छिपकली की प्राचीन प्रजाति की खोज

छिपकली की प्राचीन प्रजाति की खोज

क्या है खबर?

हाल ही में शोधकर्ताओं में छिपकली की प्राचीन प्रजाति की खोज की है जो माइक्रोरैप्टर (डायनासोर का एक प्रकार) के पेट में पाई गई है।

प्राप्त छिपकली के संदर्भ में मुख्य तथ्य –

  • क्रिटेशियश युग में पाई जाने वाली यह छिपकली क्रिटेशियश पीरियड में पाई जाने वाली अन्य छिपकलियों की तुलना में अलग है तथा एक नई प्रजाति का प्रतिनिधित्व करती है।
  • इस नई प्रजाति का नाम इन्द्रासौरस वैंगी (Indrasaurus Wangi) रखा गया है।
  • इन्द्रासौरस नाम वैदिक घटना से लिया गया है जिसमें एक ड्रेगन द्वारा इन्द्र को निगल लिया गया था जबकि वैंगी चीन के प्रोफेसर वांग युआन के नाम पर लिया गया है।
  • जेहोल बायोटा (Jehol Biota) युग की तुलना में इस छिपकली के दाँत थे।
  • उत्तर पूर्व चीन में 133 से 120 मिलियन वर्ष पूर्व पाये जाने वाले जीवों को जेहोल बायोटा वर्ग की संज्ञा दी गई है।

क्या है माइक्रोरैप्टर (Microraptor) ?

  • माइक्रोरैप्टर चार पंखों वाला डायनासोर का प्रकार है जिसके जीवाश्म चीन से प्राप्त किए गए है।
  • ये डायनासोर उड़ सकने में सक्षम थे।
  • माइक्रोरैप्टर के पेट में पाया जाने वाला यह एक और जीव है इससे पहले पक्षी, मछलियां तथा विभिन्न स्तनधारी पाए गए हैं।
  • अलग-अलग पक्षियों तथा जीवों का माइक्रोरैप्टर के पेट में पाया जाना बताता है कि मौका परस्त शिकारी था।
  • इन्द्रासौरस वैंगी को पूरा निगला गया था यह बताता है कि वर्तमान में छिपकलियों द्वारा निगलने वाली प्रणाली ही माइक्रोरैप्टर उपयोग करता है।

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