आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग (EWS) के लिए आरक्षण

आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग (EWS) के लिए आरक्षण

चर्चा में क्यों ?

  • हाल ही में राजस्थान सरकार ने आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों को देय 10 प्रतिशत आरक्षण में भूमि और भवन संबंधी प्रावधान (Provision of land and buildings) को खत्म किया है।
  • सरकार के इस निर्णय से ईडब्ल्यूएस आरक्षण (EWS Reservation) की एक बड़ी जटिलता (Complexity) समाप्त हो गई है। अब पिछड़े सवर्णों को प्रमाण-पत्र (Certificate) बनवाने में आसानी रहेगी।

EWS आरक्षण के बारे में –

  • 8 जनवरी, 2019 को केंद्र सरकार ने लोकसभा में आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग को 10 फीसदी आरक्षण देने वाला संविधान संशोधन विधेयक पेश किया था।
  • आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग को आरक्षण देने का उद्देश्य केंद्र और राज्य में शिक्षा के क्षेत्र, सरकारी नौकरियों, चुनाव और कल्याणकारी योजनाओं में हर वर्ग की हिस्सेदारी सुनिश्चित करना है।
  • सरकार ने इसके लिये आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग हेतु संवैधानिक संशोधन विधेयक, 2018 (Constitution Amendment Bill to Provide Reservation to Economic Weaker Section 2018) के ज़रिये संविधान के अनुच्छेद 15 व 16 में संशोधन करने का प्रस्ताव किया था (124वां संविधान संशोधन विधेयक )।
  • संविधान का अनुच्छेद 15 नस्ल, धर्म, जाति, लिंग या जन्म स्थान के आधार पर नागरिकों से भेदभाव पर प्रतिबंध लगाता है। यह बिल सरकार को इस बात की अनुमति देने के लिए अनुच्छेद 15 में संशोधन करता है कि वह ‘आर्थिक रूप से कमजोर/पिछड़े वर्गों’ की उन्नति के लिए प्रावधान कर सके।
  • इसके अतिरिक्त शैक्षणिक संस्थानों में इन वर्गों के दाखिले के लिए 10% तक सीटें आरक्षित की जा सकती हैं।यह आरक्षण अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थानों पर लागू नहीं होगा।
  • संविधान का अनुच्छेद 16 सरकारी कार्यालयों में रोजगार में भेदभाव पर प्रतिबंध लगाता है। यह बिल अनुच्छेद 16 में संशोधन करता है और सरकार को इस बात की अनुमति देता है कि वह नागरिकों के ‘आर्थिक रूप से कमजोर/पिछड़े वर्गों’ के लिए सभी पदों में 10% तक आरक्षण दे सकती है।
  • इस बिल के अनुसार केंद्र सरकार परिवार की आय और आर्थिक पिछड़ेपन के सूचकांकों के आधार पर नागरिकों के ‘आर्थिक रूप से दुर्बल/पिछड़े वर्गों’ को अधिसूचित करेगी।

राजस्थान के संदर्भ में –

  • फरवरी 2019 में राजस्थान सरकार ने सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से पिछड़ों को 10 प्रतिशत आरक्षण की अधिसूचना जारी की थी।
  • अधिसूचना के अनुसार
  • क्रीमीलेयर की सीमा साढ़े 4 लाख रुपये से बढ़ाकर 8 लाख रुपये कर दी गई। तथा नियमों को अधिसूचित कर इसके अनुसार भर्तियों में आरक्षण के लिए इसे लागू किया जाएगा।
  • राजस्थान में इस आरक्षण का लाभ सालाना 8 लाख रुपये से कम आय वाले सवर्णों को ही मिलेगा। इसमें सभी स्रोतों से होने वाली कमाई को जोड़ा जाएगा।
  • पांच एकड़ से अधिक कृषि भूमि, एक हजार वर्ग फुट से बड़े फ्लैट, नगर निगमों में 100 वर्ग गज या इससे बड़े प्लॉट और गैर-अधिसूचित स्थानीय निकायों में 200 वर्ग गज या इससे बड़े प्लॉट वालों को इस आरक्षण का लाभ नहीं मिलेगा।
  • हाल ही में राजस्थान सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार
  • राज्य सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (ईडब्ल्यूएस) के लिए 10% आरक्षण (सामान्य) का लाभ लेने के लिए अचल संपति संबंधी प्रावधान समाप्त होंगे।
  • अब केवल एकमात्र मानदंड के रूप में 8 लाख रुपये वार्षिक पारिवारिक आय को ही आधार माना है।
  • यह नया प्रारूप 20 अक्टूबर से लागू हो गया है।

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