नीली क्रांति की ओर

नीली क्रांति की ओर

क्या है खबर?

हाल ही में घोषित बजट 2019-20 में मत्स्य क्षेत्र को प्रोत्साहित कर नीली क्रांति लाने की बात कही गई है।

क्या है भारत की वर्तमान स्थिति?

  • मत्स्य उत्पादन (Aquaculture) में भारत दुनिया में दूसरे स्थान पर है प्रथम स्थान पर चीन है।
  • मत्स्य उत्पादन क्षमता भारत की अन्य देशों से ज्यादा है लेकिन इनका दोहन नहीं हो पा रहा है।
  • भारत में दो तरह के मत्स्य पालन होते हैं जिसमें एक ताजे पानी में मत्स्य पालन तथा दूसरा समुद्री पानी में मत्स्य पालन है।
  • ताजे तथा समुद्री जल दोनों ही मत्स्य पालन में आंध्र प्रदेश प्रथम स्थान पर है।

क्या है सरकार के प्रयास?

  • हाल ही में 2019 के बजट में अलग मत्स्य विभाग स्थापित करने की बात कही गई है साथ ही मछुआरों को लोन लेने पर 2% की ब्याज में छूट प्रदान की जाएगी।
  • राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड का गठन जो विभिन्न योजनाओं का क्रियान्वयन करता है।
  • मछली उत्पादन के मानकों का विकास ताकि हाइजीननैस को बढ़ाया जा सके।
  • मछली के बाजारों का विकास ताकि उत्पादन तथा पूर्ति चक्र में सामंजस्य स्थापित किया जा सके।

कैसे बढ़ाया जा सकता है मत्स्य उत्पादन को?

  • यदि भारत अपनी ताजा पानी की मछलियों की उत्पादकता तथा समुद्र की डीप सी (Deep Sea) मत्स्यायन में वृद्धि चाहता है तो उसे इसमें तकनीकी का समावेश करना होगा।
  • हमें अपने विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) का विकास करना होगा तथा उसे मत्स्यायन के हिसाब से विकसित करना होगा।
  • भारत का विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) चीन से ज्यादा ये यदि इसे मत्स्यायन के लिए विकसित किया गया तो भारत इस क्षेत्र में चीन को पीछे छोड़ सकता है। भारत का विशेष आर्थिक क्षेत्र 2 मिलियन वर्ग किमी. है जबकि चीन का 0.88 वर्ग किमी है।
  • ओसियन रेंचिग (बड़ी मछलियों को पकड़ा जाता है) के माध्यम से पारिस्थितिकी को कम नुकसान पहुँचाकर मत्स्य उत्पादन को अंजाम दिया जा सकता है।
  • भारत को मत्स्य उत्पादन के क्षेत्रों का डाटा संग्रहित करना होगा तथा उसे समय के अनुसार अपडेट करना होगा ताकि पारिस्थितिकी को ज्यादा नुकसान पहुँचने पर वहाँ मत्स्यायन बंद कराया जा सके।

नीली क्रांति को लाने में टेक्नोलॉजी कहाँ तक मदद कर सकती है?

  • सेटेलाइट के माध्यम से मत्स्य संकेन्द्रण वाले भागों की पहचान की जा सकती है।
  • भारत 5G को लाँच कर फिश फार्म का अपग्रेडेशन कर सकता है तथा उनमें इन्टरनेट ऑफ थिंग्स तथा आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का उपयोग कर सकता है।
  • मछुआरों के विभिन्न संदेशों द्वारा उन्हें उत्पादन बढ़ाने के सुझाव प्रदान किए जा सकते हैं साथ ही उन्हें मत्स्यायन से जुड़ी विभिन्न योजनाओं से अवगत कराया जा सकता है।

No Comments

Comments are closed.

In light of Pandameic COVID-19, we are offering ONLINE CLASSES for students from 20TH of MARCH onwards. DOWNLOAD NOW
+