करेंट अफेयर्स : 26 जून 2021

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  • Jun 26, 2021
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करेंट अफेयर्स : 26 जून 2021

वापसी के बाद भी 650 अमेरिकी सैनिकों के अफ़ग़ानिस्तान में रहने की उम्मीद

अमेरिका के प्रमुख सैन्य बलों की अफगानिस्तान से वापसी पूरी होने के बाद भी अपने राजनयिकों को सुरक्षा मुहैया कराने के लिए बाइडन प्रशासन द्वारा वहां लगभग 650 अमेरिकी सैनिकों को रखे रहने की उम्मीद है। अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि सैनिकों की वापसी बहुत हद तक अगले दो सप्ताह में पूरी की जाएगी। 

मुख्य बिंदु:

  • अभी अफगानिस्तान में चार हजार से अधिक अमेरिकी सैनिकों में से बड़ी संख्या में सैनिकों की वापसी का काम तेजी से चल रहा है, जिसके लिए राष्ट्रपति जो बाइडन ने 11 सितंबर की समयसीमा तय की है।
  • इस बीच तालिबान और भी ज्यादा सक्रिय हो गया है जिससे यह आशंका बढ़ गई है कि अफगानिस्तान की सरकार और उसकी सेना के लिए शासन  करना और मुश्किल हो जाएगा।
  • अधिकारियों के अनुसार इसके अतिरिक्त सैकड़ों अमेरिकी सैनिक संभवत: सितंबर तक काबुल हवाईअड्डे पर मौजूद रहेंगे, जहां वह सुरक्षा प्रदान करने वाले तुर्की बलों को सहायता देंगे। 
  • ये सैनिक यहां पर अस्थायी तौर पर तब तक रहेंगे जब तक कि तुर्की के नेतृत्व वाला औपचारिक सुरक्षा अभियान प्रारम्भ नहीं हो जाता। 
  • इस के सन्दर्भ में अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी और राष्ट्रीय सुलह उच्च परिषद् के अध्यक्ष अब्दुल्ला अब्दुल्ला व्हाइट हाउस में बाइडन से मुलाकात करने वाले हैं। वे पेंटागन में अमेरिकी रक्षा मंत्री से भी मिलेंगे तथा प्रशासन के अन्य अधिकारियों से भी मुलाकात कर सकते हैं। 
  • अफगानिस्तान में लगभग 650 अमेरिकी सैनिक अमेरिकी दूतावास तथा हवाईअड्डे पर अन्य तरह की सहायता देंगे। 
  • अमेरिकी विदेश मंत्री ने अफगानिस्तान में लगभग 650 सैनिक रखने के लिए वहां हिंसक घटनाएँ बढ़ने का कारण दिया और तालिबान द्वारा अफगानिस्तान की कमान संभालने की कोशिश को असली खतरा बताया।
  • अमेरिका की मौजूदगी बने रहने से निश्चित तौर पर काबुल सरकार को सहायता मिलेगी। 
  • लेकिन अगले कई महीनों तक वहाँ पर अतिरिक्त बलों को रखने से अमेरिका के लिए वास्तविक अंत करना और भी ज्यादा मुश्किल हो जाएगा।

तालिबान के बारे में:

  • तालिबान आंदोलन या तालिबान एक सुन्नी इस्लामिक आधारवादी आन्दोलन है जिसकी शुरुआत वर्ष 1994 में दक्षिणी अफ़ग़ानिस्तान में हुई थी। 
  • तालिबान शब्द की उत्पत्ति पश्तो भाषा से हुई है, जिसका अर्थ होता है, ज्ञानार्थी (छात्र)। ऐसे छात्र, जो इस्लामिक कट्टरपंथ की विचारधारा पर भरोसा करते हैं। 
  • तालिबान इस्लामिक कट्टरपंथी राजनीतिक आंदोलन है। इसके सदस्य पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान के मदरसों में पढ़ने वाले छात्र हैं |

इजरायल के पुरातत्‍वविदों को मिली अलग होमो प्रजाति की  खोपड़ी

इजरायल के पुरातत्‍वविदों को  नेशेर रामला नामक स्थान पर खुदाई के दौरान खोपड़ी मिली है, जिससे मानव प्रजाति का रहस्य और गहरा हो गया है। कहा जा रहा है कि यह एक अलग होमो प्रजाति के अंतिम बचे मनुष्य के अवशेष हो सकते हैं।

मुख्य बिंदु:

  • हाल ही में, इजरायली पुरातत्व विज्ञानियों के एक समूह ने मनुष्यों के विकास की कहानी के एक लापता हिस्से की खोज की है। 
  • यह खोपड़ी एक अलग होमो प्रजाति के अंतिम बचे मानव का उदाहरण हो सकती है। 
  • यह आबादी तक़रीबन 4,20,000 से 1,20,000 वर्ष पहले अब के इजरायल में रहती थी।
  • इस अध्ययन के अनुसार इस आदिकालीन मानव समुदाय ने कई हजार वर्षों तक निकटवर्ती होमो सैपियंस प्रजाति के समूहों के साथ अपनी संस्कृति और जीन साझा किए।
  • खोपड़ी के पिछले हिस्सों सहित अन्य टुकड़ों और लगभग एक पूरे जबड़े के विश्लेषण से पता चलता है कि यह जिस किसी का भी अवशेष है वह पूरी तरह होमो सैपियंस नहीं था। 
  • ये अवशेष 1,40,000 -1,20,000 वर्ष पुराने हैं और ये होमो वंश के विलुप्त सदस्य निएंडथरल मानव के भी नहीं थे। ऐसा माना जाता है कि उस समय इस क्षेत्र में केवल इसी तरह का मानव रहता था। 
  • यह खोपड़ी होमो के एक विशिष्ट समुदाय की लगती है जिसकी पहचान विज्ञान ने पहले कभी नहीं की।
  • दूसरे अन्य जीवाश्म मानव खोपड़ियों से विस्तारपूर्वक तुलना करने पर अनुसंधानकर्ताओं ने पाया कि खोपड़ी के पीछे की हड्डी ‘पुरातनकालीन’ विशेषताओं वाली है जो शुरुआती और बाद के होमो सैपियंस से अलग है। 
  • यह हड्डी निएंडथरल और शुरुआती होमो सैपियंस में पाई जाने वाली हड्डियों के मुकाबले थोड़ी मोटी है।
  • शोधकर्ताओं ने संकेत दिया कि इजरायल के अन्य स्थलों जैसे मशहूर लेडी ऑफ ताबून पर मिले जीवाश्म इन नयी मानव आबादी का हिस्सा हो सकते हैं। ‘लेडी ऑफ ताबून’ की खोज सन् 1932 में की गई थी।
  • विस्तृत अध्ययन पर इस महत्त्वपूर्ण अजीब मानव ने हमें निएंडथरल की शरीर रचना और उनके व्यवहार के बारे में काफी कुछ सिखाया है, जबकि हमें अपने पूर्वजों के बारे में बहुत कम पता है। अगर दूसरे शब्दों में कहें तो विभिन्न होमो आबादियों के बीच अंतर प्रजनन अधिक आम था जिसे पहले अंदाजा नहीं लगाया गया था। 
  • यहां टीम को नेशेर रामला स्थल पर पत्थर के करीब 6,000 औजार भी मिले हैं। ये औजार उसी तरीके से बनाए गए हैं जैसे होमो सैपियंस समूहों ने बनाए थे। 
  • इससे यह पता चलता है कि नेशेर रामला होमो और होमो सैपियंस से न केवल जीन का आदान-प्रदान करते थे बल्कि औजार बनाने की तकनीक की भी अदला बदली करते थे |

वैक्सीन बनाने वाली कंपनियाँ माँग रही हैं क्षतिपूर्ति

कोरोना वैक्सीन की कमी के बीच सरकार फाइजर (PFizer) जैसी विदेशी वैक्सीन बनाने वाली कंपनियों को क्षतिपूर्ति दे सकती है। कहा जा रहा है अभी एक कंपनी को क्षतिपूर्ति मिल रही है तो बाद में फिर बाकी कंपनियों को भी ये क्षतिपूर्ति दी जाएगी। फाइजर ने पहले भी क्षतिपूर्ति के बगैर किसी भी देश को वैक्सीन देने से मना कर दिया था।

मुख्य बिंदु:

  • देश में कोरोना वैक्सीन की भारी कमी के बीच सरकार ने एक बड़ा फैसला किया है, जिससे वैक्सीन की कमी से निपटा जा सकता है। 
  • सरकार ना सिर्फ देशी कंपनियों बल्कि विदेशी वैक्सीन कंपनियों से भी अधिक वैक्सीन जुटाने की कोशिश कर रही है। 
  • इसलिए सरकार ने फैसला किया है वह फाइजर (PFizer) जैसी कंपनियों को भी क्षतिपूर्ति दे सकती है।
  • सूत्रों के अनुसार अभी एक कंपनी को क्षतिपूर्ति मिल रही है तो फिर बाकी कंपनियों को भी ये क्षतिपूर्ति दी जाएगी। 
  • कोरोना के मामले तेजी से बढ़ने पर भारत सरकार ने फाइजर, मॉडर्ना और जॉनसन एंड जॉनसन जैसी कंपनियों से वैक्सीन की माँग की थी।
  • इसे लेकर उस वक्त कोई डील साइन नहीं हुई थी। वहीं फाइजर ने क्षतिपूर्ति लिए बगैर किसी भी देश को वैक्सीन देने से मना कर दिया था।
  • सरकार ने अभी तक किसी भी विदेशी कंपनी को क्षतिपूर्ति नहीं दी है, लेकिन अब सरकार ऐसा करने की सोच रही है। 
  • सरकार फाइजर वैक्सीन के लोकल ट्रायल से छूट की माँग को पहले ही मान चुकी है। 
  • माना जा रहा है कि अगर विदेशी कंपनियों को क्षतिपूर्ति नहीं दी गई तो वैक्सीन की सप्लाई पर प्रभाव पड़ सकता है।

क्या भारतीय कानून के तहत कंपनियों को क्षतिपूर्ति नहीं दी जाती है? 

  • भारतीय दवा नियामक ने कोविड-19 के तीन टीकों – कोविशील्ड, कोवैक्सिन और स्पुतनिक वी – में से किसी के भी निर्माताओं को गंभीर दुष्प्रभावों के लिए मुआवजे की लागत के खिलाफ क्षतिपूर्ति नहीं दी है, जिसके लिए उसने आपातकालीन उपयोग प्राधिकार दिया है। 
  • भारतीय कानून ने किसी भी परीक्षण विषय की चोट या मृत्यु के मामले में मुआवजे के अनुदान के लिए नियम और एक सूत्र निर्धारित किया है। लेकिन जब किसी टीके को व्यावसायिक उपयोग के लिए मंजूरी दी जाती है, तो ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक एक्ट के तहत मुआवजे के लिए कोई विशेष प्रावधान नहीं होता है। 
  • हालांकि, मुआवजे की माँग करने वाले लाभार्थी कानूनी मंचों जैसे उपभोक्ता अदालतों या उच्च न्यायालय के समक्ष याचिका दायर कर सकते हैं। साथ ही, दवा नियामक टीकों के आयात के लिए पंजीकरण प्रमाण-पत्र दिए जाने पर किसी भी खंड के उल्लंघन के लिए कानून के तहत कार्रवाई कर सकता है। 

किन देशों ने कोविड-19 वैक्सीन निर्माताओं को क्षतिपूर्ति प्रदान की है? 

  • अमेरिका, जिसने दिसंबर में अपनी आबादी का टीकाकरण शुरू किया था, वह पहला देश था जिसने कोविड -19 वैक्सीन निर्माता को इस तरह की कानूनी सुरक्षा प्रदान की थी। यूके ने भी वैक्सीन निर्माताओं को हर्जाना दिया है और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के पास COVAX सुविधा के तहत कम आय वाले देशों के लिए एक विशेष मुआवजा कार्यक्रम है। 

ISSF World Cup 2021: भारतीय शूटर सौरभ चौधरी ने जीता कांस्य पदक

क्रोएशिया के ओसियेक में चल रहे ISSF World Cup में सौरभ चौधरी ने 10 मीटर एयर पिस्टल मैच में कांस्य पदक जीता।

मुख्य बिंदु:

  • सौरभ पहले स्वर्ण पदक जीतने के दावेदार थे लेकिन एक निशाने में उन्हें केवल 8.7 अंक मिले जिसके बाद वो वापसी नहीं कर सके।
  • सौरभ चौधरी के अलावा अभिषेक वर्मा ने भी इस इवेंट के फाइनल में जगह बनाई थी पर वो पाँचवें नंबर पर रहे।
  • मनु भाकर ने महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा के फाइनल में 137.3 स्कोर के साथ सातवाँ स्थान प्राप्त किया।
  • टोक्यो ओलंपिक से पहले भारतीय निशानेबाजी टीम के लिए यह आखिरी प्रतियोगिता थी।
  • महिलाओं की प्रतियोगिता 10 मीटर एयर पिस्टल में मनु के अलावा यशस्विनी सिंह देसवाल ने भी फाइनल में जगह बनायी लेकिन वह 117.1 के स्कोर के साथ आठवाँ स्थान प्राप्त किया।
  • मनु ने क्वालीफाईंग 577 का स्कोर बनाकर छठे स्थान पर रहकर फाइनल मैच के लिए जगह बनायी थी। यशस्विनी ने 578 का स्कोर बनाया था।
  • राही सरनोबट ने क्वालीफाईंग में 572 का स्कोर बनाया और वह 13वें स्थान पर रहने के कारण फाइनल्स में जगह नहीं बना पायी।
  • बीस वर्षीय ऐश्वर्य ने क्वालीफाईंग दौर में 628 का स्कोर बनाया। 
  • महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में भी भारतीयों को निराश होना पड़ा तथा अंजुम मोदगिल, अपूर्वी चंदेला और वलारिवान फाइनल में जगह बनाने में असफल रहीं।

दुनिया के सबसे बड़े समझौते  RCEP का भाग बना जापान

25 जून, 2021 को जापान ने क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदारी (RCEP) में सम्मिलित होने की पुष्टि की, जो ऑस्ट्रेलिया, चीन और दक्षिण पूर्व एशियाई राष्ट्र संघ (ASEAN) के बीच एक मुक्त व्यापार समझौता है। इसी के साथ जापान समझौते की पुष्टि करने वाला तीसरा सदस्य बन गया है, जिस पर नवंबर, 2020 में 15 देशों द्वारा हस्ताक्षर किए गए थे। हस्ताक्षरकर्ताओं में, चीन और सिंगापुर भी शामिल हैं।

मुख्य बिंदु:

  • RCEP में शामिल होना जापान का पहला व्यापार सौदा होगा जिसमें चीन और दक्षिण कोरिया शामिल होंगे, जो उसके सबसे बड़े और तीसरे सबसे बड़े व्यापार भागीदार हैं।
  • जापान के अर्थव्यवस्था और व्यापार मंत्री ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस समझौते के बारे में कहा कि यह सौदा जापान और दुनिया के विकास का केंद्र कहे जाने वाले एशिया-प्रशांत क्षेत्र के बीच की कड़ी को और मजबूत करेगा।
  • यह लागू होने पर जापान के आर्थिक विकास में भी योगदान देगा।

RCEP में सम्मिलित ना होने का भारत का निर्णय:

  • क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक साझेदारी पर पहले भारत सहित 16 देशों के बीच बातचीत चल रही थी; लेकिन नवंबर, 2020 में भारत ने समझौते में शामिल नहीं होने का फैसला किया, क्योंकि इसकी प्रमुख चिंताओं का समाधान नहीं किया गया था। 
  • विश्व के सबसे बड़े व्यापार समझौते से बाहर रहने के भारत के फैसले के पीछे कुछ प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं- 

आयात वृद्धि के खिलाफ देशों को अपर्याप्त सुरक्षा 

चीन के साथ अपर्याप्त आयात- निर्यात अंतर 

उत्पत्ति के नियमों का संभावित उल्लंघन 

आधार वर्ष को 2014 रखना 

बाजार में पहुँच और गैर-टैरिफ बाधाओं पर विश्वसनीय आश्वासनों की अनुपलब्धता

क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक साझेदारी’ (Regional Comprehensive Economic Partnership- RCEP) के बारे में:

  • क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदारी (RCEP), आसियान (ASEAN) के दस सदस्य देशों तथा पाँच अन्य देशों (ऑस्ट्रेलिया, चीन, जापान, दक्षिण कोरिया और न्यूज़ीलैंड) द्वारा अपनाया गया एक मुक्त व्यापार समझौता (FTA) है।
  • इस समझौते पर विभिन्न देशों द्वारा 15 नवंबर, 2020 को हस्ताक्षर किया गया।
  • RCEP के सदस्य देश विश्व की एक-तिहाई आबादी और वैश्विक जीडीपी के 30% हिस्से (लगभग 26 ट्रिलियन से अधिक) का प्रतिनिधित्व करते हैं।
  • RCEP की अवधारणा नवंबर 2011 में आयोजित 11 वें आसियान शिखर सम्मेलन (ASEAN SUMMIT) के दौरान प्रस्तुत की गई और नवंबर 2012 में कंबोडिया में आयोजित 12वें आसियान शिखर सम्मेलन के दौरान इस समझौते की प्रारंभिक वार्ताएं प्रारम्भ हुयी।
  • भारत के साथ अन्य 15 सदस्यों द्वारा इस समझौते पर साल 2019 में हस्ताक्षर किए जाने का अनुमान था पर भारत ने नवंबर 2019 में इस समझौते से स्वयं को अलग कर लिया।
  • भारत के इस निर्णय के बाद अब बाकी के 15 देशों  द्वारा RCEP पर हस्ताक्षर किये गए हैं।

ओडिशा सरकार 30 जून से लॉन्च करने जा रही है Pneumococcal Conjugate Vaccine

ओडिशा के स्वास्थ्य मंत्री 30 जून को राज्य स्तर पर आभासी कार्यक्रम (Virtual) के माध्यम से यूनिवर्सल इम्यूनाइजेशन प्रोग्राम के तहत न्यूमोकोकल कॉन्जुगेट वैक्सीन (Pneumococcal Conjugate Vaccine) को लॉन्च करेंगे।

मुख्य बिंदु:

  • ओडिशा सरकार ने कहा कि वो 30 जून को यूनिवर्सल इम्यूनाइजेशन प्रोग्राम के तहत न्यूमोकोकल कॉन्जुगेट वैक्सीन (Pneumococcal Conjugate Vaccine ) लॉन्च करेगी।
  • अतिरिक्त मुख्य सचिव पीके महापात्र ने जिला और नगरपालिका अधिकारियों को लिखे पत्र में कहा कि नियमित टीकाकरण में न्यूमोकोकल कॉन्जुगेट वैक्सीन के प्रारम्भ से राज्य में सालाना लगभग 8 लाख छोटे बच्चों को लाभ होगा और राज्य में बच्चों में निमोनिया और मेनिन्जाइटिस के कारण रोगों की संख्या और मृत्यु दर के जोखिम को कम करने में सहायता मिलेगी।
  • इसके माध्यम से नियमित टीकाकरण में पीसीवी की शुरुआत के बाद ये राज्य में सालाना लगभग 8 लाख छोटे बच्चों को लाभान्वित करेगा।
  • कोरोना के प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करते हुए राज्य सरकार की तरफ से लॉन्चिंग के बाद फिर इसे जिला स्तर पर लॉन्च किया जाएगा।
  • इसमें कलेक्टर/नगर आयुक्त/मुख्य जिला चिकित्सा (सीडीएम) अधिकारी और लोक स्वास्थ्य अधिकारी अपनी स्वास्थ्य टीम और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ इस कार्यक्रम में भाग लेंगे।

पृष्ठभूमि

  • 28 दिसंबर, 2020 को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने देश में प्रति वर्ष न्यूमोकोकल बीमारियों से 5 साल से कम उम्र के लगभग 67,800 बाल मृत्यु दर को रोकने के लिए भारत के पहले न्यूमोकोकल कॉन्जुगेट वैक्सीन का उद्घाटन किया था। वैक्सीन को बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन के मदद से सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के द्वारा बनाया गया है।

Tokyo 2020: केंद्रीय खेल मंत्री ने भारतीय ओलिंपिक टीम के लिए थीम साॅन्ग लॉन्च किया 

केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री श्री किरेन रिजिजू ने टोक्यो 2020 के लिए भारतीय ओलंपिक टीम के लिए आधिकारिक थीम सॉन्ग (Theme Song) लॉन्च किया। खेल मंत्रालय ने विभिन्न गतिविधियों जैसे क्विज़, सेल्फी पॉइंट, वाद-विवाद और ओलंपिक पर चर्चा के माध्यम से एक राष्ट्रव्यापी #Cheer4India अभियान भी शुरू किया।

मुख्य बिंदु:

  • केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री श्री किरेन रिजिजू ने नई दिल्ली में ओलंपिक दिवस के मौके पर टोक्यो 2020 ओलंपिक खेलों की भारतीय ओलंपिक टीम के आधिकारिक थीम गीत का शुभारंभ किया। 
  • इस गाने को मशहूर पार्श्व गायक मोहित चौहान ने संगीतबद्ध किया और गाया है तथा गीत उनकी पत्नी प्रार्थना गहलोत ने लिखा है।
  • इस गीत के माध्यम से पूरे देश को टोक्यो ओलंपिक में जाने वाले भारतीय एथलीटों का समर्थन और प्रेरित करने के लिए एक साथ आना चाहिए। इसके साथ आधिकारिक थीम सॉन्ग का लॉन्च करना उसी दिशा में एक कदम है।
  • मोहित चौहान द्वारा रचित और गाया गया उच्च ऊर्जा वाला यह गीत देश के लिए सर्वोच्च पोडियम पर गौरव लाने के हर एथलीट के सपने की भावना को समाहित करता है। 
  • इस कार्यक्रम में खेल मंत्री ने हर भारतीय से आग्रह किया है कि वह आगे आएं और भारत के शीर्ष एथलीटों का उत्साह बढ़ाने के लिए इस आंदोलन में शामिल हों क्योंकि उन्होंने भारत का गौरव बढ़ाने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया।
  • IOA के महासचिव श्री राजीव मेहता ने पूर्व भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी और भारतीय बैडमिंटन टीम के मुख्य राष्ट्रीय कोच, पुलेला गोपीचंद और ‘ध्यान’ स्पोर्ट्स के साथ आईओए(IOA) की साझेदारी की भी घोषणा की, ताकि सभी एथलीटों और टोक्यो में भारतीय दल के प्रत्येक सदस्य के लिए पहनने योग्य ध्यान उपकरण प्रदान किया जा सके। 
  • टोक्यो में ओलंपिक विलेज में आइसोलेशन में रहने के दौरान एथलीटों को अपने दिमाग को फिट और खुश रखने में मदद करेगा।
  • बता दें कि अब तक 15 खेलों के एथलीटों ने ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया है।

International Day in Support of victims of torture 2021

यातना पीड़ितों के समर्थन में संयुक्त राष्ट्र (UN) अंतरराष्ट्रीय दिवस प्रति वर्ष 26 जून को दुनिया भर में मनाया जाता है। यह दिवस संयुक्त राष्ट्र द्वारा मानवीय अत्याचारों के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए मनाया जाता है। मानवीय अत्याचार जो न केवल अस्वीकार्य हैं बल्कि अक्षम्य अपराध भी हैं।

 मुख्य बिंदु:

  • संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) ने 12 दिसंबर 1997 को, 52/149 प्रस्ताव को पारित कर हर साल 26 जून को अत्याचार को ख़त्म करने के लिए यातना के पीड़ितों के समर्थन में संयुक्त राष्ट्र अंतर्राष्ट्रीय दिवस मनाने का  फैसला किया था। 
  • हालाँकि यह बात याद रखना चाहिए कि कानूनी दंड के कारण होने वाले दर्द या पीड़ा को यातना नहीं माना जाता है। 
  • सबसे पहली बार 26 जून, 1998 को यातना के पीड़ितों के समर्थन में संयुक्त राष्ट्र द्वारा यह अंतर्राष्ट्रीय दिवस मनाया गया था।
  • ‘यातना’ शब्द का मतलब किसी ऐसे कार्य से है जिसमें किसी व्यक्ति द्वारा जानबूझकर किसी दूसरे व्यक्ति को गंभीर दर्द या पीड़ा, चाहे शारीरिक हो या मानसिक दी जाती है।
  • इसके उदाहरण हैं किसी के द्वारा तीसरे व्यक्ति की जानकारी प्राप्त करना या ऐसे काम के लिए कबूल करवाना, जिससे उसे दंडित किया जा सके ,आदि।
  • किसी भी प्रकार के भेदभाव के आधार पर उसे डराया या धमकाया जाना, जब इस तरह के दर्द या पीड़ा से उसे सहमति या असहमति दी जा रही हो।

टॉयकाथॉन (TOYCATHON) 2021

प्रधानमंत्री ने वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के जरिए टॉयकाथॉन-2021 के प्रतिभागियों से चर्चा की। टॉयकाथॉन-2021 को जनवरी 2021 में शिक्षा मंत्रालय, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, एमएसएमई (MSME)मंत्रालय, डीपीआईआईटी(DPIIT) कपड़ा मंत्रालय, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और एआईसीटीई (AICTE) द्वारा संयुक्त रूप से लॉन्च किया गया था।

मुख्य बिंदु:

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टॉयकाथॉन-2021 के प्रतिभागियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से चर्चा की।
  • इसमें फिटनेस, खेल, पारंपरिक भारतीय खिलौनों के प्रदर्शन के अतिरिक्त नौ थीम शामिल हैं।
  • इसमें प्रतिभागियों ने प्रधानमंत्री को अपने अपने खेलों के बारे में जानकारी दी। प्रधानमंत्री ने इन्हें और बेहतर करने के लिए सुझाव दिए। 
  • वर्तमान में वैश्विक खिलौना बाजार करीब 100 बिलियन डॉलर का है। इसमें भारत की हिस्सेदारी मात्र डेढ़ बिलियन डॉलर के करीब है। 
  • आज भारत अपनी आवश्यकता के लगभग 80 प्रतिशत खिलौने आयात करता है। यानी इन पर देश के करोड़ों रुपये बाहर जा रहे हैं। इस स्थिति को बदलना ज़रूरी है।
  • वर्तमान में जितने भी ऑनलाइन या डिजिटल गेम्स बाजार में उपलब्ध हैं, उनमें से अधिकतर का कॉन्सेप्ट भारतीय नहीं है। अनेक गेम्स के कॉन्सेप्ट या तो हिंसा को बढ़ावा देते हैं या फिर मानसिक तनाव का कारण बनते हैं। 
  • प्रधानमंत्री ने कहा यह हमारा दायित्व है कि ऐसे वैकल्पिक कॉन्सेप्ट​ डिजाइन हों जिसमें भारत का मूल चिंतन हो।
  • भारत के वर्तमान सामर्थ्य को, भारत की कला-संस्कृति को, भारत के समाज को आज दुनिया ज्यादा बेहतर तरीके से समझना चाहती है। इसमें हमारी खिलौने और गेमिंग इंडस्ट्री बहुत बड़ी भूमिका निभा सकती है।
  • ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को आगे बढ़ाने के लिए खिलौने एक अच्छा माध्यम हो सकते हैं।
  • “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” की घोषणा प्रधानमंत्री द्वारा वर्ष 2015 में राज्यों के मध्य समझ और संबंधों को बढ़ाने के लिए की गई थी ताकि भारत की एकता और अखंडता मज़बूत हो।
  • यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP)- 2020 के अनुरूप शैक्षिक खिलौनों के उपयोग को बढ़ावा देने में सहायता करेगा।
  • टॉयकाथॉन घरेलू खिलौना उद्योग और स्थानीय निर्माताओं के लिए एक पारिस्थितिकी तंत्र बनाएगा जिससे अप्रयुक्त संसाधनों का दोहन होगा और उनकी क्षमता का भरपूर उपयोग होगा।
  • यह खिलौना आयात को कम करने में मदद करेगा।
  • इस कार्यक्रम का फोकस ऐसे खिलौने और खेल का निर्माण करने पर भी हो, जो युवा पीढ़ी को भारतीयता के हर पहलू को रोचक तरीके से बताए। 
  • बीते 5-6 सालों में हैकाथॉन को देश की समस्याओं के समाधान का एक बड़ा माध्यम बनाया गया है। 
  • इसके पीछे- देश के सामर्थ्य को संगठित करने, उसे एक माध्यम देने की सोच है।
  • इसमें कोशिश यह की जा रही है कि देश की चुनौतियों और समाधान से हमारे नौजवान सीधे जुड़े रहें।

International day against drug abuse and illicit trafficking: 2021

प्रति वर्ष 26 जून को विश्व स्तर पर International Day Against Drug Abuse and Illicit Trafficking यानी नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध व्यापार के विरोध पर अंतर्राष्ट्रीय दिवस मनाया जाता है। इस दिन को संयुक्त राष्ट्र द्वारा नशीली दवाओं के दुरुपयोग से अंतरराष्ट्रीय समुदाय को मुक्त करने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए मनाया जाता है।

मुख्य बिंदु:

  • थीम – शेयर ड्रग फैक्ट्स टू सेव लाइव्स 2021(Share Drug Facts to Save Lives 2021) इंटरनेशनल डे अगेंस्ट ड्रग एब्यूज एंड इलिसिट ट्रैफिकिंग की थीम है।
  • इस दिन का मुख्य उद्देश्य विश्व में नशीली दवाओं की समस्या की समझ में सुधार करना और स्वास्थ्य, शासन और सुरक्षा पर इसके प्रभाव का मुकाबला करने के लिए अधिक से अधिक अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देना है।
  • संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) ने 7 दिसंबर, 1987 के दिन 26 जून को नशीली दवाओं के दुरुपयोग से अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को मुक्त करने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए इस दिवस को मनाने का निर्णाय लिया था।
  • हर साल 26 जून को दुनिया भर में नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय दिवस मनाया जाता है।
  • यह दिन नशीली दवाओं के गलत इस्तेमाल और तस्करी के खिलाफ वैश्विक ड्रग्स समस्या की समझ को बढ़ाने में मदद करता है।
  • यह दिन नशीली दवाओं के दुरुपयोग को खत्म करने और अवैध नशीली दवाओं के व्यापार को बढ़ावा देने वाले जागरुक करने के लिए है।
  • इसका उद्देश्य गलत सूचनाओं के बारे में मुकाबला करना और ड्रग तथ्यों के आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करना है। 
  • स्वास्थ्य संबंधी खतरों से लेकर वैश्विक ड्रग समस्या के समाधान, साक्ष्य-आधारित रोकथाम, पुनर्वास और पश्चात की देखभाल तक यह अभियान ड्रग्स और क्राइम की सालाना विश्व ड्रग रिपोर्ट पर संयुक्त राष्ट्र कार्यालय से महत्त्वपूर्ण तथ्य और डेटा प्रस्तुत करता है।
  • नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय दिवस का उपयोग दुनिया भर के व्यक्तियों, विशेषकर बच्चों और किशोरों में जिम्मेदारी की भावना पैदा करने के लिए मनाया जाता है। 
  • विश्व भर में, स्कूलों, कॉलेजों, कार्यस्थलों और सार्वजनिक क्षेत्रों इन नशीली दवाओं के जोखिमों के बारे में जागरुकता बढ़ाने के लिए कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। 
  • संयुक्त राष्ट्र की एक शाखा है जिसे ड्रग्स एंड क्राइम पर संयुक्त राष्ट्र कार्यालय (UNODC) कहा जाता है, के माध्यम से जागरूकता बढ़ाता है। 

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