राष्ट्रीय कौशल अध्ययन

राष्ट्रीय कौशल अध्ययन

चर्चा में क्यों ?

  • राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (National Skills Development Corporation- NSDC) द्वारा किये गए एक अध्ययन के अनुसार, वर्ष 2023 तक भारत के श्रमबल में 15-59 वर्ष की कार्यशील-आयु के 7 करोड़ अतिरिक्त व्यक्तियों के प्रवेश करने की उम्मीद है, जिनमें से 84.3% व्यक्ति 15-30 आयु वर्ग के होंगे।

NSDC के अनुमानों का आधार

  • NSDC ने वर्ष 2019-23 के दौरान देश के श्रम बाजार की क्षमता के आधार पर रुझानों का अनुमान लगाया है, जो कि निम्नलिखित तथ्यों पर आधारित है:
  • आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (Periodic Labour Force Survey- PLFS) 2017-18
  • लिंग और क्षेत्र (ग्रामीण/शहरी) स्तर पर अपरिष्कृत मृत्यु दर (Crude Death Rates- CDR)
  • रोजगार-बेरोजगारी सर्वेक्षण (Employment-Unemployment Survey- EUS), 2011-12

NSDC द्वारा व्यक्त अनुमान

लिंग के आधार पर

  • अध्ययन के अनुसार, वर्ष 2023 तक श्रम बल में शामिल होने वाले 15-30 वर्ष आयु वर्ग के प्रत्येक पाँच में से एक व्यक्ति के महिला होने की उम्मीद है।
  • 15 वर्ष और उससे अधिक आयु वर्ग में महिला श्रम बल की भागीदारी दर 23.3% होने का अनुमान व्यक्त किया गया है।
  • विश्व बैंक के आँकड़ों के अनुसार, वर्ष 2019 में भारत में महिला श्रम शक्ति भागीदारी दर अन्य एशियाई अर्थव्यवस्थाओं- वियतनाम (73%), चीन (61%), सिंगापुर (60%), बांग्लादेश (36%) की तुलना में बहुत कम है। भारत में यह दर लेबनान (24%), पाकिस्तान (24%), लीबिया (26%), ट्यूनीशिया (24%) और सूडान (24%) जैसे देशों के लगभग बराबर है।

शिक्षा के आधार पर

  • NSDC के अनुसार, 15-19 वर्ष आयु वर्ग की कई महिला उम्मीदवार श्रम बल में सक्रिय रूप से उपस्थित नहीं हो सकती हैं। इसके स्थान पर वे उच्च शिक्षा के विकल्प का चुनाव करेंगी।

आयु के आधार पर

  • इन चार वर्षों (2019-23) के दौरान भारत के श्रम बल में 15-30 वर्ष की आयु के कुल 5.90 करोड़ युवाओं के शामिल होने की उम्मीद है तथा इसकी आधी संख्या में 15-20 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं के शामिल होने की उम्मीद है।

राज्यवार आँकड़े

  • वर्ष 2019-23 के दौरान केवल छह राज्यों उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, बिहार, तमिलनाडु और कर्नाटक से 15-30 वर्ष आयु वर्ग के 50% युवाओं के श्रम बल में शामिल होने की उम्मीद है।
  • श्रम बल में 15-30 वर्ष आयु वर्ग की महिलाओं की सर्वाधिक भागीदारी वर्ष 2021 और वर्ष 2023 में जबकि पुरुषों की सर्वाधिक भागीदारी वर्ष 2023 में होने का अनुमान व्यक्त किया गया है।

राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (National Skills Development Corporation- NSDC)

  • राष्ट्रीय कौशल विकास निगम एक गैर-लाभकारी सार्वजनिक लिमिटेड कंपनी है। इसकी स्थापना 31 जुलाई, 2008 को कंपनी अधिनियम, 1956 की धारा 25 (कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 8 के अनुरूप) के तहत की गई थी।
  • NSDC की स्थापना वित्त मंत्रालय ने सरकारी निजी भागीदारी (Public Private Partnership- PPP) मॉडल के रूप में की थी।
  • यह कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय के अधीन काम करता है।
  • NSDC का उद्देश्य गुणवत्ता और लाभ के लिये बड़े व्यावसायिक संस्थानों के निर्माण को प्रोत्साहित कर कौशल विकास को बढ़ावा देना है। यह कौशल प्रशिक्षण प्रदान करने वाले उद्यम, कंपनियों और संगठनों को धन प्रदान करके कौशल विकास में उत्प्रेरक के रूप में कार्य करता है।
  • NSDC देश में कौशल प्रशिक्षण के लिये कार्यान्वयन एजेंसी है।

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