घड़ियाल की संख्या में इजाफा के लिए उड़ीसा का प्रयास

घड़ियाल की संख्या में इजाफा के लिए उड़ीसा का प्रयास

क्या है खबर?

घड़ियाल की संख्या में संवर्धन के लिए हाल ही में ओडिशा में महानदी के सटकोसिया गॉर्ज में पाँच
घड़ियालों को छोड़ा है।

क्या है योजना?

  • ओडिशा सरकार घड़ियाल की संख्या में संवर्धन चाह रही है क्योंकि ओडिशा घड़ियाल पाए जाने की दक्षिणी सीमा है।
  • इसके तहत् विभिन्न चरणों में 30 घड़ियालों को छोड़ना है प्रथम चरण में 5 घड़ियाल छोड़े गए जिसमें 2 नर व 3 मादा घड़ियाल हैं।
  • घड़ियालों में रेडियो ट्रांसमीटर को फिट किया गया है ताकि इनके विभिन्न क्रियाकलापों को ट्रेक किया जा सके तथा इनके संवर्धन के लिए उसका उपयोग किया जा सके।
  • इस प्रोजेक्ट के तहत् 3 पोस्ट ग्रेजुएट को शामिल किया गया है जो घड़ियालों के क्रियाकलापों का प्रतिदिन अध्ययन करेंगे।

घड़ियाल की भारत में स्थिति?

  • भारत में क्रोकोडाइल (Crocodile) की तीन प्रजाति पाई जाती है जिसमें (1) घड़ियाल क्रोकोडाइल (2) मगर क्रोकोडाइल (3) लवणीय जल क्रोकोडाइल हैं।
  • ओडिशा भारत का अकेला राज्य है जहाँ क्रोकोडाइल की तीनों प्रजातियाँ पाई जाती है।
  • घड़ियाल क्रोकोडाइल ताजे पानी में पाई जाने वाली प्रजाति है।
  • घड़ियाल नेपाल और भारत में पाया जाता है।
  • IUCN (International Union Conservation of Nature) की लाल सूची में घड़ियाल को Critically Endangered लिस्ट में रखा गया है।
  • भारत में घड़ियाल की जिम कॉर्बेट (उत्तराखण्ड) कटरनियाघाट वन्यजीव अभयारण्य (उत्तरप्रदेश), वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (उत्तर प्रदेश), चंबल राष्ट्रीय वन्यजीव अभयारण्य (राजस्थान व मध्यप्रदेश), हस्तिनापुर वन्यजीव अभयारण्य (उत्तरप्रदेश), सोन
    नदी (बिहार) तथा महानदी (ओडिशा) आदि में उपस्थिति दर्ज की गई है।
  • घड़ियाल को CITES (Convention on International Trade in Endangered
    Species of wild Fauna and Flora) के अनुलग्न-I (Appendix I) में रखा गया है।
  • वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत् घड़ियाल को अनुसूची 1 में रखा गया है।

महानदी

  • अन्य मौसमी नदियों की तरह महानदी का भी उद्गम विभिन्न धाराओं के मिलने पर होता है जिसे एक स्थान विशेष से इंगित नहीं किया जा सकता है लेकिन यह कहा जा सकता है कि इसका उद्गम ओडिशा के सिंहवा (धमत्री जिला) से होता है।
  • यह 858 किमी. तक बहती है इसका विस्तार ओडिशा तथा छत्तीसगढ़ में है।
  • हीराकुण्ड बाँध (ओडिशा) महानदी पर ही स्थित है।
  • हीराकुण्डा बाँध बनने से पूर्व इसे ओडिशा का अभिशाप (Sorrow of Odisha) कहते थे।
  • यह नदी डेल्टा बनाते हुए बंगाल की खाड़ी में मिल जाती है।
  • इसकी सहायक नदियाँ सेवनाथ, मांड, इब, हसदेव, आँग, तेल, जोंक आदि हैं।

No Comments

Give a comment

In light of Pandameic COVID-19, we are offering ONLINE CLASSES for students from 20TH of MARCH onwards. DOWNLOAD NOW
+