‘श्रीविल्लिपुथुर पल्कोवा’ को जीआई टैग मिला

‘Srivilliputhur Palkova’ gets GI tag

‘श्रीविल्लिपुथुर पल्कोवा’ को जीआई टैग मिला

क्या है खबर?

  • तमिलनाडु के विरुधुनगर जिले के श्रीविलिपुथुर शहर में और उसके आसपास उत्पादित प्रसिद्ध श्रीविल्लिपुथुर पालकोवा ’को भारत के भौगोलिक संकेतक रजिस्ट्री से भौगोलिक संकेत (जीआई) टैग प्राप्त हुआ है।
  • श्रीविल्लिपुथुर सहकारी प्राथमिक दुग्ध उत्पादक सोसायटी को श्रीविल्लिपुथुर पालकोवा के लिए जीआई टैग प्रदान किया गया है।
  • इस पल्कोवा के बारे में विशिष्टता यह है कि यह केवल श्रीविल्लिपुथुर और उसके आसपास गायों के दूध से बनाया जाता है। इसका स्वाद बेहतर होता है क्योंकि इस क्षेत्र में पाई जाने वाली गायों के दूध में वसा की मात्रा अधिक होती है। निर्माता हर 10 लीटर दूध से लगभग 3.25 किलोग्राम से 3.5 किलोग्राम पालकोवा बनाते हैं।

क्या है भौगोलिक संकेतन?

  • भारत में भौगोलिक संकेतन वस्तुओं के भौगोलिक संकेत अधिनियम 1999 (पंजीकरण और सुरक्षा) के आधार पर प्रदान किए जाते हैं।
  • यह एक ऐसा संकेत है जो वस्तुओं की पहचान सुनिश्चित करता है यह पचान कृषि उत्पाद, विनिर्मित उत्पाद तथा प्राकृतिक वस्तुओं को उनके विशेष क्षेत्र (राज्य/देश) में उत्पन्न होने के कारण प्रदान की जाती है।
  • ये दो प्रकार के उत्पाद होते हैं। एक वे उत्पाद होते है- जो उद्भव के स्थान का नाम बताते है जैसे दार्जलिंग चाय, शैंपेन आदि दूसरे गैर भौगोलिक पारंपरिक नाम जो यह बताते है कि उत्पाद किसी एक क्षेत्र विशेष से संबंद्ध हैं जैसे अल्फोसो, बासमती आदि।
  • भौगोलिक संकेतक सामान्यत: 10 वर्ष के लिए दिया जाता है 10 साल के बाद इसका नवीनीकरण कराना होता है।

क्या होता है भौगोलिक संकेतन का फायदा?

  • इससे उत्पाद की विश्वसनीयता में बढ़ावा होता है तथा उत्पाद को विशेषता प्राप्त होती है।
  • इसके माध्यम से पुरानी जानकारी, उत्पादों, विनिर्माण की प्रक्रिया को रक्षित किया जाता है।
  • भौगोलिक संकेतन से संबंधित उत्पाद के उत्पादन के निवेश के लिए निवेशक आसानी से मिल जाते हैं।
  • इससे संबंधित क्षेत्र का विकास होता है तथा संबंधित क्षेत्र में समृद्धता आती है।
  • इससे उपभोक्ता को भी फायदा होता है उन्हें विशुद्ध उत्पाद प्राप्त होते हैं और उन्हें जाली उत्पादों से छुटकारा मिलता है।  
क्र.म. भौगोलिक संकेतन उत्पाद संबंधित क्षेत्र
1 ओडिशा रसगोला ओडिशा
2 कोल्हापुरी चप्पल महाराष्ट्र और कर्नाटक
3 सिरसी सुपारी कर्नाटक
4 इरोड़ हल्दी तमिलनाडु
5 मघई पान बिहार
6 ब्ल्यू पॉटरी राजस्थान
7 कठपुतली राजस्थान
8 मोलेला मिट्टी के बर्तन राजस्थान
9 दार्जलिंग चाय पश्चिम बंगाल
10 कुल्लू शॉल हिमाचल प्रदेश
11 फुलकारी राजस्थान, पंजाब, हरियाणा
12 पश्मिना जम्मू एवं कश्मीर
13 कुर्ग हरी ईलायची कर्नाटक
14 पट्टचित्र ओडिशा
15 सलेम रेशम तमिलनाडु

Comment ( 1 )

  • Mahendra gurjar

    Wow…Wonder block

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