मंत्रीमंडल ने वित्त आयोग का कार्यकाल बढ़ाया

मंत्रीमंडल ने वित्त आयोग का कार्यकाल बढ़ाया

क्या है खबर?

हाल ही में केन्द्रीय मंत्रीमण्डल ने 15 वें वित्त आयोग का कार्यकाल 30 अक्टूबर, 2019 से बढ़ाकर 30 नवंबर, 2019 कर दिया है।

क्यों बढ़ाया कार्यकाल?

  • आयोग रक्षा और आंतरिक सुरक्षा के लिए पर्याप्त सुरक्षित और सतत् धनराशि के आंवटन से जुड़ी चिंताओं का समाधान कर सके।
  • पिछले चार वर्षों में किए गए प्रमुख वित्तीय सुधारों को ध्यान में रखते हुए आयोग कार्यकाल बढ़ाया गया है।
  • आयोग इन सुधारों जैसे योजना आयोग के स्थान पर नीति आयोग को लाने, गैर योजनागत व्यय तथा योजनागत व्यय को समाप्त करने, बजट कलैंडर 1 महीना आगे बढ़ाने, 1 जुलाई से वस्तु एवं सेवा कर (GST) लागू करने आदि के प्रभाव का आंकलन किया जा सके।

क्या है 15 वाँ वित्त आयोग?

  • वित्त आयोग का गठन संविधान के अनुच्छेद 280 (1) के तहत किया जाता है जो केन्द्र तथा राज्यों के मध्य करों के बँटवारे तथा राज्यों को अनुदान देने हेतु सिद्धान्त प्रस्तुत करता है।
  • वित्त आयोग (विविध प्रावधान) अधिनियम 1951 का उपयोग करते हुए 27 नवम्बर, 2017 को 15 वें वित्त आयोग का गठन किया गया।
  • 15 वें वित्त आयोग को एन.के. सिंह की अध्यक्षता में गठित किया गया है जिसके अन्य सदस्य अजय नारायण झा, अशोक लाहिडी और अनूप सिंह (फुल टाइम) है इसमें दो पार्ट टाइम सदस्य शक्तिकांत दास तथा रमेशचन्द्र भी है।
  • 15 वें वित्त आयोग की सिफारिशों को 1 अप्रैल, 2020 से 31 मार्च, 2025 तक लागू किया जाएगा
  • 15 वाँ वित्त आयोग संशोधनों का बँटवारा 2011 की जनगणना के अनुसार करेगा इसीलिए दक्षिण के राज्यों ने इसे संघवाद विरोधी कहा है क्योंकि इससे
    पूर्ववर्ती आयोग 1971 की जनसंख्या के आधार पर
    संसाधनों का बँटवारा करते थे।

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