कर्नाटक राजनीतिक संकट और सदस्यता त्याग

कर्नाटक राजनीतिक संकट और सदस्यता त्याग

क्या है खबर?

कर्नाटक के 13 विधानसभा सदस्यों ने त्यागपत्र दिया जिनमें से 8 सदस्यों के त्यागपत्र को स्पीकर द्वारा अस्वीकृत कर दिये गये है।

क्या है अस्वीकृति का कारण‌? क्या है अधिकार?

  • कर्नाटक विधानसभा अध्यक्ष रमेश कुमार ने कहा है कि विधायकों द्वारा दिये गए इस्तीफे/त्यागपत्र निर्धारित मानकों (Prescribed Format) के अनुसार नहीं थे इसीलिए उन्होंने इन्हें अस्वीकृत कर दिया।
  • यदि विधानसभा अध्यक्ष को यह भान हो जाए कि दिए जाने वाले त्यागपत्र दबाव या तनाव में दिए जा रहे है तो संविधान का अनुच्छेद 190 अध्यक्ष को त्यागपत्र अस्वीकार करने का अधिकार देता है।
  • यदि विधानसभा अध्यक्ष को अपने स्रोतों या पुलिस के माध्यम से यह पता चले की सदस्य त्यागपत्र अपने अपनी मर्जी से नहीं है तो भी उसे अस्वीकृत करने का अधिकार है

कैसे विधानसभा सदस्य दे सकते हैं त्यागपत्र?

  • त्यागपत्र विधानसभा द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार होना चाहिए नहीं तो अध्यक्ष अस्वीकृत कर सकता है।
  • तयागपत्र किसी बाहरी दबाव में नहीं दिया जाना चाहिए। अध्यक्ष को भान होने पर वह अस्वीकृत कर सकता है।
  • सदस्य अपना त्यागपत्र लिखित में भी दे सकते हैं जिसमें त्यागपत्र का कारण लिखने की आवश्यकता नहीं होती।
  • त्यागपत्र स्वीकार या अस्वीकार करने का अधिकार अध्यक्ष के पास सुरक्षित है।

क्या विधायक न्यायालय की शरण ले सकते है?

  • विधानसभा अध्यक्ष यदि विधायकों का त्याग पत्र अस्वीकृत कर देता है जो विधायक न्यायालय की शरण ले सकते हैं।
  • चूंकि संविधान का अनुच्छेद 190 विधानसभा अध्यक्ष को पूर्ण अधिकार देता है कि अध्यक्ष अपने विवेक के अनुसार उसे स्वीकार करें या अस्वीकार करें।
  • न्यायालय विधानसभा अध्यक्ष का निर्णय तभी बदल सकता है जहाँ संवैधानिक प्रक्रिया का उल्लंघन किया गया है अन्यथा न्यायालय के पास अधिकार नहीं है।

आगे की राह –

विधानसभा अध्यक्ष के पास स्वीकृति या अस्वीकृति के पूर्ण अधिकार है लेकिन विधानसभा अध्यक्ष को संविधान की मर्यादा के अनुसार तथा नियमों के अनुसार ही इन पर फैसला करना चाहिए कि जनादेश की रक्षा हो सके वैसे भी अध्यक्ष जब इस पर बैठता है तो वह किसी पार्टी
का प्रतिनिधि न होकर सदन का रखवाला होता है जहाँ वह प्रत्येक सदस्य की बात को निष्पक्ष होकर सुनता है तथा निष्पक्ष होकर निर्णय करता है।

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