आदि महोत्सव 2019 – Utkarsh Classes

आदि महोत्सव 2019

आदि महोत्सव 2019

चर्चा में क्यों ?

  • राष्ट्रीय जनजातीय उत्सव ‘आदि महोत्सव 2019’ का आयोजन 16 से 30 नवंबर, 2019 तक दिल्ली के आईएनए स्थित दिल्ली हाट में किया जाएगा। इस महोत्सव का उद्घाटन केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह करेंगे।
  • ‘आदि महोत्सव 2019’ में विभिन्न राज्यों से 1000 से अधिक जनजातीय दस्तकार और कलाकार हिस्सा लेंगे जिससे महोत्सव में लघु भारत की छवि नजर आएगी।

क्या है आदि महोत्सव ?

  • जनजातीय कार्य मंत्रालय के अधीन ट्राइफेड द्वारा ‘आदि महोत्सव – राष्ट्रीय जनजातीय उत्सव’ का आयोजन शुरू किया गया है।
  • आयोजन का प्रमुख उद्देश्य महानगरों और राज्य की राजधानियों के बाजारों तक बड़े दस्तकारों और महिला शिल्पकारों की पहुंच बनाना।
  • वर्तमान वित्त वर्ष के दौरान ऐसे कुल 26 उत्सवों के आयोजन की योजना है, जिनमें से 8 उत्सव शिमला, ऊटी, लेह-लद्दाख, विशाखापत्तनम, नोएडा, इंदौर, पुणे और भुवनेश्वर में आयोजित किए जा चुके हैं। इन उत्सवों में 900 से अधिक जनजातीय कलाकारों ने हिस्सा लिया और पांच करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार हुआ।

आदि महोत्सव 2019 –

  • आदि महोत्सव 2019 का आयोजन 16 से 30 नवंबर, 2019 तक नई दिल्ली में किया जाएगा। वर्तमान वित्त वर्ष का ये 9वां आदि महोत्सव है।
  • इस महोत्सव की थीम ‘जनजातीय संस्कृति, शिल्प, पाक कला और व्यापार की भावना का समारोह’ है।
  • इस बार महोत्सव में लगभग 210 स्टॉल लगाए गए हैं जिनके माध्यम से उत्सव में जनजातीय हस्तशिल्प, कला, चित्रकला, वस्त्र, आभूषण इत्यादि की प्रदर्शनी और बिक्री की जाएगी।
  • महोत्सव के दौरान कई उत्सवों का आयोजन होगा, जिनमें सांसद दिवस, अखिल भारतीय सेवा दिवस, राजनयिक दिवस, पर्यटन दिवस, रक्षा दिवस, स्पोर्ट्स दिवस, वस्त्र दिवस, मीडिया दिवस, सहकारिता दिवस, पूर्वोत्तर दिवस, ट्राइफेड साझेदार/जनजातीय उद्यमी दिवस आदि प्रमुख है। आयोजन में जम्मू कश्मीर, तमिलनाडु, गुजरात, नगालैंड और सिक्किम के शिल्पकारों का विशेष आकर्षण रहेगा।

TRIFED

  • बहुराज्यीय सहकारी समिति अधिनियम, 1984 के तहत राष्ट्रीय स्तर के शीर्षस्थ निकाय के रूप में वर्ष 1987 में भारतीय जनजातीय सहकारी विपणन निगम ‘ट्राइफेड’ (Tribal Co-Operative Marketing Development Federation of India Ltd. – TRIFED) की स्थापना की गई तथा इसने अप्रेल, 1988 से काम करना शुरू किया।
  • बहुराज्यीय सहकारी समिति अधिनियम, 2007 के अधिनियमित होने के बाद ट्राइफेड को इस अधिनियम में पंजीकृत कर इसे राष्ट्रीय सहकारी समिति के रूप में अधिनियम की दूसरी अनुसूची में अधिसूचित किया गया।
  • ट्राइफेड का मुख्य कार्यालय नई दिल्ली में है। प्रधान कार्यालय के अलावा देश के विभिन्न स्थानों पर इसके 13 क्षेत्रीय कार्यालय हैं।
  • ट्राइफेड, जनजातीय मामलों के मंत्रालय के अधीन एक सर्वोच्च संस्था है।
  • TRIFED का उद्देश्य विपणन विकास और कौशल तथा उत्पादों के निरंतर उन्नयन के माध्यम से देश के जनजातीय समुदायों के आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है।

जनजातीय कार्य मंत्रालय –

  • जनजातीय कार्य मंत्रालय का गठन 1999 में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के विभाजन के उपरांत किया गया था।
  • इसका उद्देश्य एक समन्वित और सुनियोजित तरीके से भारतीय समाज के अत्यंत शोषित वर्ग अर्थात् अनुसूचित जनजातियों (एसटी) के समेकित सामाजिक-आर्थिक विकास पर अधिक ध्यान केन्द्रित करना है।
  • इस मंत्रालय के गठन से पहले जनजातीय मामले अलग-अलग समय में विभिन्न मंत्रालयों द्वारा निपटाए जाते थे।
  • जनजातीय कार्य मंत्रालय अनुसूचित जनजातियों के विकास कार्यक्रमों की समग्र नीति, आयोजना एवं समन्वयन के लिए एक नोडल मंत्रालय है।

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