AFRS (Automated Facial Recognition system) से पुलिस होगी आधुनिक

AFRS (Automated Facial Recognition system) से पुलिस होगी आधुनिक

क्या है खबर?

हाल ही में गृह मंत्रालय ने पुलिस व्यवस्था को आधुनिक करने, आरोपियों की जल्द पहचान करने तथा देश के विभिन्न पुलिस यूनिट में सूचना साझा करने के लिए AFRS के उपयोग के संकेत दिए हैं।

क्या है AFRS (Automated Facial Recognition System)?

  • सामान्यत: मोबाइलों में चेहरे के माध्यम से मोबाइल का अनलॉक होना AFRS तकनीक है।
  • इस तकनीक में विभिन्न स्रोतों द्वारा यथा CCTV कैमरा, समाचार पत्र तथा अन्य स्रोतों से फोटो ली जाती है तथा उन फोटो में चेहरों की बनावट को सिस्टम में उपलब्ध डाटा से मैच किया जाता है तथा सिस्टम में उपलब्ध डाटा तथा विभिन्न स्रोतों से ली हुई फोटों में समानता पाई जाने पर चेहरे की पहचान हो जाती है।
  • भारत में विभिन्न स्रोतों से ली गई फोटोस को CCTN (Crime and criminal Tracking Network) में उपलब्ध डाटा से मिलाया जाएगा। यह प्रक्रिया आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का उपयोग करती है तथा कुछ मिनटों में ही व्यक्ति की पहचान करती है।

क्या होगा इसका फायदा?

  • अपराधियों की पहचान करने में सहायक होगी तथा अपराधियों को जल्द पकड़ा जा सकेगा।
  • अपराधियों के जल्द पकड़े जाने से अपराधों में कमी आ सकती है।
  • अपराधियों को ट्रेक करने में यह प्रणाली लाभदायक साबित हो सकती है।

क्या हैं इसकी समस्याएँ?

  • CCTV कैमरे तथा अन्य स्रोत सभी लोगों को अपराधी के रूप में देखेंगे।
  • सरकार का विचार है कि इससे अपराधियों की पहचान में दक्षता तथा गति आएगी किन्तु अगस्त, 2018 में दिल्ली सरकार ने AFRS का उपयोग किया था जिसकी दक्षता मात्र 2% थी। यह दिल्ली की बात नहीं है अमेरिका तथा इंग्लैण्ड में भी ऐसे ही रूझान प्राप्त हुए हैं।
  • इसकी दक्षता और भी कम हो जाती है जब इसका उपयोग महिलाओं, बच्चों तथा विभिन्न रंग के व्यक्तियों की पहचान के लिए होता है।
  • यह प्रणाली कई बार गलत व्यक्ति की पहचान कर लेती है।
  • इस प्रणाली का उपयोग तब करने की बात की जा रही है जब हमारे यहाँ डाटा सुरक्षा की कोई सुनिश्चितता नहीं है।
  • निजी डाटा सुरक्षा विधेयक 2018 भी अभी तक अधिनियमित नहीं हुआ है।

आगे की राह

सरकार द्वारा अपराधियों को कम करने के लिए AFRS का उपयोग सरकार द्वारा स्वच्छ शासन प्रदान करने की मंशा को प्रदर्शित करता है किन्तु सरकार की मंशा अन्य लोगों के लिए समस्या नहीं बननी चाहिए अत: सरकार को निजी डाटा सुरक्षित करने की कवायद करनी चाहिए ताकि डाटा का दुरुपयोग न किया जा सके।

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