राष्ट्रीय जाँच अभिकरण (संशोधन) विधेयक

राष्ट्रीय जाँच अभिकरण (संशोधन) विधेयक

खबर क्या है?

हाल ही में केन्द्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय जाँच अभिकरण (संशोधन) विधेयक 2019 (National
Investigation Agency (Amendment) Bill 2019) जिसे लोकसभा में पास किया जा चुका है।

क्या है संशोधन के प्रावधान?

  • NIA द्वारा की जाने वाली जाँचों का विस्तार किया गया है तथा इसे और ताकत प्रदान की गई हैं।
  • अब NIA मानव तस्करी, साइबर अपराध, जाली मुद्रा, आपराधिक उपकरण के निर्माण तथा बिक्री निषेध और विस्फोटक सामग्री अधिनियम के तहत् आने वाले अपराधों की भी जाँच कर पाएगा।
  • यह संशोधन NIA के अधिकारियों को भारत के बाहर हुए अपराधों की जाँच के अधिकार प्रदान करता है। बाहर देशों में जाँच संबंधित देश के साथ समझौते
    तथा अन्तर्राष्ट्रीय संधियों के अनुसार होगी।
  • बाहर की जाने वाली जाँचों के लिए न्यायक्षेत्र दिल्ली में स्थित विशेष अदालत के पास होगा।
  • NIA के तहत् अनुसूचित अपराधों के लिए सत्र न्यायालय को विशेष न्यायालय बनाया जा सकता है।

क्या है राष्ट्रीय जाँच अभिकरण (NIA) ?

  • 2008 में बंबई हमलों के बाद NIA अधिनियम पारित किया गया था तथा 2009 में NIA
    (National Investigation Agency) की स्थापना की गई थी।
  • वर्तमान में आतंकवादी गतिविधियों को रोकने के लिए NIA द्वारा कार्य किया जा रहा है ताकि आतंकी गतिविधियों जैसी कोई घटना होने से पहले निष्क्रीय की जा सके।
  • इसका उद्देश्य आतंकवादी गतिविधियों का एक डेटा बैंक तैयार करना ताकि आतंकवादी गतिविधियों की सारी जानकारी उपलब्ध हो सके।
  • इसका उद्देश्य जाँच के अंतर्राष्ट्रीय मानकों का उपयोग कर उच्च प्रशिक्षित जाँचकर्त्ताओं को तैयार करना है।
  • पहले यह निकाय परमाणु ऊर्जा अधिनियम 1962 तथा UAPA 1967 (Unlawful Activities Prevention Act 1967) के तहत् आने वाले मामलों की जाँच कर सकता था हालांकि संशोधन में इसका विस्तार किया गया है।
  • वर्तमान अधिनियम NIA के लिए विशेष अदालत का प्रावधान करता है।
  • NIA अधिकारियों की शक्तियाँ अन्य पुलिस अधिकारियों के समान होती है जिसका विस्तार पूरे देश में है।

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