भारतीय निर्वाचन आयोग ने महाराष्ट्र में दो विशेष व्यय पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की – Utkarsh Classes

भारतीय निर्वाचन आयोग ने महाराष्ट्र में दो विशेष व्यय पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की

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भारतीय निर्वाचन आयोग ने महाराष्ट्र में दो विशेष व्यय पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की

क्या है खबर?

  • संविधान के अनुच्छेद 324 और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 20 बी के तहत प्रदान की गई शक्तियों का प्रयोग करते हुए भारतीय चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र की विधान सभा के आगामी चुनाव के लिए दो पूर्व-भारतीय राजस्व सेवा अधिकारियों मधु महाजन और बी मुरली कुमार को विशेष व्यय पर्यवेक्षकों के रूप में नियुक्त किया है।
  • महाजन को मुंबई में मुख्य निर्वाचन अधिकारी के परामर्श से धन शक्ति के दुरुपयोग को नियंत्रित करने पर विशेष जोर देने के साथ चुनावों के संचालन को देखेंगी। इसी तरह मुरली कुमार पुणे में होंगे वे पुणे के साथ-साथ बाकी राज्य के लिए वही कार्य करेंगे जो महाजन मुंबई के लिए करेंगी।
  • विशेष पर्यवेक्षक चुनावी मशीनरी द्वारा किए जा रहे कार्यों की निगरानी करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि मतदान प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए नकद, शराब और मुफ्त आदि का वितरण करके मतदाता को बहकाया तो नहीं जा रहा है साथ ही खुफिया सूचनाओं, cVIGIL और वोटर हेल्पलाइन 1950 के माध्यम से प्राप्त शिकायतों के आधार पर कठोर और प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करेंगे।

cVIGIL

  • भारतीय निर्वाचन आयोग द्वारा लॉन्च किए गए cVIGIL ऐप के माध्यम से फास्ट-ट्रैक शिकायत और निवारण प्रणाली बनाने की व्यवस्था की गई है। cVIGIL नागरिकों के लिए चुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता और व्यय उल्लंघनों की रिपोर्ट करने के लिए एक अभिनव मोबाइल एप्लिकेशन है।
  • cVIGIL ‘सतर्क नागरिकों के लिए की गई व्यवस्था है जो सक्रिय और निष्पक्ष चुनाव के संचालन पर जोर देती है।
  • cVIGIL, एक उपयोगकर्ता के अनुकूल और एंड्रॉइड एप्लिकेशन है जिसे संचालित करना आसान है, इसका उपयोग उपचुनाव/ विधानसभा/संसदीय चुनावों के लिए अधिसूचना की तारीख से उल्लंघन की रिपोर्टिंग के लिए किया जा सकता है। ऐप की विशिष्टता यह है कि यह केवल लाइव फोटो/वीडियो को ऐप के भीतर से ऑटो लोकेशन कैप्चर करने के साथ ही फ्लाइंग स्क्वॉड को समयबद्ध तरीके से कार्य करने के लिए डिजिटल साक्ष्य सुनिश्चित करने की अनुमति देता है।
  • cVIGIL सतर्क नागरिकों को जिला नियंत्रण कक्ष, रिटर्निंग ऑफिसर, और फील्ड यूनिट (फ्लाइंग स्क्वॉड)/स्टेटिक सर्विलांस टीमों के साथ जोड़ता है, जिससे एक तीव्र और सटीक रिपोर्टिंग, कार्रवाई और निगरानी प्रणाली का निर्माण होता है।
  • इसके तहत सूचना को भारतीय निर्वाचन आयोग के राष्ट्रीय शिकायत पोर्टल पर आगे की कार्रवाई के लिए भेजा जाता है और सतर्क नागरिक को 100 मिनट के भीतर स्थिति के बारे में सूचित किया जाता है।

Comments ( 7 )

  • Kavita

    Thanks utkarsh

  • SANJAY KUMAR sahu

    Thanks sir

  • Rahul Awana

    Thank you sir

  • Anonymous

    Very good current affair news

    • Raazkarwa

      Thank u

  • Rinki Singh

    very good current affairs

  • Raazkarwa

    Thanks

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