स्वदेशी सुपरसोनिक ब्रह्मोस का सफल परीक्षण

स्वदेशी सुपरसोनिक ब्रह्मोस का सफल परीक्षण

क्या है खबर

  • रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने ओडिशा तट से जमीन पर मार करने वाली ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का सफल परीक्षण किया है।
  • ब्रह्मोस का ये नया संस्करण 290 किमी तक लक्ष्य को भेद सकता है। स्वदेशी उपकरणों से लैस ब्रह्मोस के नए संस्करण का इस्तेमाल थल सेना करती है।
  • नए संस्करण का प्रोपल्शन सिस्टम, एयरफ्रेम, पॉवर सप्लाई समेत कई अहम उपकरण स्वदेश में ही विकसित किए गए हैं।
  • मैन पोर्टेबल एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल प्रणाली का यह तीसरा सफल परीक्षण था, जिसे भारतीय सेना की तीसरी पीढ़ी के एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल की आवश्यकता के लिए विकसित किया जा रहा है।

 ब्रह्मोस

  • ब्रह्मोस एक कम दूरी की रैमजेट, सुपरसॉनिक क्रूज मिसाइल है। इसे पनडुब्बी से, पानी के जहाज से, विमान से या जमीन से भी छोड़ा जा सकता है।
  • यह रूस की पी-800 ओंकिस क्रूज मिसाइल की प्रौद्योगिकी पर आधारित है।इसे रूस की एनपीओ मशीनोस्ट्रोयेनिया (NPO Mashinostroeyenia) तथा भारत के रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा संयुक्त प्रयास से विकसित किया गया है।
  • ब्रह्मोस अमरीका की टॉम हॉक से लगभग दुगनी अधिक तेजी से वार कर सकती है, इसकी प्रहार क्षमता भी टॉम हॉक से अधिक है।
  • ब्रह्मोस दुनिया में अपनी तरह की इकलौती क्रूज मिसाइल है, जो सुपरसॉनिक स्पीड से दागी जा सकती है। रडार ही नहीं किसी भी अन्य मिसाइल पहचान प्रणाली को धोखा देने में सक्षम है। इसको मार गिराना लगभग असम्भव है।
  • आम मिसाइलों के विपरित यह मिसाइल हवा को खींच कर रेमजेट तकनीक से ऊर्जा प्राप्त करती है।
  • 1 मार्च  2017 को ब्रह्मोस के लंबी दूरी तक मार करने वाले पहले संस्करण का परीक्षण किया गया था। जमीन पर 490 किमी दूर लक्ष्य को भेदने में सक्षम ब्रह्मोस ने उस समय भी सफलतापूर्वक परीक्षण पूरा किया था।

सुपरसॉनिक स्पीड

  • यदि किसी वस्तु की गति 1.3 मैक से जायदा और 5.0 मैक से कम है तो वह गति Supersonic गति होगी , जो की लगभग ध्वनि की गति के बराबर होगी।
  • जब भी कोई वस्तु हवा के माध्यम से यात्रा करती है ​​​प्रघाती तरंगें ​(shock wave) के कारण सोनिक बूम उत्पन्न होता है​।
  • ज्वालामुखी, परमाणु बम, हाइड्रोजन बम, आतिशबाजी आदि से उत्पन्न हुए साउंड वेव , प्रघाती तरंगें के उदाहरण है।
सबसोनिक (Sub sonic) – <0.8 (मैक) = <980 (किमी / घंटा)
ट्रांसोनिक (Tran sonic) – 0.8-1.3 (मैक) = 980–1,470 (किमी / घंटा)
राध्वनिक (Super sonic) – 1.3-5.0 (मैक) = 1,470–6,126 (किमी / घंटा)
हाइपरसोनिक (Hyper sonic) – 5.0-10.0 (मैक) = 6,126–12,251 (किमी / घंटा)
उच्च हाइपरसोनिक (High-hyper sonic) – 10.0-25.0 (मैक) = 12,251–30,626 (किमी / घंटा)
पुनः प्रवेश की गति (Re-entry speed) – > 25.0 (मैक) = >30,626 (किमी / घंटा)

Comments ( 4 )

  • Jyoti singh

    Nice🤗

    • Hariom tiwari

      Thanks

  • Raghuraj Singh Chauhan

    Great

  • Poonam bishnoi

    very nice 👍👍👌👌👌

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