विश्व डाक दिवस 2019 : 178 साल का इतिहास

विश्व डाक दिवस 2019 : 178 साल का इतिहास

विश्व डाक दिवस 2019 : 178 साल का इतिहास

चर्चा में क्यों ?

  • दुनिया भर में 9 अक्टूबर को  विश्व डाक दिवस ( world post day) मनाया जा रहा है।
  • कई देशों में नए डाक उत्पादों और सेवाओं को लॉंच करने या बढ़ावा देने के लिए इस कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है।
  • विश्व डाक दिवस मनाने का उद्देश्य लोगों को डाक सेवाओं और डाक विभाग के बारें में जागरूक करना है।

विश्व डाक दिवस (world post day) –

  • 9 अक्टूबर, 1874 ई. में यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन (UPU) का गठन करने के लिए स्विट्जरलैंड की राजधानी बर्न में 22 देशों ने एक संधि की थी।
  • 1969 ई. में जापान की राजधानी टोक्यो में आयोजित सम्मेलन में प्रतिवर्ष 9 अक्टूबर को विश्व डाक दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की गई।
  • 1 जुलाई, 1876 को भारत यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन का सदस्य बनने वाला पहला एशियाई देश था।
  • UNO के गठन के बाद 1947 में यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन संयुक्त राष्ट्र की एक विशिष्ट एजेंसी बन गई।
  • 142 देशों में पोस्टल कोड उपलब्ध है , डाक के इलेक्ट्रॉनिक प्रबंधन और निगरानी के लिए 160 देशों की डाक सेवाएं UPU  की अंतरराष्ट्रीय पोस्टल सिस्टम सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करती हैं।
  • विश्व का पहला डाक टिकट (पैन ब्लेक) 1 मई, 1840 को ग्रेट ब्रिटेन में जारी हुआ। महारानी के नाम से डाक टिकट जारी होने से बाद में इसे प्रतिबंधित कर दिया था।

भारत में डाक का इतिहास –

  • भारत में पहली बार वर्ष 1766 ई. में डाक व्यवस्था शुरू हुई।
  • 1774 ई. में वारेन हेस्टिंग्स ने कोलकाता में भारत का पहला डाकघर स्थापित किया था।
  • 1852 ई. में भारत में पहली बार चिट्ठी पर डाक टिकट लगाने की शुरुआत हुई थी।
  • 1 अक्टूबर , 1854 को भारत में महारानी विक्टोरिया के चित्र वाला डाक टिकट जारी किया गया तथा एक विभाग के तौर पर पृथक् डाक विभाग की स्थापना हुई थी।
  • भारत ने ही एशिया में सबसे पहले डाक टिकट जारी किया था।
  • भारत में पिनकोड नंबर का प्रारंभ 15 अगस्त, 1972 को किया गया था , जिसके अंतर्गत डाक विभाग द्वारा देश को 9 भौगोलिक क्षेत्रो में बांटा गया था। भारतीय डाक विभाग (Indian Post) पिनकोड नंबर (पोस्टल इंडेक्स नंबर) के आधार पर देश में डाक वितरण का कार्य करता है।
  • आजाद भारत में महात्मा गांधी ऐसे पहले भारतीय थे, जिन पर डाक टिकट जारी किया गया था। साथ ही महात्मा गांधी ही ऐसे व्यक्ति है , जिन पर सबसे ज्यादा डाक टिकट जारी हुए हैं।
  • भारत में सबसे बड़ा डाक टिकट 20 अगस्त, 1991 को  पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी पर जारी हुआ था।
  • पूर्व क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर देश के पहले ऐसे जीवित व्यक्ति है, जिन पर 14 नवंबर, 2013 को डाक टिकट जारी हुआ।
  • भारत में प्रतिवर्ष 10 अक्टूबर को “ राष्ट्रीय डाक दिवस “ के रूप में मनाया जाता है।

Comments ( 2 )

  • Sandeep sharma

    Very important news thank you sir

  • Mukesh kumar

    Good news all of you

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