आसियान शिखर सम्मेलन

आसियान शिखर सम्मेलन

चर्चा में क्यों ?

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 02-04 नवंबर, 2019 तक थाई की आधिकारिक यात्रा पर रहे।
  • प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 03 नवंबर 2019 को 35वें आसियान शिखर सम्मेलन, 14वें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन (EAS) और 16वें भारत-आसियान शिखर सम्मेलन में भाग लिया। इसके अतिरिक्त म्यांमार, थाई एवं इंडोनेशिया के राष्ट्रप्रमुखों से द्विपक्षीय वार्ता की।

आसियान शिखर सम्मेलन –

आसियान शिखर सम्मेलन दक्षिणी-पूर्वी एशियाई राष्ट्रों के संगठन (ASEAN) द्वारा आयोजित की जाने वाली एक अर्द्धवार्षिक बैठक है जिसमें दक्षिणी-पूर्वी एशियाई देशों के आर्थिक, राजनीतिक, सुरक्षा तथा सांस्कृतिक मुद्दों पर चर्चा होती है।

  • यह एक मुख्य क्षेत्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन है जिसमें विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय समस्याओं, मुद्दों तथा सहयोग को सुदृढ़ करने हेतु व निर्णय लेनें पर चर्चा होती है।
  • पहला आसियान शिखर सम्मेलन फरवरी, 1976 में इंडोनेशिया के बाली में आयोजित हुआ था।
  • हाल ही में 35वें आशियान शिखर सम्मेलन का आयोजन थाईलैण्ड के बैंकॉक शहर में हुआ है।
  • 35वें आशियान शिखर सम्‍मेलन की थीम ‘सतत विकास में सहयोग बढ़ाना’ है।
  • उल्लेखनीय है कि आसियान शिखर सम्मेलन 2019 में ‘Advancing partnership for sustainability’ विषय के तहत सामाजिक निर्माण और एकीकरण के मुद्दे पर चर्चा होगी । डिजिटल बदलाव से उत्पन्न अवसरों का उपयोग करने और इस क्षेत्र में आने वाली आर्थिक असमानताओं के समाधान की तलाश की जाएगी।
  • उल्लेखनीय है कि 1967 में स्थापित ASEAN ग्रुप में ब्रूनेई, कंबोडिया, इन्डोनेशिया, लाओस, म्यांमार, फिलीपींस, सिंगापूर, थाई
  • थाईलैण्ड और वियतनाम आदि सदस्य देश हैं।
  • थाईलैण्ड में राजनैतिक संकट के कारण यह सम्मेलन दो चरणों में आयोजित हुआ।

पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन (EAS) –

  • पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन दक्षिणी एशिया और पूर्वी एशिया के कुछ देशों का एक प्रमुख मंच है।
  • प्रारम्भ में इसके 16 सदस्य देश थे वर्ष 2011 के छठें सम्मेलन में संयुक्त राज्य अमेरिका और रूस भी सम्मिलित हो गए। वर्तमान में इस मंच में 18 देश शामिल है।
  • भारत इस संगठन का संस्थापक सदस्य है।
  • यह मंच विश्व की जनसंख्या का लगभग 54% और वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद का 58% कवर करता है।
  • यह एक आसियान केंद्रित मंच है, इसकी अध्यक्षता केवल आसियान सदस्य ही कर सकते हैं।
  • इस वर्ष इसकी अध्यक्षता थाईलैंड कर रहा है, इसके पहले वर्ष 2018 में इसकी अध्यक्षता सिंगापुर द्वारा की गई थी।
  • इस मंच की वार्षिक मीटिंग में सदस्य देशों के प्रमुख नेता सम्मिलित होते हैं।
  • इसका पहला वार्षिक सम्मलेन दिसंबर, 2005 में मलेशिया (कुआलालम्पुर) की मेजबानी में आयोजित हुआ था। इस सम्मेलन के मेजबान नेता अब्दुल्ला अहमद बदावी थे।
  • पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में आतंकवाद से निपटने हेतु बेहतर तैयारी, कट्टरपंथ और अंतर्राष्ट्रीय अपराध से निपटने के लिये वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (Financial Action Task Force- FATF) तथा इससे संबंधित अन्य संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों के साथ समन्वय को बेहतर बनाने की बात कही गई।
  • इस सम्मेलन में एक घोषणापत्र जारी किया गया जिसमें आतंकी वित्तपोषण को रोकने के लिये प्रभावी उपायों को अपनाने का आह्वान किया गया। इसके अतिरिक्त संयुक्त राष्ट्र ऑफिस ऑन ड्रग्स एंड क्राइम (United Nations Office on Drugs and Crime- UNODC) के साथ FATF के बेहतर समन्वय के साथ क्रियान्वयन की बात कही गई।
  • इस बार के शिखर सम्मेलन में पूर्व एशिया शिखर सम्मेलन सहयोग की भावी दिशा और क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान मुख्य एजेंडा था। शिखर सम्मेलन में तीन वक्तव्यों को अपनाया गया। जिसमें निरंतरता के लिए साझेदारी, अवैध मादक पदार्थों के प्रसार को रोकना और देशों के बीच अपराधों को रोकने पर सहयोग करने जैसे मुद्दे शामिल हैं।
  • प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 14वें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में विश्व के सामने मौजूद चुनौतियों का उल्लेख किया। उन्होंने इन समस्याओं का साझा हल तलाशने के लिए मिलकर काम करने की जरूरत पर बल दिया।
  • प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ सभी देशों को एकजुट होकर कदम उठाना होगा। उन्होंने कहा कि जो देश आतंकवादियों को शरण दिए हुए है, उनके खिलाफ भी आवश्‍यक कदम उठाये जाने की जरूरत है।
  • प्रधानमंत्री ने ये भी कहा कि भारत सदस्‍य देशों के साथ आर्थिक और व्‍यापारिक संबंध मजबूत करने के लिए तैयार है।

भारत-आसियान शिखर सम्मेलन –

  • शिखर सम्मेलन के दौरान समुद्री सुरक्षा (Maritime Security) और नीली अर्थव्यवस्था (Blue Economy), व्यापार एवं निवेश, कनेक्टिविटी, विज्ञान व प्रौद्योगिकी तथा नवाचार के क्षेत्र में सहयोग के साथ-साथ भारत-आसियान रणनीतिक साझेदारी को बढ़ावा देने पर चर्चा हुई।
  • सामाजिक-सांस्कृतिक मोर्चे पर लोगों के बीच जुड़ाव, सांस्कृतिक आदान-प्रदान, मानवीय सहायता और पर्यटन को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया गया।
  • इस क्षेत्र में सामरिक संतुलन बनाए रखने के लिये भारत-प्रशांत क्षेत्र और दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के संगठन (आसियान) के मध्य भारत के दृष्टिकोण को समन्वित रखने पर ज़ोर दिया गया, साथ ही दोनों क्षेत्रों में बढ़ती चीन की मुखरता को संतुलित करने की बात की गई।
  • इसके साथ ही भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बैंकॉक में ‘सवसदी पीएम मोदी ’ (Sawasdee PM Modi) कार्यक्रम में भारतीय समुदाय को संबोधित किया।
  • थाई भाषा में, ‘सवसदी’ शब्द का प्रयोग अभिवादन और अलविदा के लिये किया जाता है।

Comment ( 1 )

  • Ganesh singh

    thanks

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