चार नये राज्यपालों की नियुक्ति

चार नये राज्यपालों की नियुक्ति

क्या है खबर?

केन्द्र सरकार ने व्यापक परिवर्तन करते हुए 6 राज्य के राज्यपालों में बदलाव किया गया है जिसमें 4 राज्यों में नए राज्यपालों की नियुक्ति तथा 2 राज्यपालों का स्थानान्तरण किया है।

कहाँ किसे नियुक्त किया गया है?

  • फागु चौहान को बिहार का राज्यपाल नियुक्त किया गया हैं।
  • आनंदी बेन पटेल को उत्तर प्रदेश का राज्यपाल नियुक्त किया गया हैं जो पहले मध्य प्रदेश की राज्यपाल थीं।
  • जगदीप धनकड़ को पश्चिम बंगाल का राज्यपाल नियुक्त किया गया हैं।
  • रमेश बैस को त्रिपुरा का राज्यपाल नियुक्त किया गया हैं।
  • लाल जी टंडन को मध्य प्रदेश का राज्यपाल नियुक्त किया गया हैं।
  • आर.एन. रवि को नागालैण्ड का राज्यपाल नियुक्त किया गया हैं।

कैसे होती है राज्यपाल की नियुक्ति?

  • राज्यपाल की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है।
  • राज्यपाल के चुनाव में गृह मंत्रालय, नोडल एजेन्सी के रूप में कार्य करता है।
  • चूंकि गृह मंत्रालय केन्द्र व राज्य के मध्य एक पुल का कार्य करता है इसीलिए यह राज्यपाल की नियुक्ति में मुख्य भूमिका निभाता है।

राज्यपाल

राज्यपाल किसी राज्य के लिए उतना ही महत्त्वपूर्ण होता है जितना केन्द्र के लिए राष्ट्रपति होता है। संघ के लिए जो शक्तियाँ राज्यपाल के पास है राज्य के संबंध में वही शक्तियाँ राज्यपाल के पास होती है। पूर्ण राज्यों में जो स्थान राज्यपालों का है, अर्द्ध राज्य तथा केन्द्रशासित प्रदेशों में वही स्थान उपराज्यपालों का होता है

इनके संबंध में निम्न अनुच्छेद हैं –
153 – प्रत्येक राज्य में एक राज्यपाल होगा
154 – कार्यपालिका की शक्तियाँ राज्यपाल में निहित होगी जिनका उपयोग वह प्रत्यक्ष तौर पर या किसी ऑफीसर को नियुक्त कर उपयोग कर सकता है।
155 – राज्यपाल की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाएगी।
156 – इसमें राज्यपाल की सेवा शर्तों का उल्लेख है।
157 व 158 – इसमें राज्यपाल की अर्हताओं का उल्लेख हैं जो निम्न हैं –
(i) भारतीय नागरिक
(ii) कम से कम 35 वर्ष आयु होनी चाहिए
(iii) संसद या विधानमंडल का सदस्य नहीं होना चाहिए
(iv) कोई लाभ का पद धारण न करता हो
159 – इसमें राज्यपाल की शपथ के बारे में बताया गया है। राज्यपालों को शपथ, संबंधित राज्य के उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश या मुख्य न्यायाधीश द्वारा नामित वरिष्ठ न्यायाधीश द्वारा दिलाई जाती है।
160 – किसी भी आकस्मिक स्थिति में राज्यपाल के कृत्यों का निर्वहन राष्ट्रपति ऐसे कृत्यों को सौंप सकता है जो वह उचित समझता है।
161 – राज्यपाल की क्षमा, प्रविलंबन तथा प्रतिहार की शक्तियाँ लेकिन राज्यपाल को मृत्युदण्ड को माफ करने की शक्ति नहीं है।
163 – इसमें कहा गया है कि राज्यपाल मंत्रीपरिषद् की सलाह पर अपनी शक्तियों का उपयोग करेगा तथा कुछ परिस्थितियों में राज्यपाल को अपने विवेक के अनुसार निर्णय करने की शक्ति प्रदान की गई है।
164 – राज्यपाल द्वारा मुख्यमंत्री की नियुक्ति की जाएगी तथा मुख्यमंत्री की सलाह पर अन्य मंत्रियों की नियुक्ति की जाएगी।
165 – राज्य के महाधिवक्ता (Advocate General) की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाएगी।
166 – कार्यपालिका द्वारा किए जाने वाले सभी कार्य राज्यपाल के नाम पर ही किए जाएंगें।
174 – राज्यपाल सदन के सत्रों की शुरुआत करेगा, अंत करेगा तथा भंग करेगा।
200 – इस अनुच्छेद के तहत् राज्यपाल राज्य के सदन द्वारा पारित विधेयक को राष्ट्रपति की अनुमति के लिए रक्षित कर सकता है।
202 – राज्य के आय-व्यय का विवरण राज्यपाल के नाम पर प्रत्येक वित्तीय वर्ष के लिए रखा जाएगा।
213 – राज्यपाल की अध्यादेश की शक्ति

No Comments

Comments are closed.

In light of Pandameic COVID-19, we are offering ONLINE CLASSES for students from 20TH of MARCH onwards. DOWNLOAD NOW
+