विशिष्ट संस्थान योजना – Utkarsh Classes

विशिष्ट संस्थान योजना

विशिष्ट संस्थान योजना

क्या है खबर?

  • मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने विशिष्ट संस्थान (Institutions of Eminence) योजना को लागू करने के लिए कई कदम उठाए हैं। इसी क्रम में मंत्रालय ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग तथा अधिकार प्राप्त विशेषज्ञ समिति की सलाह पर विश्वविद्यालयों को विशिष्ट संस्थान का दर्जा देने के आदेश जारी किए है।
  • आईआईटी मद्रास, बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय, आईआईटी खड़गपुर, दिल्ली विश्वविद्यालय और हैदराबाद विश्वविद्यालय इनमें शामिल हैं। इसके अलावा पांच निजी विश्वविद्यालयों के लिए इस आशय के पत्र जारी किए गए कि वे विशिष्ट संस्थानों के रूप में घोषित किए जाने के लिए अपनी तैयारी से अवगत कराएं। अमृता विश्वविद्यापीठम, तमिलनाडु, वेल्लौर प्रौद्योगिकी संस्थान, तमिलनाडु, जामिया हमदर्द, नई दिल्ली, कलिंगा औद्योगिक प्रौद्योगिकी संस्थान, ओडिशा और भारतीय संस्थान, सत्य भारती फाउंडेशन, मोहाली इनमें शामिल हैं।
  • विशिष्ट संस्थानों के रूप में शैक्षिक क्रियाकलाप शुरू करने के बारे में अपनी तैयारियों से अवगत कराना इन संस्थानों के लिए जरूरी होगा।
  • इसके अलावा दो अन्य विश्वविद्यालयों- शिव नाडार विश्वविद्यालय, उत्तर प्रदेश और ओ पी जिन्दल विश्वविद्यालय, हरियाणा के संदर्भ में राज्य सरकारों को पत्र लिखे गए हैं कि राज्य के तहत निजी विश्वविद्यालयों के रूप में इन विश्वविद्यालयों के दर्जे को समाप्त करने के लिए राज्य विधानसभा में कानून पारित करें, ताकि विख्यात संस्थान मान्य विश्वविद्यालयों के रूप में इनके बारे में विचार किया जा सके।
  • दो राज्य विश्वविद्यालयों – जादवपुर विश्वविद्यालय, पश्चिम बंगाल और अन्ना विश्वविद्यालय, तमिलनाडु को भी अधिकारप्राप्त समिति द्वारा चयनित किया गया और राज्य सरकारों को विशिष्ट संस्थान योजना के तहत इनके योगदान के बारे में अवगत कराने के लिए कहा गया है।

क्या है उत्कृष्ट संस्थान का दर्जा?

  • उत्कृष्ट संस्थानों का दर्जा उन संस्थानों को दिया जा रहा है जिनमें शिक्षा के स्तर को उच्च करने तथा शोध को बढ़ावा देने की क्षमता है।
  • वे ही विश्वविद्यालय इस दर्जे के लिए आवेदन कर सकते हैं जिनकी वर्तमान में विश्व रैंकिंग 500 के अंदर है या राष्ट्रीय संस्थान रैंकिंग फ्रेमवर्क (NIRF) में 50 के अंदर आते हैं।
  • उत्कृष्ट संस्थान का दर्जा प्राप्त होने के बाद संस्थान के पास ज्यादा स्वायत्तता होगी। वह अपने अनुसार सिलेबस व फीस निर्धारित कर सकता है।
  • दर्जा प्राप्त संस्थानों को विदेशी संस्थानों से जुड़ने के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) की अनुमति आवश्यक नहीं होगी लेकिन किसी नकारात्मक दर्जा प्राप्त देश के संस्थान से जुड़ने के लिए विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय की स्वीकृति की आवश्यकता हो सकती है।
  • उत्कृष्ट संस्थान का दर्जा प्राप्त संस्थानों में से लोक संस्थानों (Public Institution) को सरकार द्वारा 1000 करोड़ (प्रत्येक संस्थान को 1000 करोड़) की सहायता दी जाएगी ताकि विश्व श्रेणी का ढाँचा स्थापित किया जा सके।
  • निजी उत्कृष्ट संस्थानों को मानव संसाधन मंत्रालय द्वारा कोई सहायता नहीं दी जाएगी।

क्या थीं उच्च अधिकार प्राप्त विशेषज्ञ समिति की सिफारिशें?

  • विशेषज्ञ समिति का गठन पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एन गोपाल स्वामी की अध्यक्षता में किया गया था।
  • समिति ने प्रथम सिफारिश में 6 संस्थानों को उत्कृष्ट संस्थानों के लिए चुना था जिसमें 3 संस्थान निजी तथा 3 लोक संस्थान थे।

      (i)  भारतीय विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु

      (ii) आईआईटी (IIT), बॉम्बे

      (iii) आईआईटी (IIT), दिल्ली

      (iv) बिट्स (BITS – Birla Institute of Technology and Science) पिलानी (राजस्थान)

      (v) मनिपाल उच्च शिक्षा संस्थान, मनिपाल (कनार्टक)

      (vi) रिलायंस फाउण्डेशन जियो संस्थान, पुणे (महाराष्ट्र)

  • इससे पहले उच्च अधिकार प्राप्त विशेषज्ञ समिति ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग को 24 और संस्थानों को IOE का दर्जा देने की सिफारिश की थी।
  • विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने इन 24 सिफारिशों में से 14 संस्थानों को उत्कृष्ट संस्थान घोषित किया था जिसमें पूर्व के 6 मिलाने पर इन संख्या 20 हो जाती है इन 20 संस्थानों में 10 निजी तथा 10 लोक संस्थान है।
  • 14 उत्कृष्ट संस्थानों (वर्तमान सुझाव) में 7 लोक संस्थान है जिनमें आईआईटी (मद्रास), आईआईटी (खड़गपुर), दिल्ली विश्वविद्यालय, हैदराबाद केन्द्रीय विश्वविद्यालय, जादवपुर विश्वविद्यालय (पश्चिम बंगाल), अन्ना विश्वविद्यालय तथा बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय शामिल है।
  • 7 निजी संस्थानों में अमृता विश्व विद्यापीठम् (कोयंबटूर, तमिलनाडु), वीआईटी (VIT) (वैल्लोर), जामिया हमदर्द (दिल्ली), कलिंग औद्योगिक तकनीकि संस्थान (भुबनेश्वर, ओडिशा), ओ पी जिन्दल विश्वविद्यालय (सोनीपत, हरियाणा), शिव नादर विश्वविद्यालय (ग्रेटर नोएडा, उततर प्रदेश) तथा सत्य भारती विश्वविद्यालय (ग्रीन फील्ड कैटेगरी) शामिल है।
  • अत: उच्च अधिकार प्राप्त एन गोपालस्वामी समिति ने कुल 30 संस्थानों को उत्कृष्ट संस्थानों का दर्ज देने का सुझाव दिया था लेकिन विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने अपनी पूर्ववर्ती योजना के अनुसार 20 संस्थानों को ही उत्कृष्ट संस्थानों का दर्जा दिया है।

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