भारतीय अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव ( IISF )-2019

भारतीय अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव ( IISF )-2019

चर्चा में क्यों ?

  • चार दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव (IISF)-2019 का उद्घाटन कोलकाता में किया जाएगा।
  • इस बार के विज्ञान महोत्सव को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिये संबोधित करेंगे।
  • यह IISF का पाँचवां संस्करण है।

अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव –

  • अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव का आयोजन वार्षिक रूप से भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय ( और विभागों ) तथा विज्ञान भारती (विभा) द्वारा संयुक्त रूप से किया जाता है।
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में भारत की उपलब्धियों का उत्सव मनाने के उद्देश्य से देशभर के विद्यार्थियों, अनुसंधानकर्ताओं, नवाचारियों, शिल्पकारों और आम लोगों को एक साथ लाने का यह सबसे बड़ा मंच है।
  • IISF -2019 भारत और दुनिया के दूसरे देशों के विद्यार्थियों, नवाचारी, शिल्पकारों, किसानों, वैज्ञानिकों तथा तकनीकविदों का समागम है, जिसमें इन सभी के द्वारा भारत की वैज्ञानिक एवं तकनीकि प्रगति का उत्सव मनाया जाता है।
  • इससे पहले आयोजित भारतीय अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव (IISF)
  • IISF 2015- नई दिल्ली में

नोडल एजेंसी- विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST)

  • IISF 2016- नई दिल्ली में

नोडल एजेंसी- वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR)

  • IISF 2017- चेन्नई में

नोडल एजेंसी- पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (MOES)

  • IISF 2018- लखनऊ में

नोडल एजेंसी- जैव प्रौद्योगिकी विभाग (DBT)

अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव 2019 –

  • वर्ष 2019 का अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव कोलकाता के बिस्व बांग्ला कन्वेंशन सेंटर में 5 नवंबर से 8 नवंबर तक किया जाएगा।
  • यह IISF का पांचवा संस्करण है।
  • इस वर्ष के महोत्सव का मुख्य विषय (थीम) – ‘राइजेन इंडिया’ (राष्ट्र को सशक्त बनाता अनुसंधान, नवाचार और विज्ञान) है।
  • विज्ञान महोत्सव का एक मुख्य आकर्षण छात्र विज्ञान गांव (स्टूडेंट साइंस विलेज) है, जिसमें देश के विभिन्न हिस्सों के करीब 2500 स्कूली विद्यार्थियों को आमंत्रित किया गया है। इन छात्रों को संसद सदस्यों ने अपने संसदीय क्षेत्रों में प्रधानमंत्री सांसद आदर्श ग्राम योजना के अंतर्गत चुने गए गांवों से नामांकित किया है। छात्र विज्ञान गांव में शामिल होने के लिए प्रत्येक संसद सदस्यों को पांच छात्रों और एक शिक्षक को नामांकित किया गया है।
  • इस महोत्सव के भाग के रूप में आयोजित होने वाले विज्ञानिका-अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान साहित्य महोत्सव में एक विज्ञान पुस्तक मेला भी आयोजित किया जाएगा, जहाँ तीस से अधिक प्रकाशक विज्ञान विषय से जुड़े अपने प्रकाशनों को प्रदर्शित करेंगे।

विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग व  विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय –

  • विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत एक विभाग है।
  • इसे मई 1971 में देश में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के नए क्षेत्रों को बढ़ावा देने तथा वैज्ञानिक तथा तकनीकि गतिविधियों का आयोजन, समन्वय और प्रोत्साहन करने के लिए एक नोडल विभाग की भूमिका निभाने हेतु स्थापित किया गया था।
  • यह भारत में विभिन्न स्वीकृत वैज्ञानिक परियोजनाओं को अनुदान प्रदान करता है। विभाग द्वारा भारत के विभिन्न शोधकर्ताओं को विदेशों में आयोजित सम्मेलनों में भाग लेने और प्रायोगिक कार्य करने हेतु प्रोत्साहित किया जाता है।

विज्ञान भारती

  • विज्ञान भारती (विभा), जिसे पहले ‘स्वदेशी विज्ञान आंदोलन’ के रूप में जाना जाता था, एक गैर लाभकारी संगठन है।
  • इसकी स्थापना भारतीय विज्ञान संस्थान के प्रख्यात वैज्ञानिकों द्वारा की गई थी, जिसका नेतृत्व प्रोफेसर के.आई. वासु ने किया था।
  • यह भारत में आधुनिक प्रौद्योगिकी और प्राचीन विज्ञान के लोकप्रियकरण तथा कार्यान्वयन का कार्य करता है।

विज्ञान प्रसार –

  • विज्ञान प्रसार, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार का एक स्वायत्त संस्थान है। इसे बड़े पैमाने पर विज्ञान और प्रौद्योगिकी का लोकप्रियकरण करने हेतु वर्ष 1989 में स्थापित किया गया था।
  • विज्ञान प्रसार का उद्देश्य समाज में वैज्ञानिक और तर्कसंगत दृष्टिकोण को यथासंभव व्यापक रूप से बढ़ावा देना और प्रचार-प्रसार करना है। विज्ञान लोकप्रियकरण से जुड़े कार्यक्रमों को बढ़ावा देना, समन्वय करना तथा लोगों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण को विकसित करना इसका मुख्य उद्देश्य है।
  • विज्ञान प्रसार द्वारा विभिन्न मीडिया, श्रव्य-दृश्य और प्रिंट एवं संचार के विभिन्न माध्यमों के सॉफ्टवेयर को विकसित किया जाता है। इसके द्वारा आमजन को वैज्ञानिक सिद्धांतों और व्यवहारों को समझने, उसकी सराहना करने और दैनिक जीवन में इसे उपयोग में लाने में सक्षम बनाया जाता है।

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