ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया-OCI – Utkarsh Classes

ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया-OCI

ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया-OCI

चर्चा में क्यों ?

  • हाल ही में भारत सरकार ने ब्रिटिश लेखक-पत्रकार आतिश तासीर (Aatish Taseer) के ओवरसी ज सिटीजनशिप ऑफ इंडिया (OCI) Card को निरस्त कर दिया है।
  • इस संबंध में गृह मंत्रालय ने कहा है कि उनके OCI Card को नागरिकता अधिनियम, 1955 के तहत निरस्त किया गया है, क्योंकि अपने आवेदन में उन्होंने इस बात का उल्लेख नहीं किया कि उनके पिता पाकिस्तानी मूल के नागरिक है जो कि OCI Card हेतु एक अयोग्यता है।

ओवरसीज़ सिटीज़नशिप ऑफ इंडिया

  • ओवरसीज़ सिटीज़न ऑफ इंडिया (Overseas Citizen of India) की श्रेणी को भारत सरकार द्वारा वर्ष 2005 में शुरू किया गया था।
  • OCI श्रेणी में नागरिक को एक ऐसे व्यक्ति के रूप में परिभाषित किया गया जो 26 जनवरी, 1950 को या उसके बाद भारत का नागरिक था या उस तारीख पर भारत का नागरिक बनने योग्य था या 15 अगस्त, 1947 के बाद भारत का हिस्सा बने किसी क्षेत्र से संबंधित था, या ऐसे व्यक्ति का बच्चा या पोता, जो अन्य पात्रता मानदंडों को पूरे करता हो।
  • OCI Card नियमों की धारा 7(A) के अनुसार, एक आवेदक OCI Card के लिये पात्र नहीं होगा यदि वह या उसके माता-पिता या दादा-दादी, परदादा-परदादी कभी पाकिस्तान या बांग्लादेश या किसी ऐसे देश के नागरिक रहे हों, जिसे भारत सरकार द्वारा सरकारी राजपत्र में अधिसूचित किया गया है।

OCI Card के लाभ –

  • OCI Card धारक भारत में प्रवेश कर सकते हैं, भारत का दौरा करने के लिये बहुउद्देशीय आजीवन वीजा (Multipurpose Lifelong Visa) प्राप्त कर सकते हैं जिसके लिए उन्हें विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (FRRO) के साथ पंजीकरण करने की आवश्यकता भी नहीं होती है।
  • यदि कोई व्यक्ति पाँच साल की अवधि के लिये OCI के रूप में पंजीकृत रहता है, तो वह भारतीय नागरिकता के लिये आवेदन का पात्र हो जाता है।
  • OCI Cardधारकों को अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डों पर विशेष आव्रजन काउंटर (Special Immigration Counters) की सुविधा भी प्रदान की जाती है।
  • OCI Card धारक भारत में विशेष बैंक खाते खोल सकते हैं, वे गैर-कृषि संपत्ति (आवासीय व व्यावसायिक) खरीद सकते हैं और ड्राइविंग लाइसेंस एवं पैन Card के लिये भी आवेदन कर सकते हैं।
  • किंतु OCI Card धारकों को कृषि योग्य भूमि (इसमें खेत/फार्म एवं किसी भी तरह की वृक्षारोपण संपत्ति शामिल है) की खरीद करने का अधिकार , मतदान एवं सरकारी नौकरी प्राप्त करने का अधिकार नहीं है।

OCI Card की अयोग्यता –

  • इस संबंध में गृह मंत्रालय प्रत्येक आवेदन की बारीकी से जाँच करता है और उसके पास किसी भी आवेदन को अस्वीकार करने का अधिकार है।
  • उल्लेखनीय है कि यदि कोई Card धोखाधड़ी के माध्यम से या किसी जानकारी को छिपाकर प्राप्त किया गया हो तो गृह मंत्रालय द्वारा किसी भी OCI Card को अयोग्य करार दिया जा सकता है या ब्लैकलिस्ट भी किया जा सकता है।
  • यदि कोई OCI Card धारक भारतीय संविधान का अपमान करता हुआ पाया जाता है, तो भी OCI Card रद्द किया जा सकता है।

भारतीय संविधान में नागरिकता

  • चूँकि भारतीय संविधान दोहरी नागरिकता की अनुमति नहीं देता है, इसलिये कोई भी OCI Cardधारक भारत का नागरिक नहीं हो सकता है। हालाँकि एक व्यक्ति जो OCI Card धारक के रूप में पंजीकृत है वह OCI का दर्जा दिये जाने के पाँच साल बाद भारतीय नागरिकता प्रदान करने के लिये आवेदन कर सकता है।
  • इसके साथ ही नागरिकता के लिये आवेदन करने से पहले उस व्यक्ति को एक वर्ष के लिये भारत में निवासी होना चाहिये।

NRIs 

  • अनिवासी भारतीय (NRI) एक ऐसा भारतीय पासपोर्टधारक होता है जो किसी वित्तीय वर्ष में कम-से-कम 183 दिनों के लिये किसी अन्य देश में रहता है।
  • NRIs को वोट देने का अधिकार होता है और सबसे महत्त्वपूर्ण बात यह कि उनकी केवल वही आय भारत में कर योग्य होती है, जो वे भारत में कमाते हैं।

PIOs 

  • भारतीय मूल का व्यक्ति (Persons of Indian Origin-PIO) एक ऐसा व्यक्ति होता है जो जन्म से या वंश से तो भारतीय है, परंतु वह भारत में रहता नहीं है।
  • PIOs जिनके पास बांग्लादेश, चीन, अफगानिस्तान, भूटान, नेपाल, पाकिस्तान और श्रीलंका के अलावा किसी अन्य देश का पासपोर्ट था, को पहले एक पहचान पत्र जारी किया जाता था, परंतु 15 जनवरी, 2015 को भारत सरकार ने PIO Card योजना को वापस ले लिया और इसे OCIs के साथ मिला दिया गया है।

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