विश्व स्मारक निगरानी सूची – 2020

विश्व स्मारक निगरानी सूची – 2020

चर्चा में क्यों ?

  • हाल ही में न्यूयार्क स्थित गैर सरकारी संगठन विश्व स्मारक कोष (World Monuments Fund-WMF) ने प्राचीन भूमिगत जल प्रणाली ‘सुरंगा बावड़ी (Suranga Bawadi) और ‘सरदार वल्लभभाई पटेल स्टेडियम‘ (Sardar Vallabhbhai Patel Stadium) को विश्व स्मारक निगरानी सूची-2020 में शामिल किया है।

विश्व स्मारक निगरानी सूची-2020

  • इस सूची में वर्ष 2020 के लिये विश्व के 25 स्थलों का चयन किया गया है।
  • विश्व स्मारक कोष (WMF) ने सुरंगा बावड़ी का चयन ‘दक्कन के पठार की प्राचीन जल प्रणाली’ (Ancient Water System of the Deccan Plateau) की श्रेणी के अंतर्गत किया है। सूची में शामिल होने के बाद सुरंगा बावड़ी के जीर्णोद्धार (Restoration) के लिये विश्व स्मारक कोष द्वारा अगले 2 वर्षों के लिये वित्तीय सहायता प्रदान की जायेगी।
  • विश्व स्मारक कोष सुरंगा बावड़ी के जीर्णोद्धार के लिये स्थानीय प्रशासन व भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (Archaeological Survey of India-ASI) सहित अन्य हितधारकों के साथ मिल कर कार्य करेगा।
  • विश्व स्मारक कोष के अनुसार 20वीं शताब्दी की आधुनिक संरचना ‘सरदार वल्लभभाई पटेल स्टेडियम’ को विश्व स्मारक सूची में इसलिए शामिल किया गया है ताकि इसकी जटिल बनावट को संरक्षित रखने के प्रति लोगों का ध्यान आकर्षित किया जा सके।
  • विश्व स्मारक निगरानी सूची न्यूयार्क स्थित विश्व स्मारक निधि द्वारा तैयार की जाती है। इस सची में शामिल होने का मतलब है कि इसके जीर्णोद्धार एवं रख-रखाव के लिए उपर्युक्त निधि से फंड प्राप्त हो सकेगा।
  • यह संरचना स्वतंत्र भारत के पश्चात भारत की प्रगतिशील विचारों एवं प्रायोगिक स्पिरिट की विशिष्टता का द्योतक है।

सुरंगा बावड़ी (Suranga Bawadi) –

  • सुरंगा बावड़ी कर्नाटक के विजयपुरा में स्थित है।
  • सुरंगा बावड़ी प्राचीन कारेज प्रणाली पर आधारित है।
  • इस बावड़ी का निर्माण 16वीं शताब्दी में अली आदिल शाह प्रथम ने करवाया था तथा अली आदिल शाह प्रथम के उत्तराधिकारी इब्राहिम आदिल शाह द्वितीय ने इसको मज़बूत करने के लिये इसमें कई संरचनात्मक बदलाव किये थे।
  • इस बावड़ी का प्रयोग शहर को जलापूर्ति हेतु भी किया जाता था।

कारेज प्रणाली (Karez system)

  • कारेज प्रणाली में भूमिगत नहरों का जाल होता है तथा इन नहरों के द्वारा शहर को जलापूर्ति की जाती थी।
  • यह प्रणाली भूमिगत जलस्रोतों (कुओं/झरनों) से जल का संग्रहण करती है।
  • इस प्रणाली की उत्पत्ति फारस में पहली शताब्दी ईसा पूर्व में हुई थी।

सरदार वल्लभभाई पटेल स्टेडियम

  • सरदार वल्लभभाई पटेल स्टेडियम गुजरात के अहमदाबाद में स्थित है।
  • इसे हाल ही में विश्व स्मारक निगरानी सूची 2020 (World Monuments Watch ) में शामिल किया गया है।
  • यह स्टेडियम स्वतंत्र भारत के पश्चात भारत के प्रगतिशील विचारों एवं प्रायोगिक स्पिरिट की विशिष्टता का द्योतक है।
  • 1960 के दशक में इस संरचना का डिजाइन वास्तुविद् चार्ल्स कोरिया तथा इंजीनियर महेंद्र राज ने तैयार किया था।
  • इस स्टेडियम का निर्माण अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच के आयोजन के लिए हुआ था और 1981 में यहाँ पहला अंतरराष्ट्रीय मैच भी खेला गया परंतु आज यहां घरेलू क्रिकेट मैच का भी आयोजन होता है।

विश्व स्मारक कोष (World Monuments Fund-WMF) –

  • विश्व स्मारक कोष (WMF) एक निजी गैर-लाभकारी संगठन (private nonprofit organization) है जो फील्डवर्क, वकालत, अनुदान, शिक्षा और प्रशिक्षण के माध्यम से दुनिया भर के ऐतिहासिक वास्तुकला और सांस्कृतिक विरासत स्थलों के संरक्षण के लिए समर्पित है।
  • विश्व स्मारक कोष की स्थापना वर्ष 1965 में दुनिया भर में महत्त्वपूर्ण कलात्मक खजानों के त्वरित विनाश से चिंतित व्यक्तियों द्वारा की गई थी। इसका मुख्यालय न्यूयॉर्क में स्थित है।
  • विश्व स्मारक कोष का उद्देश्य सांस्कृतिक विरासत स्थलों की पहचान करना और उनके संरक्षण के लिये वित्तीय एवं तकनीकी सहायता प्रदान करना है।

विश्व स्मारक निगरानी (The World Monuments Watch)

  • विश्व स्मारक कोष की 30 वीं वर्षगांठ के अवसर पर वर्ष 1995 में शुरू किया गया एक वैश्विक ‘सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए’ कार्यक्रम है।
  • द वर्ल्ड मोन्यूमेंट्स वॉच, का उद्देश्य संस्कारित सांस्कृतिक विरासत स्थलों की पहचान करना और उनके संरक्षण के लिए प्रत्यक्ष वित्तीय और तकनीकी सहायता प्रदान करना है।
  • इस कार्यक्रम के माध्यम से अब तक 836 साइटों के लिए कार्रवाई करने के लिए एक कॉल जारी की गई तथा समाधान खोजने के लिए अपने समुदायों के साथ कार्य किया गया है।

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