रसायन के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार 2019

रसायन के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार 2019

चर्चा में क्यों ?

  • 9 अक्टूबर को रसायन के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार-2019 की घोषणा की गयी है। 
  • रसायन के क्षेत्र का नोबेल पुरस्कार अमेरिकी वैज्ञानिक जॉन गुडइनफ, ब्रिटेन के स्टेनली व्हिटिंघम और जापानी वैज्ञानिक अकीरा योशिनो को ‘लीथियम आयन बैटरी के विकास में अहम भूमिका’ के लिए दिया जाएगा।

रसायन के क्षेत्र  के क्षेत्र में नोबेल के बारे में –

  • रसायन के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार की शुरुआत 1901 में हुई थी। यह पुरस्कार (Nobel Prize in Chemistry), रासायनिकी के विभिन्न क्षेत्रों में वैज्ञानिकों को रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज द्वारा वार्षिक रूप से दिया जाता है।
  • रसायन के क्षेत्र का पहला नोबेल जैकोबस हेनरीकस वांट हॉफ को 1901 में मिला था।
  • यह पुरस्कार पाने वाली प्रथम महिला मेरी क्यूरी थी,उन्हे 1911 में ‘रेडियम के शुद्धीकरण (आइसोलेशन ऑफ प्योर रेडियम)’ के लिए यह पुरस्कार मिला था। 1903 में भौतिकी का नोबेल भी उन्हें  मिला था। अब तक रसायन के क्षेत्र में नोबेल कुल  5 महिलाओं को दिया गया।
  • रसायन के क्षेत्र सबसे कम उम्र में नोबेल पुरस्कार पाने वाले वैज्ञानिक फेडरिक जिलोट थे, जिन्हें वर्ष 1935 में 35 वर्ष की आयु में नोबेल पुरस्कार दिया गया।
  • जॉन बी. गुडइनफ सबसे उम्रदराज वैज्ञानिक है, जिन्हें  2019 में 97 वर्ष  की आयु में यह पुरस्कार मिला है।
  • फेडरिक सेंगर एक मात्र ऐसे वैज्ञानिक हैं, जिन्हें दो बार रसायन विज्ञान के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। इन्हें वर्ष 1958 एवं वर्ष 1980 में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
  • वर्ष 2019 का  रसायन के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार जॉन बी. गुडइनफ, एम स्टैनली विटिंगघम और अकीरा योशिनो को दिया गया। उन्हें यह पुरस्कार ‘लीथियम आयन बैटरी के विकास’ के लिए दिया गया।
  • भारतीय मुल के वैज्ञानिक वेंकटरामन रामाकृष्णन को वर्ष 2009 में रसायन के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार ‘राइबोसोम की संरचना और कार्यप्रणाली के अध्ययन’ के लिए मिला था।

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