा मिला है। करीब 73 मिलीमीटर लंबा और 52 मिलीमीटर चौड़ा यह हीरा कोरोना महामारी के बीच बोत्‍सवाना के लिए उम्‍मीद की नई किरण लेकर आया है।

मुख्य बिंदु:

  • इस हीरे की खोज करने वाली कंपनी देबस्‍वाना के मुताबिक यह अद्भुत हीरा 1,098 कैरेट का है। 
  • एक जून को यह हीरा देश के राष्‍ट्रपति मोकगवेत्‍सी मसीसी को भेंट किया गया।
  • देबस्‍वाना कंपनी के मुताबिक यह हीरा 73mm लंबा और 52mm चौड़ा है। उन्होंने कहा कि हमारे इतिहास में अब तक की यह सबसे बड़ी खोज है।
  • देबस्‍वाना कंपनी को बोत्‍सवाना की सरकार तथा दुनिया की दिग्‍गज हीरा कंपनी डी बीयर्स का संयुक्त उद्दम है।
  • इससे पहले साल 1905 में दक्षिण अफ्रीका में दुनिया का सबसे बड़ा हीरा मिला था। यह करीब 3,106 कैरेट का था। 
  • विश्व का दूसरा सबसे बड़ा हीरा टेनिस के बॉल के आकार का था और इसे वर्ष 2015 में पूर्वोत्‍तर बोत्‍सवाना में बरामद किया गया था। यह हीरा 1109 कैरेट का था और इसे लेसेडी ला रोना का नाम दिया गया था। 
  • अफ्रीका में बोत्सवाना शीर्ष हीरा उत्‍पादक देश है। कोरोना संकट के बीच इस हीरे के मिलने से बोत्‍सवाना की सरकार को बड़ी राहत मिली है।
  • देबस्‍वाना कंपनी जितना हीरा बेचती है, उसका 80% रॉयल्टी, लाभांश और करों के माध्यम से राजस्‍व सरकार के पास जाता है। 
  • देबस्वाना कंपनी ने कोरोना महामारी के बीच उत्पादन में 29% की गिरावट और बिक्री में 30% की गिरावट देखी थी। इससे देश की आमदनी में कमी आई है।

भारतीय नौसेना और यूरोपीय संघ नौसेना बल के बीच संयुक्त अभ्यास प्रारम्भ हुआ

भारतीय नौसेना ने पहली बार अदन की खाड़ी में फ्रांसीसी, स्पेनिश और इतालवी नौसेनाओं के अलावा यूरोपीय संघ नौसेना बल के साथ संयुक्त अभ्यास में भाग लिया। समुद्री डकैती रोधी अभियानों के लिए तैनात भारतीय नौसेना के जहाज त्रिकंद ने, अदन की खाड़ी में भारतीय नौसेना और यूरोपीय संघ नौसैनिक बल के बीच संयुक्त नौसैनिक अभ्यास में पहली बार हिस्सा लिया।

मुख्य बिंदु:

  • भारतीय नौसेना और यूरोपीय संघ नौसेना बल (EUNAVFOR) ने अदन की खाड़ी में अपना प्रथम अभ्यास किया ।
  • यह अभ्यास दो दिवसीय था और यह 19 जून, 2021 को समाप्त हुआ ।
  • भारतीय नौसेना के जहाज त्रिकंद ने इस अभ्यास में हिस्सा लिया, जो वर्तमान में समुद्री डकैती रोधी अभियानों के लिए तैनात है।
  • चार नौसेनाओं से पांच युद्धपोतों ने इस अभ्यास में भाग लिया।
  • इस अभ्यास में हिस्सा लेने वाले अन्य युद्धपोतों में इटालियन नेवी शिप ITS Carabiniere, दो फ्रेंच नेवी शिप FS Tonnerre & FS Surcouf और स्पेनिश नेवी शिप ESPS Navarra सम्मिलित हुवे।
  • हिंद महासागर क्षेत्र में भारतीय नौसेना के सूचना संलयन केंद्र (Indian Navy Information Fusion Centre) और हॉर्न ऑफ अफ्रीका में समुद्री सुरक्षा केंद्र (Maritime Security Centre) के मध्य एक आभासी “सूचना साझाकरण अभ्यास” भी आयोजित किया गया।
  • अभ्यास के बारे में- इस दो दिवसीय अभ्यास में क्रॉस डेक हेलीकॉप्टर संचालन, बोर्डिंग ऑपरेशन, सामरिक युद्धाभ्यास, खोजउन्नत वायु रक्षा और पनडुब्बी रोधी अभ्यास और बचाव आदि जैसे समुद्र में उच्च गति-नौसेना अभियान आयोजित किए गए।
  • EUNAVFOR (European Union Naval Force) और भारतीय नौसेना ने विश्व खाद्य कार्यक्रम (UN WFP) के चार्टर के अनुसार तैनात किए गए काउंटर पायरेसी ऑपरेशन और जहाजों की सुरक्षा जैसे कई मुद्दों पर भी अभ्यास किया।

भारतीय नौसेना और EUNAVFOR के बारे में:

दोनों नौसेनाएं बहरीन में हर साल आयोजित होने वाली Shared Awareness and Deconfliction बैठक के माध्यम से नियमित रूप से चर्चा में भाग लेती हैं।

निर्वाचन आयोग ने जारी किया 2019 के 17वीं लोक सभा के आम चुनावों पर एटलस

चुनाव आयोग ने 17वीं लोकसभा के लिए 2019 में हुए आम चुनाव पर एटलस जारी किया है। इसी के साथ ये आम चुनाव मानवीय इतिहास में सबसे बड़ी लोकतांत्रिक प्रक्रिया के रूप में दर्ज हो गया है।

मुख्य बिंदु:

  • यह एटलस भारत के सभी 543 लोकसभा क्षेत्रों के बारे में गहरी और उपयोगी जानकारी देता है।
  • क्षेत्र, जातिगत आंकड़े, शिक्षा, लिंग अनुपात, सामाजिक स्थिति सहित कई वर्गीकरण के आंकड़े इस एटलस में सम्मिलित किया गया हैं। 
  • 1951-52 से लेकर अब तक हुए सभी आम चुनावों के बाद चुनाव आयोग उनके बारे में किताब के रूप में जानकारी प्रकाशित करता रहा है।
  • लेकिन इस बार ये जानकारी आंकड़ों के साथ दस्तावेजीकरण यानी डिजिटल रूप में भी संरक्षित है।
  • एटलस में थीम पर आधारित 42 नक्शे हैं और 90 सारणी, यानी टेबल के जरिए आंकड़ों के साथ चुनावों से संबंधित कानूनी बारीकियां भी समझाई गई हैं।
  • इस एटलस में चुनावी नेरेटिव और आंकड़ों को तर्क के साथ समझाया गया है इसके कारण ये भारतीय लोकतांत्रिक इतिहास पर शोध करने वालों के लिए भी उपयोगी साबित होगी।

इस एटलस के मुख्य बिंदु:

  • 23 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में महिला मतदान प्रतिशत पुरुष मतदान प्रतिशत से अधिक था।
  • उम्मीदवारों या निर्वाचकों के संबंध में सबसे छोटे और सबसे बड़े संसदीय क्षेत्र के बारे में जानकारी दी गई है।

राजनीतिक दलों का प्रदर्शन

  • इसमें अलग-अलग आयु वर्गों के मतदाता लिंग अनुपात और निर्वाचकों की तुलना चार्ट के माध्यम से विभिन्न श्रेणियों से संबंधित मतदाताओं के डेटा शामिल हैं।
  • इस एटलस के हिसाब से, इतिहास में 2019 के आम चुनावों के दौरान सबसे कम लिंग अंतर देखा गया था।
  • इस एटलस में 1951 के बाद हुए आम चुनावों में लड़ने वाले उम्मीदवारों की संख्या की तुलना भी है।
  • 2019 के आम चुनावों में योग्य उम्मीदवार जिन्होंने चुनाव लड़ा उनकी संख्या कुल 8054 थी।

एटलस के फायदे

  • यह एटलस भारतीय चुनावी विविधता की समझाते हुवे विभिन्न चरणों पर चुनावी पैटर्न का ज्ञान देता है। 
  • यह एक उदाहरणात्मक और सूचनात्मक दस्तावेज के रूप में काम करेगा जो भारतीय चुनावी प्रक्रिया की बारीकियों को समझने में सहायता करेगा और भारत में परिवर्तनों और रुझानों का विश्लेषण करने में भी सहायता करेगा।

अध्ययन के अनुसार जलवायु परिवर्तन के कारण लक्षद्वीप में बढ़ेगा समुद्र का स्तर 

भारत के खूबसूरत द्वीपों में से एक लक्षद्वीप पर समुद्र में डूबने का खतरा मंडरा रहा है। हाल ही में हुई एक अध्ययन के मुताबिक अगले कुछ सालों में इस द्वीप समूह के चारों तरफ समुद्र का जलस्तर 0.4 मिमी. से 0.9 मिमी. प्रतिवर्ष के दर से बढ़ेगा।

मुख्य बिंदु:

  • इस अध्ययन की माने तो समुद्र के स्तर में वृद्धि का प्रभाव लक्षद्वीप द्वीपसमूह के सभी द्वीपों पर होगा साथ ही इस समूह के लिए अनुमानित सबसे खराब संभावित बाढ़ परिदृश्य अनुमानित विभिन्न उत्सर्जन परिदृश्यों के जैसा हो सकता है।
  • चेतलाट और अमिनी जैसे छोटे द्वीपों में भारी भूमि-नुकसान होने की आशंका है ।
  • अमिनी में मौजूदा तटरेखा का लगभग 60% -70% और चेतलाट में 70% -80% भूमि-नुकसान होना अनुमानित हैं।
  • बड़े द्वीप मिनिकॉय और कवरत्ती में भी मौजूदा तटरेखा के 60% भूमि-नुकसान हो सकता है।
  • एंड्रोथ द्वीप पर सभी उत्सर्जन परिदृश्यों के तहत समुद्र के स्तर में वृद्धि के प्रभावों का न्यूनतम प्रभाव पड़ेगा।
  • समुद्र के स्तर में वृद्धि के कारण, द्वीपसमूह के एकमात्र हवाई अड्डा अगत्ती द्वीप के दक्षिणी सिरे को क्षति पहुंचने का खतरा है।
  • यह अध्ययन सिर्फ समुद्र के जलस्तर के बढ़ने पर ही केंद्रित नहीं है, बल्कि इसमें लहरों से मिलने वाली ऊर्जा, अरब सागर के तूफानों के प्रभाव का अध्ययन, जलस्तर में वृद्धि का असर, आवासीय द्वीपों पर पीने योग्य पानी की किल्लत संबंधी दिक्कतें, साफ-सफाई को भी सम्मिलित किया गया है। 

द्वीप की सुरक्षा के लिए सुझाव

  • यह अध्ययन, योजना संबंधी दिशानिर्देश तैयार करने के लिए संबंधी दिशानिर्देश, उपयुक्त तटीय सुरक्षा उपायों और सर्वोत्तम प्रथाओं की अहमियत बताता है।
  • यह अध्ययन भविष्य में अन्य कई तरह की स्टडीज और रिसर्च को आगे बढ़ाने में मदद कर सकती है।

Father’s Day 2021

फादर्स डे प्रति वर्ष जून महीने में तीसरे रविवार को मनाया जाता है। इस साल फादर्स डे 20 जून को मनाया जा रहा है।

मुख्य बिंदु:

  • फादर्स डे पिताओं के सम्मान में एक व्यापक रूप से मनाया जाने वाला त्योहार है।
  • जिसमे पितृत्व (फादरहुड), पितृत्व-बंधन तथा समाज में पिताओं के प्रभाव को बड़े उत्साह से मनाया जाता है। 
  • विभिन्न देशों में इसे जून के तीसरे रविवार, तथा बाकी देशों में अन्य दिन मनाया जाता है। 
  • यह दिवस माता के सम्मान हेतु मनाए जाने वाले मदर्स डे(मातृ-दिवस) का पूरक है।
  • इस दिवस की शुरुआत बीसवीं सदी के प्रारंभ में पिताधर्म तथा पुरुषों द्वारा परवरिश का सम्मान करने के लिये मातृ-दिवस के पूरक उत्सव के रूप में मनाया जाता है।
  • यह हमारे पूर्वजों की स्मृति और उनके सम्मान के तौर पर मनाया जाता है। 
  • फादर्स डे को विश्व में अलग अलग तारीखों पर मनाते हैं – जिसमें उपहार देना, पिता के लिए विशेष भोज एवं पारिवारिक गतिविधियाँ शामिल हैं। 
  • ऐसा कहा जाता है कि वास्तव में फादर्स डे सबसे पहले पश्चिम वर्जीनिया के फेयरमोंट में 19 जून, 1910 को मनाया गया था।
  • हिंदू परंपरा वाले देशों में पश्चिम से प्रेरित ‘फादर्स डे’ को पित्तरों की मौजूदा हिंदू पूजा के रूप में अगस्त के अंत में या सितम्बर के शुरू में अमावस्या को मनाया जाता है। 
  • ऐसा हिंदू बाहुल्य वाले भारत तथा नेपाल में प्रचलित है। भारत में माता पिता को याद करने के लिए 15 दिन हिंदी महीना आश्विन (कुँवार) में हर साल आते हैं जिन्हे पितृपक्ष या देशी बोली में करय दिन भी कहते हैं।

World refugee day 2021

आज पूरे विश्व में वर्ल्ड रिफ्यूजी डे मनाया जा रहा है। शरणार्थियों के लिए यूएन की अगुवाई में विश्वभर में कई कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। लेकिन भारत हो या दुनिया का कोई भी हिस्सा शरणार्थी शिविरों में रह रहे करोड़ों लोगों की स्थिति को कोरोना महामारी ने और भी खराब कर दिया है।

मुख्य बिंदु:

  • संयुक्त राष्ट्र हर साल 20 जून को विश्व स्तर पर विश्व शरणार्थी दिवस(World Refugee Day) मनाता है। 
  • विश्व शरणार्थी दिवस 2021 का लक्ष्य दुनिया को यह याद दिलाना है कि शरणार्थी सहित हर कोई समाज के प्रति योगदान देने में सक्षम है।
  • यह दिवस समावेशी और समान दुनिया बनाने के प्रयास में मायने रखता है।
  • संयुक्त राष्ट्र 1951 के शरणार्थी सम्मेलन के अनुसार, शरणार्थी वह है जो अपनी जाति, धर्म, राष्ट्रीयता, किसी विशेष सामाजिक समूह में सदस्यता, या राजनीति के कारण उत्पीड़न के डर से अपने घर और देश से भाग गया है।
  • यूएनएचआरसी(UNHRC) के आंकड़ों के अनुसार, दुनिया में हर मिनट औसतन 20 लोग हिंसा, युद्ध, आतंकवाद और प्राकृतिक आपदाओं और अन्य कारणों से अपना घर छोड़कर भागने को मजबूर हो रहे हैं। 
  • आज के समय में विश्वभर में करीब 8 करोड़ लोग शरणार्थी जीवन जीने को मजबूर हैं।
  • यूएनएचआरसी(UNHRC) के मुताबिक भारत में कुल 3 लाख के करीब शरणार्थी रहते हैं।
  • इनमें सबसे ज्यादा चर्चा रोहिंग्याओं की होती है। जो अधिकांश अवैध रूप से बांग्लादेश और म्यांमार से भागकर यहां आए हैं।

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