करतारपुर साहिब कॉरिडोर पर भारत-पाकिस्तान वार्ता का तीसरा दौर आयोजित – Utkarsh Classes

करतारपुर साहिब कॉरिडोर पर भारत-पाकिस्तान वार्ता का तीसरा दौर आयोजित

करतारपुर साहिब कॉरिडोर पर भारत-पाकिस्तान वार्ता का तीसरा दौर आयोजित

क्या है खबर?

  • हाल ही में करतारपुर साहिब कॉरिडोर शुरू करने के तौर-तरीकों पर पाकिस्तान के साथ तीसरे दौर की वार्ता अटारी, अमृतसर में आयोजित की गई है। इस वार्ता के भारतीय प्रतिनिधिमंडल में गृह मंत्रालय के अलावा विदेश मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, पंजाब सरकार, भारतीय भूमि बंदरगाह प्राधिकरण, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के प्रतिनिधि शामिल थे।
  • इस बैठक में इससे पहले आयोजित की गई संयुक्त सचिव स्तर की बैठकों के दो दौर और तकनीकी स्तर की बैठकों के चार दौर में हुई प्रगति की समीक्षा की गई।
  • इन विभिन्न दौरों की वार्ताओं में दोनों पक्षों ने करतारपुर साहिब कॉरिडोर के लिए सड़क एवं बुनियादी ढाँचागत सुविधाओं में समुचित सामंजस्य स्थापित करने, पाकिस्तान द्वारा पुल का निर्माण किए जाने तक अस्थायी सर्विस रोड की आवश्यकता और आपात स्थिति में श्रद्धालुओं एवं उनकी समुचित आवाजाही से जुड़ी प्रक्रियाओं से संबंधित विवरण साझा करने की रूपरेखा तथा प्रारूप से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श किया।

किन बिन्दुओं पर दोनों पक्षों में बनी सहमति?

1)  भारतीय श्रद्धालुओं की वीजा मुक्त यात्रा पर समझौता। इसमें उनकी आस्था को लेकर कोई पाबंदी नहीं होगी। ओसीआई कार्ड रखने वाले भारतीय मूल के व्यक्ति भी कॉरिडोर का उपयोग करके पवित्र गुरुद्वारा करतारपुर साहिब जा सकते हैं।

2)  5,000 श्रद्धालू हर दिन कॉरिडोर का उपयोग करके पवित्र गुरुद्वारा करतारपुर साहिब जा सकते हैं। 5,000 से भी अधिक श्रद्धालू विशेष अवसरों पर वहां जा सकते हैं, जो पाकिस्तान की ओर से क्षमता विस्तार पर निर्भर करेगा। पाकिस्तान ने इस संख्या को बढ़ाने का आश्वासन दिया है।

3)  कॉरिडोर पूरे साल सप्ताह के सातों दिन खुला रहेगा। श्रद्धालुओं के पास अकेले या समूह के रूप में और पैदल यात्रा करने का विकल्प होगा।

4)  दोनों पक्षों ने बुधि रावी चैनल पर पुल बनाने पर सहमति व्यक्त की। पाकिस्तान की तरफ से पुल का निर्माण किए जाने तक दोनों पक्ष अस्थायी सर्विस रोड के क्रॉसिंग प्वाइंट्स के लिए सहमत हुए।

5)  पाकिस्तान पक्ष श्रद्धालुओं के लिए ‘लंगर’ और ‘प्रसाद’ तैयार करने एवं वितरण के लिए पर्याप्त प्रावधान करने पर सहमत हो गया है।

क्या है असहमति के बिंदु?

  • पाकिस्तान ने गुरुद्वारा करतारपुर साहिब की यात्रा के लिए श्रद्धालुओं से सेवा शुल्क लेने पर विशेष जोर दिया है। जबकि भारत सरकार इसे यह करतारपुर साहिब कॉरिडोर की भावना के प्रतिकूल है।
  • पाकिस्तान ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए उनके साथ गुरुद्वारा परिसर में प्रोटोकॉल अधिकारियों की उपस्थिति की अनुमति देने में भी अनिच्छा दिखाई है। पाकिस्तान से इस बारे में अपने रुख पर फिर से विचार करने का आग्रह किया गया।
  • गुरपुरब (गुरु पर्व) और बैसाखी जैसे विशेष अवसरों पर अतिरिक्त दस हजार (10,000) श्रद्धालुओं को अनुमति देने के लिए भारत द्वारा लगातार अनुरोध करने के बावजूद पाकिस्तान ने अपनी तरफ ढाँचागत बाधाएं होने का उल्लेख किया है और इसके साथ ही यह बताया है कि इससे जुड़ी आवश्यक क्षमता सुनिश्चित हो जाने पर वह श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि कर सकता है।

करतारपुर कॉरीडोर

  • यह भारत एवं पाकिस्तान की सीमा पर प्रस्तावित चार लेन कॉरीडोर है यह भारत के डेरा बाबा नानक साहिब को पाकिस्तान के गुरूद्वारा बाबा साहिब करतारपुर से जोड़ता है इसकी लम्बाई 4.7 किलोमीटर है।
  • इसका प्रस्ताव सर्वप्रथम 1999 में अटल बिहारी वाजपेयी तथा नवाज शरीफ की सरकार द्वारा रखा गया। यह दिल्ली लाहौर बस सेवा कूटनीति का हिस्सा था।
  • वर्तमान में करतारपुर जाने के लिए श्रद्धालु लाहौर बस सेवा के माध्यम से ही जा पाते है जिसमें 125 किमी. की यात्रा करनी पड़ती है जबकि श्रद्धालु भारत की सीमा से गुरूद्वारा बाबा साहित का दर्शन दुरबीन के माध्यम से कर सकते है जो सीमा से लगभग 4 किमी. दूर है।
  • करतारपुर के गुरूद्वारा बाबा साहिब की स्थापना 1504 में गुरूनानक देवजी द्वारा की गई थी तथा इसी स्थान पर उनकी मृत्यु हुई थी।
  • 1947 के विभाजन में यह क्षेत्र पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में चला गया जो पाकिस्तान की शकरगढ़ तहसील के अंतर्गत आता है।
  • इसके विकास के लिए 26 नवम्बर, 2018 को उपराष्ट्रपति वैंकेया नायडू ने डेरा बाबा नानक में इसकी आधारशिला रखी थी।

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