प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 4 अप्रैल 2025 को आयोजित बैठक में केंद्र प्रायोजित योजना (सीएससी) जीवंत गांव कार्यक्रम-II को मंजूरी दी। प्रधानमंत्री ने बैंकॉक, थाईलैंड से वर्चुअली बैठक की अध्यक्षता की, क्योंकि वह 3 और 4 अप्रैल 2025 को थाईलैंड की राजकीय यात्रा पर हैं।
जीवंत गांव कार्यक्रम-II, 2023 में केंद्र सरकार द्वारा शुरू किए गए जीवंत गांव कार्यक्रम-I का पूरक होगा।
जीवंत गांव कार्यक्रम-II की अवधि
- जीवंत गांव कार्यक्रम-II की अवधि वित्तीय वर्ष 2024-25 से 2028-29 तक है।
धन का आवंटन
- योजना के लिए कुल आवंटन 6,839 करोड़ रुपये है।
- यह केंद्र सरकार द्वारा 100% वित्तपोषित है।
जीवंत गांव कार्यक्रम-II के लिए नोडल मंत्रालय
- जीवंत गांव कार्यक्रम-I और II का क्रियान्वयन केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा किया जा रहा है।
जीवंत गांव कार्यक्रम-II के अंतर्गत आने वाले राज्य/संघ राज्य क्षेत्र
- जीवंत गांव कार्यक्रम -II में 17 राज्य/संघ राज्य क्षेत्र - अरुणाचल प्रदेश, असम, बिहार, गुजरात, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, पंजाब, राजस्थान, सिक्किम, त्रिपुरा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल तथा संघ राज्य क्षेत्र लद्दाख और संघ राज्य क्षेत्र जम्मू और कश्मीर हैं ।
जीवंत गांव कार्यक्रम-II का उद्देश्य
- इस योजना का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के साथ लगे इन ब्लॉकों में स्थित पिछड़े गांवों का विकास करना है, ताकि लोग इन क्षेत्रों से पलायन न करें और शत्रुतापूर्ण दुष्प्रचार का शिकार न बनें।
- यहाँ पर्यटन, कौशल विकास और उद्यमिता को बढ़ावा देकर इन लोगों के लिए आजीविका के अवसर पैदा करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
- इन क्षेत्रों में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-IV के तहत सभी मौसम वाली पक्की सड़कों का निर्माण किया जाएगा।
- दूरसंचार कनेक्टिविटी, टेलीविजन कनेक्टिविटी और विद्युतीकरण प्रदान किया जाएगा ।
- आबादी को राष्ट्रीय मुख्यधारा के साथ और अधिक जोड़ने के लिए, इन क्षेत्रों में नियमित रूप से मेले और त्यौहार आयोजित किए जाएंगे, राष्ट्रीय दिवस समारोह मनाए जाएंगे, मंत्रियों, केंद्र और राज्य/केंद्र शासित प्रदेशों के वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों द्वारा नियमित दौरे किए जाएंगे और ऐसे गांवों में रात को ठहरने को प्रोत्साहित किया जाएगा।
जीवंत गांव कार्यक्रम-I के बारे में
- इसे केंद्र सरकार द्वारा 15 फरवरी, 2023 को केंद्र प्रायोजित योजना के रूप में शुरू किया गया था।
- इसमें अरुणाचल प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, सिक्किम, उत्तराखंड और केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के 19 जिलों के 46 ब्लॉकों के चुनिंदा गाँव शामिल हैं।