ग्रेटा थनबर्ग को वैकल्पिक नोबेल

ग्रेटा थनबर्ग को वैकल्पिक नोबेल

क्या है खबर

  • स्वीडन की क्लाइमेट एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग को ‘राइट लाइवलीहुड अवॉर्ड’ मिला, जिसे वैकल्पिक नोबेल भी कहा जाता है ।
  • ग्रेटा को यह अवॉर्ड जलवायु परिवर्तन को लेकर पूरे विश्व का ध्यान खींचने और तत्काल कदम उठाने की मांग को लेकर मिला ।
  • ग्रेटा के अलावा यह सम्मान अमिनतोउ हैदर (मोरक्को), गुओ जियानमेई (चीन) और डवी कोपेनवारा (ब्राजील) को भी मिला ।

ग्रेटा थनबर्ग के बारे में

  • ग्रेटा थनबर्ग का जन्म 3 जनवरी 2003 को स्वीडन  में हुआ ग्लोबल वार्मिंग के ख़तरों पर केंद्रित एक स्वीडिश पर्यावरण कार्यकर्ता हैं।
  • ग्रेटा थनबर्ग स्कूल छोड़कर धरती बचाने ( जलवायु परिवर्तन के खिलाफ )  की लड़ाई लड़ रही है , जलवायु परिवर्तन पर अभियान के लिए उन्होंने एक साल के लिए स्कूल से छुट्टी ली है। ग्रेटा  ने स्कूल से समय निकालकर हाथ में स्ट्रॉन्गर क्लाइमेट ऐक्शन लिखी तख़्ती लिए स्वीडिश संसद के बाहर प्रदर्शन करना शुरू किया।
  • थनबर्ग ने कार्बन उत्सर्जन घटाने की पहल सबसे पहले अपने घर से की  उन्होंने अपने माता पिता को कम से कम हवाई यात्राएं करने और मांस न खाने की अपील की ।
  • ग्रेटा ने वैश्विक जलवायु आंदोलन ‘फ्राइडे फॉर फ्यूचर’ और ‘स्कूल स्ट्राइक फॉर द क्लाइमेट’ नाम से अगस्त 2018 में शुरू किया था। उन्होंने स्कूल जाना बंद कर दिया था और स्वीडन की संसद के सामने अकेले बैठकर प्रदर्शन करती थी। इसके बाद धीरे-धीरे कई स्कूल के बच्चों ने उनका साथ देना शुरू कर दिया था।
  • मई 2019 में, थुनबर्ग को टाइम पत्रिका के कवर पर चित्रित किया गया था, जिसने उन्हें “अगली पीढ़ी के नेता” का नाम दिया और नोट किया कि कई लोग उन्हें एक रोल मॉडल के रूप में देखते हैं।
  • इसी साल मार्च में ग्रेटा को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित किया जा चुका है। अगर दिसंबर में उन्हें यह अवॉर्ड मिलता है तो वे इसे पाने वाली सबसे युवा शख्सियत होंगी।
  • ग्रेटा ने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र में शिखर सम्मेलन के दौरान जलवायु परिवर्तन पर दिए अपने भाषण में दुनियाभर के नेताओं की निंदा की थी ।
  • ग्रेटा ने कहा, “ग्रेटा ने जलवायु परिवर्तन की समस्या से लड़ने के लिए अपनी आवाज उठाने और तत्काल कार्रवाई की मांग करने के लिए लोगों को प्रेरित किया है।”
  • थनबर्ग और स्कूल हड़ताल आंदोलन को 30 मिनट की वाइस डॉक्यूमेंट्री में मेक द वर्ल्ड ग्रेटा अगेन शीर्षक से भी चित्रित किया गया था। कुछ मीडिया ने विश्व मंच पर उनके प्रभाव को “ग्रेटा थुनबर्ग प्रभाव” के रूप में वर्णित किया है।

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